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जमीन घोटाले में फंसे आईएएस विनय चौबे को बेल, शराब केस बना रुकावट

रांची  झारखंड के प्रशासनिक गलियारे से बड़ी खबर है। जमीन घोटाला मामले में आरोपी आईएएस विनय कुमार चौबे को देश की सर्वोच्च अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि कोर्ट का यह आदेश उनके लिए आधी राहत जैसा है, क्योंकि बेल मिलने के बावजूद वे फिलहाल सलाखों के पीछे ही रहेंगे। विनय चौबे के खिलाफ केवल एक ही मामला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हजारीबाग जमीन मामले में उन्हें बेल दी है, लेकिन वे एक अन्य बड़े घोटाले (शराब नीति से जुड़े मामले) में भी आरोपी हैं। तकनीकी तौर पर जब तक किसी व्यक्ति को उन सभी मामलों में जमानत नहीं मिल जाती जिनमें वह न्यायिक हिरासत में है, तब तक उसकी रिहाई मुमकिन नहीं होती। इसी कारण उन्हें अभी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार जेल) में ही वक्त बिताना होगा। कोर्ट की सख्त शर्तें: पासपोर्ट और गवाहों पर नजर सुप्रीम कोर्ट ने विनय चौबे को जमानत देते हुए कुछ कड़ी शर्तें लागू की हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि:     वे बिना पूर्व अनुमति के देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते।     मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क करने या उन्हें डराने-धमकाने पर उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।     जांच एजेंसी जब भी बुलाएगी, उन्हें सहयोग करना होगा। flashback: पद का दुरुपयोग और जमीन की हेराफेरी विनय कुमार चौबे पर लगे आरोपों की जड़ें उनके हजारीबाग में उपायुक्त (DC) रहने के कार्यकाल से जुड़ी हैं। यह मामला झारखंड के उस बड़े लैंड स्कैम का हिस्सा है जिसने पूरे राज्य की राजनीति को गरमा रखा है। 1. हजारीबाग जमीन घोटाला आरोप है कि हजारीबाग में डीसी पद पर तैनात रहते हुए विनय चौबे ने भू-माफियाओं के साथ साठगांठ की। उन पर प्रतिबंधित श्रेणी की सरकारी जमीनों (गैर-मजरूआ) के अवैध हस्तांतरण, म्यूटेशन और बिक्री में नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के जरिए कीमती जमीनों को निजी हाथों में सौंपने का खेल उनके कार्यकाल में बड़े पैमाने पर हुआ। 2. शराब घोटाले का साया जमीन के अलावा विनय चौबे झारखंड के बहुचर्चित 'शराब घोटाले' में भी मुख्य अभियुक्तों में से एक हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद विभाग के सचिव रहते हुए छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में शराब की नई नीति लागू कराई, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हुआ और चुनिंदा सिंडिकेट को फायदा पहुँचाया गया। इसी मामले की वजह से उनकी रिहाई अटकी हुई है। 3. रसूख से जेल तक का सफर झारखंड कैडर के 1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय चौबे सत्ता के बेहद करीब माने जाते थे। वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) व एसीबी की कार्रवाई ने उनकी चमक कम कर दी और आखिरकार उन्हें जेल जाना पड़ा।  

नाकेबंदी की तरफ आए तो कर देंगे तबाह, ड्रग्स तस्करों जैसा अंजाम भुगतने की डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फिर से ईरान को चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज में अगर कोई भी ईरानी अमेरिकी नेवी नाकेबंदी की तरफ आया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। बता दें कि ईरान के साथ पाकिस्तान में वार्ता विफल होने के बाद से ही ट्रंप भड़के हुए हैं। वह लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरान की नेवी को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। ट्रंप ने लिखा कि ईरानी नेवी समुद्र की तली में पड़ी है। उनके पास 158 जहाज वहां पर हैं। हम इन्हें मार नहीं पाए हैं। यह लोग इसे फास्ट अटैक शिप्स कहते हैं, लेकिन हम लोग इसे बड़ा खतरा नहीं मानते। गौरतलब है कि अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह सोमवार को पूर्वी समयानुसार सुबह 10 बजे या ईरान के स्थानीय समयानुसार शाम साढ़े पांच बजे से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करेगा। इसमें कहा गया कि ‘यूएस सेंट्रल कमांड' (सेंटकॉम) ने कहाकि यह नाकेबंदी सभी देशों के उन पोतों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी’ जो ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर जा रहे हैं। सेंटकॉम ने कहाकि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन : प्रधानमंत्री मोदी

