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14 अप्रैल राशिफल: कुछ राशियों के लिए दिन रहेगा शुभ, जबकि कुछ को झेलनी पड़ सकती हैं चुनौतियां

मेष मेष राशि वालों को इस समय आत्मविश्वास के साथ नौकरी में लाभ के मौके मिलेंगे। पठन-पाठन में रुचि बढ़ सकती है। बौद्धिक कार्यों से मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। किसी मित्र के सहयोग से आय बढ़ सकती है। वृषभ वृषभ राशि वालों को पर्सनल और लवलाइफ में खुशियां आएंगी। आपका आर्ट और म्यूजिक के प्रति रुझान बढ़ेगा। मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। परिवार के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। मिथुन मिथुन राशि वालों के लिए आज अच्छी खबर मिल सकती है। आज आपके आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कर्क कर्क राशि वालों के लिए पॉजिटिव समय नहीं है, मन परेशान हो सकता है। आत्मविश्वास में भी कमी रहेगी। धैर्यशीलता बनाए रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। सिंह सिंह राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। आपकी पर्सनल लाइफ आज अच्छी रहेगी। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। किसी मित्र के सहयोग से आय में भी वृद्धि हाे सकती है। तुला तुला राशि वालों को किसी पारिवारिक कारोबार की शुरुआत हो सकती है। आपको बिजनेस और नौकरी के चक्कर में भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। पिता का साथ रहेगा। धनु धनु राशि वाले आत्मविश्वास तो अच्छा रहेगा, लेकिन भाग्य का साथ कम है। मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि के अवसर मिलेंगे। लाभ में वृद्धि होगी। मकर मकर राशि वाले इस समय कॉन्फिडेंस से भरपूर रहेंगे। घर में शांति रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। किसी नए बिजनेस को शुरुआत हो सकती है, परंतु परिवार से दूर जा सकते हैं। कुंभ कुंभ राशि वालों के लिए आज समय मिलाजुला है। आपको लाइफ में आगे बढ़ने के लिए प्रोफेशनल लाइफ में काबिलियत साबित करनी होगी। कन्या कन्या राशि वालों को आत्मविश्वास में कमी रहेगी। प्रोफेशनल लाइफ में बदलाव के साथ तरक्की के मौके मिल सकते हैं। आय और कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। विदेश यात्रा भी हो सकती है। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों के मन की स्थिति ऐसी रहेगी कि मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में तरक्की के मौके मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। मित्रों का सपोर्ट मिलेगा। मीन आपको लाइफ में आगे चले के लिए अभी से प्लानिंग करनी होगी। बजट से लेकर लंबे समय तक आप अपनी लाइफ में प्लानिंग करें, फैसले ध्यान से लें।

‘साज’ और मंगेशकर बहनों की कहानी: सच या महज संयोग?

