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राहुल गांधी के ‘गद्दार’ बयान पर गरजे रवनीत सिंह बिट्टू, बोले– उस खानदान से कोई रिश्ता नहीं

नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 'गद्दार' टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी खुद को ही सबसे देशभक्त समझते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर पंजाब में हिंसा कराने और कत्ल कराने के आरोप लगाए हैं। बिट्टू ने कहा कि वह कभी भी गांधी परिवार के वारिस से हाथ नहीं मिलाएंगे। बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान राहुल ने कई सांसदों के बीच बिट्टू को गद्दार दोस्त कह दिया था।

'गांधी परिवार ने पंजाब में आग लगाई'
बिट्टू ने कहा, 'वह समझते हैं कि सबसे बड़े देशभक्त हम ही हैं। पिताजी ने शहादत दी। तो मेरी पार्टी में यही लड़ाई थी कि मेरे दादाजी सरदार बेअंत सिंह। जो आपने आग लगाई थी पंजाब में, ये कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने ही आग लगाई। हमारे सबसे बड़े गुरुद्वारा, स्वर्ण मंदिर में गोली लगी। हजारों सिखों को पंजाबियों को इन्होंने निशाना बना बना के कत्ल करवाया। मर्डर कराया।'

उन्होंने कहा, 'अगर राजीव गांधी जी का नाम शहीद लेना पड़ता है, तो शहीद-ए-आजम सरदार बेअंत सिंह भी कहना चाहिए। मैं भी उस परिवार से आता हूं, ये तकलीफ है।' केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने कहा, 'जितनी देर मैं आपके साथ था तो ठीक था। अब अगर मैं बीजेपी में हूं तो आप मेरे लिए इन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। और उसके बाद देखो ये अपने आप को समझते क्या हैं। ये चीज कहकर मुझे हाथ आगे कर रहे हैं। जैसे कोई शहंशाह हों। वह समझते हैं कि मैं मालिक ही हूं इस दुनिया देश का।'

हाथ नहीं मिलाऊंगा, बिट्टू बोले
उन्होंने कहा, ' मैं गांधी परिवार का न हूं, लेकिन मेरे सिर पर पगड़ी है सरदार की। तो हाथ मिलाने जब बढ़ाया, तो मैंने कहा कि आप देश के गद्दार हो, देश के दुश्मन हो। जो रोज देश और सेना के खिलाफ बात करते हो। पंजाब का हाथ, गांधी परिवार जो सिखों को कातिल है। उस गांधी परिवार के वारिस के साथ मेरा हाथ नहीं मिलेगा।' भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी पर पूरे सिख समुदाय का अपमान करने के आरोप लगाए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा कि जिस तरह राहुल गांधी ने सम्मानित सिख नेता रवनीत सिंह बिट्टू को संबोधित किया, वो शालीनता और सभ्यता की सारी हदें पार करता है।

 

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