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सदगुरु ने बागेश्वर धाम में बाबा धीरेंद्र शास्त्री से की भेंट, साथ आए 40 देशों के सदस्य

छतरपुर देश व दुनिया के दो प्रख्यात संतों का मिलन हुआ. दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धर्मगुरु सदगुरु वासुदेव जग्गी का छतरपुर आगमन हुआ. वे यहां बागेश्वर धाम पहुंचे जहां उन्होंने प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री से भेंट की इस दौरान सदगुरु के साथ 40 देशों के सदस्य भी आए, जिन्होंने बागेश्वर धाम में आशीर्वाद लिया और धाम की महिमा जानी. सदगुरु ने इस दौरान बाबा बागेश्वर सरकार में हनुमान जी के दर्शन किए तो वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की माता जी ने भी सद्गुरु जग्गी वासुदेव का स्वागत किया।  धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन पर चर्चा दुनिया भर में सनातन और आध्यात्मिक एकता का केंद्र बने बागेश्वर धाम में उस समय लोगों का आनंद दोगुना हो गया जब उन्होंने बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ दक्षिण भारत के प्रख्यात आध्यात्मिक संत पद्म विभूषण सद्गुरु के दर्शन किए. इस दौरान धाम के पीठाधीश्वर ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया. बागेश्वर महाराज की माता जी ने भी सद्गुरु का आत्मीय स्वागत किया. दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के बीच धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।  सदगुरु ने बागेश्वर बाबा को भेंट किए आदि योगी, बाबा ने भेंट किया राम दरबार बागेश्वर महाराज ने आध्यात्मिक गुरु वासुदेव जी को बालाजी के दर्शन कराए वहीं बागेश्वर महादेव भगवान और सन्यासी बाबा के भी दर्शन कराते हुए उनकी महिम और 300 साल पहले किए गए तप के बारे में बताया. इस दौरान सदगुरु के साथ 40 देशों के सदस्य भी मौजूद थे. सभी ने बाबा बागेश्वर से भेंट कर मंदिर के दर्शन किए. बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया, '' ईशा फाउंडेशन कोयंबटूर के संस्थापक सद्गुरु ने बागेश्वर महाराज को आदि योगी की प्रतिमा भेंट की. तो वहीं बागेश्वर महाराज ने अपनी माता जी की उपस्थिति में श्री राम दरबार की प्रतिमा सदगुरु को भेंट की।  सदगुरु ने बताया इसे अद्भुत अनुभव बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया, '' इस मुलाकात को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सद्गुरु और बागेश्वर महाराज ने इस अवसर पर लोगों को आध्यात्मिकता, आत्म-चिंतन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया. सद्गुरु के साथ उनके साधक परिवारों के प्रतिनिधि भी पहुंचे, जिनमें लगभग 40 देशों से जुड़े अनुयायी शामिल थे।  इन साधकों ने भी बागेश्वर धाम में पहुंचकर श्रद्धा के साथ अर्जी लगाई और पूजा-अर्चना की. साधकों को एक थाली भेंट की गई, जिसमें हनुमान चालीसा, श्रीमद् भागवत गीता, लॉकेट सहित रुद्राक्ष माला, बालाजी का विग्रह और अंग्रेजी में लिखी 'साधु जी सीताराम' पुस्तक के साथ ही महा प्रसाद रखा गया. इस दौरान सदगुरु धाम की महिमा जानकर बेहद प्रसन्न नजर आए और उन्होंने इसे अद्भुत अनुभव बताया। '

2 लाख भक्तों की ऑनलाइन भागीदारी के साथ बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन, पांचवां हवन 20 अप्रैल को

