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बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़े नियम लागू

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आचरण को और अधिक अनुशासित एवं जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 में संशोधन करते हुए नई बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 लागू कर दी है। यह नियमावली राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी और इसका विस्तार पूरे राज्य में होगा। संशोधित नियमावली के तहत सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग को लेकर कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। अब कोई भी सरकारी सेवक, चाहे अपने नाम से हो या छद्म नाम से, बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकेगा। कर्मचारियों को शालीन भाषा का प्रयोग करना होगा बिहार सरकार की ओर से प्रकाशित गजट में स्पष्ट कहा गया कि सरकारी ई-मेल या मोबाइल नंबर का उपयोग निजी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या संचालित करने के लिए प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी कर्मचारी या अधिकारी ऐसा कोई भी कंटेंट पोस्ट नहीं करेंगे, जिससे सरकार की छवि को ठेस पहुंचे। कर्मचारियों को शालीन भाषा का प्रयोग करना होगा। भड़काऊ या अश्लील सामग्री से बचें और इसे पोस्ट न करें। बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया कि है कि सरकारी सेवक सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्तियों, मीडिया संस्थानों या कानूनी मामलों का समर्थन या आलोचना नहीं करेंगे। इसके अलावा, सरकारी नीतियों, योजनाओं या न्यायालयों के फैसलों पर व्यक्तिगत राय व्यक्त करना भी वर्जित होगा। नियमावली के तहत गोपनीय या संवेदनशील जानकारी साझा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, कार्यस्थल से जुड़े वीडियो, रील्स या लाइव प्रसारण करने और किसी शिकायतकर्ता के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है। अन्य माध्यमों से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे नियम में यह भी कहा गया कि सरकारी कर्मचारी अब किसी भी प्रकार की कोचिंग, वेबिनार, लाइव प्रसारण या अन्य माध्यमों से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे। व्यक्तिगत लाभ के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने, उत्पाद या सेवाओं के प्रचार-प्रसार में भाग लेने और अपने या परिचितों के हित साधने पर भी पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न पीड़ितों या किशोर अपराधियों की पहचान उजागर करने, जाति या धर्म के आधार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुचित टिप्पणी करने पर भी सख्त रोक रहेगी।

बिहार राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार का MLC से इस्तीफा, अब राज्यसभा की तैयारी

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने गुरुवार को अपनी 'समृद्धि यात्रा' को विराम दे दिया। अब वह अगले सोमवार से अपनी दिल्ली की तैयारी को आगे बढ़ाएंगे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अगले माह की 10 तारीख तक उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेनी है। वहीं, अगले पांच दिनों के अंदर नीतीश विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे यह भी तय है। यह कानूनी बाध्यता है। त्यागपत्र देने के बाद अगली व्यवस्था तक वह मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा गुरुवार को नालंदा तथा पटना में हुई। मुख्यमंत्री के आगे के कार्यक्रमों की रूप रेखा लगभग तय है। शुक्रवार को वह रामनवमी के आयोजन में शामिल होंगे। शनिवार से मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जदयू की कई बैठकों का सिलसिला आरंभ होगा। नई सरकार पर होगी चर्चा सबसे पहले मुख्यमंत्री जदयू की प्रदेश इकाई की बैठक में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होंगे। बैठक मुख्यमंत्री आवास या फिर जदयू प्रदेश कार्यालय में होगी। इसके बाद जदयू के कोर कमेटी की बैठक नई सरकार के गठन पर होगी। सरकार के स्वरूप पर भी चर्चा होगी। इस बार यह चर्चा है कि जदयू की दावेदारी विधानसभा अध्यक्ष पद पर भी है, इसलिए जदयू की कोर कमेटी की बैठक में इस विषय पर भी सहमति बननी है। क्या निशांत बनेगे उपमुख्यमंत्री? निशांत कुमार को उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं यह भी चार से पांच दिनाें के अंदर तय हो जाएगा। इसके बाद एनडीए की बैठक होगी। एनडीए की बैठक में तय होना है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया सीएम इस बात की संभावना पर भी राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि नई सरकार 14 अप्रैल के पहले अस्तित्व में नहीं आएगी। यह कहा जा रहा कि खरमास के बाद ही मुख्यमंत्री पद पर बिहार में कोई नया व्यक्ति शपथ ग्रहण करेगा। नई व्यवस्था होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का कामकाज देखते रहेंगे।

