samacharsecretary.com

ठाणे में सीमेंट मिक्सर ट्रक से वैन टकराई, 11 की मौत, 3 महिलाएं भी शामिल, 2 की हालत गंभीर

 ठाणे  मुंबई के कल्याण में हुए सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. अस्पताल में भर्ती दो लोगों ने दम तोड़ दिया. इस संबंध में अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी. वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।  डंपर और कार की टक्कर में 11 लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को मुंबई के कल्याण इलाके में एक डंपर की टक्कर एक कार से हो गई. यह हादसा कल्याण-मुरबाड सड़क पर रायता पुल के पास सोमवार सुबह 11 बजे हुआ. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कार कल्याण से आ रही थी, तभी उसकी सीधी टक्कर एक मिक्सर ट्रक से हो गई।  इस हादसे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है. उन्‍होंने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पोस्‍ट में कहा, “कल्याण के पास नेशनल हाईवे 61 पर दो वाहनों की टक्कर से हुए भीषण हादसे में 11 लोगों की जान जाना बेहद दुखद है. मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हम इन परिवारों के दुख में उनके साथ हैं. हम स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।  वहीं, पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायलों को इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की खबर मिलते ही, टिटवाला पुलिस स्टेशन की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव व राहत कार्य शुरू कर दिया।  शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि हादसे के समय कार में 12 यात्री सवार थे. कुल यात्रियों में से आठ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पीड़ितों की मदद करने की कोशिश की. बाद में, दो और लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस के मुताबिक, जब कल्याण के पास रायता पुल के पास टक्कर हुई, तब वाहन मुरबाड की ओर जा रहा था।  इससे पहले, समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए, ठाणे के पुलिस अधीक्षक डीएस स्वामी ने नौ लोगों की मौत की पुष्टि की थी. टिटवाला के डिप्टी एसपी अनिल लाड ने मीडिया से कहा, “मृतकों की पहचान की प्रक्रिया अभी चल रही है, जबकि घायलों का इलाज पास के एक अस्पताल में किया जा रहा है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. इस घटना में संबंधित सरकारी विभागों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।  पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि तेज रफ्तार वाहन पर से नियंत्रण खो देना ही इस दुर्घटना का कारण हो सकता है. अधिकारियों ने बताया कि इस टक्कर के कारण टिटवाला-कल्याण मार्ग पर रायता पुल के पास हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे इलाके में वाहनों की आवाजाही में काफी बाधा आई।   

एग्रीस्टेक परियोजना से किसानों को तकनीकी ताकत, छत्तीसगढ़ को मिले 104 करोड़ रुपए

खेती में डिजिटल क्रांति की नई उड़ान:डिजिटल क्रॉप सर्वे से बढ़ी पारदर्शिता, 58 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार एग्रीस्टेक परियोजना से किसानों को तकनीकी ताकत, छत्तीसगढ़ को मिले 104 करोड़ रुपए रायपुर       छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) योजना ने राज्य में खेती-किसानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने का कार्य किया है। मोबाइल ऐप आधारित इस सर्वे के जरिए खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि प्रबंधन अधिक प्रभावी बन रहा है। 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन पूर्ण      खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से प्रारंभ किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों के कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है। 79 प्रतिशत किसानों की बनी फार्मर आईडी      एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत 104 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। तकनीक से मजबूत होगा कृषि तंत्र       मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा। ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर      राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में रोजगार मिला। इन युवाओं को इस कार्य के एवज में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। साल में दो बार मिलेगा रोजगार        अब वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—डिजिटल फसल सर्वे होने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।

बंगाल चुनाव: 34 लाख लोग नहीं कर सकेंगे वोटिंग, SC ने अंतरिम राहत देने से किया मना

