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बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, 15 मई से लगेंगे विशेष सहायता कैंप

लखनऊ  ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर एवं बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप एवं सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। इस संबंध में पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। पूर्वांचल के उपभोक्ता 8010968292, मध्यांचल के 7669003409, पश्चिमांचल के 7859804803, दक्षिणांचल के 8010957826 तथा केस्को कानपुर के 8287835233 मोबाइल नंबर पर अपना बिजली कनेक्शन नंबर वाट्सअप कर बिल हासिल कर सकते हैं। अब नया बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के पोस्टपेड मोड में ही मिलेगा। प्रदेशभर में अब तक 83 लाख से अधिक प्रीपेड मोड में किए जा चुके स्मार्ट मीटर को फिर से पोस्टपेड मोड में करने के साथ ही उपभोक्ताओं को पहले की तरह जून से बिल देने के संबंध में पावर कारपोरेशन के एमडी ने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए हैं। मई में उपभोग की गई बिजली का बिल उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या वाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। उपभोक्ताओं को अगले 15 दिन में बिल जमा करने की सुविधा मिलेगी। 15 दिन में बिल न जमा करने पर अगले सात दिन में कनेक्शन काट दिया जाएगा। 30 अप्रैल तक के बकाए बिल का घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों में जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ता तीन किस्तों में विलंब अधिभार सहित जमा कर सकेंगे। तकनीकी दिक्कतों के चलते स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने चार मई को प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था को समाप्त करने की घोषणा की थी। चार दिन बाद गुरुवार को कारपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल डिस्काम व केस्को के प्रबंध निदेशकों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए। सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में परिवर्तित करने संबंधी निर्णय के बारे में बताते हुए निर्देश दिए गए हैं कि अब सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के माध्यम से पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। मई में बिजली खपत संबंधी बिल पोस्टपेड पद्धति में उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या वाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएं। स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि स्मार्ट मीटर की आटोमैटिक रीडिंग न उपलब्ध होने पर मैनुअल रीडिंग कर अनिवार्य रूप से 10 तक बिल उपलब्ध कराया जाए। उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन नंबर रजिस्टर्ड न हो या गलत हो तो उसे डिस्काम के संबंधित वाट्सएप नंबर पर कनेक्शन संख्या के माध्यम से अपडेट कराने के बारे में बताया जाए। 1912 के माध्यम से भी बिल हासिल किया जा सकेगा

तय समय में बिजली कनेक्शन न जुड़ने पर उपभोक्ताओं को मिलेगा मुआवजा, नियामक आयोग सख्त

 लखनऊ यूपी के लखनऊ के मीटर रीचार्ज करने के बाद भी दो घंटे तक कनेक्शन न जुड़ने के मामले में नियामक आयोग पावर कॉरपोरेशन पर जुर्माना लगाने की तैयारी में है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी हो सकते हैं। नेगेटिव बैलेंस की वजह से स्मार्ट मीटर के कनेक्शन कटने के बाद अगर उपभोक्ता मीटर रीचार्ज करवाता है तो उसके अधिकतम दो घंटे के भीतर कनेक्शन जुड़ने का प्रावधान है। अन्यथा उपभोक्ता मुआवजे का हकदार है। स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदले जाने के बाद मार्च से पावर कॉरपोरेशन ने स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू कर दी थी। इसके तहत नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट रहे थे। उसी दरम्यान तमाम उपभोक्ताओं ने मीटर रीचार्ज करने के बाद कई घंटे तक कनेक्शन दोबारा न जुड़ने की शिकायत की थी। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही शिकायतों के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में लोकमहत्व याचिका दायर करते हुए तय मियाद में कनेक्शन न जुड़ने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा दिलवाने की मांग की थी। आयोग अब इस मामले में पावर कॉरपोरेशन पर जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इस मामले में पावर कॉरपोरेशन पर जुर्माना अनिवार्य तौर पर लगाया जाएगा। अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी का फैसला वापस स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को दोबारा पोस्टपेड व्यवस्था में बदलने के बाद उपभोक्ताओं से नई दरों के हिसाब से अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी वसूलने का फैसला पावर कॉर्पोरेशन ने वापस ले लिया है। अब उपभोक्ताओं की पहले से जमा सुरक्षा राशि ही मान्य होगी और उन्हें नई कॉस्ट डेटा बुक-2025 के अनुसार अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के विरोध के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने देर रात अपना आदेश संशोधित किया। दरअसल, जब पोस्टपेड कनेक्शनों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदला गया था, तब उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी मनी को उनके प्रीपेड खाते में एडजस्ट कर दिया गया था। बाद में दोबारा पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर नई दरों के अनुसार अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी मांगी जा रही थी। इसका असर करीब 83 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ता। उपभोक्ता परिषद ने इसे गलत और नियमों के खिलाफ बताते हुए विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद कॉर्पोरेशन को फैसला वापस लेना पड़ा। हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी उधर, उपभोक्ता अपना बिल प्राप्त करने और सहायता के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7859804803 का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा विद्युत हेल्पलाइन नंबर 1912 पर भी विशेष व्यवस्था की गई है। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, वे उसे तुरंत अपडेट करा लें जिससे समय पर बिल और सूचनाएं मिल सकें।

