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हत्या केस पर सख्त रुख: अनिल विज ने एसपी से बात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दिए आदेश

अंबाला. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बीती रात टुंडला के निकट गोली लगने से युवक गुरप्रीत सिंह की मौत के मामले में आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश अंबाला एसपी को दिए। विज ने सुबह छावनी सिविल अस्पताल में पहुंचकर मृतक के स्वजनों को इस मामले में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। विज ने मौके पर ही एसपी को फोन मिलाते हुए मामले में संलिप्त आरोपितों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि रात्रि गौ तस्कर थे जोकि गोवंशों को लेकर जा रहे थे और जैसे ही पुलिस को पता लगा तो हमारी पुलिस की दो जिप्सियां पीछे लगी। आरोपितों ने गोलियां चलाई जोकि उनके हलके के गांव गरनाला निवासी युवक गुरप्रीत सिंह को लगी। पोस्टमार्टम में पता चलेगा कि गोली किसकी लगी। उन्होंने इस मामले में अंबाला एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द आरोपितों को पकड़ा जाए।

राजनीति गरमाई: Anil Vij ने Mallikarjun Kharge के बयान पर किया जोरदार पलटवार

चंडीगढ़. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड्गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश का कोई भी नागरिक अपने प्रधानमंत्री के बारे में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इनके अंदर तो विदेशियों की आत्माएं बोलती है जिनमें पाकिस्तान, चीन जैसे देश के दुश्मनों की बोलती है जो यह इस प्रकार के शब्द कहने का दुसाहस भी कर पाते हैं। विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बंगाल व तमिलनाडू में कल से मतदान को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश में मोदी की लहर चल रही है सारे देश में विकास की राजनीति की लहर चल रही है। फिर चुनाव किसी भी प्रदेश में हो असर हर जगह है। हम इससे पहले हरियाणा, दिल्ली, बिहार, मुंबई में जीते हैं उसी प्रकार से आगे भी जहां-जहां चुनाव होंगे, भाजपा ही जीतेगी। सांसद पप्पू यादव द्वारा राजनीतिक क्षेत्र में आई महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर ऊर्जा मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की शब्दावली का इस्तेमाल करना निंदनीय है। हो सकता है कि उनकी अपनी पार्टियों में ऐसा कुछ होता हो, मगर सारी पार्टियों, महिलाओं व देश को ऐसा नहीं कह सकते।

सियासी बयानबाजी तेज: अनिल विज ने राहुल गांधी पर किया तीखा पलटवार

अंबाला. हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं। अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते। इस दौरान नगर निगम चुनावों को लेकर कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है। वही परिसीमन के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से डर नहीं लगता, बल्कि मोदी जी को कांग्रेस से डर लगता है क्योंकि बब्बर शेर उन्हें पकड़ लेगा और कार्रवाई होगी, जिस पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि यही कारण है कि राहुल गांधी जी हर प्रदेश में ढेर हो रहे हैं, राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं। विज बोले कि अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते। नगर निगम चुनावों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। विज ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी का कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है। अनिल विज ने दावा किया कि जिस तरह प्रदेश की जनता ने विधानसभा और पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में पीएम मोदी की नीतियों और राज्य सरकार के विकास कार्यों पर मुहर लगाई थी, उसी तरह आगामी नगर निगम चुनावों में भी कमल खिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंबाला समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा और जनता विपक्ष के झूठे वादों में आने वाली नहीं है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विज ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का संतुलन बनाना है, ताकि हर नागरिक को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। अनिल विज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे निष्पक्ष तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि परिसीमन से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी तथा विकास कार्यों में भी संतुलन आएगा। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के विभागो में तबादलों को लेकर एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस पत्र में विभाग के भीतर हुए सीधे तबादलों पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। अब इस पूरे मामले पर खुद अनिल विज ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के मुताबिक, विभाग में किसी भी स्तर पर होने वाले तबादले विभागीय मंत्री के संज्ञान में होने चाहिए और उनके कार्यालय के माध्यम से ही आगे बढ़ने चाहिए। अनिल विज ने कहा बताया कि उन्हें कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं जहाँ नियमों को ताक पर रखकर सीधे तबादले किए गए थे। इसी को देखते हुए उन्होंने लिखित निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में सभी प्रक्रियाएं तय सिस्टम के तहत ही हों। विज ने साफ कर दिया कि व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

