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आचार संहिता प्रभावी: पटना में नहीं बजेगा डीजे, 16 नवंबर तक जश्न पर सख्त मनाही

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले पटना जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को काबू में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर पटना जिले में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को 16 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान किसी भी तरह के विजय जुलूस, राजनीतिक सभा, रैली या डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि मतगणना के दिन या उसके बाद किसी भी तरह की भीड़भाड़ या उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटना जिले की 14 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर को एएन कॉलेज में होगी। इसी को देखते हुए जिला दंडाधिकारी (DM) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि 16 नवंबर तक किसी भी राजनीतिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन या धरने पर रोक रहेगी। साथ ही लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लागू की गई है। कानून व्यवस्था से समझौता नहीं होगा: डीएम पटना डीएम पटना ने सख्त लहजे में कहा कि, “कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या पार्टी नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।” इसके साथ ही प्रशासन ने सभी उपमंडलीय अधिकारियों (SDO) और पुलिस अधिकारियों (SDPO) को कानून व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है। वहीं डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (0612-2219810 / 2219234) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके

कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन सख्त, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी तेज़

देर रात हुई कार्रवाई, अवैध धान परिवहन और भंडारण पर कसी लगाम महासमुंद धान खरीदी के पूर्व जिला प्रशासन अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमों ने देर रात तक कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में अवैध धान जप्त किया है। तहसील सराईपाली के ग्राम बालसी में देर रात अनिल ट्रेडर्स के गोदाम से 375 कट्टा और रोशन ट्रेडर्स के गोदाम से 50 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया। यह कार्रवाई राजस्व विभाग, खाद्य निरीक्षक और मंडी सचिव की संयुक्त टीम द्वारा मंडी अधिनियम के तहत की गई। इसी प्रकार ओड़िशा सीमा से अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 80 कट्टा धान को नायब तहसीलदार प्रकृति एवं मंडी टीम द्वारा जब्त किया गया। एक अन्य कार्रवाई में तहसील पिथौरा अंतर्गत ग्राम छोटे लोरम में साहेब लाल पटेल के गोदाम से 600 बोरी, ग्राम लालमाटी में बीसीकेशन पिता रूपसाय के घर से 200 बोरी, तथा गोमती पति गंगाराम के घर से 100 बोरी अवैध धान प्रशासनिक टीम ने जब्त किया। यह कार्रवाई एसडीएम पिथौरा श्री बजरंग वर्मा के मार्गदर्शन में की गई तथा मंडी सचिव को मंडी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व कोई भी व्यक्ति या व्यापारी अवैध रूप से धान का भंडारण या परिवहन न करे। नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले की सीमाओं पर निगरानी और सघन जांच अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध परिवहन, भंडारण न हो सके।

पंडाल और गेट हटाने का अल्टीमेटम: प्रशासन ने पूजा समितियों को दो दिन दिए

रांची झारखंड की राजधानी रांची जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा पंडाल, गेट एवं तोरण द्वार दो दिनों में हटाने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने कहा कि दुर्गा पूजा 2025 का पर्व दिनांक 02 अक्टूबर एवं विसर्जन 03 अक्टूबर को संपन्न हो चुका है, बावजूद इसके कई पूजा समितियों द्वारा बनाए गए अस्थायी पूजा पंडाल, गेट एवं तोरण द्वार अब तक नहीं हटाए गए हैं। इससे शहर में यातायात बाधित हो रहा है तथा दुर्घटनाओं की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उक्त परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पूजा समितियों को निर्देश जारी किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से दो दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में बनाए गए अस्थायी पूजा पंडालों, गेट एवं तोरण द्वारों को खोलकर हटा दें। ज्ञातव्य है कि कि झारखंड उच्च न्यायालय ने डब्ल्यू.पी. (पीआइएल) न. 4838/2025 में दिनांक 23 सितंबर 2025 को अपने आदेश में यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूजा समाप्ति के पश्चात सभी पूजा पंडालों एवं तोरण द्वारों को हटाकर भूमि को पूर्ववत समतल बना दिया जाए। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक हित एवं यातायात की सुगमता को ध्यान में रखते हुए सभी पूजा समितियों के अध्यक्ष/सचिव यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित अवधि में सभी अस्थायी संरचनाओं को हटा दिया जाए तथा संबंधित स्थानों को समतल एवं सुव्यवस्थित कर दिया जाए।