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छत्तीसगढ़ के स्कूलों में लौटी रौनक, नए सत्र में छात्रों का हुआ पारंपरिक अभिनंदन

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर स्वागत किया। स्कूलों में बच्चों के चेहरों पर उत्साह और नई उम्मीदें साफ नजर आईं। खासकर पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन यादगार रहा। वहीं राज्य सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए जा रहे हैं। बता दें कि 30 जून को प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव का बड़ा आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री शामिल होंगे। फिलहाल नए सत्र के पहले दिन स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में पढ़ाई के अलावा राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रार्थना सभा में नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ का गायन कराया जाएगा। साथ ही बच्चों को देशभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित होंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में इन गतिविधियों के नियमित संचालन के निर्देश दिए हैं। नए शिक्षा सत्र में बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने पर भी विशेष फोकस रहेगा। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी और प्रेरणादायी बनाने के लिए नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्यगीत का गायन कराया जाएगा।

Bihar Schools Update: नए सत्र की शुरुआत अप्रैल से, 1.33 करोड़ बच्चों को किताबों का वितरण

पटना. राज्य के सभी 70 हजार सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में अप्रैल से नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को एक से दस अप्रैल के बीच पाठ्य-पुस्तकों को वितरित करने का निर्देश दिया है। इससे एक करोड़ 33 लाख बच्चे लाभान्वित होंगे। बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम के एक उच्च पदाधिकारी ने बताया कि सभी 38 जिलों को किताबों के सेट यानी किट उपलब्ध करा दिया गया है। ये किताबें संकुल संसाधन केंद्रों से संबंधित विद्यालयों में उपलब्ध करायी जा रही है। एक करोड़ से ज्यादा सेट तैयार प्रधान शिक्षकों या प्रधानाध्यापकों के साथ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बच्चों के बीच पुस्तकों के वितरण सुनिश्चित करेंगे। पुस्तकों का एक करोड़ 33 लाख 85 हजार सेट तैयार कराया गया है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, सरकारी विद्यालयों में पहली से पांचवीं कक्षा तक नामांकित बच्चों की संख्या 83,21,515 है। सत्र के शुरूआत में ही बच्चों को मिलेगी किताबें वहीं कक्षा छह से आठ तक के नामांकित बच्चों की कुल 50,51,769 है। बच्चों की जरूरत के हिसाब से पुस्तकों का सेट तैयार कर उसे विद्यालयों तक उपलब्ध करायी जा रही है। इसके लिए संकुल संसाधन केंद्रों को समन्वयक की भूमिका दी गई है। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सत्र की शुरुआत में ही सभी बच्चों के पास अपनी किताबें हों ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।