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राशिफल 31 मार्च 2026: मेष से मीन तक, जानें किस राशि का होगा दिन शुभ और किसका साथ देगा भाग्य

मेष राशि- आज दिन भागदौड़ वाला रहेगा। सुबह से ही काम की रफ्तार तेज रहेगी। एक काम खत्म नहीं होगा, दूसरा सामने आ जाएगा। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। शुरुआत में थोड़ा दबाव लगेगा, लेकिन आप संभाल लेंगे। सीनियर्स आपकी मेहनत नोटिस करेंगे। पैसों के मामले में थोड़ा ध्यान रखें। अचानक खर्च आ सकता है। बेवजह खर्च करने से बचें। घर में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। बेहतर है शांत रहें। शाम के समय थोड़ा सुकून मिलेगा। थकान ज्यादा महसूस होगी, इसलिए आराम जरूरी है। वृषभ राशि- आज चीजें धीरे-धीरे आगे बढ़ेंगी। जल्दबाजी करेंगे तो काम बिगड़ सकता है। पुराने काम से फायदा मिलने के संकेत हैं। ऑफिस में अपना काम समय पर करें। दूसरों की बातों में ज्यादा दखल न दें। घर का माहौल सामान्य रहेगा। मां या किसी बड़े से हल्की नोकझोंक हो सकती है। बात को बढ़ाने से बचें। पैसों को लेकर बड़ा फैसला लेने से पहले दो बार सोचें। आज धैर्य ही आपका सबसे बड़ा सहारा रहेगा। मिथुन राशि- आज दिन आपके पक्ष में रहेगा। नए लोगों से संपर्क बनेगा। ये आगे काम आ सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत दिखेगी। कोई छोटी अच्छी खबर मिल सकती है। मन हल्का रहेगा। दोस्तों से बात होगी या मिलने का प्लान बन सकता है। काम के बीच-बीच में राहत के पल मिलेंगे। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी। बस ज्यादा खर्च से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन भागदौड़ कम रखें। कर्क राशि- आज मन थोड़ा उलझा रह सकता है। एक साथ कई बातें दिमाग में चलेंगी। काम का दबाव रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे सब ठीक होगा। घर के मामलों में ध्यान देना पड़ेगा। परिवार को समय दें। पैसों को लेकर कोई बड़ा फैसला आज न लें। दिन के दूसरे हिस्से में स्थिति बेहतर लगेगी। शाम तक मन हल्का हो जाएगा। नींद पूरी करना जरूरी है। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास अच्छा रहेगा। जो काम अटका था, उसमें हलचल दिखेगी। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। लोग आपकी बात ध्यान से सुनेंगे। आपका असर आसपास के लोगों पर दिखेगा। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है। जरूरी चीजों पर ही पैसा लगाएं। रिश्तों में सब ठीक रहेगा। दिन कुल मिलाकर पॉजिटिव रहेगा। कन्या राशि- आज काम ज्यादा रहेगा। एक साथ कई जिम्मेदारियां आ सकती हैं। थकान महसूस होगी, लेकिन मेहनत रंग लाएगी। सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा। आपके काम की सराहना हो सकती है। पैसों को लेकर सतर्क रहें। बेवजह खर्च से बचें। दिन के अंत में राहत मिलेगी। तुला राशि- आज प्लानिंग के साथ काम करना जरूरी है। जल्दबाजी करेंगे तो नुकसान हो सकता है। ऑफिस में थोड़ा दबाव रहेगा, लेकिन आप संभाल लेंगे। आपके आइडिया काम आ सकते हैं, बस उन्हें सही तरीके से रखें। पैसों को लेकर सावधानी रखें। उधार देने या लेने से बचें। खान-पान पर ध्यान दें। दिन के अंत में राहत महसूस होगी। वृश्चिक राशि- आज दिन अच्छा रहेगा। नई प्लानिंग पर काम शुरू कर सकते हैं। आपके आइडिया लोगों को पसंद आएंगे। दोस्तों और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। मन खुश रहेगा। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन मैनेज हो जाएगा। दिन पॉजिटिव रहेगा। धनु राशि- आज दिन संतुलित रहेगा। काम और घर दोनों ठीक से चलेंगे। ऑफिस में सहयोग मिलेगा। कोई नया मौका मिल सकता है। पार्टनर के साथ समय अच्छा बीतेगा। बातचीत से रिश्ते मजबूत होंगे। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी। मन शांत रहेगा और आप अपने काम पर फोकस कर पाएंगे। मकर राशि- आज थोड़ा संभलकर चलना होगा। छोटी बात भी विवाद में बदल सकती है। बोलते समय शब्दों का ध्यान रखें। काम में ध्यान बनाए रखें। फोकस टूट सकता है। पैसों को लेकर कोई रिस्क न लें। दिन के दूसरे हिस्से में हालात सामान्य हो जाएंगे। खुद को शांत रखने की कोशिश करें। कुंभ राशि- आज दिन अच्छा रहेगा। काम में प्रगति दिखेगी। नए मौके सामने आ सकते हैं। उन्हें पहचानना जरूरी है। आत्मविश्वास बना रहेगा। आप मुश्किल काम भी आसानी से पूरा कर लेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं। दिन आपके पक्ष में रहेगा। मीन राशि- आज थोड़ा कंफ्यूजन रह सकता है। कोई फैसला लेने में जल्दबाजी न करें। काम में धैर्य रखना जरूरी है। पैसों के मामले में सावधानी रखें। अनावश्यक खर्च से बचें। दिन के अंत में चीजें साफ होने लगेंगी। अकेले समय बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा।

