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स्मार्ट पंजीयन कार्यालय बना दिव्यांग सुमन अग्रवाल के लिए सुविधा का केंद्र, रजिस्ट्री में भी बचाए 25 हजार रुपये

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

स्मार्ट पंजीयन कार्यालय बना दिव्यांग सुमन अग्रवाल के लिए सुविधा का केंद्र, रजिस्ट्री में भी बचाए 25 हजार रुपये

व्हीलचेयर और रैंप की सुविधा से आसान हुई पंजीयन प्रक्रिया, महिला क्रेता को पंजीयन शुल्क में मिली 50 प्रतिशत की छूट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पंजीयन सेवाओं का कायाकल्प, वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में नागरिक सुविधाओं का हो रहा विस्तार

रायपुर, 
 छत्तीसगढ़ में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और संवेदनशील बनाने की दिशा में किए जा रहे सुधारों से आम नागरिकों को आर्थिक राहत के साथ बेहतर सुविधाएं भी मिल रही हैं। रायगढ़ जिले के सुभाष चौक निवासी दिव्यांग श्रीमती सुमन अग्रवाल का अनुभव इसकी एक मिसाल है। जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचीं श्रीमती अग्रवाल को स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में व्हीलचेयर और रैंप की सुविधा मिलने से आवागमन में आसानी हुई। वहीं महिला क्रेता के रूप में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें 25 हजार रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक बचत भी हुई। इस तरह शासन की पहल ने उनके लिए संपत्ति का पंजीयन न केवल किफायती बनाया, बल्कि पूरी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक भी बना दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पंजीयन सेवाओं को नागरिक केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पंजीयन प्रक्रिया के सरलीकरण, शुल्क में रियायत और स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों के माध्यम से नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुधारों का जमीनी प्रभाव जानने के लिए पंजीयन विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित किए जा रहे हैं।

रजिस्ट्री में 25 हजार रुपये की बचत, घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मिलेगी मदद

सेवा संकल्प अभियान के तहत अपना अनुभव साझा करते हुए श्रीमती सुमन अग्रवाल ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री कराने के दौरान उन्हें महिला क्रेता के लिए निर्धारित पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ मिला। इससे उनके 25 हजार रुपये बच गए। उन्होंने बताया कि यह राशि उनके परिवार की घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी। संपत्ति के पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में मिली इस आर्थिक राहत से उन्हें काफी खुशी हुई।

व्हीलचेयर और रैंप ने आसान बनाया कार्यालय में आवागमन

श्रीमती सुमन अग्रवाल के लिए आर्थिक राहत के साथ स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में उपलब्ध सुविधाएं भी विशेष रूप से मददगार साबित हुईं। दिव्यांग होने के कारण उन्हें कार्यालय में आवागमन के दौरान सहारे की आवश्यकता थी। जिला पंजीयक कार्यालय, रायगढ़ में उपलब्ध व्हीलचेयर और रैंप की सुविधा से उन्हें बिना अनावश्यक परेशानी के पंजीयन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में सहायता मिली। इन व्यवस्थाओं ने उन्हें सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया और पंजीयन कार्य सुगमता से संपन्न हुआ।

श्रीमती अग्रवाल का अनुभव दर्शाता है कि शासकीय सेवाओं में संवेदनशीलता और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और विशेष आवश्यकता वाले हितग्राहियों के लिए ऐसी सुविधाएं सरकारी कार्यालयों तक पहुंच को अधिक सहज बनाती हैं।

स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों से बदल रहा नागरिक सेवाओं का अनुभव

राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में नागरिकों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। इनमें वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल टोकन प्रणाली, हेल्प डेस्क, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, निःशुल्क वाई-फाई और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही दिव्यांगजनों के लिए रैंप और व्हीलचेयर जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सभी नागरिक सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण में अपनी संपत्ति का पंजीयन करा सकें।

वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारों का उद्देश्य नागरिकों के समय और धन की बचत के साथ शासकीय सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और सुविधाजनक बनाना है।

श्रीमती सुमन अग्रवाल की कहानी इस बदलाव का उदाहरण है, जहां एक ओर पंजीयन शुल्क में छूट से 25 हजार रुपये की आर्थिक राहत मिली, वहीं दूसरी ओर व्हीलचेयर और रैंप जैसी सुविधाओं ने उन्हें सहजता से रजिस्ट्री कराने में मदद की। उन्होंने इन जनहितैषी व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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