1998 में सई परांजपे ने एक संगीतमय फिल्म 'साज' बनाई। यह कहानी दो बहनों मानसी और बंसी की है। उनके माता-पिता की मौत के बाद दोनों मुंबई आ जाती हैं। कई मुश्किलों के बाद मानसी और बंसी संगीत की दुनिया में बहुत मशहूर गायिकाएं बन जाती हैं। लेकिन साथ ही वे एक-दूसरे की बड़ी प्रतिद्वंद्वी भी बन जाती हैं। क्या फिल्म 'साज' की कहानी लता मंगेशकर और आशा भोसले की जिंदगी से प्रेरित थी? क्या 'साज' की कहानी लता और आशा की असली कहानी से है प्रेरित लता और आशा भी 1942 में अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की अचानक मौत के बाद मुंबई आई थीं। पिता एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। उनके जाने के बाद परिवार के पास पैसों का कोई सहारा नहीं बचा। उस समय आशा सिर्फ नौ साल की थीं। बड़ी बहन लता और छोटी आशा ने परिवार चलाने के लिए गाना शुरू कर दिया। 'साज' से मिलती है दोनों बहनों की असली कहानी? जैसे फिल्म 'साज' में मानसी और बंसी को मजबूरी में गाना पड़ा, वैसे ही मंगेशकर बहनों को भी अपनी असल जिंदगी में राोजाना खर्चों के लिए गाना पड़ा। लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे बड़ी गायिकाएं बना दिया। साठ के दशक की शुरुआत तक लता और आशा ही रेडियो और फिल्मों में सबसे ज्यादा सुनाई देती थीं। कल्पना की कहानी है फिल्म 'साज' अरुणा ईरानी ने फिल्म 'साज' में मानसी का रोल निभाया है। वे बहुत सफल गायिका बन जाती हैं। शबाना आजमी बंसी का रोल करती हैं। बंसी भी गाना चाहती है, लेकिन मानसी कहती है कि उसे शादी करनी चाहिए और जिंदगी में आगे बढ़ना चाहिए। फिर क्या बंसी की शादी हो जाती है। फिर एक संगीतकार इंद्रनील उसकी आवाज को पहचानता है और उसे मौका देता है। बंसी सफल हो जाती है। लेकिन मानसी को यह पसंद नहीं आता। खासकर तब जब एक युवा संगीतकार हिमन देसाई बंसी से प्यार करने लगता है। सई परांजपे का इनकार फिल्म निर्माता सई परांजपे ने कभी आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा कि फिल्म 'साज' लता और आशा के ऊपर आधारित है। फिल्म रिलीज होने के बाद से यह बहस काफी समय तक चर्चा में रही थी। 'साज' दो भावनाओं को दिखाती है, जिसमें दो बहनों के बीच गहरा प्यार और देखभाल। लता मंगेशकर ने क्या कहा? नसरीन मुन्नी कबीर की किताब में लता जी ने कहा, 'यह गलत है कि प्रतिद्वंद्विता ने हमारे रिश्ते को खराब कर दिया। हम बहनें हैं और पड़ोस में रहती हैं। हम बात करती हैं, साथ खाना खाती हैं। खुशी-गम में एक-दूसरे के साथ हैं।' उन्होंने आशा की तारीफ करते हुए कहा, 'जितने तरह के गाने आशा गा सकती हैं, कोई और गायक उनकी बराबरी नहीं कर सकता।'      कब आशा भोसले का मिली पहचान आशा की बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें लता की छाया से बाहर निकाला। साठ के दशक में ओ.पी. नैयर के साथ उनके गाने जैसे 'आओ हुजूर तुमको' और 'कजरा मोहब्बत वाला' ने उन्हें अलग पहचान दी। फिर साठ के बीच में राहुल देव बर्मन (पंचम) आए। उनके संगीत में पश्चिमी ताल थी। आशा की आवाज उससे बहुत अच्छे से मिली। 'आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा', 'पिया तू अब तो आजा', 'चुरा लिया है तुमने' और 'दम मारो दम' जैसे गाने हिट हो गए। 1981 में फिल्म 'उमराव जान' आई। आशा ने इसमें शाहरयार के गीतों पर खय्याम का संगीत गाया। 'दिल चीज क्या है' गाने के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इस फिल्म ने दुनिया को आशा की नई छवि दिखाई।  ठीक उसी तरह, 1982 में 'डिस्को 82' में लता जी ने भी डिस्को स्टाइल गाना गाया। दोनों बहनें हमेशा यह याद दिलाती हैं कि संगीत उनके जीवन का सबसे बड़ा प्यार है। बाकी सब सिर्फ कहानियां हैं।

