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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित अयोध्या बनाने हेतु विशेष अभियान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को भव्य बनाएगी योगी सरकार  -राम यंत्र स्थापना को लेकर नगर निगम ने कीं व्यापक तैयारियां -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित अयोध्या बनाने हेतु विशेष अभियान –  राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, घाटों व प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान -प्रस्तावित मार्गों, अंडरपासों और चौराहों पर हाईटेक सफाई, एंटी स्मॉग गन व जल छिड़काव की व्यवस्था -श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, वाटर कूलर, वाटर कियोस्क और प्रकाश व्यवस्था की व्यापक सुविधा -आवारा पशुओं पर नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष प्रबंधन योजना -भंडारा स्थलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, डस्टबिन और जनसुविधाओं का विस्तार अयोध्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति 19 मार्च को हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन वह रामनगरी पहुंचेंगी। यहां राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम यंत्र की स्थापना करेंगी। साथ ही वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह दौरा राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि राम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर होगी, जो आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं को भी कोई असुविधा न हो। अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प अब और मजबूत हो गया है, क्योंकि यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के उत्सव और राम मंदिर की पूर्णता का प्रतीक बन रहा है। अयोध्या नगर निगम ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान छेड़ा है। पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चल रहा है, जिसमें स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई शामिल है। सरयू तट पर जेटिंग मशीनों से घाटों की गहन धुलाई की जा रही है, ताकि स्नान घाट पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक दिखें। एंटी स्मॉग गन कर रहा धूल नियंत्रण प्रमुख चौराहों और अंडरपासों जैसे एयरपोर्ट अंडरपास, महोवरा अंडरपास, साकेत पेट्रोल पंप अंडरपास, अयोध्या धाम मेला क्षेत्र आदि पर हाईटेक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे हवा स्वच्छ रहे और यात्रा आरामदायक हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 वाटर कूलर लगाए गए हैं, जिनमें अयोध्या धाम क्षेत्र में 47 और फैजाबाद क्षेत्र में 31 शामिल हैं। इसके अलावा 25 वाटर कियोस्क स्थापित किए गए हैं। अयोध्या धाम में 18 और फैजाबाद में 7 स्थापित किए गए हैं। ये सभी 24×7 निःशुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों और भंडारा स्थलों पर वाटर टैंकर भी तैनात रहेंगे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज आवारा पशुओं, खासकर गोवंश, पर सख्त नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाया जाएगा, ताकि सड़कों पर कोई बाधा न रहे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज है, जिससे पैदल यात्रियों को सुगम मार्ग मिले। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, धर्मशालाएं, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष सफाई और प्रबंधन योजना लागू है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान   नागेश्वर नाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों के आसपास उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भंडारा स्थलों पर नियमित सफाई, डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था और जनसुविधाओं का विस्तार किया गया है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से देशभक्ति गीतों के साथ स्वच्छता, अतिक्रमण न करने और पॉलीथीन मुक्त रहने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। घाट और अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। संत तुलसीदास घाट, सरयू स्नान घाट और विभिन्न अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है, ताकि शाम के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक लगे। सफाई कर्मचारियों की तैनाती राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर प्रस्तावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 500 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी राष्ट्रपति के प्रस्थान तक निरंतर सफाई कार्य सुनिश्चित करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा उनकी ड्यूटी का पर्यवेक्षण किया जा रहा है, ताकि कोई चूक न हो। श्रद्धालु लेकर जाएंगे अच्छा अनुभव : नगर आयुक्त नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि यह दौरा राम मंदिर की भव्यता को नई ऊंचाई देगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अयोध्या न केवल राष्ट्रपति के स्वागत में भव्य दिखे, बल्कि हर आने वाले श्रद्धालु को 'रामनगरी' की दिव्यता और स्वच्छता का अनुभव हो। हमारी कोशिश है कि रामनवमी पर आने वाले सभी श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाएं। नगर निगम का विशेष सफाई और सजावट अभियान महामहिम राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम अयोध्या ने व्यापक तैयारियां कीं हैं। एक सप्ताह के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सरयू तट से लेकर पूरे नगर क्षेत्र में सफाई, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी वाटर कियास्क, वाटर एटीएम, वॉटर टैंक की सफाई एवं मरम्मत कराकर इस दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के उपयोग लायक बनाया गया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न चौराहों, पार्को एवं महापुरुषों की मूर्तियों को सजाने का प्रबंध किया गया है। साढ़े आठ किलोमीटर लंबे आवागमन मार्ग को जगह-जगह फूलों, एवं हरियाली के प्रतीक पेड़-पौधों से सजाया गया है। स्वागत के लिए खड़े होने वाले नौनिहालों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल के विशेष इंतजाम किए गए हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या की आध्यात्मिक आभा के साथ ही विकास, सफाई, पेयजल व्यवस्था सहित अन्य कार्यों के लिए हो रहे नवाचारों से प्रेरणा लें। इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। -महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महापौर नगर निगम अयोध्या

