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शहरी क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी का आरोप, बाबूलाल मरांडी बोले

रांची झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने आज अपने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने झारखंड के शहरी क्षेत्रों की स्थिति को बदतर बना दिया है।       "यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है" राज्य के 15 नगर निकायों का कार्यकाल 2020 में और शेष नगर निकायों का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया, लेकिन समय पर चुनाव कराने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासकों के माध्यम से शहरी निकायों को चलाया। इस दौरान भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक पूरा तंत्र खड़ा किया गया। साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों के ठेके झामुमो से जुड़े लोगों को देकर शहरी विकास के नाम पर जमकर लूट की गई और शहरी जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा गया। अदालत की बार-बार की फटकार के बाद सरकार दबाव में आकर चुनाव कराने को मजबूर हुई है। यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है। "हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि…" मरांडी ने कहा कि हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करना और चुनाव खत्म होते ही उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देना हेमंत सरकार की पहचान बन चुकी है। शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार नियमों की अनदेखी कर रही है। शहरी जनता सब कुछ देख और समझ रही है। हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि शहरी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या का जवाब भी देना पड़ेगा।  

क्या JMM और BJP साथ आएंगे? बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान

रांची झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में लग रहीं अटकलों पर मीडिया से कहा कि ठंड के मौसम में आप लोग थोड़ा आनंद लीजिए.देश में पारा भले ही गिरने लगा हो लेकिन झारखंड में सियासत का तापमान बढ़ा हुआ है. यहां पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी JMM and BJP के साथ आने की अटकलें लग रही हैं. अब इस पर झारखंड बीजेपी के चीफ बाबूलाल मरांडी की प्रतिक्रिया सामने आई है.मीडिया ने जब उनसे इन अटकलों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “ये चर्चा में आप लोगों (मीडिया) से सुनता भी हूं और देखता भी हूं. लेकिन वास्तव में और कहीं से कुछ हमको सुनाई नहीं दिया.”क्या आप इस नए समीकरण को खारिज कर रहे हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “पार्टी या कहीं और से हमको कुछ ऐसा सुनाई नहीं देता है. ठंड का मौसम है, आप सब लोग इसमें थोड़ा आनंद लीजिए. यही मैं कह सकता हूं.” बाबूलाल मरांडी ने सत्तापक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “हम लोग क्या त्रस्त करेंगे. ये सरकार खुद लूटने में लगी हुई है. तो क्या हम ये विषय नहीं उठाएंगे? जब शराब नीति बन रही थी तो दो-ढाई साल पहले ही हमने CM को पत्र लिखा था. आज भी इस प्रश्न का जवाब सरकार की ओर से नहीं आया. हम तो इस प्रदेश के नागरिक के साथ-साथ CM भी रहे हैं. उस समय में भी हम विधायक दल के लीडर हुए थे. मेरे पास जो जानकारी थी हमने सरकार और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संज्ञान में दिया.” इससे पहले कांग्रेस लीडर और झारखण्ड गवर्नमेंट  के मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार (4 दिसंबर) को कहा था कि हमारी सरकार पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अफवाह फैलाने का काम किया. उन्होंने साथ में ये भी कहा कि सीएम हेमंत सोरेन गुरु जी शिबू सोरेन के बेटे हैं और वो कभी नहीं झुकेंगे.

बच्चों को संक्रमित खून देने पर बाबूलाल मरांडी का हमला — इसे कहा राज्य प्रायोजित हत्या