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ 13 लोगों द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका को ‘‘समय पूर्व'' करार देते हुए पीड़ित पक्षों को स्थापित अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क करने का निर्देश दिया।  सुप्रीम कोर्ट ने उन लोगों को अंतरिम वोटिंग अधिकार देने से मना कर दिया है, जिनके नाम वोटर लिस्ट की सफाई प्रक्रिया (SIR) के दौरान हटा दिए गए थे और जिनकी अपीलें अभी भी अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं।  सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने पीठ को बताया कि कम से कम 16 लाख अपीलें दायर की गई हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इन लोगों को आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी जाए। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यह बिल्कुल असंभव है। अगर हम ऐसा करते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के मतदान अधिकार निलंबित करने पड़ेंगे। न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कुल 34 लाख अपीलें लंबित हैं। यह आदेश 13 लोगों के एक समूह द्वारा दायर याचिका पर आया, जिसमें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ हस्तक्षेप की मांग की गई थी। पीठ ने याचिका को 'समय से पहले' बताते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ताओं को अपीलीय न्यायाधिकरणों में ही राहत मांगने की सलाह दी। पीठ ने अपने आदेश में कहा चूंकि याचिकाकर्ता (कुरैशा यास्मीन और अन्य) पहले ही अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क कर चुके हैं, इसलिए याचिका में व्यक्त आशंकाएं समय से पहले हैं। अगर याचिका स्वीकार कर ली जाती है, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, अदालत ने याचिका के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी। न्यायमूर्ति बागची ने चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता पर जोर देते हुए कहा कि जिस देश में आपका जन्म हुआ है, वहां वोट देने का अधिकार न केवल संवैधानिक है, बल्कि भावनात्मक भी है। यह लोकतंत्र का हिस्सा होने और सरकार चुनने से जुड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व न्यायाधीशों द्वारा गठित न्यायाधिकरणों पर निर्णय की समयसीमा का बोझ नहीं डाला जा सकता। यह लक्ष्य हासिल करने के लिए गलत तरीके अपनाने की बात नहीं है। साधन ही लक्ष्य को सही ठहराते हैं। हमें उचित प्रक्रिया के अधिकारों की रक्षा करनी होगी। मतदाता को दो संवैधानिक प्राधिकरणों के बीच नहीं फंसाया जाना चाहिए। कल्याण बनर्जी ने कहा कि बंगाल के लोग न्याय के लिए इस अदालत की ओर देख रहे हैं. लोग अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं. 34 लाख लोग असली वोटर हैं, इसीलिए वे न्याय के लिए आपकी ओर देख रहे हैं।  टीएमसी ने तर्क दिया कि उन सभी व्यक्तियों को मतदान करने की अनुमति दी जानी चाहिए जिनके नाम 22 अप्रैल तक अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा स्वीकार किए जाते हैं।  इस केस की सुनवाई करते हुए सीजेआई ने कहा कि हमें कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पत्र मिला है. उन्होंने अपडेट किया है कि 60 लाख से 6 हजार 675 आपत्तियां और दावे निपटाए गए. उनके पास लगभग 1823 आपत्तियों पर निर्णय लिया जाना बाकी है, उनमें तकनीकी कारण हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने अपडेट किया है कि उन्होंने न्यायाधिकरणों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तैयार करने के लिए उच्च न्यायालय के तीन सेवानिवृत्त जजों की एक समिति बनाई है।  अधिकारियों को मिलती रहेगी सुरक्षा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम भारत सरकार और निर्वाचन आयोग के साथ-साथ राज्य सरकार को भी यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा किसी भी सूरत में वापस नहीं ली जाए।  याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुनाव आयोग उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना मनमाने ढंग से नाम हटा रहा है और अपीलों की सुनवाई समय पर नहीं हो रही है। चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने बताया कि लगभग 30 से 34 लाख अपीलें अभी लंबित हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि अगर बहस करने की अनुमति ही नहीं दी जाती तो अपीलों का क्या फायदा? क्या इनका फैसला तय समयसीमा में होगा या इन्हें लगातार टाला जाएगा? गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पहले ही पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया है। अदालत के कोई विशेष निर्देश न होने तक कोई नया नाम शामिल नहीं किया जा सकता। बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में हटाए गए लगभग 27 लाख मामलों का फैसला करने के लिए 19 अपीलीय न्यायाधिकरण गठित किए गए हैं।

