औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें श्रमिक: सीएम योगी जब प्रदेश विकास व शांति की ओर बढ़ रहा है, कुछ लोग षड्यंत्र कर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं: मुख्यमंत्री हमारी सरकार श्रमिकों के साथ, उद्यमियों को सुरक्षा देंगे और हर श्रमिक को संरक्षण भी: सीएम योगी विकास व विरासत की यात्रा को डबल इंजन सरकार दे रही गति, किसानों, युवाओं व महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष जोर आधुनिक तकनीक व रोजगार सृजन से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर, सुरक्षा, सुशासन व पारदर्शिता से मजबूत हुआ नया उत्तर प्रदेश मुजफ्फरनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगति के पद पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इसके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के श्रमिकों से अपील की कि वे औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें और उनके प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल न होने दें। डबल इंजन सरकार विकास व विरासत की यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा रही है, जिसमें श्रमिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार एक ओर जहां आधुनिक तकनीक, रोजगार और निवेश को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी, ताकि प्रदेश में शांति, स्थिरता और समृद्धि का वातावरण बना रहे। श्रमिकों और कार्मिकों के साथ हो सीधा संवाद मुजफ्फरनगर में सोमवार को ₹951 करोड़ की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षा, सुशासन और सेवा का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत कर रही है। लेकिन जब प्रदेश विकास और शांति की ओर अग्रसर है, कुछ लोग षड्यंत्र के तहत अशांति फैलाने की चेष्टा कर रहे हैं। सीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों व श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे याद करें, कोरोना काल में सरकार किस तरह उनके साथ खड़ी रही। उस कठिन समय में सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवहन, क्वारंटीन और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की, उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया। औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले लोगों से सावधान रहें। न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी उद्योगों से भी इस संबंध में अपील करता हूं कि वे श्रमिकों और कार्मिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है। सरकार उद्यमियों को सुरक्षा देगी और हर श्रमिक को संरक्षण भी प्रदान करेगी, साथ ही उनका उचित मानदेय सुनिश्चित करेगी। हमने गत वर्ष ही एक कॉरपोरेशन का गठन कर दिया है और इसी महीने उसकी सिफारिशें लागू होने वाली हैं। इसके तहत चाहे सफाई कर्मचारी हो या आउटसोर्सिंग पर कार्य करने वाला कोई भी युवा, उसे न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी। सरकार द्वारा निर्धारित राशि सीधे उसके खाते में जाएगी, कोई भी बिचौलिया उसके हक पर डकैती नहीं डाल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगले चरण में इसे औद्योगिक संस्थानों में भी लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। हमने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की है। आगे बीमा कंपनियों के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रत्येक श्रमिक को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने दिखाया न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे शुकदेव की इस पावन धरा पर, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी व चौधरी अजीत सिंह जी की कर्मभूमि पर आज यहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त हुआ है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई गई थी। उसी समय केंद्र और राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया था कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 14 श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माणाधीन हैं, जो लोकमाता की स्मृतियों की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन्नाथ पुरी से लेकर सोमनाथ तक, काशी विश्वनाथ से लेकर रामेश्वरम तक भारत की गुलामी के उस कालखंड में, जब मुगल आक्रांताओं के कारण व्यवस्था जकड़ी हुई थी, तब भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारत की विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रही थीं। न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल कैसा होता है, यह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने भारत को दिखाया। वह मालवा की शासक थीं, लेकिन पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए समर्पित रहीं। आज का काशी विश्वनाथ मंदिर उसी का उदाहरण है, जिसका पुनर्निर्माण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था, जब औरंगजेब ने उसे ध्वस्त कर दिया था। लोकमाता अहिल्याबाई को हर सच्चा भारतीय नमन करता है। राष्ट्रनायक की कोई जाति नहीं होती मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता का जो योगदान है, चौधरी साहब का जो योगदान है, वह जाति के लिए नहीं है, व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि देश के लिए है। उनके योगदान के कारण ही हम सब आज यहां हैं। महापुरुषों को सम्मान मिलना चाहिए। महापुरुषों को जाति के संकीर्ण दायरे में मत बांधिए। यह देश तब गुलाम हुआ था, जब हमने महापुरुषों को जातीय सीमाओं में बांधने का पाप किया था। आप मुझे बताइए कि धन सिंह कोतवाल ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जो शंखनाद किया, क्या वह किसी जाति के लिए था? जो लोग मुजफ्फरनगर में शहीद हुए, क्या उन्होंने अपने परिवार के लिए बलिदान दिया था? महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज, क्या इन्होंने किसी जाति के लिए संघर्ष किया था? नहीं, उन्होंने देश और धर्म के लिए संघर्ष किया, और स्वदेश तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सीएम ने कहा कि चौधरी साहब ने भी सबके कल्याण की बात की। उन्होंने किसान, गांव, श्रमिक, युवाओं, खेत और खलिहान की बात की। उन्होंने कभी जाति की बात नहीं … Read more