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राजस्थान कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम: 45 नए जिलाध्यक्ष दिल्ली में होंगे ट्रेनिंग कैंप में शामिल

जयपुर
राजस्थान में संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित किए गए 45 नए जिलाध्यक्षों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को महत्वपूर्ण बयान दिया। कांग्रेस वार रूम में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है और योग्यताओं के आधार पर ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। डोटासरा ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों के लिए जल्द ही दिल्ली में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता उनसे सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद राजस्थान में भी सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक संरचना, कार्यकारिणी गठन और जिला इकाइयों को मजबूत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा।

6 महीने बाद होगी समीक्षा
उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से राजस्थान में 50 जिले बनाए गए हैं। अंता उपचुनाव के कारण झालावाड़ और बारां जिले में जिलाध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है, जबकि तीन अन्य जिलों में नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी नए जिलाध्यक्षों के कार्यों की 6 माह बाद समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो पार्टी हाईकमान नए नेतृत्व का फैसला ले सकता है।
 
बीजेपी सरकार पर डोटासरा का निशाना
पीसीसी प्रमुख ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा शासन पूरी तरह दिशाहीन है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस समर्थक वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अंता उपचुनाव के नतीजे जनता की नाराजगी को साफ दर्शाते हैं और सरकार की नाकामियों पर जनता ने मुहर लगा दी है।
 
सरकार में खींचतान का उठाया मुद्दा
डोटासरा ने प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच ले जाएंगे। इससे पहले कई जिलाध्यक्षों ने उनसे मुलाकात कर भरोसा जताया और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

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