सीएम योगी ने अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का भी किया अनावरण, रोजगार मेले में बांटे नियुक्ति पत्र

मुजफ्फरनगर को विकास की सौगात, मुख्यमंत्री ने किया ₹951 करोड़ की 423 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास सीएम योगी ने अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का भी किया अनावरण, रोजगार मेले में बांटे नियुक्ति पत्र सड़क, पेयजल, रेल और शहरी विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को मिली रफ्तार कौशल विकास, एआई और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल मुजफ्फरनगर को मिलेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मुजफ्फरनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महर्षि शुकदेव की पावन धरा मुजफ्फरनगर को ₹951 करोड़ से अधिक की लागत वाली 423 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने बटन दबाकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण किया और रोजगार मेले का अवलोकन करते हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और रोजगार के अवसरों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकार्पित प्रमुख परियोजनाओं में बेहड़ा सादात से मेरठ-पौड़ी मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, मंसूरपुर से शाहपुर मार्ग का सुदृढ़ीकरण, शुक्रतीर्थ में लाइट एंड साउंड शो तथा नगर पंचायत चरथावल की पेयजल पुनर्गठन योजना शामिल हैं। वहीं शिलान्यास की गई योजनाओं में खतौली रेलवे स्टेशन पर दो लेन का रेल उपरिगामी सेतु, छपार-रोहना-चरथावल मार्ग और खतौली-मीरापुर मार्ग का चौड़ीकरण, नाला निर्माण कार्य तथा राजकीय इंटर कॉलेज में 800 क्षमता वाले ऑडिटोरियम का निर्माण शामिल है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की पुस्तक ‘कौशल दर्शन’ का विमोचन किया और देश में एआई विश्वविद्यालयों की रूपरेखा से जुड़ी ‘एआई सेंटीमेंट एंड रेडीनेंस’ रिपोर्ट लॉन्च की। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग और एनएसडीसी के बीच एमओयू भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देंगी, बल्कि रोजगार, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में भी अहम भूमिका निभाएंगी।

महंगाई का दबाव: रिटेल महंगाई बढ़ी, खाने-पीने की चीजों की कीमतें हुईं ऊंची

नई दिल्ली  देश में महंगाई के मोर्चे पर मार्च महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 3.40% हो गई, जो फरवरी में 3.21% थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण महंगाई दर 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम 3.11% दर्ज की गई। खाद्य महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला। Consumer Food Price Index (CFPI) के अनुसार, मार्च में खाद्य महंगाई दर 3.87% रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 3.96% और शहरी इलाकों में 3.71% दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि गांवों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का दबाव ज्यादा बना हुआ है। वहीं, आवास क्षेत्र में महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। मार्च 2026 में हाउसिंग इंफ्लेशन 2.11% आंकी गई। इसमें ग्रामीण आवास महंगाई 2.54% और शहरी आवास महंगाई 1.95% रही। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा तय करेगा। फिलहाल महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय लक्ष्य दायरे के भीतर बनी हुई है, जिससे नीतिगत स्तर पर राहत की स्थिति बनी हुई है।

