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बाबा साहेब जन्म स्थली स्मारक महू में होगा विशाल समागम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रूप से होंगे शामिल

भोपाल.  संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की जयंती इंदौर में 14 अप्रैल को पूर्ण आस्था एवं अपार उत्साह के साथ मनाई जाएगी। डॉ. अम्बेड़कर नगर महू में स्थित उनकी जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक में विशाल समागम होगा। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से इस आयोजन में शामिल होंगे। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 14 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर जयंती उत्सव समारोह पूर्ण उत्साह, उमंग और आस्था के साथ इंदौर जिले के डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में मनाया जा रहा है।  जयंती उत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की मेहमानों की तरह आवभगत की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, शीतल पेयजल आदि की विशेष व्यवस्था की गई है। जन्म स्थली पर बने भव्य स्मारक पर विशेष साज-सज्जा की गई है। अम्बेडकर जयंती उत्सव समारोह में मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला 12 अप्रैल की शाम से शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था स्वर्ग मंदिर परिसर में की गई। उक्त भोजन व्यवस्था  14 अप्रैल की शाम तक जारी रहेगी। भंतो के भोजन की व्यवस्था माहेश्वरी स्कूल में की गई है तथा उनके रूकने की व्यवस्था भी माहेश्वरी स्कूल में है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये पर्याप्त संख्या में अस्थाई शौचालयों का निर्माण भी किया गया है। पेयजल व्यवस्था के लिये विभिन्न स्थानों पर प्याऊ का निर्माण किया गया है। अम्बेडकर जयंती के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के रूकने के लिये धर्मशालाओं, केन्ट बोर्ड हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं केन्ट बोर्ड कन्या स्कूल में की गई है। इसके अलावा तीन विशाल डोम भी ठहरने के लिए बनाए गए हैं। व्यवस्था के लिये कार्यक्रम स्थलों को 7 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यह सेक्टर महेश्वरी स्कूल महू, डॉ. अम्बेडकर जन्म स्थली, केन्ट प्रायमरी स्कूल, स्वर्ग मंदिर परिसर, रेल्वे स्टेशन से सात रास्ता, केन्ट बोर्ड कन्या विद्यालय तथा उत्कृष्ट विद्यालय महू में बनाये गए हैं। उक्त 7 सेक्टरों में दल का गठन कर सभी विभागों के व्यक्तियों की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त 7 सेक्टरों पर मराठी भाषी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे कि आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। कार्यक्रम की व्यवस्था के लिये 3 स्थानों पर कन्ट्रोल रूम बनाए गए हैं। यह कंट्रोल रूम तहसील परिसर महू, अम्बेडकर जन्म स्थली स्मारक तथा स्वर्ग मंदिर परिसर में रहेंगे। महू में जयंती समारोह में 6 स्थान पर आकस्मिक चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों का दल गठन कर ड्यूटी लगाई गई है। कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई के लिये इन्दौर नगर निगम एवं स्थानीय निकाय का अमला तैनात किया गया है। समारोह में अग्निशमन की भी व्यवस्था रहेगी। कलेक्टर वर्मा ने महू पहुँचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा कलेक्टर शिवम वर्मा डॉ. अम्बेड़कर नगर (महू) पहुँचे। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के लिए विभिन्न प्रान्तों से आए श्रद्धालुओं से चर्चा की और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर वर्मा ने श्रद्धालुओं के लिए की गई सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी व्यवस्थाएं बनायी रखी जाए, जिससे कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।  

चुनाव के कारण हम अंधे नहीं हो सकते: सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, निर्वाचन आयोग को दिया जवाब देने का आदेश