भोपाल.  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रहा है, जो देश की नारी शक्ति को समर्पित है। लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, इसके लिए 16 अप्रैल, 2026 से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सभी दलों ने सर्वसम्मति से पास कराया था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की बात दशकों से हो रही है। सभी दलों ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। अधिनियम को लागू करने के लिए सरकार के प्रयास जारी हैं। इसे लागू करने का कार्य संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। इस बार भी सभी का सहयोग मिलेगा और संसद की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी। महिलाओं के लिये विधानसभा और लोकसभा में अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा हैं। देश में एक सकारात्मक माहौल बना है। देश की सभी महिलाओं को एक नए युग की बधाई। प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं ने भाग लिया। इसमें सरकार, शिक्षा जगत, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिनिधि शामिल थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में मंत्रालय से वर्चुअली शामिल हुए। संसद ने सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। अब देश भर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल को संसद का तीन दिवसीय सत्र आहूत किया गया है। महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रपति से लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री तक महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पंचायती राज संस्थाएं भी देश में महिला नेतृत्व का प्रभावी उदाहरण हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा। केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। सशक्त भारत के निर्माण में देश की बेटियों की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है। भारत विमेन लेड डेवलपमेंट के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सरकार महिला सुरक्षा के प्रति भी विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क है। देश की नारी शक्ति ने अपने परिश्रम, साहस और आत्मविश्वास ने नई ऊँचाइयों को छुआ है। अब हमें मिलकर इस शक्ति को नई ऊर्जा देनी है और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने सभागार में उपस्थित महिलाओं से नारी शक्ति वंदन अधिनियम में होने वाली चर्चाओं का गांव-गांव तक विस्तार करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के व्यापक प्रचार से देश की हर महिला तक अधिनियम की जानकारियां पहुंचाना है, जिससे वे यह समझ सकें कि गांव की पंचायत से लेकर संसद तक होने वाले निर्णयों में महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती हैं। महाविद्यालयों में नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नई दिल्ली से प्रसारित संबोधन के बाद मंत्रालय भोपाल में उपस्थित मंत्रीगण को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जानकारी और भावना का विस्तार जन-जन तक करने के लिए प्रदेश में व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार 10 से 25 अप्रैल तक नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में वृहद् स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम विभिन्न स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। अधिनियम की जानकारी का प्रसार आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला सशक्तिकरण के लिये जन-जन तक जानकारी के विस्तार के लिए सभी दलों, संगठनों और समाज के सभी वर्गों से सहयोग का आहवान किया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर से सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा गया है। यह पत्र सांसदगण, विधायकगण, नगरीय निकाय और पंचायत राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों को भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य संगठनों को भी पत्र प्रेषित कर महिला नेतृत्व और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को विस्तार देने वाले इस अधिनियम की जानकारी का प्रसार करने का आग्रह किया है। आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों को प्रेषित पत्र में लिखा है कि "16 अप्रैल 2026 से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का एक महायज्ञ किया जा रहा है।" उन्होंने लिखा है, "मेरा स्पष्ट मानना है कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब देश और समाज की आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें। देश के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में देश की नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत की बेटियां सेना से लेकर स्टार्ट-अप्स और खेल मैदान से अंतरिक्ष तक सफलता का परचम लहरा रही हैं।" मध्यप्रदेश हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए रहा है मॉडल राज्य "मध्यप्रदेश हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए एक मॉडल राज्य साबित होता रहा है। हमारी सरकार ने महिलाओं को प्रदेश के विकास का 'भागीदार' माना है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों बहनों और बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है , जिसने पुलिस भर्ती से लेकर शिक्षक भर्ती तक अपनी बेटियों को विशेष अवसर प्रदान किए हैं जिससे वे प्रदेश की शासन … Read more