हैरान करने वाला खुलासा: अशोक खरात का घिनौना तरीका, रेप से पहले देता था खारा पानी

मुंबई रेप कांड में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात के मामले की जांच जारी है। अब जांच में पता चला है कि खरात महिलाओं का शोषण करने से पहले कुछ तरल पदार्थ देता था। फिलहाल, अधिकारी इस तरल समेत कई सबूतों की जांच कर रहे हैं। महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने खरात की पुलिस हिरासत को 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। खट्टा पदार्थ पीने देता था सुनवाई के दौरान, लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की संपत्तियों की जांच अभी बाकी है। बागडे ने कहा कि कई महिलाएं अब भी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रही हैं और उस तथाकथित 'पानी या तरल पदार्थ' की जांच अभी बाकी है, जिसे खरात यौन शोषण से पहले पीड़ितों को बहलाने-फुसलाने के लिए देते था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये खारा और कड़वा पानी होता था, जिसे पीकर महिला को चक्कर आने लगते थे। फोन डेटा की भी हो रही है जांच उन्होंने कहा कि आरोपी के मोबाइल फोन डेटा की जांच की जा चुकी है और 'क्लोन रिपोर्ट' प्राप्त हो गई है। अभियोजक ने अदालत को बताया कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्या खरात ने अपने संपर्कों- विशेष रूप से राजनीतिक नेताओं- के नाम फर्जी पहचान के साथ फोन में सेव किए थे। कई डिजिटल सबूतों की अभी जांच की जानी है। बार-बार रेप के आरोप खरात को 18 मार्च को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब एक महिला ने उनपर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया। खरात नासिक जिले के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है और वर्षों से उनसे महाराष्ट्र के कई प्रमुख राजनेता मिलते रहे हैं। शहर के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में अब तक उनके खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से आठ कथित यौन उत्पीड़न या शोषण और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं। 100 से ज्यादा महिलाओं ने की शिकायत पुलिस ने शनिवार को बताया था कि खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को पिछले कुछ दिनों में फोन पर 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें से अधिकतर महिलाओं की हैं। खरात को पिछली पुलिस हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद रविवार को अदालत में पेश किया गया।

