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संभल में जज के ट्रांसफर पर बवाल, वकीलों ने बताया दबाव की कार्रवाई

लखनऊ यूपी के संभल में हिंसा के मामले में सीओ रहे एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देने वाले चंदौसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का ट्रांसफर कर दिया गया है। सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले को लेकर संभल जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं में रोष देखने को मिला। मंगलवार को सीजेएम विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर स्थानांतरण किए जाने के बाद बुधवार को अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।   बुधवार को जिला न्यायालय परिसर में एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने स्थानांतरण के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीजेएम विभांशु सुधीर द्वारा न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और सक्रियता दिखाई जा रही थी। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिए गए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में गति आई। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने मीडिया कवरेज को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि स्थानांतरण से जुड़े तथ्यों को सही तरीके से सामने लाया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं का मत है कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी का तबादला न्याय व्यवस्था के लिए उचित संदेश नहीं देता।हालांकि, स्थानांतरण शासन का विषय है, लेकिन अधिवक्ताओं ने इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। आपको बता दें कि संभल हिंसा मामले में सीओ रहे अब एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देने वाले चंदौसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का तबादला हो गया है। विभांशु सुधीर का कार्यकाल यहां मात्र तीन माह का रहा। हाईकोर्ट ने उनके स्थान पर सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी) आदित्य सिंह को सीजेएम चंदौसी नियुक्त किया है। इसके अलावा सीतापुर की सीजेएम राजेंद्र कुमार सिंह को इसी पद पर कन्नौज स्थानांतरित किया गया है। इस फेरबदल में इसी स्तर के आठ अन्य न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। एक सप्ताह पहले ही संभल में शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। अदालत ने यह आदेश गोली लगने से घायल खग्गू सराय निवासी एक युवक के पिता की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया था।  

बलिदान को मिला सम्मान: शहीद एएसपी की पत्नी की डीएसपी पद पर नियुक्ति

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने बलिदानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरिपूंजे की पत्नी स्नेहा गिरिपूंजे को अनुकंपा के आधार पर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल द्वारा पहले ही लिया जा चुका था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपूंजे नौ जून को सुकमा जिले में माओवादियों द्वारा किये गये आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट की चपेट में आने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गये थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री साय ने उनकी मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया था। हाल ही में स्नेहा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे किसी अन्य विभाग का विकल्प चुन सकती थी, लेकिन उन्होंने पुलिस को सेवा को ही चुना। यह वह विभाग है, जिसे वह सबसे अच्छी तरह समझती हैं। उनका कहना है कि उनके पति ने उन्हें कभी कमजोर नहीं समझा। वह सभी चुनौतियों को स्वीकार कर सकती हैं। उनका कहना है कि वर्दी हमेशा साहेब यानी उनके बलिदानी पति को उनके करीब रखेगी।