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बस्ती से विदेश पहुंचा 25 हजार कुंतल शीरा, यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला ग्लोबल बाजार

लखनऊ  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब केवल स्थानीय और घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रह गई है। प्रदेश के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात इसका एक प्रमुख उदाहरण है। इससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है। खास बात यह है कि शीरा अलग शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए इससे हुई विदेशी मुद्रा अर्जन की राशि प्रदेश के मुख्य आबकारी निर्यात आंकड़ों से अलग है।  उत्तर प्रदेश में गन्ने और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़े उद्योगों को अब सिर्फ स्थानीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार भी उपलब्ध हो रहा है। इससे खेतों में तैयार होने वाले कच्चे माल के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था का बड़ा नेटवर्क है। गन्ने से चीनी के साथ शीरा जैसे उप-उत्पाद भी तैयार होते हैं।  योगी सरकार की निर्यात नीति से बढ़ी वैश्विक पहुंच योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 का जोर प्रदेश की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में प्रदेश के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 45.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 फीसदी रही। अप्रैल-जून 2026 में यूपी का आबकारी निर्यात 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 87.9 लाख डॉलर था। यानी प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की। हालांकि, बस्ती के शीरे से मिली करीब पांच लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा अलग शुल्क वर्गीकरण के कारण इन आंकड़ों से अतिरिक्त है। कृषि से लेकर लॉजिस्टिक्स तक जुड़ी पूरी चेन कृषि उत्पाद का विदेश पहुंचना केवल किसान और निर्यातक के बीच का कारोबार नहीं है। इसके पीछे प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स की पूरी श्रृंखला काम करती है। निर्यात बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक एक्सपोर्ट चेन हो रही तैयार आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि प्रदेश में निर्यात बढ़ने का असर केवल आबकारी इकाइयों तक सीमित नहीं है। उद्योग की पिछली कड़ी गन्ना, शीरा और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ी है, जबकि आगे कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे अनेक क्षेत्र जुड़े हैं। उत्पादन और निर्यात बढ़ने के साथ इन सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। इससे खेत से फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक एक व्यापक एक्सपोर्ट चेन तैयार हो रही है।

यूपी पुलिस में बंपर भर्ती: 25,000 पदों का ऐलान, जल्द जुड़ सकते हैं 3,000 और रिक्तियां

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ ने नई यूपी पुलिस कांस्टेबल और जेल वार्डर भर्ती का ऐलान कर दिया है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने कहा है कि आरक्षी नागरिक पुलिस, पीएसी,आरक्षी विशेष सुरक्षा बल, पीएसी महिला, आरक्षी पीएसी सशस्त्र पुलिस, जेल वार्डर, घुड़सवार पुलिस के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिसम्बर महीने में जारी किया जाएगा। यानी यूपी पुलिस में इसी माह कांस्टेबल और जेल वार्डर के करीब 25000 पदों पर भर्ती निकलेगी। वैकेंसी में कांस्टेबल के करीब 19 हजार और जेल वार्डर के लगभग 2800 पद होंगे। भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट uppbpb.gov.in देखते रहने की सलाह दी है। आपको बता दें कि भर्ती बोर्ड ने अप्रैल में 19220 सिपाहियों की भर्ती को आवेदन की जानकारी दी थी मगर इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। बंदी रक्षक (जेल वार्डर) के करीब 2800 पद रिक्त है। इन पर भी भर्ती के लिए शासन से अनुमति मिल गई है। सीएम योगी ने यूपी पुलिस में कुल 30 हजार नई भर्ती की घोषणा की थी। सब इंस्पेक्टर के 4543 पदों पर भर्ती निकल चुकी है। आवेदन लिए जा चुके हैं। अब कांस्टेबल व जेल वार्डर भर्ती का इंतजार है। करीब 3000 अतिरिक्त पदों को बढ़ाकर भर्ती करने की तैयारी आठ माह की अवधि के दौरान सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों की संख्या को जोड़कर अब करीब तीन हजार अतिरिक्त पदों को बढ़ाकर भर्ती करने की तैयारी है। बोर्ड की विज्ञप्ति में रिक्त पदों की संख्या की जानकारी दी जाएगी। यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी पूरा कर लें अपना ओटीआर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ ने भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ( यूपीपीएससी ) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की तरह अपनी तमाम भर्तियों में ओटीआर यानी वन टाइम रजिस्ट्रेशन का सिस्टम लागू कर दिया है। जो भी अभ्यर्थी आने वाली यूपी पुलिस की कांस्टेबल व एसआई समेत विभिन्न भर्तियों के लिए आवेदन करना चाहता है, उसे पहले apply.upprpb.in पर जाकर ओटीआर भरना होगा। पिछली भर्ती के आधार पर कांस्टेबल की योग्यता के संभावित नियम योग्यता – 12वीं पास (इंटर पास) । अगर दो या उससे अधिक अभ्यर्थियों के मार्क्स बराबर आते हैं तो डोएक से ओ लेवल वाले अभ्यर्थियों, एनसीसी बी सर्टिफिकेट व प्रादेशिक सेना में दो वर्ष की सेवा का अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्रेफरेंस मिलेगा। आयु सीमा – पुरुषों के लिए – 18 वर्ष से 22 वर्ष। (60 हजार भर्ती में तीन साल आयु में छूट दी गई थी) शारीरिक मानक पुरुषों के लिए – सामान्य, ओबीसी, एससी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई कम से कम 168 सेमी. होनी चाहिए। सीना बिना फुलाए कम से कम 79 सेमी. हो और फुलाकर कम से कम 84 सेमी हो। – एसटी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई 160 सेमी. होनी चाहिए। सीना बिना फुलाए कम से कम 77 सेमी. हो और फुलाकर कम से कम 82 सेमी हो। महिलाओं के लिए – सामान्य, ओबीसी, एससी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई कम से कम 152 सेमी. होनी चाहिए। – एसटी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई कम से कम 147 सेमी. होनी चाहिए। – वजन कम से कम 40 किलोग्राम हो चयन – लिखित परीक्षा, पीएसटी व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन। फिजिकल टेस्ट (दौड़)। एग्जाम पैटर्न लिखित परीक्षा 300 अंकों की होगी। इसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, संख्यात्मक व मानसिक योग्यता, मानसिक अभिरुचि, बुद्धिलब्धि, तार्किक क्षमता के प्रश्न थे। कुल 150 प्रश्न होंगे। फिजकल टेस्ट – लिखित परीक्षा में पास अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। पुरुषों को 25 मिनट में 4.8 किमी की दौड़ और महिलाओं को 14 मिनट में 2.4 किमी की दौड़ लगानी होगी।