छतरपुर बागेश्वर धाम में गुरुवार रात पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन करवाया. इसमें देश और विदेश के 2 लाख भक्तों ने एक साथ हवन पूजन किया. इस आयोजन का उद्दश्य घरों से नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा करना था. इसके साथ ही इस प्रकार के हवन भक्त घर में कर सकें, इसकी विधि भी बताई गई।  हवन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ बागेश्वर धाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए और हवन में हिस्सा लिया. बागेश्वर धाम में जो भक्त नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन हवन और हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा आयोजित यह चौथा हनुमान चालीसा हवन था. खास बात ये है कि इसमें विदेश के भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।  सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े भक्त विदेश में रहने वाले भक्तों ने यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजन में हिस्सा लिया. धाम में पंडाल में बैठे 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन हवन पूजन में अपनी आहुति डाली. भक्तों ने दिव्य अनुष्ठान में आहुति देकर अपना कार्य सिद्ध किया. ऑनलाइन हवन व हनुमान चालीसा विधि-विधान से शुरू किया गया. यह हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया।  यह इस श्रृंखला का चौथा आयोजन था। इससे पहले भी धाम पर तीन हनुमान चालीसा हवन आयोजित किए जा चुके हैं। हवनों की यह श्रृंखला दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी और 12 मार्च को इसका चौथा आयोजन संपन्न हुआ। हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया। ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन से जुड़े लाखों श्रद्धालु इस हवन का मुख्य उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने अपने घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। बागेश्वर महाराज ने बताया कि यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है। इसका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।   बागेश्वर धाम में अगला आयोजन 20 अप्रैल को हवन का उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है. कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आहुति देकर अपने घर-परिवार में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की।  इस मौके पर पं. धीरेंद्र शास्त्रीने कहा "पांचवां अगला हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।  20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में पांचवां हनुमान चालीसा अगला, पांचवां हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हवन के लिए, ऑनलाइन जुड़े भक्तों ने रात में तिल, जौ, चावल, धूप, घी, दीपक, चंदन, लकड़ियां, कपूर, नारियल, सुपारी, कलावा, रुई की बाती, माचिस, पुष्प और जल जैसी आवश्यक सामग्री एकत्र कर निःशुल्क हवन किया।  

बागेश्वरधाम :नागपुर की रबड़ी, राजस्थान के रसगुल्ले के बीच 301 जोड़ों का महाशिवरात्रि विवाह समारोह

