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मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – माताओं-बहनों को सर्वोपरि रखने की है हमारी संस्कृति

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति माताओं-बहनों का सर्वोपरि रखने की रही है। बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में आरक्षण दिलवाने के लिए हमारी सरकार लड़ाई लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबको साथ लेकर चलने के लिए सभी से अपील की थी, लेकिन कुछ राजनैतिक दलों को बहनों को उनका अधिकार देने में जरा भी दया नहीं आई। पहले भी बहनों के भरण पोषण के भत्ते से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी इन लोगों ने ही ठुकरा दिया था। राज्य सरकार माताओं-बहनों का सम्मान करते हुए लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात दे रही है। प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं। प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में महिला अधिकारी एसपी हैं और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सागर जिले में सांसद, महापौर भी महिलाएं हैं। प्रदेश भर में प्रमुख पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन कई राजनैतिक दलों को नहीं सुहाता है। माताएं-बहनें सब कुछ भूल सकती हैं, पर अपना अपमान कभी नहीं भूल सकती हैं, बहनों से यही अपील है कि मौका मिलने पर हिसाब जरूर चुकता करना है। हमारा पूर्ण संकल्प है कि आज नहीं तो कल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन बहनों को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलवा कर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नरयावली, सागर में विकास कार्यों के भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन के प्रारंभ में बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल और डॉ. हरिसिंह गौर को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरयावली में 27 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विद्यालय नहीं, हमारी 5 हजार साल पुरानी विरासत का प्रतीक है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने वाले श्रीकृष्ण हमारे आदर्श हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरयावली में 41 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से 36 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें विभिन्न पंचायतों में बने 12 सीसी रोड शामिल हैं। क्षेत्र की जनता को नए सामुदायिक भवनों और आंगनवाड़ी भवनों की भी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज 17 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से 62 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए सरकार प्रयासरत है। अब कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही हैं। बुंदेलखंड की धरती वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड के लोग हर क्षेत्र में दक्ष थे, लेकिन प्रकृति की मार पड़ी तो पानी की कमी हो गई और खेती प्रभावित होने से पलायन शुरू हो गया। अब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में यहां केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। इस 1 लाख करोड़ रूपए की परियोजना से बुंदेलखंडवासियों के पीने के पानी की समस्या हल होगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। सागर में इंडस्ट्रियल पार्क का कार्य तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को 5 रुपए में बिजली का अस्थाई कनेक्शन दिया जा रहा है। किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों से किए सभी वादों को पूरा करते हुए आगामी वर्षों में 2700 रुपए से अधिक भाव पर गेहूं खरीदा जाएगा। किसान भाइयों की मेहनत से प्रदेश में इस वर्ष गेहूं उत्पादन भी बढ़ा है। अब पॉली बैग्स का विकल्प निकाला गया है। राज्य सरकार ने गेहूं का एक-एक दाना खरीदने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार पहले छोटे और मध्यम वर्ग के किसान और उसके बाद बड़े किसानों का गेहूं खरीद रही है। केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 78 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद का कोटा तय किया है, लेकिन इस बार गेहूं का उत्पादन दोगुना हुआ है, इसीलिए केंद्र सरकार से गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत लाभान्वित कर उपज का उचित दाम दिलवाया था। सच्चा वादा, पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्रीराम हमारी सरकार का नारा है। जो कहा है, उसे पूरा करके दिखाया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, बांध, सड़कें और उद्योग सहित अन्य विकास कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर किसानों से भूमि अधिग्रहित की जाती है। जमीन ही किसानों का आसरा होती है। इसीलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि किसानों को भूमि अधिग्रहण करने पर कलेक्टर रेट से 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने 16 विभागों को एक साथ जोड़कर योजनाएं तैयार की हैं। सहकारिता के माध्यम से सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बन रहे आधुनिक सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं। वर्ष 2025-26 में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आया तो सरकारी स्कूलों के बच्चों ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। बेटियों ने परीक्षाओं में बाजी मारी है। राज्य सरकार स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी और मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दे रही है। नरयावली क्षेत्र डॉ. हरिसिंह गौर के समय से शिक्षा का पावन मंदिर रहा है। यहां कोई शासकीय विश्वविद्यालय नहीं था, इसीलिए नरयावली में रानी अवंतीबाई के नाम पर राजकीय विश्वविद्यालय शुरू करने की पहल की गई। नरयावली को आज 27 करोड़ रुपए लागत के सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है, जो भविष्य निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। जरुआखेड़ी में 10 करोड़ की लागत से नवीन आईटीआई भवन, 60 सीटर छात्रावास और आवासीय भवनों का लोकार्पण भी हुआ है। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर नरयावली की जनता को 58 … Read more