अनिल विज की सेहत में लगातार हो रहा सुधार

चंडीगढ़. विपरीत परिस्थितियों से निकलकर और मजबूत होकर सामने आना—यही अनिल विज की राजनीतिक यात्रा की पहचान रहा है।  हरियाणा की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल पद से नहीं, बल्कि अपने जुझारू स्वभाव और निरंतर सक्रियता से पहचाने जाते हैं। अनिल विज उन्हीं नेताओं में से एक हैं। वर्तमान में दोनों टांगों में फ्रैक्चर के कारण विश्राम पर होने के बावजूद उनका राजनीतिक और प्रशासनिक संकल्प चर्चा का विषय बना हुआ है। अतीत गवाह है कि विपरीत परिस्थितियाँ उन्हें रोक नहीं पाईं, बल्कि हर चुनौती के बाद वे और अधिक दृढ़ होकर उभरे हैं। कोरोना काल: नेतृत्व की कठिन परीक्षा कोविड-19 महामारी आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े स्वास्थ्य संकटों में से एक मानी जाएगी। जब पूरा देश भय, अनिश्चितता और संसाधनों की कमी से जूझ रहा था, तब हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की कमान अनिल विज के हाथों में थी। यह वह समय था जब एक-एक निर्णय हजारों लोगों के जीवन से जुड़ा था। महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती थी। संसाधनों की सीमाएँ, तेजी से बढ़ते संक्रमण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति तंत्र की बाधाओं ने परिस्थितियों को और जटिल बना दिया। विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल भी उठे, लेकिन स्वास्थ्य तंत्र को संभालना अपने आप में बड़ी परीक्षा थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के बावजूद अनिल विज ने सक्रिय प्रशासनिक भूमिका निभाई। उपचार के दौरान भी वे विभागीय बैठकों की निगरानी करते रहे और स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के निर्देश देते रहे। ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहते हुए सचिवालय पहुंचकर समीक्षा बैठकें करने की उनकी छवि ने समर्थकों के बीच उन्हें “कर्तव्यपथ का योद्धा” बना दिया। ऑक्सीजन संकट से मुकाबला दूसरी लहर के दौरान देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी गंभीर समस्या बन गई थी। हरियाणा में ऑक्सीजन आपूर्ति की नियमित समीक्षा, नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना और अस्पतालों में पाइपलाइन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास किए गए। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी बढ़ाई गई। संकट की इस घड़ी में त्वरित निर्णय और समन्वयात्मक प्रशासनिक कार्रवाई पर विशेष जोर रहा। सात बार विधायक: स्थायी जनविश्वास का प्रमाण अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुना जाना उनके लंबे राजनीतिक सफर और मजबूत जनाधार का प्रमाण है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सार्वजनिक जीवन राज्य के वरिष्ठ नेताओं की श्रेणी तक पहुंचा। 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचने के बाद क्षेत्रीय समस्याओं—सड़क, पेयजल, सीवरेज और शहरी विकास—को प्रमुखता से उठाया। 2000 में पुनः जीत ने उनके जनाधार को और विस्तृत किया। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद मंत्री के रूप में स्वास्थ्य, खेल और शहरी स्थानीय निकाय जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अस्पतालों के उन्नयन, खेल अधोसंरचना और नगर निकायों में सुधार की दिशा में पहलें की गईं। 2019 के बाद गृह और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारी उनके पास रही। महामारी के कठिन दौर में प्रशासनिक सक्रियता और संसाधनों की व्यवस्था पर उनका विशेष ध्यान रहा। स्पष्टवादिता और प्रशासनिक शैली अनिल विज की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता है। वे राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं—चाहे वह विपक्ष पर टिप्पणी हो या प्रशासनिक निर्णयों की घोषणा। उनकी कार्यशैली में सीधा संवाद, त्वरित निर्णय लेने की प्रवृत्ति, विभागीय जवाबदेही पर जोर और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्ट रुख शामिल रहा है। समर्थक उन्हें जुझारू और निर्भीक नेता मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी तीखी बयानबाजी को विवादास्पद बताते हैं। परंतु यह निर्विवाद है कि वे हरियाणा की राजनीति के प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व वर्तमान में स्वास्थ्यगत कारणों से विश्राम पर होने के बावजूद उनके समर्थकों का मानना है कि यह दौर भी अस्थायी है। अतीत में भी स्वास्थ्य चुनौतियों और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच उन्होंने सक्रियता बनाए रखी है। नेतृत्व की असली परीक्षा संकट के समय होती है। कोरोना काल से लेकर वर्तमान परिस्थितियों तक, उनका सार्वजनिक जीवन इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है कि चुनौतियाँ यदि दृढ़ इच्छाशक्ति से टकराएँ तो वे बाधा नहीं, बल्कि नई शक्ति का स्रोत बन जाती हैं। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर और मजबूत होकर सामने आना—यही अनिल विज की राजनीतिक यात्रा की पहचान रही है।