स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में, संचालन के आदेश जारी

स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने के आदेश जारी प्रदेश में समाप्त हुई स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था: ऊर्जा मंत्री   आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगे स्मार्ट मीटर तत्काल प्रभाव से होंगे पोस्टपेड उपभोक्ताओं को जून से मिलेगी पोस्टपेड बिलिंग सुविधा, स्मार्ट पोस्टपेड बिल हर माह 10 तारीख तक जारी होंगे अब सभी नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में होंगे जारी 15 मई से 30 जून तक लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर शिकायत निस्तारण कैंप उपभोक्ता हित में लगातार फैसले ले रही योगी सरकार: ए.के. शर्मा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर में लगे सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड प्रणाली में बदले जा रहे हैं। इसके बाद उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने के बाद बिल मिलेगा। मई 2026 की खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड प्रणाली के तहत जारी किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आम विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में संचालित स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को समाप्त कर सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों और केस्को कानपुर में लागू यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करेगी।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिये उपलब्ध कराया जाएगा। स्मार्ट पोस्टपेड बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जारी किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क अथवा संचार संबंधी समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग प्राप्त नहीं होगी, वहां एएमआईएसपी एजेंसियों के माध्यम से मैनुअल रीडिंग लेकर समय से बिल उपलब्ध कराया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सिस्टम में पंजीकृत नहीं हैं या गलत दर्ज हैं, उनके लिए डिस्कॉम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही उपभोक्ता संबंधित विद्युत वितरण निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट एवं 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी अपना बिल प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश में अब सभी नए विद्युत संयोजन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे। पूर्व में प्री-पेड व्यवस्था लागू होने के दौरान समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को अब विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं कॉस्ट डाटा बुक-2026 के प्रावधानों के अनुसार चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ा जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पोस्टपेड उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का भुगतान समय और उसके बाद 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि प्रदान की जाएगी। निर्धारित समय तक भुगतान न होने पर विद्युत प्रदाय संहिता एवं टैरिफ आदेश के अनुसार विलंब अधिभार लागू होगा। घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष राहत देते हुए 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया विद्युत बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा प्रदान की गई है। जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 40, 30 और 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर एवं बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप एवं सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