अयोध्या में गैस संकट गहराया, ‘राम रसोई’ पर ताला, हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद की व्यवस्था प्रभावित

  अयोध्या   ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने अयोध्या में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित कर दी है, जिससे स्थानीय मठ-मंदिरों की सामूहिक रसोइयां और प्रसाद निर्माण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अमावा मंदिर प्रशासन ने गैस उपलब्ध न होने के कारण प्रतिदिन 10 हजार श्रद्धालुओं को भोजन कराने वाली ‘श्रीराम रसोई’ को फिलहाल स्थगित कर दिया है. हनुमानगढ़ी के करीब 150 दुकानदारों के सामने लड्डू बनाने का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि कारखानों में उत्पादन बंद है. यह स्थिति गैस की कमी के कारण पैदा हुई है, जिससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार और श्रद्धालुओं की भोजन व्यवस्था चरमरा गई है।  राम रसोई पर लटका नोटिस राम मंदिर के पास स्थित अमावा मंदिर की ‘श्रीराम रसोई’ के बाहर प्रशासन ने सूचना चस्पा कर दी है. मंदिर के मैनेजर पंकज कुमार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय युद्ध के तनाव से देश में पैदा हुए गैस संकट के कारण रसोई को समय से पहले बंद करना पड़ा है. अब यह सेवा तभी दोबारा शुरू हो पाएगी जब गैस की आपूर्ति सामान्य होगी. इस फैसले से दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलना बंद हो गया है, जो एक गंभीर आपातकालीन स्थिति है।  हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर संकट संकट की आंच सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी तक भी पहुंच गई है. प्रसाद विक्रेता नंद कुमार गुप्ता ने बताया कि गैस न मिलने से लड्डू का उत्पादन लगभग ठप है और केवल पुराना स्टॉक ही बेचा जा रहा है. यहां हर दुकानदार रोजाना 30 से 40 किलो लड्डू तैयार करता है, लेकिन अब बजरंगबली के भोग की व्यवस्था प्रभावित होने का डर सता रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण यदि यही स्थिति रही, तो अयोध्या का प्रसिद्ध प्रसाद उद्योग पूरी तरह बंद हो सकता है।  बेपटरी होता पर्यटन और कारोबार गैस किल्लत का सीधा असर अयोध्या के होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी पड़ा है. रेस्टोरेंट संचालक अमित के मुताबिक, पिछले दो दिनों से सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और घरेलू बुकिंग भी प्रभावित है. स्थानीय व्यापारियों और संतों का मानना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो लागत बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को भोजन के लिए भटकना पड़ेगा. अंतरराष्ट्रीय तनाव की यह आंच अब आम लोगों की रसोई से लेकर अयोध्या की सेवा परंपरा तक महसूस की जा रही है। 

रामलला के दर्शन को अयोध्या आए गुयाना के उपराष्ट्रपति, तीन घंटे का रहेगा राम मंदिर परिसर में प्रवास

अयोध्या भारत और गुयाना के सांस्कृतिक रिश्तों के बीच एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ने जा रही है। दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना के उप राष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव शनिवार सुबह अयोध्या पहुंचें। उनका निजी विमान सुबह 9:40 बजे वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर उतरा। एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत के बाद उप राष्ट्रपति सड़क मार्ग से सीधे राम मंदिर परिसर के लिए रवाना हुए। वे करीब 11:15 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई है। वे मंदिर निर्माण कार्यों का अवलोकन भी करेंगे। डॉ. जगदेव लगभग तीन घंटे तक राम जन्मभूमि परिसर में रहेंगे। दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें निर्माण की प्रगति और भावी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। दर्शन और निरीक्षण के बाद उप राष्ट्रपति सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।