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर दी शुभकामनाएं, विकास का दोहराया संकल्प

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और वर्तमान में अपने निश्चय से बिहार का गौरवशाली भविष्य तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सछ्वाव बनाए रखते हुए बिहार के गौरव को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए समस्त बिहारवासियों का आह्वान किया है। 

बिहार में विकास को रफ्तार: नीतीश कुमार ने मुंगेर में कई परियोजनाओं की रखी आधारशिला

मुंगेर. समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को मुंगेर पहुंचे। सुबह 10.40 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पोलो मैदान में उतरे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी और जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह भी मौजूद थे। विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर में कुल 8718.51 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित 52 भवनों और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 24 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया। पोलो मैदान में उतरने के बाद सबसे पहले उन्होंने संग्रहालय के समीप नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद कष्टहरणी घाट पर गंगा पथ के एलाइन्मेंट का निरीक्षण किया। दक्षिणी किला गेट के पास बने पंचायती राज सभागार और भगत सिंह चौक पर पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त भवन का उद्घाटन भी किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर जनसंवाद और समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से मुख्य कार्यक्रम स्थल सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने जनता से संवाद करेंगे और जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। उद्घाटन और शिलान्यास की सभी परियोजनाओं का लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा और यह शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने सभी कार्यक्रम स्थलों और मार्गों का निरीक्षण किया। कारकेड का रिहर्सल किया गया और सफियाबाद हवाई अड्डा में पानी के टैंकर और एम्बुलेंस सहित चिकित्सा टीम की व्यवस्था की गई। सड़कें और सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए किला परिसर की सभी सड़कों का चौड़ीकरण और कालीकरण किया गया। पोलो मैदान में थ्रीडी पेंटिंग से सौंदर्य बढ़ाया गया। संग्रहालय, सर्किट हाउस और कष्टहरणी घाट की दीवारों पर पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का चित्रण किया गया। सड़क मार्ग के दोनों किनारे और बीच में सफेद रंग की मार्किंग की गई। सुरक्षा उपाय और यातायात प्रबंधन मुख्यमंत्री आगमन पर पोलो मैदान और मार्गों पर 150 ड्राप गेट बनाए गए। सड़क किनारे बांस की घेराबंदी की गई और नए रूट प्लान के अनुसार सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक यातायात व्यवस्थित किया गया। सात निश्चय-3 योजनाओं का प्रचार मुंगेर शहर में सात निश्चय-3 योजनाओं के तहत कल्याणकारी और विकास परक योजनाओं के बैनर और पोस्टर लगाए गए। पोलो मैदान, हवाई अड्डा और किला गेट सहित कई स्थानों पर तोरणद्वार लगाए गए। नगर निगम प्रशासन ने सभी स्थलों की सफाई और पानी का छिड़काव भी कराया। प्रशासन‍िक तैयारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह यात्रा मुंगेर में विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक तैयारियों को दर्शाती है। उद्घाटन और शिलान्यास की गई योजनाएं न केवल क्षेत्रीय जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगी बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा को भी मजबूत बनाएंगी।

नीतीश कुमार की यात्रा ने बढ़ाई सियासी हलचल: राज्यसभा चुनाव से पहले निशांत की अलग राह क्यों?