छात्र-आश्रमों में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनशीलता और देशभक्ति के सकारात्मक वातावरण को प्रोत्साहित किया जाए। छात्रावासों और आश्रमों के प्रबंधन में जन अभियान परिषद और गायत्री परिवार जैसी संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जनजातीय कार्य विभाग की मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह वर्चुअल शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छात्रावासों और आश्रमों में खाना बनाने, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। छात्रावासों के संवेदनशील प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था हो। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के लगभग 3000 आश्रम/ छात्रावास और अनुसूचित जाति विकास विभाग के लगभग 2000 आश्रम/ छात्रावास संचालित हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग गुलशन बामरा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग बनेगा हाईटेक: सीएम डॉ. यादव करेंगे 972.16 करोड़ के प्रोजेक्ट की शुरुआत

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 16 अप्रैल को सिवनी मालवा में नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग (राज्य राजमार्ग-67) का इंटरमीडिएट से 2-लेन पक्के शोल्डर सहित हाइब्रिड एन्यूटी  मॉडल (एच ए एम) का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का भूमि-पूजन करेंगे। नर्मदापुरम से टिमरनी मार्ग की लंबाई 72.18 किलोमीटर है तथा इसकी लागत 972,16 करोड़ रुपए है। निर्माण कार्य एमपीआरडीसी द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन कर रोड शो करेंगे। रोड शो रेंज ऑफिस चौराहा, कल्लू चौक, नर्मदा मंदिर चौक, सराफा बाजार, गांधी चौक, जय स्तंभ चौक होते हुए पुराना बस स्टैंड पर समाप्त होगा। कृषि उपज मंडी सिवनी मालवा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 106,34 करोड़ के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 48.65 करोड़ के 45 तथा 57.69 करोड़ के 51 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे।