छतरपुर  छतरपुर जिले के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम एक बार फिर भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 15 फरवरी को यहां 300 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। सभी अतिथियों को औपचारिक आमंत्रण भेजे जा चुके हैं और धाम समिति ने उनके आगमन को लेकर संकेत भी जारी कर दिए हैं। देशभर के दिग्गज राजनेताओं को न्योता बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर सामूहिक कन्या विवाह की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष यह आयोजन अपने सातवें संस्करण में प्रवेश कर रहा है, जिसे लेकर खास उत्साह है। समारोह में देश के कई बड़े राजनीतिक चेहरों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन की व्यापकता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है। बुंदेलखंड के जिलों के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल संभाग से अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। धाम परिसर में भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। खजुराहो के बागेश्वर धाम में 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि पर होने वाली 301 जोड़ों के विवाह समारोह की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। 12 फरवरी से तीन दिन कल्चरल नाइट होगी। इन दिनों में करीब 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। 100 एकड़ में कार्यक्रम की व्यवस्था है। बारातियों के लिए बुफे की व्यवस्था रहेगी। पिछले साल इलाहाबाद में हुए महाकुंभ की तर्ज पर 11 तोरण द्वार भी बनाए गए हैं। मुख्य कार्यक्रम में छह प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, विदेशी मेहमान, सेलिब्रिटी और खिलाड़ी शामिल होंगे। दो किमी दूर से नजर आने लगती है सजावट अलसुबह अभी सूरज नहीं निकला है। जैसा कि बताया गया था कि शादी के लिए बागेश्वरधाम तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। उसकी झलक धाम के पांच किलोमीटर दूर से ही नजर आने लगती है। सड़क के दोनों पर तिरंगा थीम पर लाइटिंग की गई है। कुछ देर में धाम के मुख्य मंदिर के सामने पहुंच गए। यहां आरती हो रही है। दूर-दूर से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की भी भीड़ है। जिस जगह पर समाराेह होना है, वहां 24 घंटे काम चल रहा है। सामान से भरी लारियां आ रही हैं। सेवादार सही जगह पर सामान अनलोड कराने में व्यस्त हैं। किसी में टेंट का सामान है, तो किसी में खाने-पीने का। कोलकाता से आए कारीगर रंग-बिरंगा छत्री नुमा टेंट लगा रहे हैं। दूसरे लोग डोम के लिए पाइप कस रहे हैं। राज मिस्त्री करीब छह लाख लोगों के लिए बनने वाले खाने के लिए बड़ी-बड़ी भट्टियां बना रहे हैं। शादी वाली इस जगह की जिम्मेदारी संभाल रहे सेवादार नितेंद्र चौबे कहते हैं कि चार दिन बचे हैं, सभी काम समय से पूरे हो जाएंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा से लेकर मोरारी बापू तक आएंगे नितेंद्र कहते हैं- पहले 300 बेटियों की शादी होनी थी, लेकिन अब ये संख्या 301 हो गई है। उसी हिसाब से तैयारियां हो रही हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली की मुख्यमंत्री कन्याओं को आशीर्वाद देने आ रहे हैं। 12 फरवरी को गुरुकुलम के भूमिपूजन के लिए एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल आने वाले हैं। 13 से 15 फरवरी तीनों दिन अलग-अलग लोग आएंगे। इसमें संत राजेंद्र दास, इंद्रेश कुमार, अनिरुद्धचार्य, पुंडरीक महाराज, मोरारी बापू, बाबा रामदेव, पंडित प्रदीप मिश्रा और रमेश भाई ओझा का आना तो तय हो चुका है। कई दूसरे संत भी आएंगे, लेकिन उनकी अभी तारीख फिक्स नहीं हुई है। कुछ खिलाड़ी भी आने वाले हैं- उमेश यादव और शिखर धवन का आना तय हो चुका है। 1500 विदेशी भक्त भी आएंगे शादी समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर कहते हैं कि आस-पास के ग्रामों में पीले चावल बांटे जा रहे हैं। विदेश से करीब 1500 भक्त आएंगे। अभी करीब 100 श्रद्धालु आ चुके हैं। दुबई, नेपाल, फिजी आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और लंदन से गुरुभाई आना शुरू हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के तो एमएलए भी आ रहे हैं। तीन दिन में 10 से 12 लाख लोगों के आने का अनुमान है। बहुत बड़ी व्यस्था होनी है। भारत में धाम से रजिस्टर्ड 75 सेवादारों के संगठन अलग-अलग जगह हैं। इनके करीब 12 हजार सदस्य शादी समारोह की व्यवस्था संभालने आ रहे हैं। उनकी अलग-अलग ड्यूटी लगाई जाएगी। धीरेंद्र शास्त्री को पसंद है मटर-पनीर की सब्जी भंडारा प्रभारी कपिल साहू के पास भंडार की जिम्मेदारी है। शादी पंडाल के आसपास ये तीन जगह होगा। एक बराता-घराती के लिए तो दूसरा सेवादारों के लिए। वहीं, तीसरा– शादी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए। इसके अलावा, धाम में आठ-दस जगह भी भोजन-फल की व्यवस्था है। वह कहते हैं कि गुरु धीरेंद्र शास्त्री को मटर-पनीर की सब्जी बहुत पसंद है, वो खासतौर पर शादी वाले दिन ही बनाई जाएगी। ये खास सब्जी आने वाले पांच सीएम के अलावा अन्य VVIP को भी परोसी जाएगी। इसमें सबसे खास बात है कि इस बार माल-पुआ के साथ लाखों मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। अस्थायी अस्पताल भी बनाया समारोह के लिए प्रशासन द्वारा यहां अस्पताल भी बनाया गया है। राजनगर बीएमओ और बागेश्वर धाम में स्वास्थ व्यवस्था प्रभारी अवधेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीम 24 घंटे काम करेगी। तीन शिफ्ट में 50 स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। जिनमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और ड्रेसर शामिल हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, पलंग और आपातकालीन दवाओं की सुविधा रहेगी। फिलहाल 6 बेड की व्यवस्था की गई है। दो एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। 12 से 14 फरवरी के दौरान तीन और एम्बुलेंस आ जाएंगी। हालत गंभीर होने पर मरीज को छतरपुर रेफर किया जाएगा। इसलिए दी जा रही 30-30 हजार रुपए की FD समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर को बनाया गया है। इस बार नव दंपत्ति को बाइक और होम आटा-चक्की नहीं दी जा रही है। धीरेंद्र गौर कहते हैं कि इन दो उपहार से नए परिवार का खर्च बढ़ रहा था, इसलिए इस बार प्रत्येक जोड़े को 30- 30 हजार की फिक्स डिपॉजिट (FD) दी जा रही है। इसके साथ ही सोने की लौंग और बाली। मंगलसूत्र के … Read more

