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राजधानी में नस्लवाद पर सख्त एक्शन, CM रेखा गुप्ता ने दोषियों को दी कड़ी सजा की चेतावनी

नई दिल्ली
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ हुई नस्लीय टिप्पणी और उत्पीड़न की घटना ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
 
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 20 फरवरी की है, जब मालवीय नगर में किराए पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं का उनके पड़ोसियों, हर्ष सिंह और रूबी जैन के साथ घर की मरम्मत को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान पड़ोसियों ने महिलाओं पर नस्लीय फब्तियां कसीं और उन्हें "धंधेवाली" (सेक्स वर्कर) कहकर अपमानित किया। घटना के पांच दिन बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम यानी SC/ST एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। नॉर्थ ईस्ट की हमारी बहनों के साथ हुई इस घटना की मैं कड़ी निंदा करती हूं और उनके साथ मजबूती से खड़ी हूं।

सीएम ने कड़े शब्दों में कहा- दिल्ली सबकी है
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "मालवीय नगर में हमारी नॉर्थ-ईस्ट की बहनों के साथ जो बदसलूकी हुई, वह मेरे संज्ञान में आई है। दिल्ली देश की राजधानी है और यहाँ देश के हर कोने से आए लोगों का समान अधिकार है। नॉर्थ-ईस्ट के भाई-बहन अपनी मेहनत से दिल्ली की तरक्की में योगदान देते हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।" मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही पीड़ित महिलाओं से मिलेंगी और दिल्ली में रह रहे उत्तर-पूर्व के अन्य लोगों की समस्याओं को सुनकर नीतिगत समाधान निकालेंगी।
 
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी धाराएं
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और नस्ल या धर्म के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच अब एक एसीपी (ACP) रैंक के अधिकारी द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

 

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