रांची  झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चाईबासा सदर अस्पताल में बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बाबूलाल मरांडी ने इसे लापरवाही नहीं बल्कि राज्य संपोषित हत्या का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ति 5 मासूम बच्चों को 'संक्रमित खून' चढ़ाया गया और अब सभी बच्चे एचआईवी पॉज़िटिव पाए गए। अगर इन बच्चों की भविष्य में मृत्य हो जाती है तो, यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि राज्य प्रायोजित हत्या कहलायेगी। मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, यह सवाल सिर्फ डॉक्टरों या तकनीशियनों पर नहीं है बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र की विफलता और आपकी सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। मरांडी ने कहा कि डॉक्टरों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। झारखंड को उसके सबसे अयोग्य और निष्क्रिय स्वास्थ्य मंत्री से मुक्त कीजिए और एक जिम्मेदार, संवेदनशील मंत्री दीजिए। मरांडी ने कहा बच्चों की जिंदगी के साथ हुआ यह खिलवाड़ माफ़ी से नहीं, जवाबदेही से सुधरेगा।  

राजनीतिक विवाद: आदिवासी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन पर लगाए भेदभाव का आरोप

रांची  झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर आदिवासी धर्मस्थलों की सुरक्षा में भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। मरांडी ने कहा कि सरना स्थल, मसना स्थल, हड़गड़ी और जाहरथान जैसे आदिवासी धार्मिक स्थलों पर लगातार अतिक्रमण और हमले हो रहे हैं, परन्तु सरकार कोई प्रभावी सुरक्षा इंतजाम नहीं कर रही है। मरांडी ने सिमडेगा में चर्च की सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा ईसाई धर्मगुरुओं के साथ की जा रही बैठकों को भी विवादित बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों केवल चर्च को विशेष सुरक्षा दी जा रही है और क्या इसका उद्देश्य मतांतरण कराने वाले गिरोहों को संरक्षण देना है। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पूर्व में ट्विटर) में लिखा कि पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में कई जगह संतालों के ज़ाहिर थान, मांझी थान की जमीनों पर कब्जा एवं अतिक्रमण की घटनाएं हुई, विवाद हुआ और ये सब हो रहा है। आदिवासियों के सरना स्थल, मसना स्थल, हड़गड़ी के ज़मीनों के अतिक्रमण का विरोध और सुरक्षा को लेकर लोगों को आये दिन आंदोलन करना पड़ रहा है। झारखंड के मंदिरों पर हमले हुए हैं। मंदिरों पर कहीं बम फेंके गए, कहीं पथराव हुआ, तो कहीं देवी-देवताओं की प्रतिमाएं खंडित की गईं, लेकिन क्या कभी राज्य सरकार ने इनसबों की सुरक्षा को लेकर उन समाज के धर्मगुरुओं के साथ कोई बैठक की? जवाब है, नहीं!   मरांडी ने कहा कि अब सिमडेगा में चर्च की सुरक्षा के लिए खुद डीसी, एसपी और प्रशासनिक अधिकारी ईसाई धर्मगुरुओं के साथ बैठक करने जा रहे हैं। आखिर चर्च को ही विशेष सुरक्षा की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है? क्या यह उन मतांतरण कराने वाले गिरोहों को सुरक्षा देने की तैयारी है, जो ‘चंगाई सभा' के नाम पर भोले-भाले आदिवासियों को धर्मांतरण करा रहे हैं? चर्च की साजिश, ऐसे 'चर्च प्रेमी' अफसरों की कारगुजारी एवं चंगाई सभा में रोग भगाने जैसे अंधविश्वास को बढ़ावा देने के कारण ही सिमडेगा में आज लगभग 51 प्रतिशत आबादी का ईसाई धर्म में मतांतरण हो चुका है। ऐसे में सरकार प्रायोजित इस बैठक के पीछे छिपी मंशा को लेकर लोगों के मन में संदेह है। उन्होंने लिखा है हेमंत सोरेन जेएमएम जी, अगर सुरक्षा व्यवस्था करनी ही है, तो सिर्फ चर्च के लिए क्यों? सरना, मसना, हड़गड़ी स्थल, ज़ाहिर थान, मांझी थान, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों की भी सुरक्षा की चिंता क्यों नहीं? सिमडेगा में होने वाली बैठक का मूल एजेंडा सार्वजनिक किया जाए, या फिर सभी धर्म/समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनसबों के धर्मस्थलों के सुरक्षा पर चर्चा की जाए।  