बिजली उपभोक्ताओं को राहत: अब नहीं होगी बार-बार रिचार्ज की झंझट

लखनऊ यूपी के बिजली ग्राहकों को बड़ी सौगात देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्ट पेड में बदलने का ऐलान हुआ है। प्रीपेड से पोस्टपेड में करने की तारीख भी आ गई है। प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने की पूरी प्रक्रिया एक रात में पूरी हो जाएगी। 9 मई की रात से प्रक्रिया शुरू होगी और 10 मई तक सभी मीटर पोस्टपेड हो जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार पोस्टपेड होने पर बिजली ग्राहकों की कई समस्याओं का हल हो जाएगा। उपभोक्ताओं को मीटर तेज चलने, अधिक बिल आने और बिना बिजली उपयोग के बैलेंस कटने जैसी शिकायतों से मुक्ति मिल जाएगी। बचा बैलेंस बिजली बिल में जुड़ेगा लोगों को यह शंका है कि प्रीपेड में कराए गए रिचार्ज का क्या होगा? अधिकारियों के अनुसार प्रीपेड मीटर का बैलेंस पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। जैसे ही प्रीपेड मीटर कन्वर्ट होंगे, वैसे ही उनका बचा बैलेंस महीने के अंतिम में बनने वाले बिल में स्वत: जुड़ जाएगा। इसका पूरा डिटेल बिजली बिल में अंकित होगा। पूर्वांचल में एमडी कर रहे निगरानी पूर्वांचल के जिलों में स्मार्ट मीटरों के मोड परिवर्तन की निगरानी पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभु कुमार खुद करेंगे। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में 30 लाख 17 हजार 147 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। वाराणसी जोन प्रथम के 11 डिविजनों में 2.20 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटरों उपभोक्ता हैं। एमडी मीटर लगाने वाली कंपनी जीएमआर और जीनस के अफसरों के साथ मोड परिवर्तन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। चार लाख उपभोक्ता नहीं कर रहे थे मीटर रिचार्ज पूर्वांचल के 4.11 लाख उपभोक्ता प्रीपेड मीटर रिजार्च नहीं कर रहे थे। बनारस में इनकी संख्या लगभग 12 हजार थी। जांच में सामने आया कि मीटर चार्ज न कराने वाले अनेक उपभोक्ता बिजली चोरी कर रहे हैं तो कुछ खाली परिसर पर मीटर लगे थे। विभाग ने बिजली चोरी करने वालों पर केस कराया था। उपभोक्ताओं से वापस लेंगे सिक्योरिटी मनी मीटर पोस्टपेड होने के बाद उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी मनी ली जाएगी। यह राशि बिजली बिल में जोड़कर भेजी जाएगी। बड़े उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी मनी किस्त में ली जाएगी। स्मार्ट मीटर की खामियां जस की तस : उपभोक्ता परिषद  वर्ष 2019 से 2022 के बीच लगे 12 लाख स्मार्ट मीटरों में जो खामियां केंद्र सरकार की टीम ने पाई थीं, वही कमियां मौजूदा समय में लग रहे स्मार्ट मीटरों में भी हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटर की पुरानी खामियों को नजरअंदाज कर के प्रदेश भर में नए सिरे से स्मार्ट मीटर लगाने पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा प्रदेश में लगाए गए 12 लाख स्मार्ट मीटरों की जांच केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने की थी। सितंबर 2023 में टीम ने रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में जो कमियां गिनाई गई थीं, वे अब लग रहे स्मार्ट मीटरों में भी हैं। अवधेश ने कहा कि अगर आरडीएसएस के तहत लग रहे इन स्मार्ट मीटरों में उपभोक्ता हितों के मानकों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया गया होता तो पूरी परियोजना सवालों के घेरे में नहीं आती। तब रिपोर्ट में बताया गया था कि उपभोक्ताओं को तीन से छह महीने के विलंब से एसएमएस अलर्ट नहीं मिल रहे। चेक मीटर की स्थापना में अनियमितता बरती गई थी। उपभोक्ताओं पर नियमविरुद्ध अतिरिक्त भार डाला जा रहा था। मीटर नेटवर्क में बाधा थी, जिससे डिस्कनेक्शन और रीकनेक्शन प्रभावित हो रहा था।