योगी सरकार की पहल: आंबेडकर जयंती बनेगी सामाजिक न्याय और जनसशक्तीकरण का महापर्व

योगी सरकार की पहल, आंबेडकर जयंती बनेगी सामाजिक न्याय और जनसशक्तीकरण का महापर्व लखनऊ में सीएम योगी करेंगे बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित, महासभा परिसर में भव्य आयोजन लखनऊ  उत्तर प्रदेश में इस वर्ष आंबेडकर जयंती को अभूतपूर्व स्तर पर मनाने की तैयारी की गई है। योगी सरकार ने इसे केवल एक स्मृति दिवस न रखकर सामाजिक न्याय, जागरूकता और जनसंपर्क के व्यापक अभियान के रूप में परिवर्तित कर दिया है। प्रदेश के सभी जनपदों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जनप्रतिनिधि सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनके अधिकारों, संविधान और समानता के मूल्यों की जानकारी देंगे।  हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में होने वाला मुख्य कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बाबा साहब के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि और बुद्ध वंदना के साथ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।  लोकतंत्र की जड़ों को मिलेगी मजबूती  योगी सरकार की मंशा है कि बाबा साहब के विचार- समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। इसी दिशा में यूपी के प्रत्येक जिले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाकर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेंगे। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूती मिलेगी। बाबा साहब की प्रतिमाओं पर लगाए जाएंगे छत्र योगी सरकार ने आंबेडकर जयंती से पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमाओं पर छत्र लगाए जाएंगे, साथ ही बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। इस निर्णय को ऐतिहासिक कदम बताते हुए डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि इससे दलित समाज और आंबेडकर अनुयायियों में खासा उत्साह है। 14 अप्रैल को प्रदेश नजर आयेगा आंबेडकरमय उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में भी विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विचार गोष्ठियां, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और वाद-विवाद शामिल हैं, जिनके माध्यम से नई पीढ़ी को बाबा साहब के योगदान और उनके संघर्षों से परिचित कराया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि वह सामाजिक समरसता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दे रही है। 14 अप्रैल को पूरा प्रदेश ‘आंबेडकरमय’ नजर आएगा। बाबा साहब के योगदान पर होगी विशेष चर्चा  वहीं समाज कल्याण विभाग के सभी कार्यालयों, विद्यालयों, छात्रावासों और संस्थाओं में भी आयोजन होंगे। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण, विचार गोष्ठियां, निबंध, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उनके जीवन, शिक्षाओं और संविधान निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। मूर्ति विकास योजना को मिल चुकी है मंजूरी सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी दे चुकी है, जिसके तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक न्याय के महानायकों के 10-10 स्मारकों और प्रतिमाओं का विकास एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इस पर कुल 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, कबीर, महात्मा ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मारकों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत विकास होगा।

सर्वे सेतु ऐप से PVTG बसाहटों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित होगा:- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

रायपुर.  भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र विकास हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के सभी 18 PVTG बहुल जिलों में निवासरत परिवारों का व्यापक सर्वेक्षण कर उनकी जानकारी "सर्वे सेतु ऐप" में अपलोड की जा रही है। पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति जानने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि इस डिजिटल सर्वे के माध्यम से PVTG परिवारों की भौतिक एवं सामाजिक स्थिति का सटीक आंकलन किया जा रहा है, जिससे शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह पहल PVTG समुदाय के शत-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह सर्वे कार्य विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जबकि प्रमुख सचिव बोरा स्वयं इसकी सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूर्व में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर सर्वे कार्य में तेजी लाने को कहा गया था। राज्य के जिन 18 जिलों में यह सर्वे कार्य चल रहा है, उनमें मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर, बिलासपुर, धमतरी, नारायणपुर, जशपुर, सरगुजा, बलौदाबाजार, कोंडागांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, मुंगेली, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरबा, खैरागढ़- छुईखदान-गण्डई, कबीरधाम, रायगढ़ और महासमुंद शामिल हैं। शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार इस सर्वे को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति कार्य कर रही है, जबकि विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्राम स्तर पर सर्वे दल इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं। सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार की विस्तृत जानकारी एकत्र कर उन्हें 'PVTG एंटाइटलमेंट कार्ड' से जोड़ा जाएगा, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, इससे शासन को भविष्य की नीतियों के निर्माण में भी सटीक डेटा उपलब्ध होगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सर्वेक्षण कार्य अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना है। इसके लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लगातार समीक्षा और निगरानी की जा रही है। मैदानी अमले द्वारा भी सक्रिय रूप से गांव-गांव पहुंचकर सर्वे कार्य को समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रमुख सचिव बोरा ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल PVTG समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाएगी, बल्कि राज्य में समावेशी विकास को भी नई दिशा दे  रही  है l  