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम में होगा सामूहिक विवाह, अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

छतरपुर  बागेश्वर धाम में होने जा रहे  पर सामूहिक विवाह स्थल का कलेक्टर- एसपी सहित अधिकारियों ने किया निरीक्षण। व्यवस्थाओं का लिया जायजा। इस दौरान बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ भी हुई अधिकारियों की बैठक, विधायक अरविंद पटेरिया भी रहे मौजूद। खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की।

खजुराहो में होगा कन्या विवाह महोत्सव, 300 जोड़ों का ब्याह—नेपाल की युवती भी होगी दुल्हन

खजुराहो  छतरपुर के बागेश्वर धाम में हर वर्ष की तरह इस साल भी बहुत ही शानदार कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है. इस बार का महोत्सव काफी खास होने वाला है, क्योंकि यह महोत्सव सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हो गया है. नेपाल की भी एक बेटी की शादी धाम में होगी.  इस मौके पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधु को लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी, वरमाला आदि सामग्री दी. खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की। नेपाल की अस्मिता बोली- चार साल में आया नंबर अस्मिता ने फोन पर बताया कि परिवार की माली हालत कभी ठीक नहीं रही। मां दिल्ली में घर-घर जाकर बर्तन साफ करती हैं। पिता यहीं मजदूरी करते हैं। भाई केरल में मजदूरी करता है। एक बार मेरी तबीयत खराब हुई। पहले यहां फिर दिल्ली में डॉक्टर्स को दिखाया। फायदा नहीं हो रहा था। डॉक्टर बोलते थे कि दिमाग खराब है, पागल हो गई हूं। लोगों से सुना, तो बागेश्वरधाम पहुंचे। अब मैं एकदम ठीक हूं। बालाजी भगवान ने मुझे ठीक कर दिया। हमने यूट्यूब पर बागेश्वर धाम में हो रही शादियों के बारे में देखा था। मां पिछले चार साल से यहां मेरी शादी के लिए आवेदन कर रही थी, लेकिन इस बार नंबर लगा है। खुशी है कि मुझे गुरुजी से मिलने का मौका मिलेगा। अब मेरी शादी मेज बहादुर से हो रही है, वो मेरे ही देश के कंचनपुर के रहने वाले हैं। उनके परिवार की हालत भी हमारे जैसे ही हैं। पढ़ाई के दौरान हमारी मुलाकात हुई थी। मैं और उनकी बहन साथ पढ़ते थे। एक बार हम माउंटेन घूमने गए। वहां बात हुई। धीरे-धीरे प्यार हो गया। फिर हम लोगों ने अपने-अपने घर बताया, तो घरवाले बोले- इतना पैसा नहीं है कि अभी शादी कर दें। इसके बाद मां चार साल तक लगातार आवेदन करती रहीं। इस बार नंबर आ गया। फोन पर मिली सूचना, शादी के लिए चुना गया विदिशा जिले की गंजबासौदा के लाल पठार इलाके में रहने वाली सपना अहिरवार के पिता नहीं हैं। मां बीमार रहती हैं और भाई छोटा है। घर में दो वक्त खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी होती है। सपना कहती हैं- बीमार मां को हमेशा मेरी शादी की चिंता रहती थी। जब बागेश्वर धाम में होने वाली सामूहिक विवाह समारोह के बारे में पता चला, तो मन में आस सी जागी। पहले भी यहां आ चुकी हूं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार की मदद की। उन्हें अपने पिता जैसा मानती हूं। आवेदन के बाद यहां से घर पहुंचे थे। कुछ दिन बाद फोन पर सूचना मिली कि मुझे यहां शादी के लिए चुना गया है। उन्होंने शादी का लहंगा, सैंडल और होने वाले पति को शेरवानी, पगड़ी, जूते और माला दी है। उस दिन कपड़े पहनकर यहां आना है। गरीब हूं, पर आज इसका अहसास नहीं हो रहा है। बागेश्वरधाम से शादी होना सपने की तरह बागेश्वरधाम … Read more