3.40% पर पहुंची महंगाई: जेब पर असर, लोन की EMI बढ़ने के संकेत

नई दिल्ली. भारत में महंगाई एक बार फिर हल्की बढ़त के साथ चर्चा में है, क्योंकि मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.21% से बढ़कर 3.40% पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने-पीने की चीजों और ऊर्जा कीमतों में उछाल की वजह से हुई है, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का बड़ा असर माना जा रहा है। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के 4% के लक्ष्य से नीचे है, लेकिन बढ़ती कीमतों का दबाव धीरे-धीरे साफ दिखने लगा है। खासकर फूड इंफ्लेशन 3.87% तक पहुंच गया है, जो आम लोगों के बजट पर सीधा असर डाल सकता है। सब्जियां, तेल और रोजमर्रा के खर्च महंगे हो रहे हैं। ऊर्जा की बात करें तो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट, गैस और यहां तक कि रेस्टोरेंट के खर्च तक को प्रभावित किया है, जिससे महंगाई का असर और बढ़ गया है। यही वजह है कि RBI (Reserve Bank of India) ने हाल ही में ब्याज दरों को 5.25% पर स्थिर रखा है, ताकि हालात पर नजर रखते हुए जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लिया जाए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो अप्रैल में महंगाई 4% के आसपास या उससे ऊपर भी जा सकती है। भले ही अभी स्थिति नियंत्रण में दिख रही हो, लेकिन ग्लोबल तनाव और तेल कीमतों के कारण आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इसका असर आम आदमी की जेब से लेकर देश की आर्थिक ग्रोथ तक पर पड़ सकता है, इसलिए आने वाला समय काफी अहम रहने वाला है। भारत में बढ़ती महंगाई का सीधा असर आम लोगों की डेली की जिंदगी पर पड़ता है। जब खुदरा महंगाई बढ़कर 3.40% होती है, तो सबसे पहले खाने-पीने की चीजें (सब्जी, तेल, दूध और राशन) महंगी हो जाती हैं। इससे मिडिल क्लास और लोअर इनकम परिवारों का मासिक बजट बिगड़ता है और बचत कम हो जाती है। दूसरा बड़ा असर ईंधन और ट्रांसपोर्ट पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर महंगे हो सकते हैं, जिससे यात्रा खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें और बढ़ जाती हैं। इसका असर स्कूल फीस, किराया, और यहां तक कि बाहर खाने-पीने तक पर दिखाई देता है। तीसरा असर लोगों की खरीदारी क्षमता (Purchasing Power) पर पड़ता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो सैलरी उतनी तेजी से नहीं बढ़ती, जिससे लोग गैर-जरूरी खर्च कम करने लगते हैं। जैसे नई कार, मोबाइल या लग्जरी चीजें खरीदने से बचते हैं। इसके अलावा अगर महंगाई लगातार बढ़ती रही तो RBI (Reserve Bank of India) ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे लोन (होम लोन, कार लोन) महंगे हो जाएंगे और EMI का बोझ बढ़ेगा। महंगाई का असर हर व्यक्ति की जेब पर पड़ता है।

युगांडा के आर्मी चीफ ने तुर्की से दुल्हन मांगी, पहले मेलोनी को दिया था शादी का ऑफर

