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गया में जन सुराज नेता पर जानलेवा हमला, चुनावी माहौल हुआ तनावपूर्ण

गयाजी बिहार विधानसभा 2025 चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से चुनावी हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में गयाजी के जन सुराज नेता और नगर निगम पार्षद  गजेंद्र सिंह पर बाइक सवार अपराधियों ने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। घटना में अपराधियों ने स्कॉर्पियो वाहन पर गोली चलाई, जिसमें एक गोली वाहन को लगी और दो गोलियां चूक गईं। हालांकि, नेता बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार,  गजेंद्र सिंह सोमवार की देर रात गयाजी शहर के चंदौती थाना क्षेत्र से अपने वाहन से लौट रहे थे। वे उस दौरान एक परिचित से मिलने गए थे। इसके बाद वह अपने आवास एपी कॉलनी लौट रहे थे। चंदौती रोड में, एलआईसी कार्यालय के पास, बाइक सवार अपराधियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान  गजेंद्र सिंह ने वाहन को तेज रफ्तार में भगाया और रामपुर थाना पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। रामपुर थाना की पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि वारदात ऐसी जगह पर हुई है, जहां कोई CCTV कैमरा नहीं लगा हुआ था। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। गजेंद्र सिंह वर्तमान में गयाजी नगर निगम के वार्ड पार्षद हैं। वे गयाजी टाउन विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज पार्टी के संभावित प्रत्याशी भी माने जा रहे हैं। उन्होंने वारदात में शामिल अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई है।

JMM का बिहार में बड़ा दांव, 12 सीटों का दावा और तेजस्वी यादव से संभावित बैठक आज

रांची बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद पांडे आज पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। पार्टी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन ने दोनों को बातचीत करने के लिए इसकी कमान सौंपी है।   पार्टी सूत्रों के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी राज्य की सीमावर्ती 12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी के साथ महागठबंधन में सम्मानजनक भागीदारी की तैयारी में जुट गई है। झामुमो की नजर बिहार के तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रुपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई सीटों पर है। इन जिलों की सीमा झारखंड से लगती है और यहां झामुमो का वोटबैंक मजबूत माना जाता है। पार्टी का दावा है कि इन इलाकों में संगठन की जमीनी पकड़ अच्छी है और अतीत में उसके विधायक भी यहां से चुने जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर महीने में झामुमो अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में हुई ‘वोटर अधिकार रैली' के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी, लेकिन तब सीट शेयरिंग पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी। इस बार बैठक को लेकर झामुमो काफी गंभीर है और पार्टी नेताओं को मजबूत तुकरं के साथ सीट शेयरिंग की बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञातव्य है कि पिछले साल हुए झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने महागठबंधन धर्म निभाते हुए राजद को 7 सीटें दी थीं, जिनमें से पार्टी ने 4 सीटों पर सफलता पाई थी। झामुमो अब इसी तर्ज पर बिहार में 12 सीटों की मांग कर रहा है। पार्टी का तर्क है कि गठबंधन धर्म में उसे भी वही सम्मान और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, जैसा उसने झारखंड में सहयोगी दलों को दिया था।  

CEC ज्ञानेश कुमार का ऐलान: बिहार के सभी बूथों पर होगी वेबकास्टिंग, वोटर संख्या 1200 तक सीमित