दुर्लभ बीमारी से जंग जीतकर बच्चा बचा, डॉक्टरों ने रचा चमत्कार

जयपुर जयपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो चिकित्सा विज्ञान की ताकत के साथ-साथ उम्मीद और इंसानियत की मिसाल भी बन गई है। जहां एक तरफ दुर्लभ बीमारी ने एक परिवार के दो मासूमों की जिंदगी छीन ली, वहीं तीसरे बच्चे को महज 56 रुपए के इलाज ने नया जीवन दे दिया। यह चमत्कार हुआ जयपुर के जेके लोन अस्पताल में, जहां डॉक्टरों की सूझबूझ और समय पर सही पहचान ने मौत को मात दे दी। जब हर सांस बन गई थी जंग 10 मार्च का दिन… एक पिता अपनी गोद में नन्हीं सी जिंदगी लेकर अस्पताल की दहलीज पर पहुंचा। बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी। जन्म के कुछ ही दिनों बाद संक्रमण ने उसे जकड़ लिया था। परिवार पहले भी यही दर्द झेल चुका था—दो बच्चों को इसी रहस्यमयी बीमारी ने 40 और 55 दिनों में छीन लिया था। इस बार डर और उम्मीद दोनों साथ थे। प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद आखिरकार परिवार जेके लोन हॉस्पिटल पहुंचा। यहां से शुरू हुई एक ऐसी जंग, जिसमें हर मिनट कीमती था। जब शरीर ने खून बनाना छोड़ दिया डॉक्टरों ने जांच की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। बच्चे का ‘एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट’ (ANC) महज 82 था। मेडिकल साइंस के अनुसार, अगर यह 500 से नीचे चला जाए तो संक्रमण से बचना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इतना ही नहीं, बच्चे का बोनमैरो भी काम करना बंद कर चुका था। यानी शरीर खून नहीं बना पा रहा था और इम्यून सिस्टम लगभग फेल हो चुका था। स्थिति ऐसी थी कि हर पल मौत का खतरा मंडरा रहा था। दुर्लभ बीमारी का खुलासा मेडिकल जेनेटिक्स विभाग के डॉक्टरों ने जब गहराई से जांच की, तो पता चला कि बच्चा ‘ट्रांसकोबालामिन-2 डिफिशिएंसी’ नाम की बेहद दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझ रहा है। यह बीमारी इतनी रेयर है कि दुनिया भर में इसके सिर्फ 60 केस ही अब तक सामने आए हैं। इस बीमारी में शरीर विटामिन B12 को कोशिकाओं तक नहीं पहुंचा पाता, जिससे खून बनना बंद हो जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है। समय पर इलाज न मिले तो यह सीधे मौत की ओर ले जाती है। 14 रुपए का इंजेक्शन बना जिंदगी का सहारा अब कहानी में आता है सबसे बड़ा मोड़। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए हाइड्रॉक्सीकॉबालामिन इंजेक्शन का प्रोटोकॉल शुरू किया। एक इंजेक्शन की कीमत—सिर्फ 14 रुपए! हफ्ते में एक बार लगने वाले इस इंजेक्शन के चार डोज दिए गए। कुल खर्च—महज 56 रुपए। लेकिन असर? चमत्कार से कम नहीं। कुछ ही दिनों में बच्चे का ANC लेवल 82 से बढ़कर 6000 के पार पहुंच गया। बोनमैरो ने फिर से काम करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे मासूम मौत के मुंह से बाहर निकल आया। परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बच्चे के पिता की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार दर्द के नहीं, राहत के। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। पहले दो बच्चों को हमने यूं ही खो दिया, हमें समझ ही नहीं आया कि बीमारी क्या है। इस बार डॉक्टरों ने हमारे बच्चे को नई जिंदगी दे दी।” डॉक्टरों की टीम बनी फरिश्ता डॉक्टरों का कहना है कि सही समय पर जेनेटिक पहचान और तुरंत शुरू किया गया इलाज ही बच्चे की जिंदगी बचा सका। अगर थोड़ी भी देरी होती, तो परिणाम पहले जैसा ही हो सकता था। उम्मीद का संदेश यह कहानी सिर्फ एक बच्चे की नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद है, जो दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे हैं। यह बताती है कि सही समय पर सही जांच और इलाज हो, तो लाखों का खर्च नहीं, बल्कि 56 रुपए भी जिंदगी बचा सकते हैं। जयपुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया—जब डॉक्टर ठान लें, तो किस्मत भी हार मान जाती है।

जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी विभागों को डैशबोर्ड में जानकारी दर्ज करने का आदेश, बोलीं अपर मुख्य सचिव रस्तोगी

जल गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी सभी विभाग डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज करें जानकारी : अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ की बैठक कार्यों के प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश भोपाल  अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने जल गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को रैकिंग के लिए बनाए गए डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से समय पर जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। जिससे अभियान की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने तथा पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 19 मार्च से “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान से जुड़े 18 विभागों द्वारा जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं, इससे प्रदेश में जल संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा मिल रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने 19 मार्च से अब तक किए गए कार्यों की विभाग वार प्रगति की समीक्षा कर सभी विभागों को अभियान का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।  आयुक्त, म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद श्री अवि प्रसाद ने बैठक में सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों से विभागवार प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग के लिए बनाए गए डैश बोर्ड में अनिवार्य रूप से जानकारी दर्ज करें। डैश बोर्ड के माध्यम से अभियान की प्रगति की विभागवार रैंकिंग भी की जाएगी। बैठक में सहभागी विभागों द्वारा अभियान अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, राजस्व, संस्कृति और जन अभियान परिषद सहित अन्‍य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।  

बिहार में नई सरकार की उलटी गिनती: शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी, CM नाम का इंतजार

पटना.  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीएम के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की अंतिम रूपरेखा सामने आ गई है। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार (कल) दोपहर 2 बजे से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक दल की बैठक सीएम आवास पर बुलाई है। भाजपा ने 3 बजे विधायकों की बैठक बुलाई है, जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधायक दल के नेता यानी राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे। जेडीयू और भाजपा की बैठकों के बाद शाम 4 बजे विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें भाजपा विधायक दल के नेता को गठबंधन का नेता चुना जाएगा। नीतीश की जगह पर आगे राजपाट चलाने के लिए यही नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन जाएगा या जाएगी। बिहार में भाजपा के नेतृत्व में बन रही पहली एनडीए सरकार 15 अप्रैल को शपथ लेगी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर आज एनडीए के नेताओं की बैठकों का दौर चल रहा है। जेडीयू के नेता संजय झा और ललन सिंह ने उनसे करीब 40 मिनट मुलाकात की। फिर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी पहुंचे थे। इस समय सरकार गठन की गतिविधियों का केंद्र नीतीश का सीएम आवास और सम्राट चौधरी का डिप्टी सीएम आवास बना हुआ है। भाजपा विधायक दल के नेता को सीएम बनना है, जिसके लिए पर्यवेक्षक बनाए गए शिवराज सिंह चौहान कल सुबह पटना पहुंचेंगे। पांच महीने पहले विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक बनाया गया था। अभी भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय सिन्हा हैं। दोनों नेता नीतीश कैबिनेट में डिप्टी सीएम हैं, जिसकी आखिरी बैठक 14 अप्रैल को होगी। कैबिनेट बैठक के बाद गठबंधन के विधायक दल के नेता नीतीश त्यागपत्र देने राजभवन जाएंगे और अगली सरकार के गठन को औपचारिक रास्ता देंगे। राजभवन से इस्तीफा देकर लौटने के बाद दोपहर 2 बजे नीतीश कुमार जदयू के विधायक दल की बैठक करेंगे, जिसका मौजूदा नेता रहने के कारण वो सीएम हैं। भाजपा के पास तो विकल्प है कि वो विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी या उप-नेता विजय कुमार सिन्हा को ना भी बदले, लेकिन जदयू के विधायकों को सांसद बन चुके नीतीश की जगह पर कोई नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो।