बागेश्वर धाम में 300 बेटियों की शादी का समारोह, विभिन्न राज्यों और पृष्ठभूमि से आएगी शादियां

छतरपुर  बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री 300 गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों का विवाह कराएंगे। यह सप्तम कन्या विवाह महोत्सव नेपाल सहित देश के 10 राज्यों की बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस विवाह का सारा खर्च धाम की दान पेटी में आई राशि से उठाया जाएगा। बेटियों का चयन देश के 60 जिलों से किया गया है, जिनमें मध्य प्रदेश से 229 और उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल हैं। 10 राज्यों से किया है चयन इस खास विवाह महोत्सव में कुल 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। इन बेटियों का चयन देश के 10 राज्यों के 60 जिलों से किया गया है। मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा 229 बेटियां इस विवाह में शामिल हो रही हैं, जबकि उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल होंगी। खास बात यह है कि नेपाल से भी एक बेटी इस विवाह के लिए बागेश्वर धाम आ रही है। यह आयोजन शिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जा रहा है। कई बेटियों का कोई नहीं चयनित 300 बेटियों में 60 अनाथ हैं। 138 बेटियां ऐसी हैं जिनके पिता नहीं हैं, और 28 बेटियां ऐसी हैं जिनके माता नहीं हैं। इसके अलावा, 8 दिव्यांग बेटियां और 23 दिव्यांग माता-पिता की बेटियां भी इस विवाह में शामिल होंगी। 39 बेटियां बहुत ही गरीब परिवारों से हैं। दान पेटी की राशि से होती हैं शादियां बागेश्वर धाम की दान पेटी में जो भी राशि आती है, उसी से इन बेटियों के विवाह का सारा खर्च उठाया जाता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का मानना है कि अगर देशभर के मठ-मंदिरों में ऐसी पहल हो तो गरीब बेटियों का घर बस सकेगा और कोई भी बेटी को बोझ नहीं समझेगा। बेटियों और वर पक्ष की ओर से 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बागेश्वर धाम आकर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा किए गए थे। इसी के आधार पर बेटियों का चयन किया गया है। इन बेटियों के लगेगी मेहंदी इस विवाह में शामिल होने वाली कुछ बेटियों के नाम रंजीता सेन, नीलू कुशवाहा, रानू रघुवंशी, सपना विश्वकर्मा, मांसी श्रीवास्तव, मासूम प्रजापति, ज्योति, शिवानी कुशवाहा, राधिका खेंगर, नीलम कोरोची, शशि, अंजो सेन, लक्ष्मी अनुरागी, पूजा बंसल, साधना आदिवासी, अनमोल रैकवार, धनवंती नगपुरे, आरती रैकवार, गायत्री अहिरवार, हिरिया बाई कोंदर, वर्षा अहिरवार, मीनू सेन, प्रिया देवी विश्वकर्मा, रक्षा देवी कचेरे, वंदना अहिरवार, पूजा यादव, पूजा विश्वकर्मा, माया अहिरवार, रानी नामदेव, लक्ष्मी सोनी, पदमनी रैकवार, देवकुमारी, कुमकुम पुष्पकार, कु. रानी कुशवाहा आदि हैं।  