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़े नियम लागू

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आचरण को और अधिक अनुशासित एवं जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 में संशोधन करते हुए नई बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 लागू कर दी है। यह नियमावली राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी और इसका विस्तार पूरे राज्य में होगा। संशोधित नियमावली के तहत सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग को लेकर कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। अब कोई भी सरकारी सेवक, चाहे अपने नाम से हो या छद्म नाम से, बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकेगा। कर्मचारियों को शालीन भाषा का प्रयोग करना होगा बिहार सरकार की ओर से प्रकाशित गजट में स्पष्ट कहा गया कि सरकारी ई-मेल या मोबाइल नंबर का उपयोग निजी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या संचालित करने के लिए प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी कर्मचारी या अधिकारी ऐसा कोई भी कंटेंट पोस्ट नहीं करेंगे, जिससे सरकार की छवि को ठेस पहुंचे। कर्मचारियों को शालीन भाषा का प्रयोग करना होगा। भड़काऊ या अश्लील सामग्री से बचें और इसे पोस्ट न करें। बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया कि है कि सरकारी सेवक सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्तियों, मीडिया संस्थानों या कानूनी मामलों का समर्थन या आलोचना नहीं करेंगे। इसके अलावा, सरकारी नीतियों, योजनाओं या न्यायालयों के फैसलों पर व्यक्तिगत राय व्यक्त करना भी वर्जित होगा। नियमावली के तहत गोपनीय या संवेदनशील जानकारी साझा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, कार्यस्थल से जुड़े वीडियो, रील्स या लाइव प्रसारण करने और किसी शिकायतकर्ता के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है। अन्य माध्यमों से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे नियम में यह भी कहा गया कि सरकारी कर्मचारी अब किसी भी प्रकार की कोचिंग, वेबिनार, लाइव प्रसारण या अन्य माध्यमों से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे। व्यक्तिगत लाभ के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने, उत्पाद या सेवाओं के प्रचार-प्रसार में भाग लेने और अपने या परिचितों के हित साधने पर भी पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न पीड़ितों या किशोर अपराधियों की पहचान उजागर करने, जाति या धर्म के आधार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुचित टिप्पणी करने पर भी सख्त रोक रहेगी।