तेल खरीद पर भारत की आज़ादी सवालों में, पीएम कंप्रोमाइज्ड: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोमवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक कंप्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री हैं। केरल में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने आरोप लगाया, 'अमेरिका-भारत समझौते के डिटेल देखने पर साफ हो जाएगा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री इसे तब तक नहीं साइन कर सकता जब तक वह कंप्रोमाइज्ड न हो।' राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया है, साथ ही देश की ऊर्जा सुरक्षा को अमेरिकियों के हवाले कर दिया है। आज भारत अपनी मर्जी से तेल नहीं खरीद सकता, बल्कि उसे इजाजत लेनी पड़ती है। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी केरल में यूडीएफ सरकार नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जानते हैं कि भ्रष्टाचार के कारण वे एलडीएफ सरकार को नियंत्रित कर सकते हैं और एलडीएफ कभी भी दिल्ली में उनको चुनौती नहीं दे सकता। इसलिए वे समझते हैं कि केवल कांग्रेस ही उन्हें दिल्ली और पूरे देश में हरा सकती है, इसी वजह से मोदी केरल में LDF को मजबूत करना चाहते हैं। सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहने का आरोप राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी केरल दौरे के दौरान सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहे, जो साफ संकेत है कि भाजपा और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 9 अप्रैल के लिए निर्धारित विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा के गठजोड़ से मुकाबला करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'हम एलडीएफ के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जिसे भाजपा का पूरा समर्थन प्राप्त है। एक तरफ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) है और दूसरी तरफ माकपा-भाजपा का गठजोड़ है। 'नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा LDF को फायदा पहुंचाने के लिए गुपचुप तरीके से काम कर रही है। राहुल गांधी ने कहा, 'भाजपा यहां यूडीएफ को नहीं चाहती, क्योंकि वह जानती है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसे चुनौती देने वाली एकमात्र ताकत कांग्रेस है। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ हमारी वैचारिक लड़ाई है।' उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, वहीं केरल में एलडीएफ नेतृत्व पर ऐसा कोई दबाव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 'मेरे खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए हैं और मुझसे लगातार 55 घंटे तक पूछताछ की गई है। लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या एलडीएफ नेताओं के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।'  

Donald Trump के फैसलों से बढ़ा तनाव, इस देश में अमेरिकी सेना हटाने की मांग तेज

वाशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की सत्ता आने के बाद ज्यादातर सहयोगी देश नाराज नजर आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में नाटो समेत कई सहयोगी देश खुलकर वाशिंगटन का विरोध जता रहे हैं।। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा मित्र देश जर्मनी में वाशिंगटन के विरोध में सुर बुलंद हुए हैं। वहां की दक्षिणपंथी पार्टी ने देश में तैनात 40 हजार अमेरिकी सैनिकों को भी बाहर निकालने की मांग की है। इसके साथ ही अमेरिकी और सहयोगी देशों के बेस और परमाणु हथियारों को भी देश से बाहर निकालने की बात कही गई है। 'अल्टर्नेटिव फॉर जर्मनी' (AFD) नामक इस पार्टी ने मर्त्ज सरकार से मांग की है कि देश की ‘विदेश नीति’ अब वाशिंगटन से स्वतंत्र होनी चाहिए। पार्टी के नेता टीनो चुपाना ने एक बैठक में कहा कि जर्मनी को सहयोगी देशों के परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को भी खत्म कर देना चाहिए। इसकी शुरुआत 40 हजार अमेरिकी सैनिकों को देश से बाहर निकालकर करना चाहिए। दरअसल, अमेरिका भले ही यह कहता रहा हो कि नाटो में उसने ज्यादा खर्च किया है। लेकिन यूरोपीय देशों के मन में यह भाव है कि नाटो में हमेशा ही अमेरिका के हितों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। यूरोपीय देश इस बात का भी आरोप लगाते रहे हैं कि अमेरिका उन्हें विदेशी युद्धों में जबरदस्ती घसीटता रहता है। ईरान युद्ध को लेकर भी चुपाला ने नाराजगी जाहिर की है। गौरतलब है कि जर्मनी में अमेरिका को लेकर विरोध लगातार तेज हो रहा है। हमेशा विरोध में रहने वाले सत्ता पक्ष और विपक्ष इस मुद्दे पर काफी हद तक एक राय हैं। चांसलर मर्त्ज ने भी ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका पर हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस युद्ध को खत्म करने की बजाय अमेरिका ने इसे बढ़ाने का काम किया है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया है। जर्मनी में कितने अमेरिकी सैनिक? दरअसल, रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी में अमेरिका के 40 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। इसके अलावा करीब 12 से ज्यादा सैन्य अड्डे मौजूद हैं। वर्तमान में जर्मनी के ‘रामस्टाइन एयरबेस’ से ही ईरान पर हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का निर्णय लिया जा रहा है। इसकी वजह से जर्मनी को आशंका है कि इसको भी निशाना बनाया जा सकता है। इस एयरबेस के आसपास अमेरिका का कंट्रोल इतना ज्यादा है कि इस क्षेत्र को यूरोप का मिनी अमेरिका तक कहा जाता है। हालांकि पिछले एक साल से अमेरिका और जर्मनी के बीच में तनाव बढ़ने लगा है। ऐसे में खबर सामने आई थी कि ट्रंप जर्मनी से अपने सैनिक निकालने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले पर कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। नाटो सदस्य देशों को असहज कर रहे ट्रंप बता दें, जनवरी 2025 में शपथ लेने के साथ ही ट्रंप ने नाटो समेत कई देशों के साथ असहज करने वाला व्यवहार किया है। चाहें, फिर वह कनाडा के प्रधानमंत्री को गवर्नर कहना हो, या फिर जेलेंस्की को सरेआम खरी-खोटी सुनाना हो। यहां तक कि ट्रंप ने यूरोप के ग्रीनलैंड को भी हथियाने की योजना बना दी। विरोध इतना बढ़ गया कि यूरोपी देशों ने इसकी रक्षा के लिए अपने सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी। ईरान युद्ध के बाद हालात इतने खराब हो गए कि ट्रंप ने नाटो देशों को कायर तक कह दिया। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं के खिलाफ भी गलत भाषा का उपयोग किया है। ट्रंप की इन हरकतों से दशकों पुरानी अमेरिकी विदेश नीति अब अधर में लटकती नजर आ रही है। पूरे विश्व के ऊपर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने जिस नाटो की स्थापना की थी, ट्रंप उसे ही बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। हाल ही में ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों से अपने रक्षा खर्च को 5 फीसदी तक बढ़ाने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अगगर यह देश ऐसा नहीं कर सकते, तो फिर यूरोप अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ही उठाए।  