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से राज्यसभा जाने का एलान किया है, तब से बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार चर्चा के केंद्र बिन्दु में हैं। जनता दल यूनाईटेड में शामिल होने के बाद निशांत कुमार बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। वह अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। वह अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए बिहार भ्रमण करने की तैयारी में हैं। 10 से 13 मार्च तक कोसी-सीमांचल की यात्रा इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 से 13 मार्च तक कोसी-सीमांचल की यात्रा पर निकलने की तैयारी में है। शनिवार को वह बख्तियारपुर गए थे। उनके बॉडी लैंग्वेज से एक बार भी नहीं लगा कि बिहार से दूर होना चाहते हैं। ऐसे में उनके दौरे से सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गए हैं। सीएम 10 मार्च को सुपौल में समृद्धि यात्रा पहुंचेंगे। इसके बाद मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया में कार्यक्रम करेंगे। इसके बाद सहरसा और खगड़िया में कार्यक्रम का प्लान बना है। जदयू प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान ने बढ़ाई टेंशन जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि जदयू के सभी नेताओं की भारी मांग पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जदयू ज्वाइन कर रहे हैं। सभी विधायकों, कार्यकर्ताओं की इच्छा से मुख्यमंत्री से आग्रह किया। लंबी मांग के बाद सहमति दी उन्होंने। भाजपाई सीएम के लिए तैयार हैं आप? इस सवाल के जवाब में उमेश कुशवाहा ने कहा कि एनडीए के नेता हमारे नेता नीतीश कुमार हैं। नीतीश कुमार को जनादेश मिला है। नई सरकार का गठन कब होगा? इस सवाल के जवाब में उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने इस्तीफा तो दिया नहीं है। नई सरकार की गठन की चर्चा अभी कहां! जब समय आएगा, तब जनादेश हासिल करने वाले नीतीश कुमार तय करेंगे कि सीएम कौन होगा? कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने कुछ सोच-समझ कर राज्यसभा के लिए नामांकन किया है। 

पटना में अंडरग्राउंड नाला-सड़क प्रोजेक्ट का CM नीतीश ने किया निरीक्षण

पटना. मुख्यमंत्री ने  सोमवार को अचानक मोइनुल हक स्टेडियम के पास चल रहे सैदपुर भूमिगत नाला और सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की प्रगति देखते हुए अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि काम की गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण में तेजी लाई जाए ताकि समय सीमा के भीतर जनता को इसका लाभ मिल सके. मोइनुल हक स्टेडियम इलाके में चल रहा काम निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री मोइनुल हक स्टेडियम के पास सैदपुर नाला से पहाड़ी तक बन रहे भूमिगत नाला और सड़क परियोजना का जायजा लेने पहुंचे. यह परियोजना राजधानी के जलजमाव की समस्या को कम करने के लिए अहम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने मौके पर प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया. 260 करोड़ की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको (BUIDCO) द्वारा संचालित यह प्रोजेक्ट पटना के बुनियादी ढांचे के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है. इस योजना की खासियत यह है कि इसमें सैदपुर नाले को पूरी तरह अंडरग्राउंड यानी भूमिगत किया जा रहा है और उसके ऊपर एक आधुनिक सड़क का निर्माण हो रहा है. इससे न केवल इलाके की गंदगी और बदबू खत्म होगी, बल्कि पहाड़ी इलाके तक जाने के लिए शहर को एक नया और चौड़ा रास्ता भी मिलेगा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने पर शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या में उल्लेखनीय सुधार होगा. जलजमाव और जाम का परमानेंट समाधान सैदपुर नाला प्रोजेक्ट के पूरा होते ही राजधानी के एक बड़े हिस्से को भीषण जलजमाव से मुक्ति मिल जाएगी. भूमिगत नाले के ऊपर बनने वाली सड़क राजेंद्र नगर और आसपास के इलाकों के लिए वैकल्पिक मार्ग का काम करेगी, जिससे मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. इस मौके पर जिले के कई वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री के इस दौरे से स्पष्ट है कि सरकार इस साल के अंत तक पटना के प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह गंभीर है. सीएम ने पहले भी किया है निरीक्षण मुख्यमंत्री पहले भी इस परियोजना का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं. लगातार निगरानी से यह संकेत मिलता है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता में रखे हुए है. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्य को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए. इस मौके पर नगर विकास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, नगर आयुक्त अनिमेष परासर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