जब प्रदेश विकास व शांति की ओर बढ़ रहा है, कुछ लोग षड्यंत्र कर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें श्रमिक: सीएम योगी जब प्रदेश विकास व शांति की ओर बढ़ रहा है, कुछ लोग षड्यंत्र कर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं: मुख्यमंत्री हमारी सरकार श्रमिकों के साथ, उद्यमियों को सुरक्षा देंगे और हर श्रमिक को संरक्षण भी: सीएम योगी विकास व विरासत की यात्रा को डबल इंजन सरकार दे रही गति, किसानों, युवाओं व महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष जोर आधुनिक तकनीक व रोजगार सृजन से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर, सुरक्षा, सुशासन व पारदर्शिता से मजबूत हुआ नया उत्तर प्रदेश मुजफ्फरनगर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगति के पद पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इसके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के श्रमिकों से अपील की कि वे औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें और उनके प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल न होने दें। डबल इंजन सरकार विकास व विरासत की यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा रही है, जिसमें श्रमिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार एक ओर जहां आधुनिक तकनीक, रोजगार और निवेश को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी, ताकि प्रदेश में शांति, स्थिरता और समृद्धि का वातावरण बना रहे। श्रमिकों और कार्मिकों के साथ हो सीधा संवाद मुजफ्फरनगर में सोमवार को ₹951 करोड़ की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षा, सुशासन और सेवा का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत कर रही है। लेकिन जब प्रदेश विकास और शांति की ओर अग्रसर है,  कुछ लोग षड्यंत्र के तहत अशांति फैलाने की चेष्टा कर रहे हैं। सीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों व श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे याद करें, कोरोना काल में सरकार किस तरह उनके साथ खड़ी रही। उस कठिन समय में सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवहन, क्वारंटीन और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की, उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया। औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले लोगों से सावधान रहें। न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी उद्योगों से भी इस संबंध में अपील करता हूं कि वे श्रमिकों और कार्मिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है। सरकार उद्यमियों को सुरक्षा देगी और हर श्रमिक को संरक्षण भी प्रदान करेगी, साथ ही उनका उचित मानदेय सुनिश्चित करेगी। हमने गत वर्ष ही एक कॉरपोरेशन का गठन कर दिया है और इसी महीने उसकी सिफारिशें लागू होने वाली हैं। इसके तहत चाहे सफाई कर्मचारी हो या आउटसोर्सिंग पर कार्य करने वाला कोई भी युवा, उसे न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी। सरकार द्वारा निर्धारित राशि सीधे उसके खाते में जाएगी, कोई भी बिचौलिया उसके हक पर डकैती नहीं डाल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगी,  बल्कि अगले चरण में इसे औद्योगिक संस्थानों में भी लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। हमने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की है। आगे बीमा कंपनियों के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रत्येक श्रमिक को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।  लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने दिखाया न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे शुकदेव की इस पावन धरा पर, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी व चौधरी अजीत सिंह जी की कर्मभूमि पर आज यहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त हुआ है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई गई थी। उसी समय केंद्र और राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया था कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 14 श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माणाधीन हैं, जो लोकमाता की स्मृतियों की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन्नाथ पुरी से लेकर सोमनाथ तक, काशी विश्वनाथ से लेकर रामेश्वरम तक भारत की गुलामी के उस कालखंड में, जब मुगल आक्रांताओं के कारण व्यवस्था जकड़ी हुई थी, तब भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारत की विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रही थीं। न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल कैसा होता है, यह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने भारत को दिखाया। वह मालवा की शासक थीं, लेकिन पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए समर्पित रहीं। आज का काशी विश्वनाथ मंदिर उसी का उदाहरण है, जिसका पुनर्निर्माण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था, जब औरंगजेब ने उसे ध्वस्त कर दिया था। लोकमाता अहिल्याबाई को हर सच्चा भारतीय नमन करता है। राष्ट्रनायक की कोई जाति नहीं होती मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता का जो योगदान है, चौधरी साहब का जो योगदान है, वह जाति के लिए नहीं है, व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि देश के लिए है। उनके योगदान के कारण ही हम सब आज यहां हैं। महापुरुषों को सम्मान मिलना चाहिए। महापुरुषों को जाति के संकीर्ण दायरे में मत बांधिए। यह देश तब गुलाम हुआ था, जब हमने महापुरुषों को जातीय सीमाओं में बांधने का पाप किया था। आप मुझे बताइए कि धन सिंह कोतवाल ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जो शंखनाद किया, क्या वह किसी जाति के लिए था? जो लोग मुजफ्फरनगर में शहीद हुए, क्या उन्होंने अपने परिवार के लिए बलिदान दिया था? महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज, क्या इन्होंने किसी जाति के लिए संघर्ष किया था? नहीं, उन्होंने देश और धर्म के लिए संघर्ष किया, और स्वदेश तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सीएम ने कहा कि चौधरी साहब ने भी सबके कल्याण की बात की। उन्होंने किसान, गांव, श्रमिक, युवाओं, खेत और खलिहान की बात की। उन्होंने कभी जाति की बात नहीं … Read more

गांव, गरीब, नारी शक्ति, किसान और वंचित वर्ग का उत्थान भाजपा की प्राथमिकता: हेमंत खण्डेलवाल