नर्मदा संरक्षण के लिये जरूरी है सरकार एवं समाज में समन्वय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा नदी जीवनदायिनी नदियों में से एक है। नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए शासन एवं समाज के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि माँ नर्मदा के उद्गम स्थल के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये प्रभावी प्रयास किए जाएँ तथा नदी तटों पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सतत रूप से की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमरकंटक की अखंडता बनाए रखने के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा जन जागृति बढ़ाई जाए, इससे उद्गम स्थल का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज अमरकंटक में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक में अधिकारियों के निर्देशित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अध्यक्ष नर्मदे हर सेवा न्यास एवं मध्यप्रदेश कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) रामलाल रौतेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ हीरा सिंह श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक क्षेत्र में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्थानीय प्रजाति के पौधे, वन औषधि पौधों का प्राथमिकता के साथ रोपण किया जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि अमरकंटक क्षेत्र में प्राकृतिक वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अमरकंटक के प्राकृतिक स्वरूप को निखारने के लिए स्थानीय प्रजाति साल, महुआ, ऑवला, चार, हर्रा, गुलबकावली आदि स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भूमिगत जल स्तर में वृद्धि हो तथा स्थानीय वन प्राकृतिक रूप से संरक्षित रह सकें। यह भी बताया गया कि वन विभाग की रोपणी में 2.50 लाख से अधिक पौधे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक में नए निर्माण कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में अनियंत्रित कंक्रीट निर्माण को प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक तथा नर्मदा उद्गम स्थल पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध समय-समय पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा नदी में प्रदूषण, अपशिष्ट जल निकासी एवं जल प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस पर अधिकारियों ने बताया कि अमरकंटक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा चुका है तथा यह सुनिश्चित करने के लिये सतत प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदूषित जल नर्मदा नदी में न मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमरकंटक एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, जहाँ अनेक आध्यात्मिक एवं पौराणिक मंदिर स्थित हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिन्हें नीति-नियमों के अनुरूप व्यवस्थित किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक क्षेत्र में प्लास्टिक एवं शराब के उपयोग पर कठोर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक में “नो मूवमेंट” एवं “नो कंस्ट्रक्शन” जोन निर्धारित किया जाए, जिससे क्षेत्र की पवित्रता, पर्यावरणीय संतुलन एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमरकंटक में सीमेंट एवं कंक्रीट का निर्माण ना हो इसका अधिकारी विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अवगत कराया कि अमरकंटक क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूर्व में कराया जा चुका है। इसमें यदि कोई अवैध निर्माण कार्य पाया जाता है, तो उस पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि अमरकंटक विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, नगर परिषद तथा अमरकंटक मंदिर के विकास के लिये कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से समय-समय पर अमरकंटक के विकास एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं एवं बिंदुओं पर चर्चा की जाती है। बैठक में ट्रैकिंग रूट, अग्नि सुरक्षा की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन, वन उत्पादों के प्रबंधन, जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन, वन्यजीवों के मूवमेंट एवं उनकी स्थिति सहित अमरकंटक के मंदिरों, तालाबों एवं घाटों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए। समीक्षा बैठक में जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मसे सम्मानित मोहन नागर ने नर्मदा समग्र मिशन के तहत समाज के सहयोग से संचालित की जाने वाली नर्मदा नदी के घाटों की साफ-सफाई तथा सहायक नदियों एवं घाटों में जन सहभागिता से किए जाने वाले श्रमदान कार्यों की जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास संजय दुबे ने अमरकंटक में विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव योजना आर्थिकी एवं सांख्यिकी संजय शुक्ला द्वारा नर्मदा नदी के समग्र विकास के लिए बनाई गई कार्य योजना एवं उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्य सचिव वन संदीप यादव ने वन विभाग द्वारा जैव विविधिता, यूकेलिप्टस के प्लांटेशन को हटाकर स्थानीय प्रजाति के पौधरोपण के संबंध में जानकारी दी। बैठक में शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक सुचैत्रा एन, डीआईजी सविता सुहाने, पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान, वनमण्डलाधिकारी डेविड व्यंकटेश, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सेवा ही सच्ची साधना, यही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक व्यक्ति जब अपने पूरे जीवन को समाज के लिए समर्पित कर देता है, तब वह केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार बन जाता है। स्व. भगवत शरण माथुर भी ऐसा ही एक जीवंत विचार थे। उन्होंने अपने जीवन में यह सिद्ध कर दिया कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सच्ची साधना है। समाज सेवा ही हर मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी निजी सुख-सुविधाओं को त्याग कर समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर मूलरूप से राजगढ़ जिले के निवासी थे। उनका जन्म सीका गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्रीय सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने तथा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रकल्प स्थापित कर इस दिशा में विशेष प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को 'नर्मदे हर सेवा न्यास' के संस्थापक अध्यक्ष स्व. भगवत शरण माथुर की जयंती पर न्यास के मुख्यालय अमरकंटक में आयोजित विचार गोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजसेवी स्व. माथुर की जयंती पर उन्हें विन्रम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महादेव की कृपा से सिद्ध क्षेत्र अमरकंटक से मां नर्मदा, सोन और जोहिला प्रकट होकर त्रिवेणी धारा प्रवाहित करती हैं। इसी स्थान से निकलकर मां नर्मदा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों को आशीर्वाद देती है। सोन नदी भी आगे जाकर गंगा की धारा को समृद्ध करती है। जीवनभर का पुण्य होने पर ही अमरकंटक आने का अवसर मिलता है। परमात्मा ने इस स्थान को जी भरकर आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी अंतिम सांस तक भारत माता और नर्मदा माता की सेवा कर उनका आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक में संचालित गौशाला के लिए अनुदान प्रारंभ कराने, कथा-प्रवचन के लिए पर्यावरण हितैषी आधुनिक भवन का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमरकंटक के हराभरा रहने से मध्यप्रदेश के गांव-गली-मौहल्लों में आनंद होगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए मध्यप्रदेश सरकार और जन अभियान परिषद राज्य के सभी पुराने जल स्त्रोतों को पुनर्जीवन देने की चिंता कर रही है। प्रदेश में तीन माह (गुढ़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक) सभी जल स्त्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। मां नर्मदा का यह स्थान भी इसी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नर्मदा परिक्रमा मार्ग को विकसित करते हुए परिक्रमावासियों के लिए सभी सुविधाएं विकसित करने का संकल्प लिया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए नर्मदा नदी के किनारों पर अधिकाधिक पौध-रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन कर उन्हें नमन् किया साथ ही मंच पर उपस्थित संतों-महंतों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'पंच परिवर्तन' विषय पर हुई विचार गोष्ठी में कहा कि स्व. माथुर ने समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय होकर अमरकंटक में काम किया। मुख्यमंत्री ने समाजसेवी और नर्मदा समग्र के स्व. अनिल माधव दवे का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. दवे ने राजनीतिक क्षेत्र में रहते हुए भी नर्मदा की अविरल धारा और जलवायु परिवर्तन जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया। राज्य सरकार उनकी भावना के अनुरूप नर्मदा के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर के उज्जैन जिले के प्रचारक रहते हुए उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। वे असंभव काम को भी संभव करने में सिद्धहस्त थे। स्व. माथुर ने विंध्य क्षेत्र में मौजूद अनेक चुनौतियां का समाधान खोजा। इसी का परिणाम है कि आज विंध्य क्षेत्र तेजी से समग्र विकास की ओर अग्रसर है। स्व. माथुर मां नर्मदा के इस क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए जो मार्ग दिखाया है। हम उसी पर आगे बढ़ते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया था कि मां नर्मदा की धारा अविरल होनी चाहिए। इसके चारों ओर का क्षेत्र हरा-भरा होना चाहिए। यह क्षेत्र अतिक्रमण से मुक्त होना चाहिए। आज यही संकल्प लेने का अवसर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में हर व्यक्ति के लिए पंच निष्ठा आयाम तय किए हैं। इन पंच निष्ठाओं के तहत हम सभी को अपने परिवार को संस्कारित करने, सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अंगीकार करने और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज में आज सामाजिक समरसता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंगलवार (14 अप्रैल) को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। बाबा साहेब ने जीवनभर अपने मूल सिद्धांतों और हिंदु समाज की विविधताओं के साथ समाज को जातिगत बुराईयों से बाहर लाने का कार्य किया। कमजोर वर्ग के बीच समता और समानता का भाव विकसित किया। भारत को लगभग 1000 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली है। हम सब इस आजादी को अक्षुण्ण रखकर हमारी भारतीय संस्कृति को गले लगाकर मानवता के मूल गुणों को स्थापित करने के लिए आगे बढ़ते रहें। हमारे समाज में अस्पृश्यता और जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। जातिवाद और विषमता को खत्म कर राज्य सरकार समानता के मूल भाव को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भौतिकता के वातावरण में समाज के हर वर्ग में परिवार के भाव को विकसित करने की आवश्यकता है। संस्कारों के अभाव में पीढ़ियों में परम्पराएं तेजी से बदल रही हैं। इससे राष्ट्र प्रेम भी प्रभावित होता है। हम सभी अपने परिवार के साथ भोजन करें, बच्चों के साथ बैठें, बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाएं। राष्ट्र निर्माण के भाव को जोड़कर नई पीढ़ी गढ़ें। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़कर काम करने की आवश्यकता है। आज हमारे सामने प्लास्टिक, पेस्टीसाइड जैसी कई प्रकार की चुनौतियां हैं। मौसम में परिवर्तन आने से अप्रैल जैसे ग्रीष्म माह में ओलावृष्टि हो रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए हमें प्रकृति से प्रेम करना पड़ेगा और पर्यावरण की जड़ों के साथ जुड़ना होगा। प्रकृति … Read more