सीएम नीतीश ने जीविका दीदियों से बात कर दिया योजनाओं का भरोसा

हाजीपुर/वैशाली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में वैशाली जिले के महुआ पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने महुआ में वाया नदी के गाद उड़ाही कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभागीय योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महुआ स्थित ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय स्टार्टअप, इनोवेशन स्टॉल और विभिन्न विभागों के स्टॉल का बारीकी से जायजा लिया। एक-एक स्टॉल पर जाकर ली योजनाओं की जानकारी महुआ मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने एक-एक स्टॉल पर जाकर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। जिले के विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में बड़ी संख्या में जीविका दीदियां भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने जीविका समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए उनसे संवाद किया और उनके उत्पादों एवं गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। 54 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, 98 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 54 करोड़ रुपये की लागत से 25 योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 98 करोड़ रुपये की लागत से 103 योजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से विभागीय कर्मियों और जीविका दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिला। जंदाहा पहुंचे सीएम, जनसंवाद कार्यक्रम में होंगे शामिल इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दौरान वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड स्थित बटेश्वर नाथ धाम परिसर भी पहुंचे। यहां जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री यहां आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री लखेन्द्र रोशन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक अवधेश सिंह, सिद्धार्थ पटेल, महेन्द्र राम समेत कई जनप्रतिनिधि और पार्टी नेता उपस्थित रहे।

‘समृद्धि यात्रा’ में बालू से बनी अपनी तस्वीर देख मुस्कुराए CM नीतीश कुमार

छपरा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को छपरा पहुंचे। जहां सदर प्रखंड परिसर में विकास की एक जीवंत झलक देखने को मिली। हेलीकॉप्टर से सुबह 10:56 बजे छपरा हवाई अड्डा पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से सदर प्रखंड पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की झलक हर कदम पर दिखाई दी। सदर प्रखंड परिसर में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया। जीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, ग्रामीण सड़क, सामाजिक सुरक्षा, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित कई विभागों ने अपने-अपने कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया था। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया, जिससे वातावरण आत्मीय हो उठा। दीदी का सिलाई घर का उद्घाटन, मुंह से निकला-वाह, बहुत सुंदर निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने राधे कृष्ण जीविका महिला संकुल संघ द्वारा संचालित दीदी का सिलाई घर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। जैसे ही वे प्रशिक्षण केंद्र के भीतर पहुंचे, सुव्यवस्थित व्यवस्था और महिलाओं के कामकाज को देखकर उनके मुंह से सहज ही निकल पड़ा-वाह, बहुत सुंदर! मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया वहां मौजूद जीविका दीदियों के लिए उत्साह और गर्व का क्षण बन गई। भोजपुरी संवाद और महिलाओं का आत्मविश्वास उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशिक्षण केंद्र में लगे बैनर को पढ़कर मुख्यमंत्री को योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदी पम्मी देवी से कहा, अच्छी तरह से काम कीजिए। वहीं चंपा देवी ने भोजपुरी में मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा, बहुत अच्छा लगता बा, हमनी के रोजगार मिलल बा। यह संवाद केवल शब्द नहीं था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और बदली जिंदगी की कहानी कह रहा था। 57 मशीनें, रोजगार की मजबूत नींव इस सिलाई घर सह उत्पादन केंद्र में कुल 57 मशीनें लगाई गई हैं, जिन पर महिलाएं नियमित रूप से काम कर रही हैं। खास बात यह है कि यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को हाल ही में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भी मिली है। जीविका के संचार प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि 57 मशीनों में दो स्टिच मशीन और दो बटन लगाने की विशेष मशीनें शामिल हैं। आंगनबाड़ी बच्चों के लिए लाखों पोशाकें तैयार होंगी दीपक कुमार ने जानकारी दी कि जीविका और आईसीडीएस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके तहत सारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए मार्च तक 1 लाख 95 हजार पोशाकें सिलकर तैयार की जाएंगी। कपड़ा मफतलाल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया है और उसी कंपनी के अनुभवी कारीगर जीविका दीदियों को कपड़ा काटने व सिलाई की प्रशिक्षण देंगे। महिलाओं के बच्चों और भोजन की भी व्यवस्था छपरा सदर सिलाई घर की कोऑर्डिनेटर सोनिया ने बताया कि यहां काम करने आने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पालना घर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिलाओं के भोजन के लिए जीविका दीदी की रसोई भी संचालित की जा रही है, ताकि कार्य के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर प्रखंड में खुलेंगे दो-दो सिलाई घर जिला कोऑर्डिनेटर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के हर प्रखंड में दो-दो सिलाई घर खोले जाएंगे। साथ ही सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक सिलाई को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया की जाएगी। बालू से बनी मुख्यमंत्री की आकृति बनी आकर्षण का केंद्र परिसर में सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार द्वारा बालू से बनाई गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने आकृति को देखकर सराहना की और स्वयं कलाकार से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकृति की ओर आकृष्ट किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे। करोड़ों की योजनाओं की सौगात इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 450.30 करोड़ रुपये की 45 योजनाओं का शिलान्यास और 86.50 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का उद्घाटन किया। प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को प्रगति से समृद्धि तक और सात निश्चय से संबंधित लगाए गए पोस्टरों की जानकारी भी दी। आयुक्त, डीएम व एसएसपी थे मौजूद इस दौरान कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा में उमड़ी महिलाओं की भीड़

