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जल संरक्षण में जनसहभागिता पर जोर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से बढ़ा अभियान

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये प्रभावी रूप से जनभागीदारी की पहल की गई है। प्रदेश में “जल महोत्सव-2026” आयोजित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत यह अभियान केवल पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन के लिये समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, उत्तरदायी और आत्मनिर्भर बनाने की अवधारणा को सुदृढ़ किया जा रहा है।

प्रदेश के चयनित ग्रामों में 8 मार्च से 22 मार्च 2026 के बीच जल महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य उन ग्रामों की उपलब्धियों को सामने लाना है जहाँ हर घर तक नल से जल की सुविधा सुनिश्चित हो चुकी है और पेयजल योजनाओं का संचालन, प्रबंधन तथा रख-रखाव ग्राम पंचायतों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सफलतापूर्वक किया जा रहा है। जल महोत्सव ग्रामीण समुदाय को जल प्रबंधन की जिम्मेदारी के प्रति और अधिक जागरूक एवं सहभागी बनाने का अवसर भी प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल जीवन मिशन को एक व्यापक जनभागीदारी आधारित पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। जल महोत्सव के माध्यम से ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल प्रणालियों के सुचारु संचालन और सामुदायिक स्वामित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये निरंतर उल्लेखनीय कार्य किये जाते रहे है। देश का पहला “जल अर्पण दिवस” राजगढ़ जिले में गोरखपुरा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत 23 दिसम्बर 2025 को आयोजित किया गया था, जिसने जल प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

जल महोत्सव के लिए ऐसे ग्रामों का चयन किया गया है जहाँ हर घर जल की स्थिति सत्यापित हो चुकी है और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का संचालन प्रभावी रूप से किया जा रहा है। प्रत्येक जिले से ऐसे 2 ग्राम चिन्हित किए गए हैं जहाँ जल जीवन मिशन के मानकों के अनुरूप जल प्रदाय की व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इन ग्रामों में कार्यक्रमों का आयोजन कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वय से किया जा रहा है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे सम्मानित

महोत्सव में ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वाल्वमैन, स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सक्रिय सदस्यों को चिन्हित किया जाएगा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर के द्वारा इनका सम्मान किया जाएगा, जिससे समुदाय आधारित जल प्रबंधन के उत्कृष्ट प्रयासों को प्रोत्साहन मिल सके। कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में परियोजना क्रियान्वयन इकाई स्तर पर उपलब्ध मद से अधिकतम 25 हजार रु. तक की राशि व्यय की जा सकेगी।

प्रदेश की विभिन्न परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के अंतर्गत आने वाले जिलों में यह आयोजन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से भोपाल, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, नीमच, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सीधी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, उज्जैन तथा बड़वानी सहित अन्य जिलों के चयनित ग्राम शामिल हैं।

जल महोत्सव-2026 के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित पेयजल उपलब्धता की दिशा में प्राप्त उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ जल प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायी और प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके।

 

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