राम मंदिर परिसर में सुरक्षा चूक: अयोध्या में नमाज पढ़ते हुए हिरासत में लिया गया कश्मीरी युवक

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कश्मीरी युवक को धार्मिक गतिविधि करते हुए सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया. सूत्रों के अनुसार, युवक ने राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने का प्रयास किया. युवक कश्मीरी वेशभूषा में था. युवक राममंदिर के गेट D1 से घुसा था. पकड़े गए युवक का नाम अब अहमद शेख है. वह कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया. घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए. युवक से पूछताछ की जा रही है और उसके इरादों व पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है. शनिवार सुबह का है मामला यह घटना आज सुबह की बताई जा रही है. हालांकि, इस मामले पर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं राम मंदिर ट्रस्ट ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है. सूत्रों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो. अयोध्या में अब राम मंदिर परिसर के चारों ओर 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन की बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम आस्था और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है. क्या थी शिकायत?  प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के माध्यम से नॉन-वेज भोजन की आपूर्ति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों में बताया गया था कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय लोगों तक मांसाहारी भोजन पहुंचाया जा रहा है. इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया. अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ होटल और होमस्टे में मेहमानों को न केवल मांसाहारी भोजन बल्कि शराब परोसे जाने की सूचनाएं सामने आई थीं. इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही गई है. शराब की दुकानें हो रही संचालित गौरतलब है कि अयोध्या नगर निगम ने अयोध्या–फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर मांस और शराब की बिक्री बंद करने का फैसला लिया था. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब बिक्री पर यह प्रतिबंध अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका है और राम पथ क्षेत्र में कई शराब की दुकानें अब भी संचालित हो रही हैं. इस पर नगर निगम के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मांस की दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है.

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का उत्सव, राजनाथ सिंह–योगी आदित्यनाथ ने टेका माथा

अयोध्या केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। उसके बाद राजनाथ सिंह सीएम योगी हनुमानगढ़ी के लिए रवाना हुए। राजनाथ सिंह करीब 1 बजे अंगद टीला पर संबोधित करेंगे। रामलला मंदिर में की पूजा अर्चना हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी राम मंदिर पहुंचे। दोनो नेताओं ने प्रतिष्ठा द्वादशी और राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की पूजा की। सीएम और रक्षा मंत्री यज्ञशाला में चल रहे अनुष्ठान में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण करेंगे। इधर, प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश और दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की है।