नए साल के स्वागत से एक दिन पहले बागेश्वर धाम में भक्तों की भारी उपस्थिति, प्रशासन और पुलिस तैनात

छतरपुर   बागेश्वर धाम में नए साल का स्वागत करने के लिए एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंच गए. इसके साथ ही भक्तों ने छतरपुर और खजुराहो के होटलों व धर्मशालाओं में डेरा डाल लिया है. ये भक्त नए साल की शुरुआत बागेश्वर धाम में हनुमानजी महाराज के दर्शन करके करेंगे. बागेश्वर धाम में भक्तों की भीड़ को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. नए साल का स्वागत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ नए साल के अंतिम दिन भक्तों को संबोधित करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा "जानकारी मिली है कि लाखों भक्त खजुराहो व छतरपुर के अलावा बागेश्वर धाम में पहुंच गए हैं. बागेश्वर धाम में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करके नए साल का स्वागत करेंगे. युवाओं में ये बड़ा बदलाव देखा जा रहा है कि लोग नए साल का शुभारंभ धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कर रहे हैं." सनातन धर्म के प्रति जागरूक हुए युवा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "एक समय था जब युवा नए साल का स्वागत करने के लिए पबों, बारों और महंगे होटलों में जश्न मनाने पहुंचते थे. लेकिन अब युवा अयोध्या में रामलला के दर्शन करके, वाराणसी जाकर और बागेश्वर धाम आकर नए साल का आगाज कर रहे हैं. ये बताता है कि युवा भी सनातन धर्म के प्रति कितने जागरूक हो गए हैं. युवा पीढ़ी में आया ये बदलाव देश और समाज के हित में है." बागेश्वर धाम की रसोई में खास इंतजाम बागेश्वर धाम में नए साल का स्वागत करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है. निःशुक्ल रसोई में विशेष इंतजाम किए गए हैं. इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन ने भी यहां खास इंतजाम किए हैं. यहां पिछले एक साल में करीब 50 लाख लोगों ने भोजन प्रसाद पाया है. रसोई अनवरत चालू रहती है. इसके अलावा एक वर्ष में धाम की गौशाला में 5 हजार पौधे रोपे गए हैं. शिवरात्रि के पावन पर्व पर 108 आदिवासी बेटियों सहित 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया. कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज दिलाने के लिए बागेश्वर सरकार के मन में प्रेरणा हुई, जिससे दीन दुखियों की मदद के लिए उन्होंने कैंसर अस्पताल बनाने की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी 2025 को कन्या विवाह महा महोत्सव के अवसर पर आकर कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी. मुंबई के भिवंडी में बालाजी सनातन मठ की स्थापना कराई गई है. बागेश्वर महाराज ने इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया, फिजी, ओमान, लंदन, दुबई, न्यूजीलैंड जैसे देशों की यात्रा करते हुए यहां कथा के माध्यम से लोगों में सनातन के प्रति जुड़ाव पैदा किया. बागेश्वर के सेवादार कमल अवस्थी कहते हैं "भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. पूरे साल धाम पर धार्मिक आयोजन चलते रहते हैं. सनातन की अलख जगाने के लिए महाराज बागेश्वर लगातार लगे हैं."

छतरपुर में बागेश्वर धाम पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पदयात्रा के अनुभव भक्तों के साथ साझा किए