झारखंड में स्मार्ट मीटर योजना जारी, रांची में 100% लक्ष्य की तैयारी

 रांची  केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों में बदलाव करते हुए स्मार्ट मीटरों के लिए प्रीपेड बिलिंग को अनिवार्य नहीं रखा है। अब प्रीपेड सुविधा उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक हो गई है। संचार नेटवर्क वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा के अनुसार जारी रहेगा। केंद्र ने साफ कहा है कि किसी भी उपभोक्ता पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर जबरदस्ती नहीं थोपा जाएगा। इस बीच उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं के विरोध और बिलिंग संबंधी शिकायतों के कारण अप्रैल 2026 में स्मार्ट मीटर लगाने का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। एक तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई है (नए कनेक्शन को छोड़कर)। झारखंड में क्या है स्थिति? झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम, विश्व बैंक सहायता प्राप्त झारखंड पावर सिस्टम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट और राज्य योजनाओं के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का काम लगातार आगे बढ़ा रहा है। राज्य में कुल 18.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है, जिसमें 13.41 लाख मीटर केंद्र की योजना के तहत शामिल हैं। जुलाई 2025 तक पूरे राज्य में करीब 7.7 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके थे। रांची 100 फीसदी लक्ष्य की ओर JBVNL का लक्ष्य है कि राजधानी रांची को पूर्ण रूप से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाला शहर बनाया जाए। अप्रैल 2026 के अंत तक यहां 100 प्रतिशत स्मार्ट प्रीपेड मीटर का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में शहर में 3.35 लाख से 3.65 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इनमें से अधिकांश प्रीपेड मोड में चल रहे हैं। अभी करीब 12,000 मीटर पोस्टपेड मोड में हैं और 13,000 से 16,000 कनेक्शन बाकी हैं। एचईसी क्षेत्र समेत बचे इलाकों में काम तेज गति से चल रहा है। JBVNL अधिकारियों ने बताया कि मीटर लगाना पूरी तरह मुफ्त है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप से अपनी बिजली खपत, बैलेंस की जांच और रिचार्ज आसानी से कर सकते हैं। बैलेंस बहुत कम होने पर स्वचालित कटौती का प्रावधान है, इसलिए उपभोक्ताओं को न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की सलाह दी गई है। अनिवार्यता पर केंद्र की नई नीति केंद्र की नई लचीली नीति के बाद झारखंड में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह जबरदस्ती अनिवार्य नहीं है। फिर भी JBVNL नए कनेक्शन, खराब मीटर बदलने और संचार सुविधा वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर को प्राथमिकता दे रहा है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के मार्च 2026 के आदेश में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर के बीच अलग बिजली दर नहीं रखी गई है। कुछ इलाकों में प्रीपेड मोड चुनने वालों को 3 प्रतिशत रिबेट जैसी छूट भी दी जा रही है। स्मार्ट मीटर से लाभ और चुनौतियां स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी कम होने, बिलिंग पारदर्शी बनने और सटीक खपत लेखांकन की उम्मीद है। रांची जैसे शहरों में बिल वसूली की दक्षता बढ़ने के संकेत मिले हैं। लेकिन चुनौतियां भी सामने आई हैं। कुछ उपभोक्ताओं को पुराना बकाया दिखने, बैलेंस संबंधी भ्रम और स्वचालित कटौती की आशंका से परेशानी हुई है। JBVNL इन शिकायतों को प्राथमिकता से सुलझा रहा है और जागरूकता शिविर लगा रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे फर्जी लोगों से सावधान रहें और आधिकारिक सुविधा पोर्टल पर ही आवेदन करें। केंद्र की अप्रैल 2026 की नीति अब राज्यों को ज्यादा लचीलापन दे रही है। यूपी में लगी रोक झारखंड में नहीं है, लेकिन उपभोक्ता शिकायतों को गंभीरता से लेकर सहमति और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। JBVNL का मुख्य लक्ष्य बिजली घाटा कम करना और बिजली विभाग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। केंद्र की योजना के तहत राष्ट्रीय लक्ष्य मार्च 2028 तक बढ़ाया गया है। कुछ जगह विरोध के बावजूद झारखंड में यह बदलाव बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बशर्ते उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ख्याल रखा जाए।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: हर महीने 10 तारीख को आएगा बिजली बिल, 25 तक भुगतान की मोहलत