अयोध्या नगरी: विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा

विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण बनी अयोध्या नगरी, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा अयोध्या नगरी: विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्षों में अयोध्या ने लिखी विकास की महागाथा, पर्यटन में बना कीर्तिमान, युवाओं को मिला रोजगार  लखनऊ  अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि गौरवशाली नवीन भारत के आत्मविश्वास का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूरे होने के साथ ही अयोध्या ने यह साबित कर दिया है कि विरासत और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प एक ऐसी गाथा बन चुका है, जिसमें आस्था, समृद्ध अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य की स्पष्ट दिशा समाहित है।  आस्था से अर्थव्यवस्था तक की स्वर्णिम यात्रा श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का स्थायी स्तंभ भी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई। इस साल जनवरी-जून के बीच लगभग 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक रामनगरी आए और यहां के विकास और समृद्धि से आश्चर्यचकित हो गए। लगभग 85 हजार करोड़ की परियोजनाओं से अयोध्या वर्ल्ड क्लास शहर का रूप ले रहा है। इसका श्रेय विकसित अयोध्या के शिल्पकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय अनुभव के साथ रामनगरी आकर भगवान प्रभु श्रीराम का दर्शन करें।  अंतराष्ट्रीय शहर के रूप में बन रही है पहचान योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर का महर्षि वाल्मिकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों का नेटवर्क, आधुनिक रेलवे स्टेशन, रामपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ ये सब अयोध्या को एक आधुनिक तीर्थ और पर्यटन नगरी में बदल रहे हैं। यह विकास केवल इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को नई गति दे रहा है।  पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या ने बनाया कीर्तमान अयोध्या आज उत्तर प्रदेश के पर्यटन का केंद्र है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और हेरिटेज टूरिज्म को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया गया। होटल, होम-स्टे, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिली। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आस्था से आय और आय से आत्मनिर्भरता का नया रोडमैप तैयार किया है। अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होम स्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है। इसमें से ज्यादातर होम स्टे ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। अब तक जिले में 1136 से ज्यादा होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं जो पर्यटकों को ठहरने के लिए उचित रेट पर आवास उपलब्ध करा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल भी विदेशी पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधा प्रदान कर रहे हैं।  अयोध्या गढ़ रहा युवाओं का भविष्य  इस परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभार्थी बना है प्रदेश का युवा। टूरिज्म, एविएशन, ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, इवेंट मैनेजमेंट और सेवा क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। अयोध्या अब पलायन का कारण नहीं, बल्कि रोजगार का केंद्र बन रही है। यह वही युवा शक्ति है जो विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतार रही है। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, हस्तशिल्प, हथकरघा, मल्टीनेशनल कंपनियों में युवाओं को मनमाफिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अयोध्या में जो दुकानदार पहले प्रतिदिन 1000 रुपये कमाते थे अब वो 5 से 8 हजार रुपये कमा रहे हैं। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले स्थानीय युवाओं को औसतन 40 हजार की मासिक सैलरी मिल रही है। दो वर्षों में अयोध्या ने जो यात्रा तय की है, वह साफ संदेश देती है जब नेतृत्व दृढ़ हो, दृष्टि स्पष्ट हो और नीयत राष्ट्रहित की हो, तब विरासत भी चमकती है और विकास भी। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में अयोध्या आज केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की भूमिका बन चुका है।

अयोध्या मंडल में ग्रामीण पर्यटन से बदली तस्वीर, होमस्टे मॉडल से गांवों में आय और रोजगार में वृद्धि

