samacharsecretary.com

मता बनर्जी पर राम कृपाल यादव का आरोप, घुसपैठियों की मदद से सत्ता चाहती हैं

पटना,

बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ममता बनर्जी पर तंज कसा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी के बयान को लेकर कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और यह कभी किसी दल से प्रभावित नहीं हुआ है।

राम कृपाल यादव ने कहा कि मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसलिए चिंता जता रही हैं क्योंकि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार अपना काम कर रहे हैं। उनकी समस्या यह है कि वे बांग्लादेश से आए घुसपैठियों की मदद से सरकार बनाना चाहती हैं, लेकिन यह संभव नहीं है।

कानून का राज है और संवैधानिक व्यवस्था पर अगर कोई उंगली उठाता है तो जनता उसको कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो महाभियोग लाएं। खारिज हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता उनके चेहरे को भी खारिज कर देगी। इस बार चुनाव में जनता ममता बनर्जी को हरा देगी।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार कातिल और असंवैधानिक है। वे कानून विरोधी काम करती है। ये सरकार भाजपा के कार्यकर्ताओं को चुन-चुन कर मरवा रही है। ममता बनर्जी के हाथ निर्दोषों के खून से रंगे हुए हैं। आने वाले वक्त में उनको इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार का सफाया होगा और भारतीय जनता पार्टी की दो तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी।

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन और गैस आपूर्ति में आई बाधाओं पर मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण हुई है। इस स्थिति के चलते कुछ कठिनाइयां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत और राज्य की सरकार संयुक्त रूप से इस समस्या के निदान के लिए काम कर रही है। जिससे कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का कष्ट न उठाना पड़े। नियमित रूप से गैस और तेल इत्यादि मिलता रहे।

कालाबाजारी करने वाले लोगों को लेकर उन्होंने कहा कि कालाबाजारी करने वाले लोगों को सरकार छोड़ेगी नहीं। जो कालाबाजारी करेंगे उनका लाइसेंस रद्द होगा और उनको जेल भी जाना पड़ेगा। इसलिए इन सब चीजों पर सरकार निगरानी रखे हुए हैं। सरकार का दायित्व है कि जनता के हित में काम करे। जनता के अहित में जो काम करेगा उसको सरकार छोड़ेगी नहीं।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here