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पर्यावरण संरक्षण को लेकर भजनलाल शर्मा सरकार प्रतिबद्ध

खेजड़ी के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु राज्य सरकार लाएगी कठोर कानून उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक आयोजित जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की संस्कृति और पर्यावरण प्रेमियों की भावनाओं के अनुरूप खेजड़ी को बचाने के लिए कृत संकल्पित है। खेजड़ी सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों के वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु राज्य सरकार ने एक विशेष कानून लाने के अपने विनिश्चय और घोषणा की क्रियान्विति करने के लिए ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति की पहली बैठक सोमवार प्रातः संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित की गई। बैठक में राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री श्री हेमन्त मीणा, वन मंत्री श्री संजय शर्मा सहित विधि विभाग के प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग के शासन सचिव एवं विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कमेटी द्वारा वृक्षों के संरक्षण हेतु एक मजबूत और बिना मुकदमे वाला कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों में मौजूद वृक्ष संरक्षण कानूनों के साथ तुलनात्मक अध्ययन कर विचार-विमर्श किया गया। प्रारूप विधेयक को अंतिम रूप दिए जाने से पहले संबंधित विभागों, विधि विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर के सुझावों पर विचार किया जा रहा है। कमेटी की अगली बैठक आगामी 11 मार्च को आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केवल कृषि भूमि पर ही पेड़ों की कटाई की अनुमति का प्रावधान और अवैध पेड़ कटाई पर पेनल्टी का प्रावधान काश्तकारी कानून में है। अब नया कानून लाकर हर प्रकार की भूमियों जैसे- आवंटित, रूपान्तरित, अधिग्रहित और आबादी भूमियों अर्थात समस्त गैर कृषि उपयोग वाली भूमियों पर भी वृक्ष संरक्षण के लिए कठोर प्रावधान किए जाएंगे। गैर कृषि उपयोग की इन भूमियों पर प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति लेकर ही न्यूनतम आवश्यक पेड़ ही हटाए जा सकेंगे।

आयुर्वेद के संवर्धन में सरकार का कदम, भजनलाल शर्मा ने किया स्पष्ट बयान

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की मिट्टी में आयुर्वेद की जड़ें गहरी हैं, यहां औषधि उत्पादन की अद्भुत क्षमता है। प्रदेश की पहाड़ी, वन, औषधीय पौधे इसके साक्षी हैं कि यहां की भूमि सदियों से आयुर्वेद का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयुर्वेद के संवर्धन तथा जनमानस में उसके व्यापक उपयोग के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने  राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में अपने उद्बोधन के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान एक महाविद्यालय के रूप में आरंभ होकर आज देश के प्रमुख डीम्ड टू बी आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित हो गया है। राजस्थान की धरती पर स्थापित इस संस्थान ने पचास वर्षों में जिस ऊंचाई, प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय नेतृत्व को प्राप्त किया है, वह प्रेरणास्पद है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगी सेवा – इन चारों स्तंभों पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने पिछले पांच दशकों में नेतृत्व स्थापित किया है। देश को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की प्रमुख भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की प्रमुख भूमिका रही है। आयुर्वेद के माध्यम से हम यह पहले से ही जान लेते हैं कि कौन से महीने में कौन सी बीमारी होगी और उसका उपचार कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि वेदों के साथ हमारे ऋषियों ने आयुर्वेद के माध्यम से मानव जीवन को समझा है। चरक, सुश्रुत, वाग्भट्ट जी जैसे महान वैद्यों ने इस विद्या को व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने कहा कि चरक संहिता में कहा गया है कि स्वस्थ शरीर धर्म का प्रथम साधन है। सुश्रुत को आज पूरा विश्व शल्य चिकित्सा का जनक मानता है। प्रधानमंत्री का सपना ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक अलग आयुष मंत्रालय की स्थापना की गई। जिससे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में अपने प्रयासों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कराया। इससे न केवल योग, बल्कि पूरी भारतीय चिकित्सा परंपरा को विश्व मंच पर पहचान मिली। आयुर्वेद अनुसंधान में निवेश बढ़ाया गया, आयुर्वेद संस्थानों का विस्तार किया गया। आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्षों में आयुर्वेद के लिए नए आयुर्वेद चिकित्सालय, महाविद्यालय एवं डिस्पेंसरी