4000 डॉलर में चली थी गोली! AP Dhillon केस के आरोपी को कनाडा से निकालने का आदेश
लुधियाना लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। आईआरबी ने साफ कर दिया है कि अभिजीत किंगरा जैसे गैंगस्टर को कनाडा में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे तुरंत डिपोर्ट किया जाए। अभिजीत किंगरा पिछले एक साल से कनाडा की जेल में बंद है। उस पर एपी ढिल्लों के अलावा अन्य लोगों से भी रंगदारी वसूलने के आरोप हैं। आईआरबी ने यह फैसला 15 जून को सुनाया है। किंगरा ने बोर्ड के सामने एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि एपी ढिल्लों के घर फायरिंग करने के लिए उसके एक सहयोगी ने उसे 4000 डॉलर देने की पेशकश की थी। इसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया। एपी ढिल्लों के घर फायरिंग से लेकर डिपोर्टेशन के ऑर्डर तक की पूरी कहानी.. स्टूडेंट वीजा पर गया, गैंगस्टर बन गया: अभिजीत किंगरा भारत से विदेश पढ़ने के लिए गया। वहां जाकर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया। पहले उससे छोटे मोटे अपराध करवाए गए और उसके बदले उसे डाॅलर दिए गए। फिर वह नियमित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर बन गया। अभिजीत के खिलाफ कनाडा में भारतीय मूल के लोगों से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के कई मामले हैं। इन्हीं मामलों में उसे छह साल की सजा हो चुकी है। पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग की: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर अभिजीत किंगरा ने 2 सितंबर 2024 को ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) के वैंकूवर आइलैंड पर स्थित पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर को निशाना बनाया गया था। रात के अंधेरे में दो हमलावर वहां पहुंचे। उनमें से एक अभिजीत किंगरा था। किंगरा ने सिंगर के घर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक कुल 14 गोलियां चलाईं। वहीं, उसके साथी ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। 4000 डॉलर का लालच: डिपोर्टेशन की सुनवाई के दौरान अभिजीत किंगरा ने खुद कोर्ट के सामने यह बात मानी कि उसे इस हमले के लिए पैसे दिए गए थे। उसने बताया कि विन्निपेग में उसकी कंपनी में काम करने वाले एक साथी ने उसे ब्रिटिश कोलंबिया जाने और एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के लिए सिर्फ 4,000 कनाडाई डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपए) का ऑफर दिया था। सोशल मीडिया पर वीडियो: किंगरा ने बताया कि उसने न केवल गोलियां चलाईं, बल्कि इस वारदात का एक वीडियो भी अपने फोन से रिकॉर्ड किया। हमले के कुछ ही घंटों बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस वीडियो को अपलोड कर दिया, जिसमें किंगरा को साफ तौर पर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता था। यह वीडियो बिश्नोई गैंग की तरफ से एक धमकी भरा संदेश था, जो बाद में पुलिस के लिए किंगरा के खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन गया। विन्निपेग में नौकरी और गैंग से संपर्क: अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च निकालने के लिए किंगरा विन्निपेग शहर में एक मूविंग कंपनी में काम करने लगा। यहीं पर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ लोगों के संपर्क में आया। शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाह: किंगरा ने रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए कहा कि वह एक सीधा-साधा लड़का है। उसने दावा किया कि उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। भारत में रह रहे अपने माता-पिता को पैसे भेजने की मजबूरी और 'आसान तरीके से अमीर बनने' के लालच ने उसे इस जुर्म की दुनिया में धकेल दिया। कनाडा में कई घटनाओं को दिया अंजाम: एपी ढिल्लों के घर पर की गई गोलीबारी अकेली घटना नहीं थी। कनाडाई पुलिस और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की जांच में किंगरा के खिलाफ कई और गंभीर मामले सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, किंगरा और उसके साथियों ने सिर्फ एक सिंगर को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड ( इलाके में भी एक घर पर हमला किया था। वहां भी 14 राउंड गोलियां चलाई गईं और गाड़ियों को आग लगाई गई। इसके अलावा, ब्रिटिश कोलंबिया के ही सरे इलाके में भी इन दोनों पर इसी तरह के डराने-धमकाने वाले हमले करने का आरोप है। इसके साथ ही, दूसरी जगहों पर की गई फायरिंग और आगजनी के मामलों में उस पर केस चल रहा है। फरार साथी और पुलिस की तलाश: इस पूरी साजिश में किंगरा का एक मुख्य जोड़ीदार विक्रम शर्मा भी शामिल था। विक्रम शर्मा ने ही गाड़ियों में आग लगाने का काम किया था। हालांकि, पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले ही विक्रम शर्मा कनाडा से भागकर भारत लौट आया। कनाडाई पुलिस (RCMP) ने उसके खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं और वह इस समय कनाडा पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी है। किंगरा का ड्रामा और भारत में जान का खतरा: इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के मेंबर अजीम लालजी के सामने जब किंगरा की सुनवाई हुई, तो उसने बचने के लिए कई पैंतरे आजमाए। बिना वकील के कोर्ट में पेश हुए किंगरा ने खुद को एक बेवकूफ और नासमझ लड़का बताया, जिसे चालाकी से फंसाया गया था। किंगरा ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा कि मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूं। मुझे भारत मत भेजिए। अगर मुझे वापस भारत डिपोर्ट किया गया, तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग जेल के … Read more