गोपालगंज. समृद्धि यात्रा के तहत बरौली हाईस्कूल में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष पर तीखा हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम ढलते ही घर से निकलने में डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी। पढ़ाई-लिखाई की स्थिति दयनीय थी और इलाज के समुचित इंतजाम नहीं थे। सड़कों का अभाव था और बिजली बहुत कम जगहों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तब हमने एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक काम किए गए। आज बिहार में हालात बदले हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब कहीं हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते हैं क्या? विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नेता केवल सात महीने के लिए मुख्यमंत्री बना। उस दौरान गड़बड़ी की और हटने के बाद अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि पुराने लोगों ने कभी विकास के लिए काम नहीं किया, जबकि उनकी सरकार शुरू से ही बिहार के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश आज सीतामढ़ी में करेंगे 554 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

सीतामढ़ी. समृद्धि यात्रा के चौथे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीतामढ़ी जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बेलसंड के चंदौली गांव पहुंच गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की भारी भीड़ मौजूद है। वहीं, सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं। इस दौरान वे करीब 554 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे। इसमें बागमती नदी पर बना आरसीसी पुल और ढ़ाई किलोमीटर बांध सुदृढ़ीकरण व कालीकरण शामिल हैं। वे विद्यालय परिसर में नक्षत्र वन का भी उद्घाटन करेंगे। साथ ही विद्यालय परिसर में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न समूहों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले की स्थानीय पुलिस के अलावा मुजफ्फरपुर और वैशाली से करीब ढ़ाई सौ पुलिस अधिकारी और जवान बुलाए गए हैं। जिला और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हैं। संबंधित मार्ग पर करीब 100 -100 मीटर की दूरी की पर जवान तैनात किए गए हैं। विद्यालय की रंगाई-पुताई के साथ साथ वर्षों से बंद पड़े बस पड़ाव को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। बागमती के तटबंध सज-धजकर तैयार है। की भी मरम्मत कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बेलसंड को दुल्हन की तरह तैयार किया गया है। परिसर में कई स्टॉल बनाए जा रहे हैं।