की स्थापना से सुलभ चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई। स्नातक-स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि, आधुनिक लैब, ड्रग-स्टैंडर्डाइजेशन यूनिट और शिक्षण-फार्मेसी को सुदृढ़ किया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद अस्पतालों का विस्तार, पंचकर्म इकाइयों का सुदृढ़ीकरण, दवाखानों का आधुनिकीकरण, शिक्षा एवं अनुसंधान के नए अवसर सहित विभिन्न निर्णयों से आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एनआईए के लिए जयपुर में जमीन आवंटित करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। एनआईए की भूमिका से पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद का दीपक प्रज्वलित केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रताप राव जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50 वर्ष की यह यात्रा केवल समय की गणना नहीं है, बल्कि उन असंख्य चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, और कर्मयोगियों की अटूट निष्ठा, समर्पण और तपस्या का प्रतीक है, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद के दीपक को प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों की असंतुलित जीवनशैली के कारण मधुमेह, विटामिन बी 12 एवं डी की कमी जैसी अनेक बीमारियां पनप रही हैं। इन बीमारियों के निदान के लिए योग एवं आयुर्वेद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शक्तिशाली नेतृत्व में हमारी सरकार का विजन स्पष्ट है परंपरा की जड़ों में विज्ञान का संरक्षण और कल्याण की शाखाओं का विस्तार। भारत सरकार का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना ही नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और संतुलित व्यवस्था का निर्माण करना है। उन्होंने इस वर्ष के बजट में आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थान सहित सभी घोषणाओं के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में आयुष के क्षेत्र में हो रहे उल्लेेखनीय कार्य की भी सराहना की। उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना लाकर आयुर्वेद और योग के माध्यम से आरोग्य ग्राम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को आयुर्वेद और योग भारत की देन है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल आयुष मिशन में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत राजस्थान को देश में सर्वाधिक 348 करोड़ रुपए आवंटित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एनआईए परिसर में नवनिर्मित ओपीडी सुश्रुत भवन का लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विधायक बालमुकुन्द आचार्य, केन्द्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, एनसीआईएसएम अध्यक्ष डॉ. मनीषा कोटेकर, प्रमुख शासन सचिव आयुष सुबीर कुमार, एनआईए कुलपति प्रो. संजीव शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

जनजातीय छात्रों के सपनों को पंख: भजनलाल शर्मा सरकार में एकलव्य स्कूल बने शिक्षा की उम्मीद

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के सुदूर जनजाति अंचलों में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) शिक्षा, समरसता और सामाजिक सुरक्षा के क्षितिज पर सूरज की तरह चमक रहे हैं। राज्य के 31 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चे नीट, आईआईटी, जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, कंप्यूटर लैब, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे नवाचार जनजातीय बालक-बालिकाओं के सपनों में नए रंग भर रहे हैं। ईएमआरएस में पढ़ रहे 11 हजार 619 अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की रोशनी से जनजाति क्षेत्रों में हजारों घर-परिवार भी उम्मीदों से रोशन हैं। इनमें 6 हजार 710 बालक और 4 हजार 909 बालिकाएं शामिल हैं। अभावों में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आशंकित माता-पिता की आंखों में नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की चमक और चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक साफ देखी जा सकती है। राज्य के ईएमआरएस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की गारंटी का असर है कि सत्र 2024-25 में 9 हजार 999 बच्चों के मुकाबले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 1 हजार 620 अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले बच्चों की संख्या भी साल दर साल बढ़ी है। शिक्षा के साथ आवास, भोजन और किताबें भी निःशुल्क राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल सोसायटी द्वारा राज्य में संचालित सीबीएसई से संबद्ध 31 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल विद्यालयों में से नवीनतम 31वां विद्यालय जमवारामगढ़ (जयपुर) में जून 2025 से प्रारंभ किया गया है। सभी ईएमआरएस विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा 11 एवं 12 में विज्ञान और कला संकाय उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, पाठ्यपुस्तकें, आवास, भोजन, पौष्टिक आहार, जूते-मौजे सहित दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड वर्चुअल रिएलिटी, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, एग्रीकल्चर तथा ऑटोमोटिव स्किल लैब्स में इन विद्यालयों में संचालित की जा रही हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद और सह-शैक्षिक गतिविधियों पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य स्तरीय स्टेट स्पोर्ट्स मीट-2025 उदयपुर में से चयनित 154 विद्यार्थियों ने ओडिशा के राउरकेला में आयोजित नेशनल स्पोर्ट्स मीट-2025 में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए 9 इवेंट्स में पदक अर्जित किए। वहीं, राज्य स्तरीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक फेस्ट-2025 उदयपुर में से चयनित 59 विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक फेस्ट-2025 में भाग लिया। जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष व्यवस्था एकलव्य विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन देकर भविष्य के लिए सही दिशा भी दिखाई जाती है। इन विद्यालयों में कक्षा 9 से 11 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इनेबल कार्यक्रम के अंतर्गत टाटा मोटर्स के सहयोग से आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। दक्षणा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नेशनल लेवल परीक्षा में चयनित 12 विद्यार्थियों को भोपाल (मध्यप्रदेश) में आईआईटी, जेईई और नीट की विशेष कोचिंग दी जा रही है। ईएमआरएस बिहारीपुरा, जयपुर के छात्र मोहनलाल मीना, अनिकेश मीना और ईएमआरएस बरनाला, सवाईमाधोपुर की छात्रा राजकुमारी मीना ने नेशनल एलीजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) परीक्षा में चयनित होकर राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों से एमबीबीएस कर रहे हैं। ईएमआरएस से एमबीबीएस तक का सफर सवाईमाधोपुर जिले में बामनवास तहसील के बरनाला के पास एक गांव की रहने वाली राजकुमारी मीना के किसान पिता का सपना था कि उनकी बेटी बड़ी होकर डॉक्टर बने। राजकुमारी ने बताया कि उनके गांव में बायोलॉजी नहीं थी। सरकारी स्कूल से दसवीं में 93 फीसदी से उत्तीर्ण होने के बाद ईएमआरएस प्रवेश परीक्षा दी और ईएमआरएस बरनाला में उनको प्रवेश मिल गया। आज वे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, भावनगर में एमबीबीएस सैकंड ईयर की छात्रा हैं। राजकुमारी ने बताया कि हर कोई प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ सकता और न ही महंगी कोचिंग कर सकता। एमबीबीएस के बाद वे एमडी मेडिसिन करना चाहती हैं। राजकुमारी का छोटा भाई भी ईएमआरएस में पढ़ रहा है। इसी तरह ईएमआरएस बिहारीपुरा, जयपुर के छात्र अनिकेश मीना पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना जिले में डायमंड हार्बर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं। अनिकेश ने बताया कि वे करौली के नादौती के पास एक गांव के रहने वाले हैं। पिताजी किसान हैं। ईएमआरएस में छठी कक्षा में प्रवेश लेने के बाद से उनकी जिंदगी बदल गई। ईएमआरएस की बदौलत ही उन्हें नीट परीक्षा में सफलता मिली। अनिकेश कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। पिता गुजरात में हमाली करते हैं, बेटा पढ़ रहा डॉक्टरी जयपुर के बस्सी के पास के किशनपुरा गांव के रहने वाले मोहनलाल मीना के पिता गुजरात के सिद्धपुर में ईसबगोल की बोरियां उठाते हैं। मोहन ने बताया कि उन्होंने छठी कक्षा में ईएमआरएस में दाखिला लिया। ईएमआरएस में शिक्षकों ने ही उन्होंने बताया कि डॉक्टर कैसे बन सकते हैं। ईएमआरएस में रहकर ही नीट की तैयारी की और आज वे पंजाब के फरीदकोट में गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं। मोहन एमबीबीएस के बाद जनरल फिजिशियन बनना चाहते हैं।

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, कहा- ‘जनमानस के साथ खेल रही है भ्रम की राजनीति’

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हर योजना में कमी निकालने का काम करते हैं। चाहे वह सीएए हो, ईवीएम का मुद्दा हो या फिर एसआईआर। कांग्रेस हर विषय पर भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस को ‘जी रामजी’ नाम से भी आपत्ति है। हमने तो राजस्थान से ‘आरए’ और मध्यप्रदेश से ‘एम’ लिया और महत्वपूर्ण परियोजना ईआरसीपी का नाम स्वतः ही ‘राम जल सेतु’ हो गया। यदि कांग्रेस को राम जी से ही दिक्कत है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। प्रकृति का नियम है कि जो होना है, वह होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश धीरे-धीरे रामराज्य की ओर बढ़ रहे हैं।   