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बिहार में नई सरकार गठन की तैयारी, 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना

पटना

बिहार के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। कहा जा रहा है कि बिहार इन्हीं 48 घंटों में एक बड़े सियासी बदलाव का गवाह बनेगा। अब यह तय हो चुका है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होंगे। यह पहला मौका होगा जब बिहार में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री होगा। हालांकि, बिहार के नए सीएम कौन होंगे यह अभी साफ नहीं है लेकिन नए सीएम को लेकर लोगों की जिज्ञासा काफी बढ़ी हुई है। जिज्ञासा इस बात को लेकर भी है कि आखिर बिहार के नए मुख्यमंत्री शपथ कहां लेंगे।

ऐसी खबरें हैं कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को पटना में स्थित लोकभवन में संभावित है। सोमवार को लोकभवन में तैयारियों जैसा माहौल भी नजर आया। डीएम भी लोकभवन पहुंचे थे। यह भी कहा जा रहा है कि डीएम एसएम त्यागराजन ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की है और इस मुलाकात में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि 15 को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का ही शपथ ग्रहण होगा। इधर पटना के ही बापू सभागार को भी खाली रखा गया है। कुछ दिनों पहले तक शपथ ग्रहण स्थल के तौर पर गांधी मैदान का भी जिक्र किया जा रहा था। हालांकि, नए मुख्यमंत्री कहां शपथ लेंगे इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है।

नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर एनडीए विधायक दल की बैठक में लगेगी। इस बैठक से पहले सियसी गलियारे में हलचल तेज है। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव और संजय झा ने भी सीएम नीतीश से मुलाकात की है। संजय झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। नई सरकार का गठन आराम से हो जाएगा। कहीं कोई समस्या नहीं है और सभी चीजें चल रही हैं। सीएम नीतीश कुमार खुद भी सभी चीजों को मॉनिटर कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि संजय झा के आवास पर भी जदयू के कई नेता पहुंचे।

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का गठन होगा। कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बैठक सुबह 11 बजे होगी जिसके बाद राज्य के सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

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