 नई दिल्ली पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले चल रहे वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू' (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है. कोर्ट ने कहा कि मतदाताओं का चुनावी सूची में बने रहने का अधिकार लगातार बना रहता है. इसे किसी भी हाल में चुनावी दबाव के कारण प्रभावित नहीं किया जा सकता।  सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में वोटर का अधिकार केवल कानूनी नहीं, बल्कि भावनात्मक महत्व भी रखता है. कोर्ट की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और मतदाता सूची को लेकर लगातार विवाद सामने आया है।  यह मामला उन मतदाताओं की याचिका से जुड़ा है, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. उनकी अपीलें अभी अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं. याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देने की कट-ऑफ तारीख आगे बढ़ाई जाए, ताकि अपील मंजूर होने पर वे मतदान कर सकें।  चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनावों की गहमागहमी और दबाव के बीच भी अदालत मतदाताओं के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं कर सकती. बेंच ने कहा, ''जिस देश में आपका जन्म हुआ है, वहां वोटर बने रहने का अधिकार केवल संवैधानिक नहीं है।  कोर्ट ने कहा कि ये एक भावनात्मक अधिकार भी है. हमें इसकी रक्षा करनी होगी. भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि वोटर लिस्ट को 9 अप्रैल की तारीख के आधार पर अंतिम रूप दे दिया गया है. हालांकि, कोर्ट ने इस प्रक्रिया में कुछ कमियों की ओर इशारा किया. लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी जैसी नई श्रेणी पर सवाल उठाए।  बेंच ने यह भी याद दिलाया कि पहले के मामलों में आयोग ने 2002 की मतदाता सूची के लोगों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की जरूरत नहीं बताई थी. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग अपील प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं करा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।  जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने इस पर जोर देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मामलों की जांच के दौरान त्रुटियों की संभावना बनी रहती है, इसलिए एक मजबूत और प्रभावी अपीलीय तंत्र बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब एक दिन में सैकड़ों-हजारों दस्तावेजों की जांच होती है, तो पूर्ण सटीकता की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बेहद अहम है. इसका सीधा असर उन मतदाताओं पर पड़ सकता है, जिनकी चुनावी भागीदारी फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है. कोर्ट का अंतिम रुख चुनावी प्रक्रिया की दिशा तय कर सकता है। 

‘नारी शक्ति’ कार्यक्रम में सिमडेगा की संतोषी का जलवा

 सिमडेगा झारखंड के सिमडेगा जिले की बेटी संतोषी कुमारी आज नारी शक्ति की एक सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं. जलडेगा क्षेत्र से आने वाली संतोषी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सिमडेगा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है. संतोषी का चयन “नारी शक्ति विकसित भारत की आवाज” कार्यक्रम के तहत आयोजित वूमेन मॉक यूथ पार्लियामेंट और भारत बजट क्वेस्ट 2026-27 के लिए हुआ, जिसमें उन्होंने झारखंड का नेतृत्व किया. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअल संवाद किया. यह मंच युवाओं को नीति निर्माण, बजट और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करता है. शिक्षा के साथ सपनों की उड़ान संतोषी कुमारी सिमडेगा महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा हैं और अपने पिता सुरजीत साहू की प्रेरणा से लगातार आगे बढ़ रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखा. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां से वे पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रभावशाली वक्तव्य कार्यक्रम के दौरान संतोषी कुमारी ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर अपने विचार बेहद प्रभावशाली तरीके से रखे. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास की नई दिशा को दर्शाता है. उनके विचारों ने वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों और निर्णायकों को प्रभावित किया. प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल संवाद का अवसर इस आयोजन का एक खास आकर्षण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद रहा. संतोषी कुमारी को इस संवाद में भाग लेने का अवसर मिला, जहां उन्होंने अपने विचार साझा किए. यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई मिली. महिलाओं की भूमिका पर दिया मजबूत संदेश अपने संबोधन में संतोषी ने कहा कि आज की महिलाएं सशक्त बनने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि वे खुद बदलाव की अगुवाई कर रही हैं. उन्होंने इसे “शांत क्रांति” का नाम देते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. लोकतंत्र की असली पहचान तब होती है, जब वह सभी वर्गों को समान अवसर देता है. जिले के लिए गर्व और युवाओं के लिए प्रेरणा संतोषी कुमारी की इस उपलब्धि से सिमडेगा जिले में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने उनकी सफलता की सराहना की है. उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है. पहले भी दिखा चुकी हैं अपनी प्रतिभा यह पहली बार नहीं है जब संतोषी ने अपने जिले का नाम रोशन किया है. इससे पहले भी वे कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं. उनकी लगातार उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि वे भविष्य में और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं. भविष्य की उम्मीद और प्रेरणादायक कहानी संतोषी कुमारी की सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह संदेश है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वे भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं. उनकी कहानी आने वाली पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है.

