samacharsecretary.com

नशे के खिलाफ पुलिस का प्रहार, 7 महीने में 155 तस्करों को भेजा जेल

दुर्ग

दुर्ग पुलिस ने नशा तस्करों के चेन को तोड़ते हुए अब तक 71 मामले में केस दर्ज कर कुल 155 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है. इसमें 21 महिलाएं भी शामिल है जो नशा बेचते हुए पकड़ायी है. पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई सूखा नशा गांजे पर कार्रवाई की है. वहीं हेरोइन, ब्राउन शुगर, टेबलेट और सिरप भी जब्त की है.

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के मुताबिक पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी को रोकते हुए नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अभियान के तहत 1 जनवरी से 31 जुलाई तक जिले में नशा तस्करों के खिलाफ 71 मामले दर्ज करते हुए 155 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की है. मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई अच्छी खासी रही.

एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष मात्र 7 महीनों में बीते वर्ष की गिरफ्तारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है. श्री अग्रवाल के मुताबिक जिले के साथ-साथ बाहरी राज्यों के नशा कारोबारियों और तस्करों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है. पुलिस थानों सहित क्राइम ब्रांच की टीम को भी इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश हैं.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here