पटना  बिहार चुनाव की तैयारियों की समीक्षा को लेकर चुनाव आयोग की टीम दो दिन के पटना दौरे है। रविवार को सीईसी ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी गई। उन्होने बताया कि किसी भी बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। 100 फीसदी वेब कास्टिंग होगी। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र है। विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है। उसके पहले चुनाव संपन्न होंगे। चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में है। इसके पहले भी हमारे वरिष्ठ अधिकारी बिहार का दौरा कर चुके हैं। चुनाव आयोग ने दो दिवसीय दौरे के दौरान पहले दिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उसके बाद, सभी जिलों डीएम, एसपी, डीआईजी व आईजी के साथ बैठक की। वहीं, दूसरे दिन तीन सत्र में ,प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों, बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सीईसी ने बताया कि पहली बार बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की ट्रेनिंग दिल्ली में हुई है। बूथ लेवल ऑफिसर के लिए भी फोटो आईडी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा पोलिंग बूथ के कमरे के बाहर मोबाइल जमाकर वोट डालने की सुविधा होगी। सभी 90 हजार पोलिंग बूथ पर ये सुविधा होगी। मतदाताओं को दी जाने वाली वोटर स्लिप बूथ की संख्या बड़े अक्षरों में होगी, जिससे बूथ ढूंढना आसान होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व कराए गए एसआई आर के तहत अपात्र मतदाताओं के नाम कटे हैं, उन्होंने आग्रह किया कि अभी भी वक्त है, यदि वे योग्य हैं, तो नामांकन की समाप्ति के 10 दिनों पहले तक वे फॉर्म- 6 या फॉर्म- 7 भरकर जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो नई पहल की गई है, उनमें कुछ चुनाव कंडक्ट के समय और कुछ चुनाव के दौरान लागू की जाएगी। उन्होंने आधार कार्ड को लेकर नियमो आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का ज़िक्र किया और कहा कि इसे गणना फॉर्म के साथ स्वीकार किया गया था और आगे भी स्वीकार किया जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट और आधार कानून के साथ जनप्रतिनिधित्व कानून का हवाला दिया और कहा कि आधार केवल पहचान है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। उन्होंने राजनीतिक दलों से हर बूथ पर चुनाव एजेंट बहाल करने और मतदान से पूर्व और मतदान की समाप्ति तक फॉर्म 17 सी लेकर जाने तक उनकी मौजूदगी सुनिश्चित कराएं। चुनाव आयोग 17 नए प्रयोग बिहार चुनाव में करने जा रही है। आगे यह पूरे देश में लागू होगा। ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन फोटो होगी। वोटर आईडी कार्ड में वोटर आईडी नंबर बड़ा होगा। EVM की काउंटिंग में कोई भी गलती होगी तो सभी VVPAT की गिनती होगी। इसके अलावा बैलेट वोट की भी गिनती अनिवार्य होगी। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल ही में बिहार में मतदाता सूची शुद्धिकरण का काम चलाया गया और हमारे सामने मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों ने न सिर्फ अपने बूथों पर मतदाता सूची शुद्धिकरण का काम किया, बल्कि बिहार के 90,217 बूथ लेवल अधिकारियों ने ऐसा काम किया जो पूरे देश में सराहनीय है। जैसे बिहार के वैशाली ने दुनिया को लोकतंत्र की राह दिखाई। आप सब मिलकर मतदाता सूची शुद्धिकरण के काम में देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।  

मायावती ने तेज की बिहार चुनावी तैयारियां, बसपा कार्यकर्ताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी और पूरे कार्यक्रम का दिशा निर्देशन वह खुद करेंगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बिहार विधानसभा के लिए जल्द अगले कुछ महीनों में ही होने वाले चुनाव में बसपा उम्मीदवारों के चयन समेत पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक में गहन चर्चा और समीक्षा की गई। इस दौरान अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के मद्देनजर आने वाले दिनों में पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया गया।" मायावती ने बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी और तन-मन-धन से आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने से बिहार में बसपा की यात्रा और जनसभाएं शुरू हो जाएंगी। इस संबंध में भी मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं। बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट कहा है कि सभी कार्यक्रम उनके दिशा-निर्देशन में होंगे। इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद और केंद्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ-साथ बिहा इकाई को सौंपी गई है। अपने पोस्ट में मायावती ने लिखा, "बिहार एक बड़ा राज्य है और इसलिए वहां की जरूरतों को देखते हुए सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटा गया है। इसी हिसाब से पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग से उनकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया।" बसपा की बैठक में राज्य इकाई ने चुनावी तैयारियों और रणनीति के बाद मायावती को भी बेहतर परिणाम लाने की भरोसा दिया है। इससे पहले मायावती ने ओडिशा और तेलंगाना राज्य में भी संगठन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बसपा सुप्रीमो ने पोस्ट में लिखा, "उन्होंने उत्तर प्रदेश पैटर्न पर ओडिशा और तेलंगाना में जिला-बूथ कमेटी बनाने के अलावा पार्टी का जनाधार बढ़ाने के टारगेट को लेकर समीक्षा बैठक की।"