  योगी सरकार के ग्रामीण पर्यटन मॉडल से अयोध्या में आर्थिक गतिविधियों में तीव्र वृद्धि महिलाओं, किसानों और कारीगर परिवारों की आमदनी में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान लखनऊ, : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ग्रामीण पर्यटन नीति से अयोध्या मंडल के गांवों में आर्थिक गतिविधियों की नई धारा बह रही है। प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को ग्रामीण जीवन व लोक संस्कृति से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे गांवों की आमदनी के नए दरवाजे खुल गए हैं। अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। यह पहल न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दे रही है, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। गांवों में होमस्टे बनाने से रोजगार के नए अवसर योगी सरकार ने अयोध्या धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को गांवों की जीवनशैली, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के लिए ग्रामीण पर्यटन की व्यापक योजना तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में प्रदेश के 93 गांवों को होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। इसमें अकेले अयोध्या मंडल के 19 गांव शामिल हैं। अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है। इसमें से ज्यादातर होम स्टे ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। जिले में 292 होटल और 1186 होम स्टे रजिस्टर्ड हैं जो पर्यटकों को ठहरने के लिए उचित रेट पर आवास उपलब्ध करा रहे हैं। इन गांवों में बुनियादी ढांचे, पर्यटक सुविधा केंद्रों, ग्रामीण आवास, सांस्कृतिक अनुभव और स्थानीय भोजन व्यवस्था को उन्नत किया गया है। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और कारीगरों के लिए स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बने हैं। होमस्टे पंजीकरण बढ़ने से आमदनी में वृद्धि अयोध्या में प्रारंभ में होमस्टे की औसत मासिक आय 40,000 से 50,000 थी, जो अब बढ़कर 2 लाख तक पहुंच गई है। दिव्य अयोध्या ऐप के माध्यम से फरवरी 2025 तक 69 लाख से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। होमस्टे का किराया औसतन 1500 से 2500 प्रति कमरा प्रतिदिन है। है। योगी सरकार द्वारा लागू होमस्टे नीति 2025 के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे पंजीकरण की संख्या तेजी से बढ़ी है। इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे संचालकों की मासिक आय में 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण परिवार अब खेती के साथ-साथ पर्यटन आधारित सेवाएं देकर एक स्थिर आय अर्जित कर रहे हैं। अयोध्या में गेस्ट हाउस चला रहे अंशुमान तिवारी का कहना है कि इससे अयोध्यावासियों को काफी फायदा हुआ है। राम मंदिर बनने के बाद स्थानीय निवासियों को होम स्टे बनाने की अनुमति मिलने से लोगों की आय में वृद्धि हुई है। लोग 2-3 कमरों का होम स्टे चलाकर धनार्जन कर रहे हैं। साधारण होम स्टे चलाने वाले भी महीने में 50000 से 100000 रुपये तक कमा रहे हैं। इन्होंने कहा कि योगी सरकार की नीतियों की वजह से अयोध्या का चहुंमुखी विकास हो रहा है। हस्तशिल्प, लोककला और महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि राम मंदिर निर्माण के बाद स्थानीय हस्तशिल्पकारों की संख्या में 25% से अधिक की वृद्धि हुई है। होमस्टे मॉडल ने अयोध्या के पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्पियों और लोक कलाकारों को भी नई पहचान दी है। पर्यटन विभाग द्वारा गठित ग्रामीण सांस्कृतिक अनुभव समूहों में अयोध्या मंडल की महिलाओं को भोजन व्यवस्था, लोक व्यंजन, घरेलू उत्पाद, साफ-सफाई और मेहमाननवाजी से जोड़कर रोजगार दिया गया है। महिलाओं की आय में औसतन 5,000-12,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि हुई है। योगी सरकार ने पर्यटन से गांवों को बनाया आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि अयोध्या केवल मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि गांवों की आत्मा, लोक संस्कृति और परंपरा से भी पहचानी जानी चाहिए। अयोध्या के गांवों में होमस्टे, सांस्कृतिक भ्रमण, ग्रामीण भोजन, खेती अनुभव, नदी किनारे गतिविधियां और हस्तशिल्प बाजार विकसित करके सरकार ने एक समग्र आर्थिक ढांचा तैयार किया है। यह मॉडल आने वाले वर्षों में लाखों ग्रामीण परिवारों की आय का स्थायी स्रोत बनेगा और उत्तर प्रदेश को ग्रामीण पर्यटन के राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित करेगा।

2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान

ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान 2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाली अयोध्या में साल के अंत तक 50 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी नीतियों की वजह से “अयोध्या ब्रांड” की चर्चा विश्व में है। श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अयोध्या के वैभव और विकास से लोग आश्चर्यचकित हैं। पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के मामले में अयोध्या ने विश्व के अन्य चर्चित धार्मिक स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है।  विश्व में “अयोध्या ब्रांड’’ का डंका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था और आध्यात्मिक स्थलों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, अयोध्या उसमें मील का पत्थर साबित हो रहा है। सनातनी आस्था के केंद्र अब वैश्वक ब्रांड के रूप में उभर रहे हैं। श्रीराम मंदिर बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई है। जनवरी-जून 2025 के बीच लगभग 23 करोड़ पर्यटक रामनगरी आ चुके हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक करीब 50 करोड़ पर्यटक आएंगे।  विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या अमेरिका, यूरोप, रूस इत्यादि देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगरी आ रहे हैं। शहर की साफ सुथरी सड़के, प्रत्येक चौराहे पर संस्कृति और आध्यात्मिका को समेटे हुए कलाकृतियां, चमकते हुआ राम पथ और धर्म पथ, दिव्य और भव्य कुंड, प्राचीन मंदिर, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, आर्थिक विकास की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। अयोध्या के विकास की देन है कि जो होटल पहले सुनसान रहते थे वो अब 90 प्रतिशत फुल रहते हैं। छोटे से छोटा होटल भी प्रतिदिन 40 से 50 हजार तक की कमाई कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को उसका पुराना वैभव वापस दिलाया है।  अयोध्या का प्रदेश के जीएसडीपी में बड़ा योगदान अयोध्या के विकास का सफर 2020 से प्रारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में अयोध्या के विकास से जुड़े सरकारी विभागों ने बड़ी गंभीरता से योजनाओं के क्रियान्वयन को अंजाम दिया। शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई। शहर में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, यातायात व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया गया। अयोध्या में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी। आज अयोध्या यूपी के जीएसडीपी में लगभग 1.5 फीसद योगदान कर रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का सालाना कारोबार लगभग 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा।  अयोध्या से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य होगा हासिल  अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में फ्लाइट की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है। हवाई अड्डे की क्षमता 6 लाख यात्रियों की है। देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं। इस समय अयोध्या उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला धार्मिक केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने को लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इस मिशन को प्राप्त करने में अयोध्या का बड़ा रोल रहने वाला है।