6 दिन तक नहीं मिलेगा डब्बा: मुंबई की टिफिन सेवा क्यों रहेगी ठप?

मुंबई मुंबई में छह दिन तक डब्बा सेवा बंद रहेगी। इसके चलते यहां के लोगों को उनके ऑफिस और दुकान में लंच के टिफिन नहीं मिल पाएंगे। हालांकि यह कोई हड़ताल नहीं है, बल्कि इसके पीछे वजह है डब्बावालों की सालाना छुट्टी। इस छुट्टी के लिए डब्बावाले चार अप्रैल तक अपनी सेवा बंद रखेंगे। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर ने खुद इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहाकि यह एक तय ब्रेक है, हड़ताल नहीं। हालांकि सर्विस में ब्रेक से बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है। ग्राहकों के लिए सलाह असल में 135 साल पुराना यह नेटवर्क अपने गांवों पुणे, रायगढ़ और नासिक जिलों (मावल, मुलशी, आंबेगांव, जुन्नार, खेड़, अकोला, संगमनेर, आदि) में, गांव के मेलों और अपने ग्राम देवताओं की तीर्थयात्रा के लिए लौट रहा है। यह समय चैत्र पूर्णिमा के आसपास का होता है (जिसमें रामदेवरा मंदिर जैसी जगहों की यात्रा भी शामिल है)। इस अस्थायी रोक से लाखों दफ्तर जाने वाले लोगों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जो रोजाना घर के बने खाने के लिए इस सेवा पर निर्भर रहते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी समय की परेशानी से बचने के लिए खाने का कोई दूसरा इंतजाम कर लें, जैसे कि घर से खाना लाना या बाहर से खाना मंगवाना। एक अपील भी अगले छह दिनों तक टिफिन सेवा बंद रहने के बावजूद, एसोसिएशन ने ग्राहकों से गुज़ारिश की है कि वे इस ब्रेक के लिए कर्मचारियों की सैलरी न काटें। साल भर लगातार सेवा देने की बात पर ज़ोर देते हुए, एसोसिएशन ने इस अल्पकालिक छुट्टी के दौरान सहयोग की अपील की है। अपनी काबिलियत और काम में बारीकी के लिए दुनिया भर में मशहूर मुंबई के डब्बावाले शायद ही कभी अपना काम रोकते हैं। ऐसे में यह सालाना ब्रेक उन कुछेक मौकों में से एक है जो परंपरा से जुड़े हैं। ईरान युद्ध का भी असर बता दें कि पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर डब्बावाला एसोसिएशन की सेवाओं पर भी पड़ा है। यहां पर टिफिन डिलीवरी की मांग में गिरावट दर्ज की गई है। गैस सिलेंडरों की कमी के कारण शहर के कई होटल और छोटे भोजनालय अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर डब्बावालों पर पड़ा है, क्योंकि उनके लगभग 30 प्रतिशत ग्राहक ऐसे ही बाहरी मेस और भोजन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। कौन हैं डब्बावाला करीब 150 साल से सक्रिय डब्बावाला सेवा को मुंबई की जीवनरेखा माना जाता है। लगभग 1,500 डब्बावाले मिलकर रोजाना करीब 80,000 ग्राहकों तक टिफिन पहुंचाते हैं, जिनमें 70 प्रतिशत ग्राहक घर का बना खाना लेते हैं, जबकि बाकी बाहरी भोजन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।