विधानसभा बजट सत्र में 2 मार्च तक नहीं आएंगे मंत्री अनिल विज

चंडीगढ़. विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन परिवहन मंत्री अनिल विज सहित चार विधायक सदन से गैर-हाजिर रहे। विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने बताया कि उन्हें ई-मेल के जरिए परिवहन मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य कारणों की वजह से 2 मार्च तक छुट्टी पर रहने का आग्रह किया है। दरअसल गत दिनों अनिल विज के दोनों पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जहां चिकित्सकों ने विज को 4 सप्ताह के लिए आराम करने को कहा है। इसी तरह से विधायक प्रमोद विज ने परिवार में शादी समारोह होने के कारण स्पीकर से 23 फरवरी तक छुट्टी पर रहने का पत्र भेजा है। इसके अलावा विधायक मंजू चौधरी और विधायक चंद्रप्रकाश ने भी शादी समारोह के कारण अवकाश भेजा था। विधानसभा स्पीकर ने सदन में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को जन्मदिन की बधाई दी। स्पीकर ने कहा कि श्याम सिंह राणा 78 वर्ष के हो गए हैं। इस पर सदन में मौजूद सभी मंत्री-विधायकों ने श्याम सिंह राणा को जन्मदिन की बधाई दी। सदन में मार्शल की जगह तैनात हुए पुलिस अफसरः विधानसभा बजट सत्र में लंबे समय बाद स्पीकर के आसन के पीछे मार्शलों की जगह पुलिस अफसर दिखाई दिए। इससे पहले विधानसभा के मार्शल ही स्पीकर के आसन के पीछे नजर आते रहे हैं, लेकिन इस बार स्पीकर ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए हरियाणा पुलिस के 2 डी.एस.पी. की ड्यूटी लगाई है। सत्र के पहले दिन दोनों पुलिस अफसर बतौर मार्शल ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। बताया गया कि वर्ष 1966 से 2019 तक विधानसभा में पुलिस अफसर के रूप में मार्शल तैनात रहते थे, जहां बाद में तत्कालीन स्पीकर ने विधानसभा के कर्मचारियों को बतौर मार्शल तैनात कर दिया था। लिहाजा इस बार स्पीकर कल्याण ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए पुलिस अफसरों की तैनाती कर दी।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज का ब्लड प्रेशर कमने से तबीयत बिगड़ी

