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अफ्रीकन स्वाइन फीवर अलर्ट: Amritsar में बढ़ते संक्रमण पर प्रशासन सख्त, नई गाइडलाइन जारी

अमृतसर. डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन डिपार्टमेंट अमृतसर से मिली जानकारी के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 को गांव धारीवाल कलेर, तहसील अजनाला में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के मामले सामने आए थे, जिसके बाद इस इलाके को बीमारी का केंद्र (एपिसेंटर) घोषित किया गया था। इस दौरान, गांव के 0 से 1 km के दायरे को इन्फेक्टेड एरिया और 1 से 10 km के इलाके को सर्विलांस जोन घोषित किया गया था। भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, इन्फेक्टेड जोन में सफाई और डिसइंफेक्शन की कार्रवाई की गई और 2 बार रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद हालात नॉर्मल पाए गए हैं। ऊपर बताई गई स्थिति को देखते हुए, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमृतसर रोहित कुमार गुप्ता, PCS ने इंडियन सिक्योरिटी कोड, 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, पहले जारी रोक के आदेशों को रद्द कर दिया है। उन्होंने अब उस इलाके को रीपॉपुलेशन जोन घोषित कर दिया है, जिससे पशुपालन का काम फिर से शुरू हो सकेगा। ये आदेश तुरंत लागू हो गए हैं। 

CG में स्वाइन फीवर अलर्ट: 200 सूअरों की मौत के बाद हड़कंप, संक्रमित फार्म को किया गया सील

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से कई सूअरों की मौत की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, नारधा-मुड़पार गांव के एक सूअर फार्म में इस खतरनाक वायरस के कारण लगभग 200 से अधिक सूअरों की मौत हो गई। संक्रमण की पुष्टि होते ही पशुपालन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचे करीब 150 सूअरों को भी इंजेक्शन देकर मार दिया और सभी को वैज्ञानिक तरीके से दफना दिया। दरअसल 29 मार्च को सभी सुअरों के सैंपल लिए गए थे और एक अप्रैल से सूअरों की मौत शुरू हो गई थी। 6 अप्रैल तक अधिकांश सूअर मर चुके थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग की टीम पीपीई किट पहनकर मौके पर पहुंची और पूरे फार्म को खाली कराकर सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक अत्यंत घातक वायरल बीमारी है, जिसमें सूअरों की मृत्यु दर लगभग 100 प्रतिशत होती है। इसका कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह दी गई है। आसपास इलाके में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी यह फार्म क्षेत्र में पोर्क सप्लाई का प्रमुख केंद्र था, जहां से अन्य जिलों और राज्यों में मांस भेजा जाता था। जिला प्रशासन ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अन्य जिलों में भी सतर्कता जारी कर दी गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।