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भजन-गीत और नारे के बीच विधानसभा में रात गुजारी, कर्नाटक शराब घोटाले पर भाजपा-जेडीएस विधायकों का विरोध जारी

बेंगलुरु

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) के विधायकों ने कथित शराब घोटाले को लेकर आबकारी मंत्री आरबी थिम्मापुर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक विधानसभा में रात गुजारी। बुधवार सुबह भी भाजपा-जेडीएस विधायकों का प्रदर्शन जारी रहा। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष व विधायक बीवाई विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक समेत कई विधायक विधानसभा परिसर में मॉर्निंग वॉक करते हुए नजर आए। बाद में सभी विधायक एक जगह इकट्ठा हुए, चाय पी और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की। कुछ देर बाद विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हुआ, जिसमें भाजपा और जेडीएस के विधायक विधानसभा के प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर बैठ गए और एक्साइज मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। उन्होंने गाने भी गाए और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
भाजपा विधायक चन्नाबसप्पा ने एक भक्ति गीत भी गाया। विजयेंद्र, अशोक और विधानसभा में विपक्ष के उपनेता अरविंद बेल्लाड समेत अन्य विधायक भी उनके साथ शामिल हुए।

कथित शराब घोटाले के केस में भाजपा-जेडीएस के विधायक राज्य के आबकारी मंत्री आरबी थिम्मापुर का इस्तीफा मांग रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक के इतिहास में पहली बार शराब एसोसिएशन ने खुद एक्साइज डिपार्टमेंट में 6,000 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री हर महीने 250 करोड़ से 300 करोड़ रुपए वसूल रहे थे। उनके मुताबिक, हर डिप्टी कमिश्नर की पोस्ट के लिए कथित तौर पर 2 करोड़ रुपए और कांस्टेबल लेवल की पोस्टिंग के लिए भी 10 लाख रुपए लिए जा रहे थे। आर. अशोक ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर एक डिप्टी कमिश्नर ने कहा था कि मंत्रियों को 'कट' देना पड़ता है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मंत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज की गई है।

अशोका ने आरोप लगाया, "इन सबके बावजूद मंत्री सबूत मांग रहे हैं और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जिनके पास वित्त मंत्रालय भी है, सहित पूरी सरकार उनका साथ दे रही है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस हाईकमान के पास बहुत सारा पैसा पहुंच रहा है। चुनावों के लिए यह भारी भरकम 6,000 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ है। हम धरना दे रहे हैं और जब तक एक्साइज मंत्री थिम्मापुर इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।"

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