न भ्रष्टाचार करने देंगे, न होने देंगे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश को खोखला करने का काम किया है। वह हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है, लेकिन अब मोदी जी का जमाना है। अब न तो भ्रष्टाचार करने दिया जाएगा और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जाएगा। कांग्रेस को इस बात का दर्द है कि अब वे भ्रष्टाचार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ भी है तो मोदी सरकार उसे बाहर निकाल कर सामने लाएगी। सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलने में नंबर वन है, भ्रम फैलाने में नंबर वन है और तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति करना चाहती है। इसलिए झूठ का पर्दाफाश करना आज सबसे अधिक आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान को लेकर गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचना होगा। लोगों को यह बताना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार दिया है और 15 दिन में मजदूरी की गारंटी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार युवाओं के रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं, 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रिया में हैं और 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमने पहले ही कह दिया था कि आप पेन और डायरी लेकर बैठ जाएं, हम आपको हर बात का हिसाब देंगे। पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब तक 400 लोग जेल में हैं। अब यह गिनती करना कांग्रेस का काम है कि ये 400 लोग छोटी मछली हैं या बड़े मगरमच्छ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरेगी।  

भजनलाल शर्मा का संदेश: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने फिर दिखाया राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति एवं साहित्य अद्भुत है। यहां वृक्षों, पेड़ों, पहाड़ों और नदियों को पूजा जाता है। हमें अपनी इस सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आगे बढ़ना है, ताकि आगामी पीढ़ी इससे प्रेरणा ले तथा गर्व की अनुभूति करे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और साहित्य के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से साहित्य को जीवन का हिस्सा बनाने की भी अपील की। शर्मा गुरुवार को जयपुर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती सदियों से ज्ञान, कला और संस्कृति की संवाहक रही है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल विचारों का उत्सव एवं महासागर है। यह आयोजन साहित्य के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक उजागर करने में मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान साहित्य, संगीत और कला की पुण्य भूमि है। यहां आमेर के किले से लेकर हवा महल तक हर विरासत में संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। पृथ्वीराज रासो राजस्थान की वीरगाथात्मक संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मीरा की भक्ति, ढोला-मारू की कहानियां आज भी करोड़ों हृदयों को स्पर्श करती है। विजयदान देथा, कन्हैयालाल सेठिया, कोमल कोठारी जैसे साहित्यकार राजस्थान की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना की मशाल हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरा भक्ति और शक्ति की धरा है। महाराणा प्रताप, पन्नाधाय, अमृता देवी जैसे शूरवीरों ने अपने त्याग, बलिदान और समर्पण से प्रदेश की मिट्टी को गौरवान्वित किया है। पुस्तक पीढ़ियों तक फैलाती है ज्ञान का प्रकाश शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि हमें गुलदस्ते की जगह पुस्तक भेंट करनी चाहिए क्योंकि पुस्तक पीढ़ियों तक ज्ञान का प्रकाश फैलाती है। श्री शर्मा ने कहा कि किताबें जीवन को समझने का नया दृष्टिकोण देती हैं। साथ ही साहित्य मनुष्य को संवेदना और करुणा से जोड़कर चिंतनशील और विनम्र बनाता है। हमारे पूर्वजों ने ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और जनकल्याण के ग्रंथ श्लोक में लिखे और इस ज्ञान को साहित्य के द्वारा लोगों तक पहुंचाकर लोकप्रिय बनाया। उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध वीरों को प्रेरित करने, आजादी के आंदोलन में सेनानियों में जोश भरने, आपातकाल के दिनों में तानाशाही शासन को चुनौती देने से लेकर युद्ध में सेना का हौसला बढ़ाने तक हर समय साहित्य ने राष्ट्रनिर्माण का कार्य किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेम चंद बैरवा, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, जेएलएफ डायरेक्टर सुश्री नमिता गोखले, श्री विलियम डेलरिंपल, टीमवर्क आटर््स के एमडी श्री संजय रॉय सहित ख्यातनाम लेखक, साहित्यकार एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर, प्रदेश में नवाचार का माहौल बना रही सरकार : भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में मानवता के लिए एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है। उन्होंने एआई को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि इसके विवेकपूर्ण उपयोग से सरकार ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन को और अधिक व्यापक एवं जन केन्द्रित बना रही है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है और विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं को एआई के उभरते क्षेत्र में सहभागी बनने के लिए राजस्थान में आमंत्रित भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश एआई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री का मानना है कि एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी में राष्ट्रीय शक्ति और समृद्धि का आधार है। एआई देश की नीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक संरचना को बेहतर स्वरूप दे रहा है। एआई-एमएल पॉलिसी से नवाचार को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तकनीक और स्टार्टअप के सशक्त इकोसिस्टम के निर्माण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा लाई गई एआई-एमएल पॉलिसी से एआई सिस्टम अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और निजता-संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनेंगे। इस नीति से सार्वजनिक सेवा वितरण अधिक त्वरित, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी होगा तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान की प्रक्रिया सरल की जाएगी, प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा तथा स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योग, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों को भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। 5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, राजस्थान में डेटा सेंटर की स्थापना केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संगठनों के सहयोग से नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके तहत राज्य में 5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, आने वाले समय में राजस्थान में डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही आवश्यक प्रक्रियाएं प्रारंभ होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष फोकस के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। बीकानेर से जैसलमेर और सीमावर्ती इलाकों तक रेल नेटवर्क को मजबूत करने के कार्य प्रगति पर हैं, जिससे सुरक्षा, विकास और संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा। डिजिफेस्ट स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल गेटवे मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिफेस्ट ने स्टार्टअप्स को निवेशकों से, विद्यार्थियों को अवसरों से और उद्योग को सरकार से जोड़ डिजिटल राजस्थान का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल गेटवे साबित हो रहे हैं, जहां फंडिंग के साथ-साथ विश्वस्तरीय मेंटर्स का मार्गदर्शन भी मिल रहा है। एआई-एमएल, फिनटेक, एग्रीटेक, एआर-वीआर और प्रॉपटेक जैसे क्षेत्रों में विचार-विमर्श से नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। राजस्थान में हर माह 81 हजार करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन शर्मा ने कहा कि राजस्थान में 6 करोड़ 50 लाख से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं और हर माह औसतन 81 हजार करोड़ रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं। ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन एंटी वायरस के माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी, डेटा सेंटर नीति 2025, अटल इनोवेशन स्टूडियो, स्टार्टअप लॉन्चपैड, लीप प्रोग्राम और सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग जैसी पहलों से प्रदेश में रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। एआई के विस्तार के साथ-साथ भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए निवेश समझौतों में से बड़ी संख्या में परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। निवेश अनुकूल वातावरण, नई नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और राजनिवेश पोर्टल के कारण राजस्थान निवेशकों के लिए शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ है। प्रवासी राजस्थानियों के लिए बनाई गई नीति और विभाग से उन्हें प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिल रहा है। एआई जीवन का अभिन्न अंग बनेगा, जन-जन तक पहुंचेगी कंप्यूट सुविधा – केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में मानव जीवन का अभिन्न अंग बनेगा और हर व्यक्ति, हर घर तथा हर उद्यम तक इसकी पहुंच होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एआई को समावेशी, सुलभ और जनोपयोगी बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं।  

शिक्षकों के कंधों पर विकसित भारत और विकसित राजस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी: भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं है, बल्कि वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर राष्ट्र के भविष्य को रोशन करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं। यह नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देगी। शर्मा शनिवार को बांसवाड़ा के लियो इंटरनेशनल संस्थान में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्व को लेकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा वो दहाड़ेगा। गरीब और वंचित समाज की प्रगति का एकमात्र जरिया शिक्षा ही है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो बौद्धिक विकास के साथ ही आत्मिक और नैतिक विकास भी करे। शिक्षित के साथ संस्कारवान भी बनाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सुनिश्चित करती है कि भाषा किसी विद्यार्थी की प्रगति में बाधा नहीं बने और प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में मिले। विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर तार्किक सोच पैदा हो। वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थी केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि दक्ष नागरिक बनें। विद्यार्थी किन्हीं परिस्थितियों में पढ़ाई छोड़ने के बाद उसे पुनः प्रारंभ कर सकें। उन्होंने कहा कि इस नीति को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकगणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक हमारे समाज के पथ प्रदर्शक, आने वाली पीढ़ियों का गढ़ते हैं भविष्य – शर्मा ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल अक्षर या पुस्तक ज्ञान देने तक ही सीमित नहीं है, इनकी भूमिका बहुत व्यापक और महत्वपूर्ण है। इसीलिए शिक्षक को भविष्य निर्माता और राष्ट्र निर्माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक हैं। शिक्षक दीपक के समान समाज को आलोकित करता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ता है। जब-जब समाज में परिवर्तन आया है, उसका नेतृत्व शिक्षक ने किया है। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने एक साधारण बालक चंद्रगुप्त को सम्राट बनाया क्योंकि उनके पास शिक्षा और दृष्टिकोण की शक्ति थी। चाणक्य ने कहा कि प्रलय और निर्माण शिक्षक की गोद में पलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ की नींव को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों का राजकीय निधि कोष का शुल्क माफ – मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षण क्षेत्र में पिछले दो साल में अनेक अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में युवाओं के लिए परीक्षाओं की तैयारी करवाने की व्यवस्था शुरू की है। पहले चरण में 36 राजकीय कन्या महाविद्यालयों में अध्ययन सुविधा प्रारंभ की गई है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष में लिया जाने वाला शुल्क माफ किया गया है। 41 जिला मुख्यालयों पर महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ – शर्मा ने कहा कि 71 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। 177 नए राजकीय महाविद्यालयों के भवन बनाए गए हैं। 17 महाविद्यालयों को यूजी से पीजी में क्रमोन्नत किया है। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीबीए कोर्स प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 संभाग मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीसीए कोर्स प्रारंभ किए गए हैं। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ किया गया है। 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित – मुख्यमंत्री ने कहा कि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी एवं देवनारायण स्कूटी योजना के तहत 39 हजार 586 स्कूटियों का वितरण किया गया है। 65 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। विद्यार्थियों को मानसिक अवसाद से बचाने एवं मानसिक संबल प्रदान करने के लिए राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एंड रेग्यूलेशन बिल) 2025 पारित किया है। राज्य में 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं। यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि- शर्मा ने कहा कि 500 पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी खोली हैं। 714 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए हैं। 142 पीएम श्री विद्यालयों में ओ-लैब स्थापित की गई हैं। राजकीय विद्यालयों में अध्यनरत कक्षा 1 से 8 तक के समस्त बालक-बालिकाओं एवं कक्षा 9 से 12 की बालिकाओं को यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि प्रति विद्यार्थी डीबीटी की जा रही है। अब तक 41 लाख 25 हजार विद्यार्थियों को 330 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 45 हजार 489 विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां दी गई हैं। 10 लाख 51 लाख साइकिलें वितरित की गई हैं। शैक्षिक सम्मेलन चिंतन का सशक्त मंच – मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षकों के बीच विचार-विमर्श के साथ ही चिंतन का भी एक सशक्त मंच है। यहां से जो विचार निकलेंगे, वे हमारी शिक्षा नीति को और अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने में सहायक होंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार करें जहां विद्यार्थी न केवल परीक्षा उत्तीर्ण करें, बल्कि एक स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त नागरिक बनकर निकलें।  

स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, सामूहिक कर्तव्य है: स्वच्छता योद्धाओं के सम्मान का आह्वान – भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वच्छता समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है तथा राज्य सरकार प्रदेश को स्वच्छ और सुन्दर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आमजन स्वच्छता योद्धाओं का सम्मान और सहयोग कर इनका मनोबल बढ़ाएं ताकि ये स्वच्छता की मुहिम में और तेज गति से कार्य कर सकें। उन्होंने आह्वान किया कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें। शर्मा रविवार को जल महल की पाल पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छता जागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल महल हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है। अपनी धरोहरों, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वच्छ पर्यावरण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग एक बड़ी चुनौती है। इसी क्रम में राज्य सरकार प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक की रोकथाम के लिए एक्शन प्लान लेकर आई है। इस अवसर पर शर्मा ने ऐतिहासिक जल महल की पाल पर श्रमदान व पौधारोपण कर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने झाडू लगाई और कचरा संग्रहित किया तथा उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। शर्मा ने स्वच्छता योद्धाओं को पीपीई किट और चयनित लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि योजना के चेक वितरित करने के साथ ही रोड स्वीपिंग मशीन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘इंप्लिमेंटेशन प्लान फॉर सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री सिटीज’ पुस्तिका का विमोचन किया तथा स्वच्छता के कर्तव्य पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए। प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत मुहिम, आमजन की आदतों में आया बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन से राष्ट्रीय जागृति की शुरुआत की, जिससे देश में सड़कें और नालियां साफ होने के साथ ही लोगों की आदतों में भी बड़ा बदलाव आया। इस अभियान के तहत अब तक देशभर में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज यह मिशन जन स्वास्थ्य, महिलाओं के सम्मान और पर्यावरण जिम्मेदारी के प्रति दृष्टिकोण को नया आकार दे रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2017 में शुरू किया गया ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम इस मिशन के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है। राजस्थान के 42 हजार 492 गांव ओडीएफ प्लस घोषित मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के जनआंदोलन में राजस्थान प्रमुखता से कार्य कर रहा है। प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2 लाख 62 हजार व्यक्तिगत तथा 4 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। वहीं 42 हजार 492 से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर संचालित किए गए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने जल स्रोतों, राजकीय कार्यालयों, अस्पतालों एवं विद्यालयों आदि की साफ-सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पारदर्शी भर्ती परीक्षाएं, भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के रोजगार के सपनों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। दो वर्ष के कार्यकाल में 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई है। आगामी दिनों में 20 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं, 1 लाख 53 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में कई पेपर लीक हुए, जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई की है। किसान, घरेलू उपभोक्ता और उद्यमियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों पर प्राथमिकता से कार्य किया है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास, माही बांध, सोम-कमला-अंबा सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में जल संचयन तथा पानी की उपलब्धता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन के समय में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर्स हो रहे सशक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को नई आशा, दिशा और ऊर्जा मिली है। यह योजना उन लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही है, जो देश की असंगठित अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और बालमुकुंदाचार्य, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन डॉ. देबाशीष पृष्टी, जयपुर नगर निगम प्रशासक पूनम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

देश के लिए अटूट निष्ठा रखने वाले वीर सैनिक हमारे गर्व का प्रतीक : भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें। शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया।  यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें। ‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में मनाया गया GST बचत उत्सव, जानें कैसे मिला आमजन को फायदा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 22 सितंबर से 29 सितंबर तक जीएसटी बचत उत्सव मनाया गया। इस बचत उत्सव के दौरान प्रदेशभर में आमजन और व्यापारियों को जीएसटी रिफाॅम्र्स की जानकारी देते हुए इसके फायदों के बारे में अवगत करवाया गया। इस उत्सव के अंतर्गत आयोजित जीएसटी सुधार एवं दर युक्तिकरण जन जागरूकता अभियान में प्रदेशवासियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। मुख्यमंत्री, मंत्रीपरिषद् के सदस्यों ने आमजन को किया जगरूक मुख्यमंत्री शर्मा ने जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र और भीलवाड़ा के सदरबाजार में जाकर व्यापारियों और आमजन को जीएसटी सुधार के संबंध में जागरूक किया। बचत उत्सव के अंतर्गत प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिला कलेक्टर एवं वाणिज्यिक कर विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई, जिससे आमजन को जीएसटी सुधारों की जानकारी दी गई। व्यापार मंडल, डाॅक्टर, सीए-सीएस एवं अन्य प्रोफेशनल्स को शामिल कर इन्टरेक्टिव सेशन्स भी आयोजित किए गए, जिसमें उद्यमियों एवं आमजन को जीएसटी सुधारों से मिलने वाले लाभों के बारे में जागरूक किया है। साथ ही, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ‘सेविंग वाॅल’ भी लगाई गई, जिसमें सामान्य वस्तुओं पर पुराने एवं नये जीएसटी दरों का उल्लेख किया गया है। प्रचार-प्रसार के लिए विभाग द्वारा किए गए अनेक नवाचार वाणिज्यिक विभाग द्वारा जीएसटी सुधार से आमजन को हुई बचत की जानकारी देने के लिए मोबाइल ऐप भी बनाई है। साथ ही, दुकानदारों को डिजिटल/फिजिकल स्टिकर बांटे गए, जिसमें ‘जीएसटी 2.0 के फायदें लागू हैं’ का उल्लेख किया गया। इससे आमजन को उत्पादों में हुई रेशनलाइज्ड दरों की जानकारी दी गई। बचत उत्सव के दौरान एफएम और रेडियो चैनलों पर छोटे-छोटे जिंगल्स, ‘सफलता की कहानियों’ के कैम्पेन, सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार, विभागीय वेबसाइट पर जीएसटी सुधारों की जानकारी एवं आईटी विभाग के वीडियो वाॅल्स पर संबंधित एनिमेशन सहित विभिन्न नवाचार किए गए। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से आमजन, किसान, व्यापारी एवं उद्योगपतियों सहित समाज के सभी वर्गों को जीएसटी दरों में कटौती का लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ। रोटी, कपड़ा, मकान सहित जरूरत की चीजें हुई सस्ती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी में सुधार की घोषणा की जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई। जीएसटी रिफाॅम्र्स लागू होने के बाद अब देश में मुख्य रूप से जीएसटी की दो दरें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत प्रभावी हो गई हैं। विलासिता से संबंधित वस्तुओं को ही 40 प्रतिशत टैक्स की श्रेणी में रख गया है। वहीं नई कर संरचना में कम्पन्सेशन सेस भी हटा दिया गया है। जीएसटी के नए प्रावधानों का सीधा प्रभाव आम आदमी पर हुआ है। अब जीवन की मूलभूत आवश्यकता रोटी, कपड़ा और मकान सस्ते हो गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को भी नए जीएसटी प्रावधानों का लाभ मिला है। इन जानकारियों को आमजन तक पहुंचाने के क्रम में प्रदेश में 22 से 29 सितम्बर तक जीएसटी बचत उत्सव का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने से लेकर अब तक जीएसटी करदाताओं की संख्या 66.5 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। वहीं, राजस्थान में भी जीएसटी करदाता 4.34 लाख से बढ़कर 9.31 लाख हो गए हैं। इसी प्रकार, राज्य के जीएसटी राजस्व में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई है और वित्त वर्ष 2024-25 में यह 42 हजार 518 करोड़ हो गया है।