कंपाला युगांडा के सेना प्रमुख मुहूजी कैनेरुगाबा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उन्होंने तुर्की से एक अरब डॉलर की मांग की है, साथ ही कहा कि देश की 'सबसे खूबसूरत महिला' दुल्हन के रूप में उनको दी जाए. और अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो युगांडा उनके साथ सारे संबंध तोड़ लेगा. हालांकि, उन्होंने बाद में इन ट्वीट्स को हटा लिया. फिलहाल ये भी साफ नहीं है कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा।  बता दें कि आर्मी चीफ कैनेरुगाबा युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे हैं. यह पहली बार नहीं है जब कैनेरुगाबा ने बेतुकी बयानबाजी की हो।  अक्टूबर 2022 में, उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी संग शादी की पेशकश की थी. बदले में 100 अंकोले गायों (लंबे सींग वाली ब्रीड) की पेशकश की. उनको कैनेरुगाबा ने 'धरती पर सबसे खूबसूरत गायें' बताया था. तब मेलोनी इटली की पीएम नहीं बनी थीं।  कैनेरुगाबा ने तब ट्विटर पर अपने फॉलोअर्स से पूछा था कि मेलोनी से शादी करने के लिए उनको कितनी गाय देनी चाहिए. उन्होंने आगे लिखा था कि हमारे कल्चर में किसी जिस लड़की को आप पसंद करते हैं, उसे आप एक गाय देते हैं।  हालांकि, इस प्रस्ताव के तुरंत बाद एक धमकी दी गई. कैनेरुगाबा ने कहा, 'अगर रोमन हमारी गायों को अस्वीकार करते हैं, तो इसका मतलब है कि हमें रोम पर कब्जा करना होगा. इसमें हमें कई दिन लग जाएंगे।  राजनयिक संबंधों के लिए खतरा युगांडा के सेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर राजनयिक संबंध टूट सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि युगांडा 30 दिनों के भीतर कंपाला में तुर्की के दूतावास को बंद कर सकता है , और कहा कि तुर्की की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले को सोशल मीडिया की बयानबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, यह संकेत देते हुए कि स्थिति एक औपचारिक राजनयिक मुद्दे में बदल सकती है। विवादास्पद व्यक्तिगत टिप्पणी की आलोचना हुई वित्तीय मांग के अलावा, कैनेरुगाबा ने एक बेहद आलोचनात्मक व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, जिसमें उन्होंने तुर्की से देश की "सबसे खूबसूरत महिला" को जीवनसाथी के रूप में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस बयान को अनुचित और असंवेदनशील बताते हुए इसकी कड़ी निंदा हुई है, जिससे विवाद और भी बढ़ गया है। यात्रा संबंधी सलाह और कड़े बयान कैनेरुगाबा ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए युगांडा के नागरिकों को तुर्की की यात्रा से बचने की सलाह दी। उन्होंने तुर्की पर युगांडा के प्रति अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया और द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट की चेतावनी दी। व्यापक भूराजनीतिक संदर्भ युगांडा लगभग दो दशकों से सोमालिया में अपनी महत्वपूर्ण सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है और अल-शबाब जैसे चरमपंथी समूहों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान दे रहा है। वहीं, तुर्की ने मोगादिशु में परियोजनाओं सहित इस क्षेत्र में अपनी आर्थिक और अवसंरचनात्मक उपस्थिति का विस्तार किया है । विवादास्पद बयानों का पैटर्न यह पहली बार नहीं है जब कैनेरुगाबा अपने असामान्य बयानों के कारण सुर्खियों में आए हैं। उनके पिछले सार्वजनिक बयानों ने भी बहस छेड़ दी है और उनके राजनयिक निहितार्थों को लेकर चिंताएं पैदा की हैं। आर्मी चीफ बेटा करे गलती, राष्ट्रपति पिता मांगे माफी उनके बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई. फिर कैनेरुगाबा के पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को अपने बेटे की टिप्पणियों के लिए माफी मांगनी पड़ी।  मुहूजी, जिन्हें उनके पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है, ने 2022 में सार्वजनिक रूप से केन्या पर आक्रमण करने की धमकी भी दी थी. उन्होंने कहा था, 'मुझे और मेरी सेना को नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।  इस धमकी के चलते उनके पिता ने उन्हें आर्मी चीफ के पद से अस्थायी रूप से बर्खास्त कर दिया था. साथ ही केन्या से औपचारिक माफी मांगी थी। 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 की स्वीकृति ऐतिहासिक पहल, बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत होना ऐतिहासिक पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा यह सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर 16 अप्रैल से आरंभ हो रहे संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनाया जा रहा है नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा जबलपुर की कृषि मंथन कार्यशाला कृषकों के लिए रही उपयोगी केंद्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों और कीमतों के रुझान के बावजूद, किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने, अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी उपलब्ध कराने के लिए माना आभार नक्सल उन्मूलन के बाद अब बालाघाट में बहेगी विकास की गंगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल को आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारे देश की नारी शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33% स्थान मिलना चाहिए। राज्य सरकार भी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में 8 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यशाला में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि उत्पादक और एफपीओ शामिल हुए। कार्यशाला में देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के साथ कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने, खेत से कारखाने तक उत्पादों की पहुंच सुगम बनाने ,कम पानी में उत्पादन की फसल बढ़ाने और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यशाला मे सहभागी किसानों को कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त हुई। कार्यशाला के निष्कर्ष किसानों को उनकी आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों एवं कीमतों के रुझानों के बावजूद केन्द्र सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिये प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री मण्डल ने 8 अप्रैल 2026 को फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरको जैसे न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है।केन्द्रीय मंत्री मण्डल द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिये फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषण तत्व आधारित सब्सिडी के लिये 41 हजार 833 करोड़ रुपए की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति दी, जो विगत वर्ष से 4,317 करोड़ रूपये अधिक है। खरीफ सीजन 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगे। केन्द्र सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रायसेन में 11 अप्रैल से आरंभ तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, कम्यूनिटी एवं इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग एवं कृषि एव बागवानी से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। लगभग 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं और खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किये गये हैं। इनमें विभिन्न कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ एफपीओ तथा किसान बंधु भाग ले रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के बाद बालाघाट में अब विकास की गंगा बहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में नक्सल ग़तिविधियों का उन्मूलन हो गया है। अब प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास किया जायेगा। आगामी माह बालाघाट में जनजातीय महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें सांस्कतिक और खेल गतिविधियों के साथ-साथ विकास से जुड़े हुये सभी विभाग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। धरती आबा अभियान में हितग्राहियों को लाभान्वित करने और मेगा स्वास्थ्य शिविर तथा सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जायेगा साथ ही विभिन्न पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जाएंगे।  