लखनऊ यूपी में जिले-जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर मचे घमासान के बीच यूपी की योगी सरकार ने इस व्यवस्था को ही खत्म कर दिया है। अब स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। पहले से जो स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें पोस्ट पेड कर दिया जाएगा। सीएम योगी के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसे लेकर ऐलान किया और साथ ही नए नियमों के बारे में बताया है। अब हर महीने की 10 तारीख को बिजली का बिल आएगा। इसे जमा करने के लिए 15 दिनों यानी 25 तारीख तक का समय होगा। एक राहत यह भी है कि यदि एक महीने का बकाया होगा तो बिजली नहीं कटेगी। पुराने बिजली बिलों के बकाये के लिए भी व्यवस्था बना दी गई है। इसे अब किस्तों में जमा किया जा सकेगा। इसके साथ ही सिक्योरिटी मनी भी अब जमा करनी होगी। इसे भी किस्त में जमा करने की व्यवस्था कर दी गई है। हालांकि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ज्यादा बिल आने की शिकायतों का क्या होगा? इस पर अभी कुछ नहीं कहा गया है। समय से न मिले बिल तो यहां करें शिकायत ऊर्जा मंत्री न कहा कि सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल हर महीने की 10 तारीख तक दिए जाएंगे। बिल मिलने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय से बिल न मिले वे वितरण कंपनियों के नंबर पर कनेक्शन नंबर बताकर बिल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करके भी बिल प्राप्त किए जा सकेंगे। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को बिल संबंधी किसी भी समस्या के निपटारे के लिए खंड और उपखंड स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। पूर्वांचल – 8010968292; मध्यांचल – 7669003409; पश्चिमांचल – 7859804803 दक्षिणांचल – 8010957826 केस्को – 8287835233 चार किस्तों में जमा करवाई जाएगी सिक्योरिटी पोस्टपेड मीटर में कनेक्शनधारकों से सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जाती है जबकि प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी राशि नहीं देनी होती है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड में बदले गए उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। अब जब दोबारा प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदला जाएगा तो उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि सिक्योरिटी राशि एकमुश्त न जमा करवाकर चार किस्तों में जमा करवाई जाए ताकि उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ न आए। अब लोगों पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की मांग प्रीपेड मीटर की जबरिया लगाने के खिलाफ मुखर रहे अवधेश कुमार वर्मा ने प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने मीटर उखाड़कर फेंकने वाले उपभोक्ताओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर पावर कॉरपोरेशन ने पहले ही नियम के मुताबिक फैसला ले लिया होता तो ऐसी घटना नहीं होती। यूपी में जबरिया लगाए जा रहे थे प्रीपेड मीटर पिछले संसद सत्र के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कर दिया था कि मीटर प्रीपेड होगा या पोस्टपेड यह चुनने का अधिकार उपभोक्ताओं का है। विद्युत अधिनियम – 2003 की धारा 47 (5) में यही व्यवस्था है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने भी अधिसूचना जारी करके मीटरों के प्रीपेड मोड में होने की बाध्यता समाप्त कर दी थी।इसके बाद भी यूपी में लोगों के घरों पर जबरिया प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे थे। अचानक रिचार्ज खत्म होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इससे जिले-जिले आक्रोश फैल रहा था। इस आक्रोश के कारण ही चुनावी साल में सरकार किसी तरह का खतरा मोल लेना नहीं चाह रही थी। अंततः सोमवार को प्रीपेड की व्यस्था खत्म करने का ऐलान कर दिया गया।

यूपी में स्मार्ट मीटर परियोजना पर ब्रेक, UPPCL का बड़ा फैसला, टेक्निकल रिपोर्ट की होगी समीक्षा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विवाद और विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी है. यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक तकनीकी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती।  पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने इस संबंध में सभी डिस्कॉम (डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों) को निर्देश जारी कर दिए हैं. आदेश में साफ कहा गया है कि अगली सूचना तक पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरी तरह बंद रखा जाए।  दरअसल, पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई जिलों में बिजली उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा था. उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के पुराने मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. कई जगहों पर लोगों ने इसे जबरन कार्रवाई बताते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया।  इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 12 अप्रैल को एक तकनीकी कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी को स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों, तकनीकी खामियों और उपभोक्ताओं की समस्याओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. अब इस पूरे मामले में आगे की रणनीति कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।  प्रदेश में 70.50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर लग चुके आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. इनमें करीब 70.50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं. हालांकि, मौजूदा फैसले के तहत पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है, लेकिन नए बिजली कनेक्शन केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।  इसके अलावा बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन रोका नहीं जाएगा. यानी जो लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें स्मार्ट मीटर के साथ ही बिजली मिलेगी, लेकिन पहले से लगे मीटरों को बदलने की कार्रवाई फिलहाल बंद रहेगी. यदि कमेटी की रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो सरकार आगे इस पर फैसला लेगी। 