गोविंदपुर सड़क दुर्घटना में कोहराम, तेज रफ्तार वाहन बना हादसे की वजह

नवादा नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक स्कूली बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। यह दुर्घटना कमलापुर रोड स्थित बेलाटांड़ के पास उस समय हुई, जब बच्चों को लेकर जा रहा एक स्कूल पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 20 फीट नीचे गिर गया और कई बार पलट गया। कैसे हुआ हादसा स्कूली वाहन बच्चों को लेकर मगध सेंट्रल स्कूल, गोविंदपुर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था और अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब चार बार पलट गया। आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृत बच्ची की पहचान इस हादसे में पांचवीं कक्षा की छात्रा आरोही कुमारी की मौत हो गई। वह अमित कुमार की पुत्री थी। हादसे में उसकी बहन आरुषि कुमारी भी गंभीर रूप से घायल हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह वाहन मगध सेंट्रल स्कूल का था और इसमें निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। जहां 12 से 15 बच्चों की अनुमति थी, वहीं 20 से 25 बच्चों को बैठाया गया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन तेज रफ्तार में चल रहा था। लोगों का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। घटना के बाद आक्रोश हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी और विधायक प्रतिनिधि अमित सरकार अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। जदयू के जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने घटना की जांच और स्कूल वाहनों की सख्त निगरानी की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे से आक्रोशित हैं।  

25 लाख का गांजा बरामद, जमशेदपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ छापेमारी कर 50 किलोग्राम गांजा के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार होने वालों में भीम यादव और राजकुमार पाल शामिल है. भीम यादव सोनारी का रहने वाला है जबकि राजकुमार बिहार के भोजपुर जिले का निवासी है. पुलिस ने दोनो को जेल भेज दिया बरामद 50 किलोग्राम गांजा की कीमत लगभग 25 लाख रुपए है. गिरफ्तार होने वाले दोनों आरोपी से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने दोनो को जेल भेज दिया. इस संबंध में ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी. ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक कार (JH 05DS 6333) बहरागोड़ा की ओर गांजा लेकर आ रही है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम का गठन किया गया. इस दौरान पुलिस ने बहरागोड़ा के कालियाडिंगा चौक के पास चेकिंग लगाकर वाहनों की जांच शुरू की. जिस दौरान उक्त कार को रोक कर जांच किया गया तो उसमें अलग-अलग पॉकेट में लपेटकर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया. गिरफ्तार आरोपी ने बताया गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वे लोग उड़ीसा के चिल्का झील के पास से बारकुल स्थान के रहने वाले दादा नाम के व्यक्ति से खरीद कर ला रहे हैं. वे लोग गांजा को बिहार लेकर जा रहे थे. हालांकि शहर में भी कुछ गांजा को उतारने कि तैयारी थी. ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि नशा के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है इस प्रकरण में इस बात की जानकारी भी हुई है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी उड़ीसा में कहां से गांजा लेकर आ रहे थे.

रोजगार मेले में सीएम योगी ने युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

 मुजफ्फरनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों को जाति के तंग दायरे में मत बांधिए, उनके लिए कोई जाति नहीं बल्कि देश ही सर्वोपरि होता है। जातियों में जब भी हम बंटे, तब ही कटे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश व प्रदेश में विकास और सुरक्षा के साथ विश्वास चेहरों से झलकता है। विश्वास की यह सुखद सुगंध आज हमारे देश में है क्या ऐसा पाकिस्तान में हो सकता है, पाकिस्तान को भूखे ही मरना है उसकी यही नियति है। यहां तक की अमेरिका और तमाम देशों में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं लेकिन भारत में सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग की तरफ से मेरठ रोड पर नुमाइश मैदान में वृहद रोजगार मेला लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल के निकट लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद वह नुमाइश मैदान में आयोजित जनसभा में पहुंचे। यहां उन्होंने नए केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर सरकार की तरफ से प्रदान किए जाने के बारे में जानकारी दी बल्कि किसानों, व्यापारी, महिलाओं और श्रमिकों के हित में किए जा रहे निर्णय पर भी विचार रखा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन समेत तमाम सुविधाएं नए सिर्फ सरकारी बल्कि गैर सरकारी संस्थानों में भी मिलना चाहिए इस दिशा में सरकार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कई बार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम का स्मरण करते हुए किसानों को गन्ना भुगतान एवं यहां के गुड़ उत्पादन को लेकर भी खूब सराहना की। साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश उपद्रव माफिया, गुंडा, दंगा, कर्फ्यू से मुक्त हो चुका है अब हमारी पहचान उत्सव प्रदेश के रूप में होती है। अब यहां कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगता बल्कि पुष्प वर्षा होती है। युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने अपने सधे अंदाज में संबोधन किया और युवाओं के कौशल विकास से संबंधित योजनाओं पर फोकस रखा। युवा कौशल विकास के क्षेत्र में आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अनिवार्यता भी जताई। इस दौरान चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ का एक कंपनी के साथ एमओयू भी कराया गया। साथ ही जयंत चौधरी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराए जाने को लेकर भी अपना समर्थन मंच से दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी ने साक्षात्कार के बाद चयनित हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।  