अंबाला. प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज की वीरवार को तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनको अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल के हार्ट सेंटर लाया गया। यहां पर उनके टेस्ट व चेकअप हुए। चेक किया तो उनका ब्लड प्रेशर कम था, जबकि नब्ज भी डाउन मिली। इस कारण से उनको सेंटर में दाखिल किया गया। उनको दवाइयां दी गईं जबकि ब्लड प्रेशर व नब्ज पर नजर रखी गई। उपचार मिलने के बाद विज की स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद उनको डिस्चार्ज कर दिया गया। विज को फिलहाल डाक्टरों ने आराम की सलाह दी है। उधर, विज के आवास पर चरखी दादरी से विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विज के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। विज को चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी है। दोनों पैरों में फ्रैक्चर इससे पहले सोमवार को विज अपने आवास पर गिर गए हैं, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। चोट लगने के बावजूद विज ‘चल री सजनी अब क्या सोचे…’ गुनगुनाते रहे। 20 फरवरी से हरियाणा विधानसभा का सत्र शुरू होना है। हर बार सदन में अपने तेवरों और बेबाक बयानों से सुर्खियों में रहने वाले विज इस बार शायद सदन में नजर न आएं।

मंत्री विज के फिसलकर गिरने से दोनों पैर हुए फ्रैक्चर

अंबाला. प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज आपने आवास पर गिर गए हैं, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। डक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। चोट लगने के बावजूद विज 'चल री सजनी अब क्या सोचे' गुनगुनाते रहे। 20 फरवरी से विस सत्र शुरू होना है।  हर बार सदन में सुर्खियों में रहने वाले विज इस बार शायद सदन में नजर न आएं। डाक्टरों की सलाह को देखते हुए माना जा रहा है कि वे सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे। विधानसभा के बजट सत्र में विज की गैरमौजूदगी की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विज सदन में पहुंच पाएंगे या नहीं। अनिल विज विधानसभा सत्रों में कभी भी अनुपस्थित नहीं रहे। बता दें कि  जून 2020 में अनिल विज घर के बाथरूम में नहाते समय फिसलकर गिर गए थे. इससे उनके बाएं पैर की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. उन्हें मोहाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मई-जून 2025 में अनिल विज को पैर के अंगूठे में चोट लगी। शुरू में उन्होंने इसे हल्के में लिया और पेनकिलर खाते रहे, लेकिन दर्द बढ़ने पर जून 2025 में एक्स-रे करवाया तो बाएं पैर के अंगूठे के पास फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।

निकिता मामले में विज की सख्ती के बाद हेड कॉन्स्टेबल पर हत्या का केस दर्ज

अंबाला. नशे में धुत्त हेड कांस्टेबल की कार चढ़ने से मारी गई 24 वर्षीय निकिता की मौत के मामले में पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपित अमित कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 यानी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अभी इस मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, इस मामले में पीड़ित परिवार को पड़ाव थाने में बुलाया गया था। मृतका के चचेरे भाई मयंक ने बताया कि वह थाने में गए थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि आज कोई सड़क हादसा हो गया है। बाद में बुलाया जाएगा। बता दें कि दो दिन पहले पीड़ित परिवार ने मंत्री विज के पास जाकर न्याय की गुहार लगाई थी। साथ ही बताया था कि आरोपित पुलिस कर्मी के खिलाफ कमजोर धाराएं लगाई गई इसीलिए उसे जमानत मिल गई। इसपर विज ने एसपी अजीत सिंह को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विज के आदेश के बाद ही आरोपित के खिलाफ 105 धारा लगाई गई। सवा लाख रुपये होनी थी निकिता की तनख्वाह निकिता गुरुग्राम की मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी, करीब ढाई साल की उसकी ट्रेनिंग अब खत्म होने वाली थी। पिता यशपाल को किडनी की समस्या है। मां भी बीमार रहती हैं और कुछ दिन पहले भाई के सिर में भी चोट लगी थी। निकिता ही परिवार को संभाल रही थी, करीब 40 हजार रुपये वेतन उसे मिल रहा था। ट्रेनिंग पूरी होते ही सवा लाख रुपये वेतन होना था। लेकिन उससे पहले ही हेड कांस्टेबल की लापरवाही के चलते उसकी जान चली गई। बुधवार को हादसे से 15 मिनट पहले मां से बात हुई थी। निकिता ने अपनी मां से राजमा चावल बनाकर रखने की बात कही थी।

