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बेरोजगारी पर RSS नेता का अनोखा फार्मूला: घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दें

नई दिल्ली

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार देश में रोहिंग्या और अन्य घुसपैठियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि भारत में मौजूद सभी घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दिया जाए तो देश के मुसलमानों की बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सकता है।

इंद्रेश कुमार ने यहां के तालकटोरा स्टेडियम में एमआरएम के अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान और बंगलादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी की मांग की और अत्याचार रोकने के लिए वहां के सरकार से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्यों में रोहिंग्या सहित अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी पर चिंता जताते हुए इसे भारतीय मुसलमानों की रोजगार और संसाधनों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने घुसपैठ की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "घुसपैठिए नौकरी करेंगे तो यहां का मुसलमान कैसे रोजगार हासिल कर पाएंगे?"

इस दौरान उन्होंने कहा, 'आतंकवाद किसी धर्म का नहीं बल्कि शैतानियत का नाम है। हम हिन्दुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। हमारी पहचान कोई छीन नहीं सकता।' इस कार्यक्रम में कुमार के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदम्बिका पाल, भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी,ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी, अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती सहित काफी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

इस सम्मेलन में आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति और राष्ट्रीय एकता के लिए संगठित और आक्रामक अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान पाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों का जवाब दिया है और देश को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार वक्फ की एक-एक इंच जमीन का डिजिटलीकरण कर रही है ताकि उसे मुसलमानों की तरक्की में लगाया जा सके। संसद और सरकार वक्फ सुधारों को पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संशोधन मुस्लिम समाज के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

ख्वाजा नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे न्यायप्रिय देश है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार प्राप्त है।" उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रयास समाज में भरोसा और सद्भाव बढ़ाने का हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अब केवल सुधार की बात नहीं करता बल्कि अब यह जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए ठोस योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए काम कर रहा है। तालकटोरा स्टेडियम की यह गूंज आने वाले वर्षों में भारत के कोने-कोने तक पहुंचेगी l

महासम्मेलन में मंच के सभी राष्ट्रीय संयोजक, प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय संयोजक, सभी प्रांतों के संयोजक सह संयोजक और महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद थे। मौजूद लोगों में अलग अलग वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और हज समितियों से जुड़े लोग भी थे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने 25 वर्षों के इतिहास में तीन तलाक समाप्ति, राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 तथा 35ए को हटाने, पीएफआई पर प्रतिबंध, वक्फ संशोधन कानून, तिरंगा यात्राएं और आतंकवाद विरोधी अभियान जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाई है।

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