Delhi Metro Rail Corporation की येलो लाइन ठप, असली वजह आई सामने, डेढ़ घंटे यात्रियों की परेशानी

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर सोमवार सुबह पीक आवर्स के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों की सर्विस प्रभावित रही। ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रैक पर यात्री चलता देखा गया था। मेट्रो की ओर से जानकारी दी गई कि एक यात्री ट्रैक पर पाया गया जिसके चलते एहतियाती तौर पर संचालन बंद करना पड़ा। कुछ समय तक ट्रेनों का संचालन कंट्रोल किया गया ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इस दौरान येलो लाइन पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि येलो लाइन के अलावा मेट्रो की अन्य सभी लाइनों पर सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। डीएमआरसी ने क्या जानकारी दी? दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, ‘विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर ट्रैक पर एक यात्री के होने के कारण येलो लाइन पर ट्रेन सेवाओं में देरी हुई है।’ कई स्टेशनों पर प्रतीक्षा समय बढ़ गया इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से येलो लाइन पर ट्रेन सेवाओं को नियंत्रित किया गया, जिससे सुबह पीक आवर्स के दौरान इस कॉरिडोर के कई स्टेशनों पर प्रतीक्षा समय बढ़ गया और काफी भीड़ जमा हो गई। 'रुकावट बहुत परेशानी भरी थी' स्टेशन पर प्रतीक्षा करते हुए एक यात्री अमित ने कहा कि 'ऑफिस के समय में इस तरह का रुकावट बहुत परेशानी भरी थी। उन्होंने कहा, ‘यह ऑफिस का समय है और भारी भीड़ है। ट्रेनें आने पर भी उनमें इतनी भीड़ है कि आसानी से चढ़ना मुश्किल है।’ डेढ़ घंटे के बाद येलो लाइन पर सेवाएं बहाल वहीं डीएमआरसी के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे के बाद येलो लाइन पर सामान्य सेवाएं बहाल कर दी गईं। आपको बता दें कि येलो दिल्ली के प्रमुख इलाकों को जोड़ती है ऐसे में यात्रियों ने डीएमआरसी की पोस्ट पर कमेंट कर इस दौरान हुई परेशानी के बारे में बताया।

प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

किसी प्रकार की कमी नहीं, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि भारत में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और देश व प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं। इससे पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है और किसी प्रकार की रुकावट की स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सहित पूरे देश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पीएनजी कनेक्शन लेने का भी आग्रह किया, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडरों का निरंतर वितरण किया जा रहा है। वहीं कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम और आवंटन प्रतिशत के आधार पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सतत रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं तथा जिला स्तर तक बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के पास उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल (एमएस/एचएसडी) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर भी पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कंपनियों के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति की जा रही है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं जिससे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2,933 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए तथा 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त 391 पेट्रोल पंपों की जांच की गई, जिसमें एक प्रकरण दर्ज कर एफआईआर कराई गई है। प्रदेश के सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं द्वारा घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन से संबंधित मांग एवं शिकायतों के पंजीयन और उनके निराकरण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के जिन शहरों में पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां पाइपलाइन के आसपास के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अन्य जिलों में पाइपलाइन विस्तार के बाद पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सीजीडी संस्थाओं को विभिन्न अनुमतियां प्राप्त करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इन संस्थाओं द्वारा संबंधित शहरों के लिए दूरभाष नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर उपभोक्ता संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इनमें अवंतिका गैस लिमिटेड द्वारा पीथमपुर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि गैल गैस लिमिटेड द्वारा देवास, रायसेन, शाजापुर और सीहोर के लिए संपर्क सुविधा दी गई है। इसी प्रकार नवेरिया गैस लिमिटेड द्वारा धार, थिंक गैस द्वारा भोपाल, राजगढ़ और शिवपुरी, आईओसीएल द्वारा गुना, मऊगंज, रीवा, अशोकनगर और मुरैना, बीपीसीएलद्वारा मैहर, सतना, शहडोल, सीधी और सिंगरौली तथा गुजरात गैस लिमिटेड द्वारा उज्जैन, देवास, इंदौर, रतलाम और झाबुआ क्षेत्रों के लिए दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ता अपनी मांग या शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल और डीजल की खरीद करें तथा अनावश्यक संग्रह से बचें। ऑयल कंपनियों ने भी यह स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।  

लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर, UN शांति सैनिक की मौत, हालात बिगड़े

बेरूत  ईरान से जुड़े युद्ध ने अब वैश्विक संकट का रूप ले लिया है, जहां एक तरफ तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं तो दूसरी तरफ जमीनी और हवाई हमले भी तेज हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने परमाणु हथियार नहीं छोड़े तो उसका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और जल्द कोई समझौता हो सकता है. इसी बीच बगदाद में अमेरिकी बेस पर हमले और लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह टकराव ने हालात और बिगाड़ दिए हैं, जहां लाखों लोग बेघर हो चुके हैं।  तेल संकट भी लगातार गहराता जा रहा है. होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण सप्लाई बाधित हुई है, जिससे ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर के पार पहुंच गया. कई देश अब रूस से तेल खरीदने को मजबूर हैं, जबकि कुछ देशों में फ्यूल की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं. ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को आम लोगों को राहत देने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट मुफ्त करना पड़ा है. वहीं कुवैत में पावर प्लांट पर हमले और ड्रोन-मिसाइल घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में भी डर का माहौल बना दिया है।  इसी बीच ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है. ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफकारी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने फारस की खाड़ी में किसी द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सैनिक ‘शार्क का खाना’ बन जाएंगे. उन्होंने ट्रंप पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।  तनाव को और बढ़ाने वाला दावा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने किया. उन्होंने आरोप लगाया कि रूस ने ईरान की मदद की. उनके मुताबिक रूसी जासूसी सैटेलाइट्स ने डिएगो गार्सिया में अमेरिका और ब्रिटेन के सैन्य अड्डे की तस्वीरें लीं और यह जानकारी ईरान को दी गई. जेलेंस्की ने कहा कि 24 और 25 मार्च को ली गई इन तस्वीरों के बाद ईरान ने वहां मिसाइल हमला करने की कोशिश की, हालांकि दोनों मिसाइल निशाने पर नहीं लगीं. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया अमेरिका और ब्रिटेन का अहम सैन्य अड्डा है. ऐसे में इस पर किसी भी तरह की गतिविधि पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है।   दबाव के बीच ईरान की कमाई बढ़ी  अमेरिका और इजरायल के दबाव के बीच ईरान को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा फायदा होता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी के अंत से अब तक ईरान की रोजाना तेल आय लगभग दोगुनी हो गई है. बताया जा रहा है कि बढ़ती वैश्विक कीमतों और सप्लाई संकट का फायदा उठाकर तेहरान ने अपनी रणनीति मजबूत की है।   इजरायल ने हथियारों का बड़ा सौदा किया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने अपनी सैन्य तैयारी और तेज कर दी है. रक्षा मंत्रालय ने Elbit Systems के साथ 48 मिलियन डॉलर का समझौता किया है, जिसके तहत हजारों 155mm आर्टिलरी शेल खरीदे जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक यह कदम विदेशी सप्लाई पर निर्भरता कम करने और घरेलू हथियार उत्पादन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है. युद्ध के बीच सप्लाई चेन सुरक्षित रखने के लिए इजरायल लगातार अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने में जुटा है।  बेथलहम के पास आगजनी, फिलिस्तीनी वाहनों को जलाया वेस्ट बैंक के बेथलहम के पास नहालिन इलाके में इजरायली बसने वालों पर आगजनी का आरोप लगा है. फिलिस्तीनी न्यूज एजेंसी के मुताबिक हमलावरों ने इलाके में घुसकर दो फिलिस्तीनी वाहनों को आग के हवाले कर दिया और दीवारों पर नस्लीय नारे लिखे. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटना बाहरी इलाके में हुई, जहां हमलावरों ने पहले हमला किया और फिर बाकौश इलाके में इकट्ठा होकर तोड़फोड़ की।   कतर ने कुवैत पर हमले की निंदा की, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव कतर ने कुवैत के पावर स्टेशन और पानी के प्लांट पर हुए हमले को लेकर ईरान की कड़ी निंदा की है. कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे ‘गंभीर आक्रामक कार्रवाई’ बताते हुए तुरंत रोकने की मांग की है और कुवैत के साथ पूरी एकजुटता जताई है. कुवैत अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हुई है और साइट पर मौजूद सर्विस बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है।  इजरायल लिंक के आरोप में दो लोगों को फांसी  ईरान में दो लोगों को फांसी दे दी गई है, जिन पर अमेरिका और इजरायल से जुड़े विपक्षी संगठन मुजाहिदीन-ए-खलक के साथ काम करने का आरोप था. अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दोनों पर सुरक्षा बलों पर हमले करने के आरोप भी लगाए गए थे. अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई देश की सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों के चलते की गई है।   वियतनाम भी रूसी तेल की ओर झुका  वैश्विक तेल संकट के बीच वियतनाम की बिन्ह सोन रिफाइनरी ने रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है. साथ ही अफ्रीका, अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया से भी सप्लाई के विकल्प तलाशे जा रहे हैं. अमेरिका ने रूसी तेल पर 30 दिन की छूट देकर खरीद की अनुमति दी है, जिससे कई देशों को राहत मिली है. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बाद सप्लाई पर असर पड़ा है, जिसके चलते थाईलैंड, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देश भी रूस से तेल खरीद रहे हैं. वहीं चीन और भारत अब भी रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदार बने हुए हैं।   

