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नोएडा का किस्सा सुनाकर Yogi Adityanath बोले— सत्ता से मोह छोड़ो, कुर्सी स्थायी नहीं

नोएडा
नोएडा को इंटरनेशल एयरपोर्ट का तोहफा देने के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर याद किया कि कैसे इस शहर को अपशगुन मान लिया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि किस तरह उन्हें भी नोएडा जाने से रोकने की कोशिश की गई और उन्होंने इसे अस्वीकार करते हुए चार लाख घर खरीददारों को उनका हक दिलवाया। योगी ने इस दौरान कहा कि उनसे कहा गया था कि नोएडा जाने पर कुर्सी चली जाती है तो उन्होंने कहा कि इसे एक दिन जाना ही है तो मोह में क्यों पड़ना?

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने उनकी सरकार के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने उस अंधविश्वास का जिक्र करते हुए अपना अनुभव साझा किया जिसमें कहा जाता था कि नोएडा जाने वाले सीएम की कुर्सी चली जाती है। यही वजह थी कि कुछ मुख्यमंत्रियों ने पूरे कार्यकाल में एक बार नोएडा आने का साहस नहीं जुटाया। लेकिन सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस अंधविश्वास को तोड़ा। पहले कार्यकाल में कई बार वह नोएडा आए। ना सिर्फ उन्होंने पहला कार्यकाल पूरा किया, बल्कि दोबारा यूपी के सीएम बने।

योगी ने पूरी कहानी साझा करते हुए कहा, 'मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता। एक दम नहीं मानता। मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना। मैंने कहा क्यों तो कहा कि वहां सीएम नहीं जाते। मैंने कहा कि क्या नोएडा यूपी से बाहर है। कहा कि यह मान्यता है कि सीएम उतर जाएंगे कुर्सी से। मैंने कहा कि एक दिन कुर्सी को जाना ही है तो हम कुर्सी के मोह में क्यों पड़ें। मैं जाऊंगा जरूर और मैं गया वहां पर। जब मैं गया तो देखा कि क्यों ये लोग बोलते थे, गया तो पता चला कि वहां 4 लाख मामले थे बायर्स और बिल्डर के। आप सोचो 15 साल, 10 साल, 20 साल पहले लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई बिल्डर को दे दी और बिल्डर पैसा दबाए बैठा है। मकान नहीं दे रहा है। कई हाईराज बिल्डिंग खंडहर में बदल गई थी।

4 लाख लोगों को मकान दिलाए, मुनाफे में अथॉरिटी: योगी
मैंने बैठक की नोएडा अथॉरिटी की, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की। सीईओ आए उन्होंने कहा कि साहब हमारे ऊपर 6 हजार करोड़ का कर्जा है, दूसरी अथॉरिटी ने कहा कि हमारे ऊपर 3 हजार करोड़ का कर्जा है। मैंने कहा कि मैं कहां फंस गया हूं, सब भीखमंगे हैं। अब मैं इन भीखमंगों से कहूं कि 4 लाख लोगों को मकान दूं, तो मैं फंस गया वहां पर। मैंने कहा कि मेरी स्थिति बहुत अजीब सी है। मैंने बायर्स से बात की, वे रो रहे थे। कह रहे थे कि जीवनभर की कमाई लगा दी, मकान नहीं मिला। बैंक का कर्ज भर रहे हैं। मैं बिल्डर से मिला तो वे भी रोए, कि हमने पैसा लगाया लेकिन उस समय की सरकारों ने हमें पूरी तरह निचोड़ दिया, हमारी सामर्थ्य नहीं है। मैंने कहा कि सामर्थ्य हो या नहीं इनको मकान तो देना पड़ेगा। आप मकान दीजिए मैं पॉलिसी बनाता हूं। फिर हमने रिफॉर्म किए। भ्रष्ट तत्वों को बाहर किया। आज मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि 4 लाख लोगों को मकान दे चुके हैं। जो अथॉरिटी कहती थी कि कर्ज में हैं, वह 6 हजार करोड़ के सरप्लस में हैं। आज दुनिया का सबसे अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश वहीं पर है।'

अखिलेश यादव पर कसा तंज
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अगले ही दिन दादरी पहुंचे अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे विकास में बाधाएं खड़ी करते थे। उन्होंने कहा, 'ये उस अंधविश्वास को मानने वाले लोग कौन थे, जो भारत की आस्था पर अंगुली उठाते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए वहां नहीं गए लेकिन अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए फिर आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा पहुंच गए। भाइयों-बहनों इनके चेहरे को देखो तो। उस समय वहां के विकास के लिए ये लोग बॉटलनेक थे, विकास में बाधाएं खड़ी कीं। आज किस मुंह से विकास की बात करते हैं।'

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