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स्कूलों में ही बनेंगे आधार कार्ड और अद्यतन भी होगा

भोपाल राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सहयोग से प्रदेश के स्कूलों में छात्रों की सुविधा के लिए आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर विद्यार्थियों के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार का अगला चरण 1 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विद्यालय परिसर में ही आधार से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें नामांकन और अपडेट के लिए अलग से कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व यह कार्यक्रम 18 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 के बीच दो चरणों में आयोजित किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिला था। अब इसके अगले चरण के माध्यम से शेष विद्यार्थियों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट को पूर्ण करने के उद्देश्य से “विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार” अभियान का अगला चरण प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 15 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही आधार से संबंधित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। 500 से अधिक ऑपरेटर्स का किया गया है चयन आधार शिविरों के कुशल संचालन के लिए लगभग 500 से अधिक ऑपरेटर्स का चयन किया गया है। इसके साथ ही इस सबंध में शालाओं के प्रधानाध्‍यापकों को निर्देशित भी किया गया है कि वे UDISE+ पोर्टल से उन विद्यार्थियों की सूची अद्यतन कर लें जिनके आधार में MBU पेंडिंग हैं। ऐसे विद्यार्थियों को आधार अपडेट कराने के लिये जागरूक करें और इसके लिए एक रोस्टर बनाएं। स्‍कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) पर केंद्रित है। जिसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। दूसरा MBU तब आवश्यक है जब बच्चा 15 वर्ष का हो जाए। दूसरा MBU 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होता है। अपडेटेड बायोमेट्रिक्स वाला आधार कार्ड, स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षा, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं जैसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए सरकार समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत अपार आईडी (APAAR id) बनाने का भी लक्ष्य रख रही है। अपार आईडी विद्यार्थियों को उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट, जैसे स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेड शीट, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहीत, प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करती है। यह आईडी शिक्षा जगत में छात्र के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। APAAR id के लिए महत्वपूर्ण है कि स्कूलों द्वारा APAAR Id बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले UDISE+ पोर्टल में दर्ज छात्र का नाम, आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए। स्कूल एडमीशन, प्रवेश परीक्षा, स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रोग्राम जैसी सर्विस पाने के लिए स्टूडेंट के पास मौजूदा बायोमेट्रिक्स वाला आधार होना ज़रूरी है। स्टूडेंट्स के लिए सबसे नए बायोमेट्रिक्स वाला अपडेटेड आधार भी ज़रूरी है, क्योंकि NTA, UPSC, JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने और परीक्षा केन्‍द्रों में आगे एंट्री के लिए मोबाइल नंबर से जुड़ी आधार विवरण आवश्‍यक होता है। अपडेटेड आधार से स्टूडेंट की APAR ID भी आसानी से बन जाती है। पहले चरण में 2000 से अधिक स्कूलों में लगा था शिविर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए, मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) के सहयोग से "विद्यार्थी के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार" पहल शुरू की गई है। पहले चरण में प्रदेश के 2000 से ज़्यादा विद्यालयों में MBU कैंप लगाए गए थे, जिनमें 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने आधार में बायोमेट्रिक्स अपडेट किए थे।  

विद्यार्थियों के लिए जरूरी अपडेट: आधार अभियान का दूसरा चरण अब अक्टूबर से

दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट भोपाल  प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा। विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है। अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है। विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।