ध्वजारोहण के साथ श्रीराम मंदिर में नया अध्याय, 5 तरीके जो बदल रहे तीर्थ यात्रा का अर्थ

अयोध्या अयोध्या में नवनिर्मित राम लला मंदिर न केवल हिंदुओं के पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है बल्कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद यह मंदिर अब तीर्थ यात्रा के पारंपरिक मायने को भी बदल रहा है. यह भव्य मंदिर न केवल हिंदुओं के धार्मिक महत्व का प्रतीक है बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय लिख रहा है. पहले जहां तीर्थ यात्रा केवल आध्यात्मिक शांति और भक्ति तक सीमित थी, वहीं अब यह पर्यटन, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का माध्यम बन गई है. इसके साथ ही अयोध्या, जो कभी एक छोटा-सा शहर था, अब उत्तर प्रदेश की प्रगति का प्रमुख इंजन बन चुका है. परंपरागत रूप से, तीर्थ यात्रा का अर्थ था पैदल या साधारण साधनों से पवित्र स्थलों की यात्रा करना, जहां भक्त अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए जाते थे. लेकिन राम मंदिर के निर्माण ने इस अवधारणा को पूरी तरह बदल दिया है. अब तीर्थ यात्रा एक आधुनिक, सुविधाजनक और बहुआयामी अनुभव बन गई है. मंदिर के उद्घाटन के बाद, अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. 2024 में 13.77 करोड़ से अधिक दर्शनार्थी आए, जो ताजमहल के पर्यटकों से अधिक हैं. 2025 के पहले छह महीनों में ही 23 करोड़ पर्यटक पहुंचे, और वर्ष के अंत तक यह संख्या 50 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. यह बदलाव केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है. बहुत कुछ बदला है. 1-विदेशी पर्यटक और अमीर भारतीय अब योग और आयुर्वेद के साथ राम मंदिर को जोड़कर आते हैं अयोध्या ने हिंदुओं की तीर्थ यात्रा को वैश्विक पर्यटन का हिस्सा बना दिया है.राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में आने वाले विदेशी पर्यटकों का चरित्र पूरी तरह बदल गया है. पहले जहां ज्यादातर विदेशी केवल इंडिया का एक्सोटिक सर्किट (दिल्ली-आगरा-जयपुर-वाराणसी) देखकर चले जाते थे, अब वे जानबूझकर अयोध्या को अपने इटीनेरेरी में शामिल कर रहे हैं. वह भी केवल मंदिर देखने के लिए नहीं, बल्कि एक संपूर्ण वेलनेस + स्प्रिचुअल अनुभव के लिए. 2024-25 में अयोध्या आने वाले विदेशी पर्यटकों में सबसे तेज़ बढ़ोतरी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड से दर्ज की गई है. इनमें से अधिकांश 30-55 आयु वर्ग के हैं, और वे योग, ध्यान, आयुर्वेद और भारतीय दर्शन से पहले से परिचित हैं. उनके लिए राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि रामायण के उस महाकाव्य का जीवंत केंद्र है जिसकी कहानियां वे बाली, कंबोडिया, थाईलैंड के मंदिरों में पहले ही देख चुके हैं. अब वे उसी कथा के मूल स्रोत को अनुभव करना चाहते हैं. इस नए ट्रेंड को समझते हुए अयोध्या में कई विशेष पैकेज शुरू हो गए हैं. उदाहरण के लिए रामायण वेलनेस रिट्रीट जिसमें सुबह सरयू तट पर सूर्य नमस्कार और प्राणायाम, फिर राम मंदिर दर्शन, दोपहर में पंचकर्म या अभ्यंगम मसाज, शाम को रामकथा या भजन संध्या.   योग इन द लैंड ऑफ राम 5 दिन का पैकेज है. इसमें हनुमान गढ़ी में अष्टांग योग, कनक भवन के पास ध्यान सत्र, और नमामि गंगे घाट पर साउंड हीलिंग शामिल है.   