राज्यमंत्री पटेल ने गायत्री शक्ति पीठ में गौशाला का किया निरीक्षण, गौमाता की हुई पूजा

बेल पत्र का लगाया पौधा भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने गायत्री शक्तिपीठ भोपाल परिसर में गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की खुशहाली एवं समृद्धि की प्रार्थना की। मंत्री पटेल ने गौशाला के संचालन, पशुपालन व्यवस्था एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं-विशेष रूप से नस्ल सुधार एवं अपग्रेडेशन-पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गौ उत्पादों के संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए भी संचालकों को प्रेरित किया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार से आए जगदीश चंद्र कुलमी (मध्यप्रदेश जोनल समन्वयक) एवं राजेश पटेल (व्यवस्थापक एवं म.प्र. जोन समन्वयक) द्वारा राज्यमंत्री पटेल का गायत्री मंत्र दुपट्टा, शॉल, श्रीफल एवं पान का पौधा भेंट कर स्वागत किया। राज्यमंत्री पटेल ने राम स्मृति उपवन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य संवर्धन अभियान का अवलोकन कर उपवन परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने गायत्री मंदिर परिसर में बेल पत्र का पौधा लगाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान प्रदीप नीखरा, विनोद गुप्ता, सूरज परमार, अशोक नेमा जिला समन्वयक रमेश नागर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।  

प्रतापगढ़ विधायक हेमंत मीणा का बीपी 190 पार, स्थिति अब भी गंभीर

प्रतापगढ़ राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री और प्रतापगढ़ से विधायक हेमंत मीणा की तबीयत एक बार फिर अचानक बिगड़ गई है। रविवार रात हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रात करीब 1 बजे उदयपुर रेफर कर दिया है। अचानक 190 पहुंचा ब्लड प्रेशर दरअसल, रविवार रात मंत्री मीणा के अंबा माता स्थित आवास पर उनकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक यादव के अनुसार हेमंत मीणा का ब्लड प्रेशर (BP) 190 तक पहुंच गया था, जो काफी चिंताजनक था। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजकुमार जोशी और उनकी टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। इंजेक्शन और दवाइयों के बाद बीपी 150 तक आया, लेकिन रिस्क न लेते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए उदयपुर भेजा गया है। 3 दिन में दूसरी बार बिगड़ी सेहत गौरतलब है कि महज तीन दिन पहले भी हेमंत मीणा को हाई ब्लड प्रेशर और फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई थी। तब भी उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन काम के दबाव और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के चलते उनकी सेहत में सुधार नहीं हो पाया। दिनभर सक्रिय रहे मंत्री मीणा जानकारी के अनुसार बीमार होने के बावजूद रविवार को मंत्री मीणा काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने अपने आवास पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। इस दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष उत्सव जैन और कई वरिष्ठ पदाधिकारी वहां मौजूद थे। रात होते-होते अचानक उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई। हेमंत मीणा प्रतापगढ़ और आसपास के आदिवासी अंचल के बड़े नेता हैं। उनके बीमार होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचने लगे। रायपुर से लेकर प्रतापगढ़ तक के लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।