अनिल विज का ऐलान: हरियाणा में स्मार्ट मीटर, अब बिजली बिल चुकाने का मिलेगा आसान विकल्प

हिसार  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से सभी पुराने बिजली मीटर बदले जाएंगे और उनकी जगह आधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जैसे मोबाइल सेवाओं में प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्प उपलब्ध होते हैं, उसी तर्ज पर स्मार्ट मीटर व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार प्रीपेड अथवा पोस्टपेड प्रणाली का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिलेगी। अनिल विज आज हिसार में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि भूमिगत बिजली तारें बिछाने की प्रक्रिया गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रारंभ कर दी गई है। परिस्थितियों के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी अंडरग्राउंड केबल डाली जाएंगी, जिससे खंभे गिरने या ऊपर से तार टूटने जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी। ऊर्जा विभाग में किए जा रहे सुधारों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि विभाग में एक सुदृढ़ और जवाबदेह प्रणाली विकसित की गई है, जिसके परिणामस्वरूप गर्मियों के दौरान बिजली कटौती की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित रही है। उन्होंने बताया कि सभी अधीक्षण अभियंताओं (एसई) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक यह जानकारी दें कि उनके क्षेत्र में यदि कहीं बिजली कट लगा है तो उसका कारण, अवधि और परिस्थितियां क्या रही हैं। उन्होंने कहा कि लगभग पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति संतोषजनक रही है और केवल 6 अधीक्षण अभियंताओं से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। विज ने बताया कि बिजली की मांग के अनुरूप सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने (अपग्रेडेशन) का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही, बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली अनावश्यक बिजली कटौती को रोकने के लिए निचले स्तर पर बने सब-स्टेशनों को ऊंचा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हिसार के खेदड़ में स्थापित की जा रही नई थर्मल यूनिट के लिए कोल लिंकेज की स्वीकृति हरियाणा को प्राप्त हो चुकी है, जो प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हरियाणा रोडवेज के आधुनिकीकरण को लेकर विज ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे बसों की आवाजाही की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस दिशा में सभी बस अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले पैनल लगाए जाएंगे तथा एक मोबाइल ऐप भी विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से यात्री अपनी बस की लोकेशन, रूट और समय की जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बसों के बेड़े को बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। साथ ही, सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके और एनसीआर क्षेत्र में डीजल की पुरानी बसों पर लगने वाली पाबंदियों से बचा जा सके। केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अनिल विज ने कहा कि जब केंद्र मजबूत होता है, तो देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह बजट एक मजबूत नींव रखता है और देश को “बुलेट ट्रेन की गति” से आगे बढ़ाने वाला साबित होगा।

परिवहन मंत्री विज ने सोलर पैनल व ई-वाहनों को लेकर स्पेशल बजट का दिया सुझाव

चंडीगढ़. ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में राज्य को हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए है। बैठक में विज ने कहा कि राज्य के सभी सरका चंडीगढ़: ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में राज्य को हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए है। बैठक में विज ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए बजटीय प्रावधान किया जाना चाहिए। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उनके सुझावों में सरकारी कार्यालयों के साथ साथ स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, निजी शिक्षण संस्थान और गोशालाओं को भी सोलर पैनल योजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। विज ने कहा कि उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रियायत देने का सुझाव भी दिया है ताकि आम नागरिकों को ई-वाहनों की ओर प्रोत्साहित किया जा सके और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। इसके अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आधुनिक ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन चार्जिंग स्टेशनों पर केवल वाहन चार्जिंग ही नहीं बल्कि यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट, स्वच्छ शौचालय और आराम की समुचित व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवारों को सुविधा मिल सके। अनिल विज ने बताया कि सांसदों और विधायकों द्वारा विभिन्न विषयों पर दिए गए सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।