घाटशिला उपचुनाव पर भाजपा की नज़र , मरांडी का बयान- यह सिर्फ चुनाव नहीं, यह राज्य की दिशा तय करेगा

रांची झारखंड के घाटशिला में होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर बीते रविवार को नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी घाटशिला पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया। इस दौरान भाजपा के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू भी मौजूद रहे। बैठक में विधानसभा स्तर के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए और संगठन मजबूत करने की रूपरेखा तय की गई। बैठक को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि घाटशिला उपचुनाव झारखंड की जनता के लिए बेहद अहम है। यह चुनाव सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि पूरे राज्य को अपराध, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट से मुक्त करने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड को एक सुरक्षित और पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय आ गया है जब जनता को इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ एकजुट होना होगा। मरांडी ने बताया कि भाजपा ने पंचायत स्तर से लेकर बूथ स्तर तक तैयारी शुरू कर दी है। घाटशिला के सभी सात मंडलों में पार्टी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर कार्यकर्ता संगठन की मजबूती में अपनी भूमिका निभा सके। मरांडी ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे चुनावी मशीनरी मजबूत बनेगी और घर-घर भाजपा का संदेश पहुंचेगा। उम्मीदवार चयन के सवाल पर मरांडी ने स्पष्ट किया कि भाजपा व्यक्ति आधारित नहीं, बल्कि विचार और संगठन आधारित पार्टी है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति करेगी और एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद सभी कार्यकर्ता उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। मरांडी ने दावा किया कि भाजपा की लड़ाई सत्ता की लालसा के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचारमुक्त, समृद्ध और सुरक्षित झारखंड की दिशा में नई शुरुआत के लिए है।  

युवाओं का भविष्य दांव पर, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत पर साधा निशाना

रांची झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कफ सिरप मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोला है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सीआईडी ने पिछले साल धनबाद के बरवाअड्डा से बरामद हुए फेंसिडिल सिरप मामले को टेकओवर करने के बावजूद 14 महीने में एक भी गिरफ्तारी नहीं की। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब सबको पता है कि प्रतिबंधित सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए होता है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मरांडी ने कहा कि यह प्रशासन की नाकामी ही नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों को जानलेवा नशे के हवाले करने जैसा अपराध है। मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पैसों की अंधी दौड़ में युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा – हेमंत सोरेन जेएमएम जी, हमने बार-बार आपको बताया है, चेतावनी भी दी है कि आपके प्रशासन में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। आपका सीआईडी विभाग क्या गुल खिला रहा है, इस विषय में भी कई बार आपको अवगत करा चुके हैं। गत वर्ष गुजरात पुलिस की सूचना के बाद धनबाद के बरवाअड्डा में पुलिस द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप (फैंसीडिल) का जखीरा जब्त किया गया था। यह जानते हुए भी कि इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है, इसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। सीआईडी ने मामले को टेकओवर किया, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। हेमंत जी, क्या हम इतने लालची हो गए हैं कि बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे? इस जानलेवा नशे को हमारी युवा पीढ़ी और बच्चों को बेचने की हिम्मत कैसे हुई? पैसों की अंधी भूख ने आपकी जबान पर जो ताला लगाया है, उसे खोलिए क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए मरांडी ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्रालय का दायित्व भी आपके पास है, लेकिन एक ओर एसीबी तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही है। इसी तरह भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों की जांच पड़ताल में सीआईडी की कार्यशैली संदिग्ध रही है। चाहे पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों को बचाना हो, नशे के कारोबारियों को संरक्षण देना हो या जमीन का घोटाला करना होज् सीआईडी सदैव इन गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती रही है। यही वजह है कि आम जनता के साथ-साथ अब माननीय न्यायालय भी सीआईडी की कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह करता है। मरांडी ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए। पिछले एक साल में सीआईडी द्वारा की गई रंगदारी और भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियों की सार्वजनिक जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।