Assembly Session से पहले श्रद्धा का संदेश: कुलतार सिंह संधवां पहुंचे ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहब

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आगाज से पहले स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। सोमवार को वह मोहाली के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल गुरुद्वारा अंब साहब पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेक कर सर्वशक्तिमान से आशीर्वाद प्राप्त किया। स्पीकर ने इस दौरान ‘सरबत के भले’ की मंगलकामना की। विधानसभा की कार्यवाही शुरू करने से पहले गुरुद्वारे जाकर अरदास करना इस बात का संकेत है कि सरकार आगामी विधायी कार्यों, विशेषकर बेअदबी विरोधी बिल को लेकर कितनी गंभीर है। ऐतिहासिक दिन और नई चुनौतियों का जिक्र इस अवसर पर संधवां ने देश-दुनिया की संगत को खालसा सृजना दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन सिख कौम के गौरव और सेवा भावना का प्रतीक है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर पूर्व में हुई बेअदबी की घटनाओं ने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय के सत्ताधारियों ने दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे जनमानस में भारी आक्रोश बना रहा। विपक्ष और एसजीपीसी पर तीखा प्रहार जब एसजीपीसी (SGPC) अध्यक्ष द्वारा विशेष बिल पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में पूछा गया, तो स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब बेअदबी की घटनाएं हो रही थीं, तब उनकी पार्टी की सरकार थी, तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? संधवां ने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल विरोध करने की राजनीति कर रहे हैं और विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता दोषियों को सजा दिलाना और धार्मिक मर्यादा की रक्षा करना है। सदन में सर्वसम्मति की जताई उम्मीद सदन में प्रस्तावित बिल के भविष्य पर बात करते हुए स्पीकर ने विश्वास व्यक्त किया कि शायद ही कोई ऐसा सदस्य होगा जो बेअदबी रोकने वाले इस कानून का विरोध करेगा। उन्होंने आशा जताई कि विधानसभा के सभी सदस्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गुरु मर्यादा के अनुरूप इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपनी सहमति देंगे। यह सत्र केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि पंजाब की धार्मिक भावनाओं और न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर.  नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की। मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया। मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई। एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया। इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया। नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद महेश कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Recruitment Cancelled: छत्तीसगढ़ HC ने राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति रद्द की

बिलासपुर. 13 वर्षों से पदस्थ राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति हाईकोर्ट ने निरस्त कर दी है। दरअसल नगर पालिका परिषद भाटापारा, जिला बलौदा बाजार-भाटापारा ने 16 नवंबर 2012 को राजस्व उप निरीक्षक (अनारक्षित) पद के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें स्नातक एवं पीजीडीसीए अनिवार्य योग्यता निर्धारित थी। भाटापारा निवासी देवेंद्र कुमार साहू ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत किया, किंतु जब पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी हुई तो उनका नाम किसी भी सूची में शामिल नहीं किया गया। 23 मार्च 2013 को नियुक्ति आदेश जारी कर उत्तरवादी सतीश सिंह चौहान की नियुक्ति कर दी गई। इससे व्यथित होकर देवेंद्र कुमार साहू ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ईशान सलूजा ने पक्ष रखते हुए बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता का आवेदन विधिवत प्राप्त हुआ था, फिर भी उसे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। साथ ही यह भी तर्क रखा गया कि उत्तरवादी सतीश सिंह चौहान के पिता उस समय नगर पालिका परिषद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के पद पर पदस्थ थे, जिससे चयन प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि उत्तरवादी का अनुभव प्रमाण पत्र भी उनके पिता द्वारा ही जारी किया गया, जो प्रथम दृष्टया संदेहास्पद प्रतीत होता है। न्यायालय ने समस्त तथ्यों का परीक्षण करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता का आवेदन उपलब्ध होने के बावजूद उसे पात्र/अपात्र सूची में शामिल नहीं करना गंभीर त्रुटि है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को इस प्रकार समाप्त करना पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है। न्यायालय ने यह भी माना कि उत्तरवादी के पक्ष में उसके पिता द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है और इससे मनमानी एवं पक्षपात की संभावना प्रबल होती है। इन परिस्थितियों में उच्च न्यायालय ने 23 मार्च 2013 के नियुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए निर्देशित किया कि पुनः निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया संचालित की जाए तथा याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार साहू की उम्मीदवारी पर विधिवत विचार कर नया नियुक्ति आदेश पारित किया जाए।

महिला आरक्षण से महिलाओं को मिलेगा पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी  –  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है। उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी। मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।