अनुराधा देवी के नेतृत्व में रसूलपुर पंचायत ने रचा विकास का मॉडल

रोहतास बिहार के रोहतास जिले की रसूलपुर ग्राम पंचायत ने महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण प्रशासन और सतत विकास के क्षेत्र में एक बेहतरीन मिसाल कायम की है। इस 9 हजार 876 की आबादी वाली पंचायत में लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। मुखिया अनुराधा देवी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में इस पंचायत ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, सुरक्षा और सामाजिक समावेश की कई अभूतपूर्व पहलें सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। यहां वर्तमान में 16 आंगनवाड़ी केंद्र, 9 विद्यालय, 1 स्वास्थ्य केंद्र और एक पंचायत भवन संचालित हो रहे हैं। मुखिया अनुराधा देवी का स्पष्ट उद्देश्य है- महिला-केंद्रित शासन सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य व पोषण में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, आजीविका के नए अवसर और एक सुरक्षित और सशक्त ग्राम पंचायत का निर्माण। मुखिया की कोशिशों ने पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। यहां 216 गर्भवती महिलाओं का सफल पंजीकरण किया गया। सौ प्रतिशत प्रसवोत्तर जांच सुनिश्चित की गई और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया गया। परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर मात्र 1 और शिशु मृत्यु दर केवल 2 रही। यहां नियमित पोषण दिवस का आयोजन, स्तनपान और सही पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को शिक्षा में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुखिया अनुराधा देवी बताती हैं कि प्रति वर्ष दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक लाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है। परिणामस्वरूप शिक्षा के प्रति लोगों का रवैया बदला है, लड़कियां इसमें खासकर अच्छा कर रही हैं। आर्थिक आजादी की ओर कदम इस पंचायत में 172 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सक्रिय हैं, जिनमें से 162 बैंक ऋण से जुड़ चुके हैं। महिलाओं को सिलाई, हस्तशिल्प और कंप्यूटर जैसे कौशल के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। जीविका के माध्यम से एससी-एसटी की महिलाएं स्कूल ड्रेस सिलाई कर अच्छी आय कमा रही हैं। अब सैकड़ों महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो चुकी हैं और शासन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। ग्राम स्तर पर समस्याओं का समाधान महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति सलाह केंद्र की स्थापना की गई है। दहेज, बाल विवाह और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित मामलों को मुखिया अनुराधा देवी अपने स्तर पर या ग्राम कचहरी में सुलझाती हैं। उनका प्रयास रहता है कि मामले थाने तक न पहुंचें। मजबूत जागरूकता अभियान के कारण लिंग आधारित हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है। पंचायत ने 2 हजार 572 शौचालयों का निर्माण करवाया है। सभी घरों तक सड़क बनाई गई है। सौ एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और आरओ आधारित पेयजल सुविधा भी उपलब्ध है। इसके साथ ही विधवा पेंशन के 143, वृद्धावस्था पेंशन के 149 और विकलांगता पेंशन के 67 लाभार्थियों को नियमित लाभ मिल रहा है। पात्र सभी लाभार्थियों को सौ प्रतिशत कवरेज देने का लक्ष्य रखा गया है। चुनौतियों से निपटने के लिए निकाले रास्ते मुखिया बताती हैं कि शुरुआत में महिलाओं की भागीदारी कम थी और सामाजिक रूढ़िवादी मानसिकता बाधा बन रही थी। नियमित जागरूकता अभियान, महिला सभाएं, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से समन्वय के माध्यम से इन चुनौतियों पर काबू पाया। आज महिलाओं की निर्णय लेने में सक्रिय भागीदारी बढ़ी है और अब वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर चुकी हैं। सूर्यकांत पाठक