सेवा ही सच्ची साधना, यही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक व्यक्ति जब अपने पूरे जीवन को समाज के लिए समर्पित कर देता है, तब वह केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार बन जाता है। स्व. भगवत शरण माथुर भी ऐसा ही एक जीवंत विचार थे। उन्होंने अपने जीवन में यह सिद्ध कर दिया कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सच्ची साधना है। समाज सेवा ही हर मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी निजी सुख-सुविधाओं को त्याग कर समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर मूलरूप से राजगढ़ जिले के निवासी थे। उनका जन्म सीका गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्रीय सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने तथा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रकल्प स्थापित कर इस दिशा में विशेष प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को 'नर्मदे हर सेवा न्यास' के संस्थापक अध्यक्ष स्व. भगवत शरण माथुर की जयंती पर न्यास के मुख्यालय अमरकंटक में आयोजित विचार गोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजसेवी स्व. माथुर की जयंती पर उन्हें विन्रम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महादेव की कृपा से सिद्ध क्षेत्र अमरकंटक से मां नर्मदा, सोन और जोहिला प्रकट होकर त्रिवेणी धारा प्रवाहित करती हैं। इसी स्थान से निकलकर मां नर्मदा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों को आशीर्वाद देती है। सोन नदी भी आगे जाकर गंगा की धारा को समृद्ध करती है। जीवनभर का पुण्य होने पर ही अमरकंटक आने का अवसर मिलता है। परमात्मा ने इस स्थान को जी भरकर आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी अंतिम सांस तक भारत माता और नर्मदा माता की सेवा कर उनका आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक में संचालित गौशाला के लिए अनुदान प्रारंभ कराने, कथा-प्रवचन के लिए पर्यावरण हितैषी आधुनिक भवन का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमरकंटक के हराभरा रहने से मध्यप्रदेश के गांव-गली-मौहल्लों में आनंद होगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए मध्यप्रदेश सरकार और जन अभियान परिषद राज्य के सभी पुराने जल स्त्रोतों को पुनर्जीवन देने की चिंता कर रही है। प्रदेश में तीन माह (गुढ़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक) सभी जल स्त्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। मां नर्मदा का यह स्थान भी इसी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नर्मदा परिक्रमा मार्ग को विकसित करते हुए परिक्रमावासियों के लिए सभी सुविधाएं विकसित करने का संकल्प लिया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए नर्मदा नदी के किनारों पर अधिकाधिक पौध-रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन कर उन्हें नमन् किया साथ ही मंच पर उपस्थित संतों-महंतों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'पंच परिवर्तन' विषय पर हुई विचार गोष्ठी में कहा कि स्व. माथुर ने समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय होकर