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अमेरिका के वेनेजुएला हमले पर भड़के शशि थरूर, बोले— अब दुनिया में ‘जंगलराज’ चल रहा है

नई दिल्ली
अमेरिका ने देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया। अब दोनों पर अमेरिका में ही मुकदमा चलाने की तैयारी है। इसके साथ ही, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल वेनेजुएला को अमेरिका ही चलाएगा। वेनेजुएला मामले को लेकर दुनियाभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं शशि थरूर, अभिषेक मनु सिंघवी आदि ने भी रिएक्शन दिया है।
 
लोकसभा सांसद शशि थरूर ने कहा कि कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को नजरअंदाज किया जा रहा है, और अब जंगल का कानून चल रहा है। एक्स पर एक पोस्ट में थरूर ने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर को कुछ सालों से तोड़ा जा रहा है। आज जंगल का कानून चल रहा है। 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' ही नया नियम है।"

वहीं, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन, युद्धपोत से लोकतंत्र और खुद बनाए गए सिद्धांत के तहत संप्रभुता को फिर से लिखना? यह लीडरशिप नहीं है, यह 21वीं सदी की भाषा में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद है। अगर अंतर्राष्ट्रीय कानून सिर्फ कमजोरों के लिए मायने रखता है, तो यूएन को बंद हो जाना चाहिए। दुनिया नियमों की हकदार है, न कि सनकी शासकों की।"

बता दें कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर दुनिया भर में कड़ी प्रतिक्रियाएं हुई हैं। चीन, रूस, फ्रांस और ईरान सहित कई देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना और निंदा की है। इसके अलावा, भारत ने भी वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम को लेकर रविवार को गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने कहा कि वह वेनेजुएला में तेजी से बदल रही स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं। हम तेजी से बदलती स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।’’ भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का भी आह्वान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत वेनेजुएला के लोगों के कुशल-क्षेम और उनकी सुरक्षा के प्रति समर्थन की फिर पुष्टि करता है।’’ बयान में कहा गया, ‘‘हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।’’

 

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