ओपन जेलों की स्थिति पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को रिपोर्ट देने का निर्देश

 रांची झारखंड हाईकोर्ट ने सूबे की ओपन जेलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है. सोमवार को कोर्ट ने जनहित याचिका में तब्दील स्वत: संज्ञान पर सुनवाई की. इस मामले को न्यायपालिका ने जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए व्यापक निगरानी का निर्देश दिया है. इसके लिए अदालत ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया है कि गृह सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन किया जाए. पीठ ने दिए सख्त निर्देश चीफ जस्टिस एमएस सौनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि ओपन जेलों की स्थिति सुधारने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए. इस समिति की अध्यक्षता गृह सचिव करेंगे और इसमें कारा महानिदेशक तथा संबंधित जेल अधीक्षक को भी शामिल किया जा सकता है. स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक गठित समिति की प्रगति रिपोर्ट पेश की जाए. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को होगी. कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ओपन जेलों में सुधार के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन जरूरी इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी शामिल हैं. सर्वोच्च अदालत ने देशभर की ओपन जेलों की मॉनिटरिंग के लिए गृह विभाग को कमेटी बनाने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने का निर्देश दिया है. इसमें चिकित्सा सुविधा, जिम, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है. कैदियों के पुनर्वास पर फोकस ओपन जेलों का उद्देश्य कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है. ऐसे में वहां की सुविधाओं का बेहतर होना बेहद जरूरी है. हाईकोर्ट ने इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया है. पहले स्वत: संज्ञान, अब जनहित याचिका गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था. अब इसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया गया है, जिससे इस मुद्दे पर नियमित सुनवाई और निगरानी सुनिश्चित हो सके. सुधार की दिशा में अहम कदम हाईकोर्ट का यह कदम राज्य की जेल व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यदि कोर्ट के निर्देशों का सही तरीके से पालन होता है, तो ओपन जेलों में रहने वाले कैदियों को बेहतर जीवन स्तर और पुनर्वास के अवसर मिल सकेंगे.