स्मार्ट मीटर लागू होते ही सोलर पैनल उपभोक्ताओं पर बढ़ा बिजली बिल का बोझ

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासतौर पर सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर सोलर सिस्टम लगवाने के बावजूद अब उन्हें हजारों रुपये के बिजली बिल चुकाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सोलर यूनिट का नहीं हो रहा समायोजन पहले की व्यवस्था में सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली यूनिट को अगले महीने के बिल में समायोजित कर दिया जाता था। यदि किसी उपभोक्ता ने रोजाना 5 यूनिट बिजली उत्पन्न की और खपत 3 यूनिट रही, तो बिल शून्य आता था और बची हुई 2 यूनिट अगले महीने में जोड़ दी जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। अब उपभोक्ताओं को पूरी खपत का बिल देना पड़ रहा है, चाहे उनके पास अतिरिक्त सोलर यूनिट ही क्यों न हो। तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी जिले में अब तक 5820 से अधिक उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाए हैं। इनमें से करीब 3000 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर अपडेट न होने और यूनिट एडजस्टमेंट की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 2024 से अब तक सोलर योजना के तहत 25,703 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से हजारों उपभोक्ताओं ने 3 किलोवॉट से 5 किलोवॉट क्षमता तक के पैनल लगवाए हैं। सोलर पैनल लगाने में उपभोक्ताओं को डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक खर्च करना पड़ा है, लेकिन अब उन्हें इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। रिचार्ज न होने पर कट रही बिजली स्मार्ट मीटर के साथ लागू किए गए प्रीपेड सिस्टम ने उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है। अब उपभोक्ताओं को पहले से बिजली के लिए रिचार्ज कराना पड़ रहा है। कई मामलों में बैलेंस होने के बावजूद बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं जो उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं कर पा रहे हैं, उनके घरों की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी जा रही है। उपभोक्ताओं का छलका दर्द महेंद्र एन्क्लेव निवासी सुभाष चौधरी बताते हैं कि उन्होंने एक वर्ष पहले करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया था। इससे रोजाना 18 से 20 यूनिट बिजली बनती थी और कम खपत होने पर अतिरिक्त यूनिट अगले महीने जुड़ जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह सुविधा समाप्त हो गई है। वहीं शास्त्री नगर निवासी रविंद्र गोयल का कहना है कि उन्होंने डेढ़ साल पहले 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाया था, जिससे उन्हें रोजाना लगभग 30 यूनिट का लाभ मिल रहा था। लेकिन पिछले डेढ़ महीने से मीटर की रीडिंग अपडेट नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। तकनीकी समस्या बता रहे अधिकारी स्मार्ट मीटर में उत्पन्न यह समस्या तकनीकी कारणों से सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सिस्टम को अपडेट किया जाएगा, जिससे सोलर यूनिट का समायोजन फिर से शुरू हो सकेगा। साथ ही अन्य तकनीकी समस्याओं की भी समीक्षा की जा रही है। अन्य समस्याएं भी बनीं मुसीबत स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ कई अन्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर डाउन होने के कारण कई बार रिचार्ज नहीं हो पाता। ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। बिजली कटने के बाद सप्लाई बहाल होने में घंटों लग जाते हैं। कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि उनके पोस्टपेड मीटर अपने आप प्रीपेड में बदल गए हैं। आज इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली कटौती इधर, मरम्मत कार्य के चलते फ्राइडे मार्केट और भोवापुर क्षेत्र में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

6 लाख 82 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिली 4.40 करोड़ रुपये की छूट

भोपाल. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के जिलों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली की खपत पर 20 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई है। इस 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत कंपनी कार्यक्षेत्र में कुल 6 लाख 82 हजार 249 उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 4 करोड़ 40 लाख 44 हजार रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला है, जिसमें से भोपाल जिले में 3 लाख 60 हजार 423 उपभोक्ताओं के बिलों में 2 करोड़ 41 लाख 85 हजार रुपये की छूट प्रदान कर उन्हें लाभान्वित किया गया है। प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधुनिक तकनीक को अपनाएं और अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगवाने के लिये आगे आएं। स्मार्ट मीटर न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि यह उपभोक्ताओं को अपनी खपत के प्रति जागरूक कर आर्थिक लाभ दिला रहा है। 'टाइम ऑफ डे' टैरिफ जैसी सुविधाओं का लाभ उठाकर उपभोक्ता दिन के समय बिजली उपयोग कर अपने बिलों में भारी बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्मार्ट मीटर के संबंध में उपभोक्ता किसी भी जानकारी अथवा समस्या के निराकरण के लिये कॉल सेन्टर 1912 अथवा नोडल अधिकारी कैलाश कुमार चौधरी, प्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) से ई-मेल आईडी Smartmeteringcellbhopal@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी, स्मार्ट मीटर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

लखनऊ  स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर आ रही समस्याएं अब खत्म होंगी। सीएम योगी ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी ने शिकायतों को दुरुस्त करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा। हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें। गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।