छतरपुर   दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालने के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम पहुंच गए. उन्होंने धाम में बालाजी के दर्शन करते हुए पूजा अर्चना की. पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए सबको आशीर्वाद दिया. इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी के प्रभाव से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई. सभी लोग हनुमान जी पर भरोसा रखें, सब संकट दूर हो जाएंगे.इतनी बड़ी यात्रा के बीच कई झंझट आए, आतंकवादी पीछे लगे, फरीदाबाद में भारी विस्फोटक मिला, हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी. आतंकियों की तो ठठरी बर गई." पदयात्रा में हिंदुओं का चलता समुद्र दिखा बाबा बागेश्वर ने कहा "यात्रा के दौरान सड़कों पर हिंदुओं का चलता समुद्र दिखाई दिया. दुनिया ने देखा हिंदुओं का ज्वार भाटा, अंगूर की कीमत गुच्छे में है अलग होने में नहीं. जिस तरह से सिर्फ कठपुतली दिखाई देती है लेकिन कठपुतली को चलाने वाला कोई और होता है, ठीक उसी तरह से हम सब पदयात्री के रूप में दिखाई देते रहे लेकिन चलाते बालाजी रहे." 7 नवंबर से दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई. पूरे देश में समरसता का संदेश गया बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी की पूंछ पर आग लगाने की कोशिश वालों के घर जल गए, पूंछ सुरक्षित है. पदयात्रा से 03 सफलताएं मिली. पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक गया. पहली सफलता यह कि हिंदू एकता को इससे ताकत मिली है. दूसरी सफलता समरसता का संदेश सबको मिला. रास्ते में संत समाज ने उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया, जिन्हें लोग अछूत कहते हैं. वहां उन गांवों में समरसता की चर्चा हुई. सभी ने छुआछूत मिटाकर सबके साथ एक भाव रखने का काम शुरू किया. तीसरी सफलता वृंदावन में मदिरा की खुली दुकानें बंद करने की कार्रवाई शुरू हुई." यात्रा में विघ्न डालने वाले हुए नाकाम धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "पदयात्रा में विघ्न डालने के मंसूबे पाले बैठे आतंकियों की ठठरी बर गई. इतनी बड़ी यात्रा में इतने झंझट आये, विरोध हुआ, आतंकवादी पीछे लग गए, बम विस्फोट हुआ, फरीदाबाद में जहां हम रुके थे वही पास में कट्टा, बंदूक, AK 47, RDX पकड़ा गया. खूब तैयारी में थी डराने की लेकिन देशविरोधी ताकतों को नाकामी मिली." 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की युगांडा प्रधानमंत्री से मुलाकात, मठ निर्माण पर हुई चर्चा

  छतरपुर  छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने मानवता, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य पर आध्यात्मिक चर्चा की। अपने प्रकल्पों से अवगत कराया है। यहां विशेष भेंट के दौरान खास प्रतिनिधि मंडल मौजूद रहा। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा और धीरेंद्र शास्त्री वार्ता करते हुए दिखाई देख रहे हैं। उद्योगपति डॉ. सुधीर रूपरेला, भारतीय समुदाय के अध्यक्ष परेश मेहता, पूर्व सांसद संजय तन्ना, दीपक दोरलता और राजस्थानी एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित हैं। पीएम रोबिना ने इन प्रयासों और कार्यों की तारीफ की प्रधानमंत्री को जब बागेश्वर धाम द्वारा भारत में किए जा रहे सामाजिक कार्यों, गरीब बेटियों के लिए सामूहिक विवाह, प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए बन रहे कैंसर अस्पताल की जानकारी मिली, तो उन्होंने इन प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जिसमें “नर को नारायण” मानकर सेवा का संदेश दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया। विश्व शांति के लिए भारतीय जीवन शैली सर्वोत्तम- बागेश्वर महाराज बागेश्वर महाराज ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म का मार्ग ही सर्वोत्तम है। एक सनातनी संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानकर उसके कल्याण की कामना करता है। हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में जो लोग मानवता की सेवा कर रहे हैं, बागेश्वर धाम उन सभी के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। मुलाक़ात के अंत में युगांडा की प्रधानमंत्री ने बाला जी सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया। बागेश्वर महाराज से युगांडा की उन्नति एवं उत्थान के लिए कामना की। वहीं, अब युगांडा से मिले खास प्रस्ताव को लेकर बाबा बागेश्वर के भक्तों में खुशी का माहौल है।  

ब्रिटेन की संसद में धीरेंद्र शास्त्री सम्मानित, बागेश्वर धाम आने का दिया निमंत्रण

लंदन  कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया गया. उन्हें सांसदों के एक समूह द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां संसद परिसर के एक विशेष कक्ष में यह सम्मान समारोह आयोजित हुआ. यह सम्मान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को मानवता के लिए उनके कार्यों, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया.कार्यक्रम में यूके की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो सिटी की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बारोनेस वर्मा मौजूद थीं. मानवता के कार्यों के लिए सांसद समूह ने किया शास्त्री का सम्मान लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित इस विशेष समारोह में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भारत में गरीब कन्याओं के विवाह समारोह, हर दिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों की सराहना की गई. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उनके सभी कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जो नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश देती है. उन्होंने लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया. धीरेंद्र शास्त्री के कार्यों की सराहना की कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यों की सराहना की गई। उनके द्वारा भारत में गरीब बेटियों के विवाह, हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल बनाने जैसे कार्यों की चर्चा हुई। इस मौके पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें यह प्रेरणा अपने शास्त्रों और भारतीय संस्कृति से मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में 'नर को ही नारायण मानकर सेवा' का संदेश दिया गया है।   बागेश्वर धाम आने का न्यौता इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो शहर की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन, हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बैरोनेस वर्मा मौजूद थीं. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन सभी कार्यों की प्रेरणा उनके धर्मग्रंथों और भारतीय संस्कृति से मिलती है जिसमें नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश दिया जाता है. लंदन में इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने सभी भारतीयों और लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण भी दिया. उन्होंने आगे कहा कि 'भारतीय जीवन पद्धति और सनातन का मार्ग ही विश्व शांति का सर्वोत्तम मार्ग है. एक सनातनी ही पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और उसके कल्याण की कामना करता है. हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता है'.  बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया उन्होंने लंदन में एक भाषण दिया और सभी भारतवंशियों और लंदन के लोगों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म सबसे अच्छा रास्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सनातनी पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और सबके कल्याण की कामना करता है। हमें अपनी संस्कृति को समझने और अपनाने की जरूरत है। हनुमान चालीसा का हुआ पाठ ब्रिटेन की संसद में हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। कभी यहाँ भारत की बात नहीं सुनी जाती थी, लेकिन आज यहां हनुमान चालीसा गूंज रही है। बागेश्वर महाराज की मौजूदगी में सांसदों और अन्य लोगों ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। महाराज ने कहा कि सुभाष शुक्ला ने जो संदेश दिया, उसे सबको याद रखना चाहिए। गीता पढ़कर हिंदू हो गए ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तानी मूल के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन भगवत गीता पढ़कर वे हिंदू हो गए हैं। उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री से पूछा कि क्या हिंदू होने के लिए नाम बदलना जरूरी है? क्या बिना नाम बदले हिंदू नहीं हो सकते?पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया कि हिंदू धर्म एक मानवता की विचारधारा है। यदि आप भागवत गीता पढ़ रहे हैं, तो आपका इतना ही परिचय काफी है। दिल में विचार बदल गए तो आप सनातनी हो गए। बागेश्वर धाम में ली जाएंगी सेवाएं एक सवाल के जवाब में बागेश्वर महाराज ने कहा कि जो लोग भी दुनिया में मानवता के लिए काम कर रहे हैं, उनकी सेवाएं बागेश्वर धाम में ली जाएंगी। इससे गरीबों की समस्याएं हल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर अस्पताल बनने के बाद डॉक्टरों का दल उसे चलाएगा। साथ ही, दुनिया के विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेमिनार के माध्यम से बागेश्वर धाम बुलाकर गरीबों की सेवा का मौका दिया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर लंदन में विश्व शांति के लिए रोजाना हवन पूजन कर रहे हैं. इससे विश्व में शांति और सद्भावना बनी रहे. बाबा बागेश्वर ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हम भारत से इतनी दूर हैं, लेकिन दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा कि वे लोगों को देखकर समझ रहे हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा अंग्रेजी नहीं आती है। उन्होंने कहा कि अगर लंदन लोगों की कर्मभूमि है, तो दोनों देशों का प्रेम बना रहे।