नवागत एसपी प्राची सिंह के सामने अपराध नियंत्रण बड़ी चुनौती

अंबेडकरनगर आईपीएस प्राची सिंह ने 28वें पुलिस अधीक्षक के रूप में रविवार की सुबह कमान संभाल ली। इसके बाद कपड़ा व्यवसायियों से हुई लूट की घटना के बारे में मातहतों से जानकारी ली। यहां से सीधे घटनास्थल पहुंच गईं। वहां सभी बिंदुओं पर संबंधित पुलिस कर्मियों से पूछताछ की। साथ ही शीघ्र राजफाश के निर्देश दिए। वहीं, निवर्तमान पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के देवरिया स्थानांतरित होने पर विदाई दी गई। लखनऊ में 32वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक पद पर तैनात रहीं प्राची सिंह की शनिवार को यहां पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। यहां तैनात रहे अभिजित आर. शंकर को देवरिया के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। रविवार की सुबह प्राची सिंह ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। वह जिले की तीसरी महिला पुलिस अधीक्षक हैं। इसके पहले 2011 में वीना भूकेश व 2018 में शालिनी की तैनाती की गई थी। कार्यभार संभालने के बाद नवागत एसपी जहांगीरगंज के बिड़हर घाट पहुंचीं। पुलिस चौकी के निकट हुई लूट की घटना के बारे में क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह व निरीक्षक संतोष सिंह से जानकारी ली। एसपी ने कहा कि लूट में शामिल बदमाश किसी भी सूरत में बचने नहीं चाहिए। उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करें। वहीं, पुलिस लाइंस में आयोजित समारोह में निवर्तमान पुलिस अधीक्षक को विदाई दी गई। मातहतों ने उनके कार्यों की प्रशंसा व सुखद भविष्य की कामना की। एएसपी हरेंद्र कुमार, श्यामदेव, क्षेत्राधिकारी अकबरपुर नितीश तिवारी, टांडा के शुभम कुमार, भीटी के लक्ष्मीकांत आदि ने प्रतीक चिह्न व पुष्पगुच्छ भेंट किया। नई एसपी के सामने ये चुनौतियां नवागत एसपी के सामने दो कपड़ा व्यवसायियों से 18.40 लाख की लूट का राजफाश, लगातार हो रहीं चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण बड़ी चुनौती है। आलापुर और राजेसुल्तानपुर में दो दिनों में सात घरों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा अकबरपुर कोतवाली में पखवारे भर पूर्व अलग-अलग गांवों में चोरी की घटना को अंजाम चोर दे चुके हैं। इसी के साथ जिला मुख्यालय समेत टांडा, जलालपुर समेत अन्य प्रमुख कस्बों में जाम की समस्या से निपटना, साइबर थाना समेत जिले के अन्य थानों में दर्ज साइबर ठगी और महिला अपराधों से संबंधित घटनाओं का राजफाश चुनौती होगी।

6 लाख 82 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिली 4.40 करोड़ रुपये की छूट

भोपाल. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के जिलों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली की खपत पर 20 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई है। इस 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत कंपनी कार्यक्षेत्र में कुल 6 लाख 82 हजार 249 उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 4 करोड़ 40 लाख 44 हजार रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला है, जिसमें से भोपाल जिले में 3 लाख 60 हजार 423 उपभोक्ताओं के बिलों में 2 करोड़ 41 लाख 85 हजार रुपये की छूट प्रदान कर उन्हें लाभान्वित किया गया है। प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधुनिक तकनीक को अपनाएं और अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगवाने के लिये आगे आएं। स्मार्ट मीटर न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि यह उपभोक्ताओं को अपनी खपत के प्रति जागरूक कर आर्थिक लाभ दिला रहा है। 'टाइम ऑफ डे' टैरिफ जैसी सुविधाओं का लाभ उठाकर उपभोक्ता दिन के समय बिजली उपयोग कर अपने बिलों में भारी बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्मार्ट मीटर के संबंध में उपभोक्ता किसी भी जानकारी अथवा समस्या के निराकरण के लिये कॉल सेन्टर 1912 अथवा नोडल अधिकारी कैलाश कुमार चौधरी, प्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) से ई-मेल आईडी Smartmeteringcellbhopal@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

17572 किसानों से 7 लाख 75 हजार 240 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 17 हज़ार 572 किसानों से 7 लाख 75 हजार 240 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 6 करोड़ 97 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक 2 लाख 9 हजार 369 किसानों द्वारा 93 लाख 21 हजार 682 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूं की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूं बिक्री की सभी सुविधाएं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूं विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने ,तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 1लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्व की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।