अमरकंटक में काम किया। मुख्यमंत्री ने समाजसेवी और नर्मदा समग्र के स्व. अनिल माधव दवे का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. दवे ने राजनीतिक क्षेत्र में रहते हुए भी नर्मदा की अविरल धारा और जलवायु परिवर्तन जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया। राज्य सरकार उनकी भावना के अनुरूप नर्मदा के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर के उज्जैन जिले के प्रचारक रहते हुए उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। वे असंभव काम को भी संभव करने में सिद्धहस्त थे। स्व. माथुर ने विंध्य क्षेत्र में मौजूद अनेक चुनौतियां का समाधान खोजा। इसी का परिणाम है कि आज विंध्य क्षेत्र तेजी से समग्र विकास की ओर अग्रसर है। स्व. माथुर मां नर्मदा के इस क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए जो मार्ग दिखाया है। हम उसी पर आगे बढ़ते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया था कि मां नर्मदा की धारा अविरल होनी चाहिए। इसके चारों ओर का क्षेत्र हरा-भरा होना चाहिए। यह क्षेत्र अतिक्रमण से मुक्त होना चाहिए। आज यही संकल्प लेने का अवसर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में हर व्यक्ति के लिए पंच निष्ठा आयाम तय किए हैं। इन पंच निष्ठाओं के तहत हम सभी को अपने परिवार को संस्कारित करने, सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अंगीकार करने और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज में आज सामाजिक समरसता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंगलवार (14 अप्रैल) को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। बाबा साहेब ने जीवनभर अपने मूल सिद्धांतों और हिंदु समाज की विविधताओं के साथ समाज को जातिगत बुराईयों से बाहर लाने का कार्य किया। कमजोर वर्ग के बीच समता और समानता का भाव विकसित किया। भारत को लगभग 1000 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली है। हम सब इस आजादी को अक्षुण्ण रखकर हमारी भारतीय संस्कृति को गले लगाकर मानवता के मूल गुणों को स्थापित करने के लिए आगे बढ़ते रहें। हमारे समाज में अस्पृश्यता और जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। जातिवाद और विषमता को खत्म कर राज्य सरकार समानता के मूल भाव को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भौतिकता के वातावरण में समाज के हर वर्ग में परिवार के भाव को विकसित करने की आवश्यकता है। संस्कारों के अभाव में पीढ़ियों में परम्पराएं तेजी से बदल रही हैं। इससे राष्ट्र प्रेम भी प्रभावित होता है। हम सभी अपने परिवार के साथ भोजन करें, बच्चों के साथ बैठें, बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाएं। राष्ट्र निर्माण के भाव को जोड़कर नई पीढ़ी गढ़ें। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़कर काम करने की आवश्यकता है। आज हमारे सामने प्लास्टिक, पेस्टीसाइड जैसी कई प्रकार की चुनौतियां हैं। मौसम में परिवर्तन आने से अप्रैल जैसे ग्रीष्म माह में ओलावृष्टि हो रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए हमें प्रकृति से प्रेम करना पड़ेगा और पर्यावरण की जड़ों के साथ जुड़ना होगा। प्रकृति … Read more