इसी तरह आयुर्वेदिक रामायण ट्रेल का भी एक पैकेज पॉपुलर हो रहा है. इसमें दर्शन के साथ-साथ स्थानीय जड़ी-बूटियों से बने सात्विक भोजन, तुलसी-गिलोय काढ़ा और केसर-दूध प्रसाद शामिल है.इन पैकेजों को प्रमोट करने में विदेशी योग टीचर्स और इन्फ्लुएंसर्स की बड़ी भूमिका है. 2-अयोध्या की तीर्थ यात्रा में डिजिटल क्रांति राम मंदिर के बाद अयोध्या की तीर्थयात्रा में आस्था और टेक्नोलॉजी का ऐसा संगम हुआ है कि पहले की पीढ़ी कल्पना भी नहीं करेगी इतना सब कुछ बदल गया. घर बैठे ही रामलला के दर्शन की बात पुरानी हो चुकी है क्योंकि कई मंदिरों में यह पहले से ही हो रहा है. यहां कतार में घंटों खड़े होने से पहले पता चल जाता है कि लाइन कितनी लंबी है. कतार में खड़े लोगों के मोबाइल पर रियल-टाइम अपडेट आता है कि 'आपकी बारी में अभी 42 मिनट बाकी हैं, कृपया रामपथ पर बने डिजिटल वेटिंग एरिया में विश्राम करें'.  बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन पर रामचरितमानस की चौपाइयां, 360° वर्चुअल टूर और लाइव आरती चलती रहती है. इतना ही नहीं सरयू की आरती का लाइव प्रसारण मोबाइल पर देखकर लोग अपने-अपने शहर में दीया जला लेते हैं.  दिवाली 2025 के दीपोत्सव को 187 देशों के 4.2 करोड़ लोगों ने लाइव देखा. अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, मॉरीशस, फिजी और इंडोनेशिया से लाखों प्रवासी भारतीय उसी समय अपने घरों में टीवी खोलकर जय श्री राम बोलते हैं और दिया जलाते हैं. अब अयोध्या की दीपावली सिर्फ़ अयोध्या की नहीं, विश्व हिंदू समाज की दीपावली बन गई है. मोबाइल ऐप पर 22 भाषाओं में ऑडियो गाइड उपलब्ध है . 3- जीवनशैली और सांस्कृतिक उत्सव में बदली तीर्थयात्रा  भक्त अब रामायण-थीम वाली हेरिटेज वॉक, सात्विक भोजन ट्रेल्स और लेजर शो का आनंद लेते हैं. पहले जहां यात्रा कष्टपूर्ण होती थी, वहीं अब इलेक्ट्रिक शटल, एयर-कंडीशंड होटल और साफ-सुथरी सड़कें उपलब्ध हैं. यह मंदिर न केवल राम लला के दर्शन का केंद्र है बल्कि सूर्या कुंड, गुप्तार घाट और भारत कुंड जैसे अन्य स्थलों को भी जोड़ता है, जो यात्रा को एक पूर्ण सांस्कृतिक पैकेज बनाते हैं.  सांस्कृतिक रूप से, राम मंदिर ने राम नवमी और दीपोत्सव जैसे त्योहारों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. राम लीला प्रदर्शन बढ़े हैं, और कला-शिल्प में रामायण की थीम प्रमुख हो गई है. विदेशी पर्यटक अब योग और आयुर्वेद के साथ राम मंदिर को जोड़कर आते हैं, जिससे तीर्थ यात्रा वैश्विक पर्यटन का हिस्सा बन गई है.  यह बदलाव महिलाओं और युवाओं को भी सशक्त बना रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. कुल मिलाकर, राम मंदिर ने तीर्थ यात्रा को मात्र धार्मिक कृत्य से ऊपर उठाकर एक जीवनशैली और सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया है.  4-नया पर्यटक वर्ग अयोध्या को केवल देखने नहीं, बल्कि अनुभव करने आ रहा है अयोध्या अब एक फोटो-पॉइंट नहीं रहा. 2024 के बाद जो पर्यटक यहां आ रहे हैं, वे सेल्फी लेकर लौटने वाले साधारण सैलानी नहीं हैं. वे यहां अपनी आत्मा को छूने, अपने भीतर कुछ बदलने, और घर लौटकर उस बदलाव को दूसरों तक पहुंचाने आते हैं. तीर्थयात्री सुबह चार बजे सरयू तट पर पहुंचते हैं. वहां कोई टूर गाइड नहीं, कोई लाउडस्पीकर नहीं—बस घंटों का … Read more

