मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – माताओं-बहनों को सर्वोपरि रखने की है हमारी संस्कृति
भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति माताओं-बहनों का सर्वोपरि रखने की रही है। बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में आरक्षण दिलवाने के लिए हमारी सरकार लड़ाई लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबको साथ लेकर चलने के लिए सभी से अपील की थी, लेकिन कुछ राजनैतिक दलों को बहनों को उनका अधिकार देने में जरा भी दया नहीं आई। पहले भी बहनों के भरण पोषण के भत्ते से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी इन लोगों ने ही ठुकरा दिया था। राज्य सरकार माताओं-बहनों का सम्मान करते हुए लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात दे रही है। प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं। प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में महिला अधिकारी एसपी हैं और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सागर जिले में सांसद, महापौर भी महिलाएं हैं। प्रदेश भर में प्रमुख पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन कई राजनैतिक दलों को नहीं सुहाता है। माताएं-बहनें सब कुछ भूल सकती हैं, पर अपना अपमान कभी नहीं भूल सकती हैं, बहनों से यही अपील है कि मौका मिलने पर हिसाब जरूर चुकता करना है। हमारा पूर्ण संकल्प है कि आज नहीं तो कल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन बहनों को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलवा कर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नरयावली, सागर में विकास कार्यों के भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन के प्रारंभ में बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल और डॉ. हरिसिंह गौर को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरयावली में 27 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विद्यालय नहीं, हमारी 5 हजार साल पुरानी विरासत का प्रतीक है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने वाले श्रीकृष्ण हमारे आदर्श हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरयावली में 41 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से 36 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें विभिन्न पंचायतों में बने 12 सीसी रोड शामिल हैं। क्षेत्र की जनता को नए सामुदायिक भवनों और आंगनवाड़ी भवनों की भी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज 17 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से 62 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए सरकार प्रयासरत है। अब कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही हैं। बुंदेलखंड की धरती वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड के लोग हर क्षेत्र में दक्ष थे, लेकिन प्रकृति की मार पड़ी तो पानी की कमी हो गई और खेती प्रभावित होने से पलायन शुरू हो गया। अब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में यहां केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। इस 1 लाख करोड़ रूपए की परियोजना से बुंदेलखंडवासियों के पीने के पानी की समस्या हल होगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। सागर में इंडस्ट्रियल पार्क का कार्य तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को 5 रुपए में बिजली का अस्थाई कनेक्शन दिया जा रहा है। किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों से किए सभी वादों को पूरा करते हुए आगामी वर्षों में 2700 रुपए से अधिक भाव पर गेहूं खरीदा जाएगा। किसान भाइयों की मेहनत से प्रदेश में इस वर्ष गेहूं उत्पादन भी बढ़ा है। अब पॉली बैग्स का विकल्प निकाला गया है। राज्य सरकार ने गेहूं का एक-एक दाना खरीदने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार पहले छोटे और मध्यम वर्ग के किसान और उसके बाद बड़े किसानों का गेहूं खरीद रही है। केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 78 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद का कोटा तय किया है, लेकिन इस बार गेहूं का उत्पादन दोगुना हुआ है, इसीलिए केंद्र सरकार से गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत लाभान्वित कर उपज का उचित दाम दिलवाया था। सच्चा वादा, पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्रीराम हमारी सरकार का नारा है। जो कहा है, उसे पूरा करके दिखाया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, बांध, सड़कें और उद्योग सहित अन्य विकास कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर किसानों से भूमि अधिग्रहित की जाती है। जमीन ही किसानों का आसरा होती है। इसीलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि किसानों को भूमि अधिग्रहण करने पर कलेक्टर रेट से 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने 16 विभागों को एक साथ जोड़कर योजनाएं तैयार की हैं। सहकारिता के माध्यम से सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बन रहे आधुनिक सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं। वर्ष 2025-26 में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आया तो सरकारी स्कूलों के बच्चों ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। बेटियों ने परीक्षाओं में बाजी मारी है। राज्य सरकार स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी और मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दे रही है। नरयावली क्षेत्र डॉ. हरिसिंह गौर के समय से शिक्षा का पावन मंदिर रहा है। यहां कोई शासकीय विश्वविद्यालय नहीं था, इसीलिए नरयावली में रानी अवंतीबाई के नाम पर राजकीय विश्वविद्यालय शुरू करने की पहल की गई। नरयावली को आज 27 करोड़ रुपए लागत के सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है, जो भविष्य निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। जरुआखेड़ी में 10 करोड़ की लागत से नवीन आईटीआई भवन, 60 सीटर छात्रावास और आवासीय भवनों का लोकार्पण भी हुआ है। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर नरयावली की जनता को 58 … Read more