महिला टी20 वर्ल्ड कप: ICC ने प्राइज मनी में बढ़ोतरी की, चैम्पियन को मिलेगा बड़ा इनाम

 नई दिल्ली क्रिकेट की दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ₹82 करोड़ की रिकॉर्ड प्राइज मनी का ऐलान किया है. यह टूर्नामेंट दो महीने बाद इंग्लैंड और वेल्स में खेला जाएगा।  इस बार कुल इनाम राशि में 10% की बढ़ोतरी की गई है. पिछली बार UAE में खेले गए टूर्नामेंट में यह रकम करीब ₹74 करोड़ थी, जो अब बढ़कर ₹82 करोड़ हो गई है. टूर्नामेंट इस बार और बड़ा होगा, क्योंकि इसमें 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि 2024 में यह संख्या 10 थी. मुकाबले 12 जून से 5 जुलाई तक खेले जाएंगे और फाइनल ऐतिहासिक Lord’s Cricket Ground में होगा।  जानें चैम्पियन टीम को मिलेगी कितनी रकम अगर इनाम की बात करें तो चैंपियन टीम को करीब ₹21.8 करोड़ मिलेंगे, जबकि उपविजेता टीम को ₹10 करोड़ दिए जाएंगे. सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों को भी करीब ₹6.29 करोड़ मिलेंगे. वहीं, हर ग्रुप मैच जीतने पर टीम को लगभग ₹29 लाख मिलेंगे।  ICC ने यह भी साफ किया है कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 12 टीमों को कम से कम ₹2.06 करोड़ की गारंटी राशि मिलेगी. टूर्नामेंट का आगाज 12 जून को होगा, जहां मेजबान इंग्लैंड का मुकाबला श्रीलंका से Edgbaston में होगा।  इस मेगा इवेंट में ऑस्ट्रेलिया, भारत, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी बड़ी टीमें भी खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी. कुल 33 मैच 24 दिनों में 7 अलग-अलग मैदानों पर खेले जाएंगे।  टूर्नामेंट से पहले ट्रॉफी टूर भी आयोजित किया जाएगा, जो मई में स्कॉटलैंड से शुरू होकर अलग-अलग शहरों में जाएगा और लंदन में खत्म होगा. ICC के CEO Sanjog Gupta ने कहा कि महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है और 12 टीमों के साथ यह टूर्नामेंट और ज्यादा प्रतिस्पर्धी और मजबूत बनेगा। 

दिल्ली दंगा मामला: उमर खालिद ने रिव्यू पिटीशन दाखिल की

नई दिल्ली दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. उन्होंने खुली अदालत में सुनवाई की मांग की है, जबकि नियमों के मुताबिक रिव्यू पेटीशन पर जज अपने चैंबर में विचार करते हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वो मामले पर विचार करने के बाद ही सुनवाई प्रक्रिया तय करेंगे. दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों में से एक उमर खालिद ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब खालिद ने इस फैसले को चुनौती दे हुए एक पुनर्विचार याचिका दायर की है. उमर खालिद ने अपनी इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से एक स्पेशल अपील की है. उन्होंने मांग की है कि इस पुनर्विचार याचिका पर 'ओपन कोर्ट' में सुनवाई की जाए. नियमों के मुताबिक, पुनर्विचार याचिकाओं पर जज अपने चैंबर में ही विचार करते हैं. लेकिन खालिद चाहते हैं कि उनकी दलीलों को खुली अदालत में सुना जाए. 15 अप्रैल को होगी सुनवाई सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने आज अदालत में उमर खालिद की इस रिव्यू पिटीशन का जिक्र किया. बेंच ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बुधवार, 15 अप्रैल को सुनवाई करने का फैसला लिया है. उमर खालिद के मामले को ओपन कोर्ट में रखने की अपील पर जस्टिस सूर्यकांत कहा कि वो सोचने के बाद इसका फैसला करेंगे. उन्होंने कहा, 'हम इसे देखेंगे और सुनने की प्रक्रिया तय करेंगे.' 5 जनवरी के फैसले को चुनौती बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद को बेल देने से साफ इनकार कर दिया था. खालिद दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में लंबे समय से जेल में बंद हैं. उन पर दिल्ली दंगों की साजिश रचने और UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले निचली अदालतों और हाई कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था. अब 15 अप्रैल की सुनवाई में यह तय होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट अपने पुराने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए तैयार है या नहीं. इसके साथ ही, इस बात पर भी नजर रहेगी कि अदालत नियमों में ढील देते हुए इस याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करती है या नहीं.

सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ रूपये की स्वीकृति सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाईजेशन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजना, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिये किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।  योजना के क्रियान्वयन से फार्म पॉवर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टाधारी कृषक भी लाभान्वित होंगे।  मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी 5 वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रूपये और आगामी 5 वर्ष, 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार से प्राप्त स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गयी है। मैहर, मउगंज, पांढुर्णा, धार में मनावर और पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया और सांवेर एवं झाबुआ में पेटलावद में नये वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जायेगा।