भोपाल/बैतूल.  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने गांव-बस्ती चलो अभियान के तहत बैतूल जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर पार्टी कार्यकर्ताओं व आमजन से संवाद कर बैतूल विधानसभा क्षेत्र के मंडल प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक भाजपा की विचारधारा और संकल्प को पहुंचाएं। गांव, गरीब, नारी शक्ति, किसान और वंचित वर्ग का उत्थान ही भारतीय जनता पार्टी की प्राथकिता है। भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव संपर्क कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सेवा के कार्यों में जुटे रहें। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल, भैंसदेही एवं घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के देवगांव, खाटापानी, चिरापाटला, रामपुरमाल,  मंडई ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से भेंट कर वरिष्ठजनों को सम्मानित किया। सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने भीमपुर में महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रशिक्षण वर्ग करते हैं कार्यकर्ताओं को गढ़ने का कार्य भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा की संगठनात्मक शक्ति प्रशिक्षित व समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित है। प्रशिक्षण वर्ग कार्यकर्ताओं को गढ़ने का कार्य करता है तथा सभी को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यकर्ताओं की विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा, अनुशासन और सेवा भाव ही संगठन को मजबूत बनाते हैं। पार्टी कार्यकर्ता सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच की कड़ी बनकर कार्य करें और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यय्रपेदश की भाजपा सरकार के जनहितैषी और उल्लेखनीय कार्यों को जन-जन तक पहुंचाकर पार्टी की विचारधारा उनको बताएं।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत के तहत अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का जीवन संवारने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के मकान देने का कार्य कर रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को घरेलू गैस के कनेक्शन दिए गए हैं। आयुष्मान योजना के तहत गरीबों और 70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को पांच लाख रूपए तक के मुफ्त इलाज की गारंटी प्रदान करने के साथ गांव-गांव तक पक्की सड़कों के लिए पीएम ग्रामीण सड़क योजना चला रहे हैं। इन योजनाओं के अलावा कई अन्य योजनाओं के जरिए प्रधानमंत्री गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण का कार्य कर रहे हैं।  कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाते रहे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ सेवा कार्यों को आगे बढ़ाते रहें। राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं। भाजपा कार्यकर्ता अपनी विचारधारा और कार्यपद्धति के कारण ही सफल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तीन करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी है। भाजपा की सरकारें गरीबों और हर वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाती हैं, ताकि समाज का कोई भी वर्ग और कोई भी परिवार पीछे न रहे। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क करें और उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ने का कर्तव्य निभाए। यही रास्ता हमें राष्ट्र की सेवा में और अधिक समर्पण से काम करने की प्रेरणा देता है। प्रशिक्षण वर्ग हर कार्यकर्ता के कौशल को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के सिद्धांतों को समझते हुए अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।  बैलगाड़ी से पहुंचे चिरापाटला गांव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल बैलगाड़ी से ग्राम चिरापाटला में ग्रामीणों के पास पहुंचे और संवाद किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का स्थानीय लोगों द्वारा पारंपरिक तरीके से ढोल-नगाड़ों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों से संवाद करते हुए प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और उनका हल निकालने का कार्य भाजपा हमेशा से करती आ रही है। भाजपा की सोच हमेशा से गरीब, किसान और वंचित वर्ग के कल्याण पर केंद्रित रही है। सादगी और सहजता ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत होती है। गांव-गरीब, किसान और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान ही हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के साथ भाजपा का कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंच रहा है। गांव-बस्ती चलो अभियान के दौरान विधायक महेंद्र सिंह चौहान, गंगा बाई उइके, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल सिंह कुशवाह सहित पार्टी जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता व आमजन उपस्थित रहे। प्रशिक्षण वर्ग के दौरान पूर्व सांसद ज्योति धुर्वे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, जितेंद्र कपूर सहित जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।