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है। प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे। 

CM डॉ. यादव की पहल: उद्योगपतियों संग वन-टू-वन बैठक कर बढ़ाएंगे निवेश

कोलकाता में 10 सितम्बर को निवेश अवसरों पर इंटरएक्टिव सेशन CM डॉ. यादव की पहल: उद्योगपतियों संग वन-टू-वन बैठक कर बढ़ाएंगे निवेश निवेश बढ़ाने के लिए CM डॉ. यादव की सीधी बातचीत, उद्योगपतियों से होगी खास बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से निवेश के संदर्भ में करेंगे वन-टू-वन बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 सितम्बर को कोलकाता में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन (वन-टू-वन) बैठकें करेंगे। साथ ही टेक्सटाइल, वस्त्र एवं परिधान, आई टी, ईएसडीएम, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी सहित सभी प्रमुख सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों और व्यावसायिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कोलकाता में होने वाले इंटरएक्टिव सेशन में पीएम मित्रा पार्क की निवेश संभावनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही निवेश-उपयुक्त परियोजनाएं, इंटीग्रेटेड लैंड बैंक, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स, प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाल ही में लागू की गई 18 नई निवेश नीतियों की जानकारी साझा की जाएगी। इज ऑफ डुईंग बिजनेस के तहत निवेशकों के लिए सुगम वातावरण और राज्य की मजबूत आधारभूत संरचना को भी उजागर किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान "इनफिनिट पॉसिबिलिटीज इन मध्यप्रदेश" फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल माहौल को दिखाया जाएगा। यह फिल्म उद्योग जगत को निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और लाभों से परिचित कराएगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह निवेशकों को विस्तृत प्रस्तुति देंगे, जिसमें निवेश-उपयुक्त परियोजनाओं, औद्योगिक क्षेत्रों में अवसरों और नीतिगत सुविधाओं की जानकारी दी जायेगी।  

शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, राज्यपाल और CM डॉ. यादव करेंगे पुरस्कार वितरण

श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए खास अवसर, राज्यपाल और CM डॉ. यादव करेंगे सम्मानित प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा गरिमापूर्ण आयोजन भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 सितम्बर शिक्षक दिवस पर भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। साथ ही कक्षा एक से कक्षा 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ रूपये की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जायेगा। समारोह शुक्रवार को प्रात: 10:30 बजे भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन मंत्री कुवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित रहेंगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि जिन शिक्षकों का उनके श्रेष्ठ कार्यों की वजह से सम्मान हो रहा है, उनसे प्रदेश के अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलेगी। सम्मानित होने वाले शिक्षक शिक्षक दिवस पर सम्मानित शिक्षकों में प्राथमिक, माध्यमिक श्रेणी के 8 और उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के 6 शिक्षक शामिल हैं। गत वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। पुरस्कृत शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि, शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। जिन प्राथमिक शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा, उनमें शासकीय प्राथमिक शाला बिसोनिया, गुना के जितेन्द्र शर्मा, शासकीय उ.मा.वि. क्रमांक-2, शाजापुर के दिलीप जायसवाल, ई.पी.ई.एस., भाटीवाड़ा, सिवनी के दिलीप कटरे, शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बसिया, दमोह के श्रीकांत कुर्मी, शासकीय उ.मा.वि., रुस्तमपुर, खण्डवा की माध्यमिक शिक्षक श्रीमती श्रद्धा गुप्ता, शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सतौआ, दमोह के मोहन सिंह गौंड, शासकीय माध्यमिक शाला, चंदेसरा, उज्जैन के अपूर्व शर्मा और शासकीय माध्यमिक शाला, उबालाद, अलीराजपुर के उच्च श्रेणी शिक्षक धनराज वाणी शामिल हैं। ये चयनित शिक्षक कक्षा-1 से 8 की कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कक्षा-9 से 12 में चयनित शिक्षक राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये कक्षा-9 से 12 में पढ़ाने वाले चयनित शिक्षकों में माध्यमिक शिक्षक शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि., बाग, जिला धार की श्रीमती राधा शर्मा, शासकीय उ.मा.वि., मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के डॉ. नरेन्द्र कुमार उरमलिया, शासकीय उ.मा. संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय, तिलीवार्ड, सागर के महेन्द्र कुमार लोधी, शासकीय उ.मा.वि., जावरा, रतलाम की उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती विनीता ओझा और माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल, पांदा, जिला राजगढ़ डॉ. सरिता शर्मा को सम्मानित किया जायेगा। वर्ष 2024 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को राज्य स्तरीय समारोह में शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह और 5 हजार रुपये सम्मान निधि भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। इनमें शासकीय माध्यमिक शाला लिधौरा, ब्लॉक बटियागढ़, दमोह के माधव प्रसाद पटेल और शासकीय हाई स्कूल, मंदसौर की शिक्षक श्रीमती सुनीता गोधा शामिल हैं। जिला स्तर पर भी होगा शिक्षक सम्मान समारोह प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित होगा। समारोह में जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जायेगा। समारोह में गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहेंगे। पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस उन समर्पित शिक्षकों का सम्मान और सराहना करने का दिन है, जिनका व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शिक्षक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाते हैं।  

गणेश उत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री गणेश चतुर्थी पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री सिद्धि विनायक से प्रदेश के नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि गजानन की कृपा से सभी नागरिक सुखमय और आनंद पूर्वक जीवन बिताएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश प्रतिमाओं के निर्माण और झांकियों की साज-सज्जा में स्वदेशी के उपयोग की अपेक्षा भी नागरिकों से की है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष श्री गणेश उत्सव में स्वदेशी के उपयोग पर जोर दिया गया है। इस दिशा में सामाजिक स्तर पर भी जागृति देखी जा रही है।