अयोध्या की दिव्यता ने देसी – विदेशी मेहमानों को बनाया मोदी–योगी का मुरीद

विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से होटल क्षेत्रों में आई नई जान  निवेश और रोजगार के अवसरों से अयोध्या में विकसित हो रहा मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम लखनऊ,  देश ही नहीं विदेशों से आने वाले पर्यटक भी अयोध्या के बदलते स्वरूप को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य इतना व्यापक हुआ है कि इसका सीधा प्रभाव शहर की अर्थव्यवस्था, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिखाई दे रहा है। रूस से आई पर्यटक ईवा ने कहा कि अयोध्या एक भव्य और सुंदर आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां ठहरने और सुविधाओं की विश्वस्तरीय व्यवस्था है, शहर साफ-सुथरा है और वातावरण अत्यंत दिव्य है। उनके अनुसार अयोध्या में मिलने वाली सुकूनभरी अनुभूति और श्रद्धामय ऊर्जा भारतीय संस्कृति की विराट शक्ति का अनुभव कराती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वह एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं वह भारतीय संस्कृति को जिस प्रकार से प्रमोट कर रहे हैं वह अतुलनीय है। धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह है। अयोध्या में दूसरे राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है और पूरा शहर धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास में डूबा दिखाई दे रहा है। पुणे से आए दर्शनार्थी शिव नारायण ने कहा कि अयोध्या का विकास मोदी और योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। वहीं स्थानीय गीतकार विकल्प त्रिवेदी के शब्दों में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि राम मंदिर का सपना युगों बाद पूरा हुआ है और 25 तारीख को लहराने वाला भगवा ध्वज इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बनेगा। शहर में भोजन और ठहरने की सुविधाओं का विस्तार अयोध्या के आर्थिक विकास में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उडुपी टू मुंबई रेस्टोरेंट के मैनेजर शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने बताया कि अयोध्या में फिलहाल चार रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं और लगभग 10 नई परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि शहर में कुल 100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है जिसमें से 70 करोड़ रुपये पहले ही लगाए जा चुके हैं। प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग उनके यहां भोजन के लिए आते हैं। विशेष अवसरों पर यह संख्या 5000 तक पहुंच जाती है। प्रत्येक महीने 5 से 6 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं एवं पड़ोसी जिलों के लोगों को रोजगार का अवसर मिल रहा है। शैलेन्द्र अवस्थी बताते हैं कि अयोध्या में योगी सरकार की विकास योजनाओं का परिणाम जमीनी स्तर पर साफ दिख रहा है। गेस्ट हाउस और छोटे होटलों में भी बढ़ी आय अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी समृद्ध हुए हैं। सब्जी मंडी स्थित काका गेस्ट हाउस के मैनेजर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन 3000 रुपये का कारोबार होता था जो अब 15000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। अब अधिकांश दिनों में होटल फुल रहता है और विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से आय में और तेजी आई है। वैश्विक आध्यात्मिक ध्रुव के रूप में उभरती अयोध्या राम मंदिर के आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही से अयोध्या का वातावरण दिनभर जीवंत बना रहता है। रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मंदिर परिसर में बढ़ती चहल-पहल बताती है कि यह बदलाव स्थायी है और शहर ने एक नई पहचान हासिल की है। अयोध्या अब केवल धार्मिक धरोहर नहीं बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगर है। होटल कारोबार की वृद्धि, विदेशी पर्यटकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएं और लगातार फैलता हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस बात का प्रमाण हैं कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी।