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रंधावा परिवार का दबाव: मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर फुटेज जारी कर दिया अल्टीमेटम

अमृतसर  मंत्री लालजी सिंह भुल्लर और उसके साथियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने पर गगनदीप रंधावा के परिवार ने विरोध जताया है। उन्होंने सरकार और पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया हैl गगनदीप की पत्नी उपेंद्र कौर ने कहा कि अगर सरकार ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो वह सड़कों पर उतरेंगे। परिवार ने गगनदीप द्वारा जहरीला पदार्थ निकलने की सीसीटीवी फुटेज भी जरी की है। सड़के जाम करके और प्रदर्शन करके उनका मकसद लोगों को परेशान करना नहीं है। लेकिन सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। अपने परिवार और करीबियों के साथ सोमवार की सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में पति की मौत पर इंसाफ के लिए पनसप, वेयरहाउस, फन ग्रीन आदि एजेंसियों को अपील की है कि इंसाफ में उनका सहयोग दें। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उपिंदर कौर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ी हैं। परिवार ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।  वहीं भाजपा और कांग्रेस ने मामले में आज रोष मार्च निकालने का एलान किया हुआ है।  पत्नी ने मांगी सुरक्षा रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने अपने और तीन बच्चों की सुरक्षा की भी मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री भुल्लर लगातार रंधावा पर टेंडर पास करने को लेकर दबाव बना रहे थे। 13 मार्च को उन्हें बुलाकर पीटा गया, धमकियां दी गईं और जबरन वीडियो बनवाया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने जहर निगलकर जान दे दी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खत्म करने और गैंगस्टरों से हमला कराने की धमकियां दी गई थीं। परिचितों को भेजा था वीडियो घटना से पहले रंधावा ने अपने कुछ परिचितों को एक वीडियो भेजा था, जिसमें उन्होंने दबाव और उत्पीड़न का जिक्र किया था। पुलिस ने इस वीडियो को अहम साक्ष्य मानते हुए जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।  रंधावा अमृतसर और तरनतारन जिलों से जुड़े वेयरहाउस कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में विज्ञान अध्यापिका हैं और परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी ने गलत किया है या किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी। मंत्री हो या आम व्यक्ति, कानून सबके लिए समान है। मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए गए हैं।