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स्पीच से ठीक पहले बड़ा बदलाव: बिल गेट्स नहीं होंगे AI समिट में, अंकित वोरा को जिम्मेदारी

नई दिल्ली मशहूर अमेरिकी कारोबारी बिल गेट्स दिल्ली में आयोजित हो रहे एआई समिट में नहीं आएंगे। उन्हें आज ही कार्यक्रम में अपनी स्पीच देनी थी और उससे ठीक पहले ही उनके कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। पहले भी कयास लग रहे थे कि शायद वह कार्यक्रम में नहीं रहेंगे, लेकिन उनके गेट्स फाउंडेशन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी। अब इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि बिल गेट्स के स्थान पर अंकुर वोरा स्पीच देंगे। वह भी बिल गेट्स फाउंडेशन से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम था और वह विवादों में थे। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गेट्स फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'गंभीरता से विचार करने के बाद और AI समिट की प्राथमिकताओं को देखते हुए मिस्टर गेट्स ने तय किया है कि वह अपनी स्पीच नहीं देंगे। AI समिट में गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व अंकुर वोरा करेंगे। वह अफ्रीका और भारतीय कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वही आज AI समिट में गेट्स फाउंडेशन की ओर से अपनी स्पीच देंगे।' फाउंडेशन ने कहा कि हम भारत में हेल्थ और डिवेलपमेंट में योगदान को लेकर अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट का आयोजन हो रहा है। इसमें बिल गेट्स को कीनोट स्पीकर के तौर पर रहना था। उनका 19 फरवरी को भाषण था। बिल गेट्स सोमवार को ही भारत आ गए थे। इसके बाद कहा जा रहा था कि वह गुरुवार को AI समिट में रहेंगे। उन्हें 12 मिनट की स्पीच देनी थी। बिल गेट्स भारत आने के बाद सबसे पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। इसके अलावा डिप्टी सीएम पवन कल्याण से भी उनकी मीटिंग हुई थी। इस दौरान कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। इस सप्ताह हो रही AI समिट को दुनिया के कुछ प्रमुख आयोजनों में माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर हो रहे हैं। AI समिट से कुछ विवाद भी जुड़े, गलगोटिया की सबसे ज्यादा चर्चा भारत में हो रहे इस आयोजन को टेक कंपनियां एक अवसर के तौर पर देख रही हैं। कंपनियों का कहना है कि यह बूमिंग सेक्टर है और भारत के लिए यह अहम है। बता दें कि इस समिट से कुछ विवाद भी जुड़े हैं। जैसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जिन दो प्रोडक्ट्स को तैयार करने का दावा किया था, उन्हें चीन और कोरिया में बनाया गया था। यही नहीं खबरें हैं कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को AI समिट से हटाने का भी आदेश दिया गया है।

30 लाख दस्तावेजों में छुपा बिल गेट्स का विवादित सच, एपस्टीन फाइल्स ने किया खुलासा

वॉशिंगटन: अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) ने जेफ्री एपस्टीन के नए सीक्रेट दस्तावेज पब्लिक कर दिए हैं. कुख्यात जेफ्री एपस्टीन प्रकरण में रिलीज की गई 30 लाख से ज्यादा फाइलों में फिर से एक बड़े नाम को लेकर चौंकाने वाले राज खुले हैं. ये बड़ा नाम ‘माइक्रोसॉफ्ट का मसीहा’ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार बिल गेट्स का है. लीक किए गए सीक्रेट ईमेल्स की मानें तो गेट्स को एक जानलेवा गुप्त रोग (STD) लग गया था, जिसे दुनिया से छिपाने के लिए वे तड़प रहे थे. ईमेल में उन रशियन लड़कियों का भी जिक्र है, जो गेट्स के इस घिनौने सच की सबसे बड़ी गवाह थीं. बिल गेट्स के ईमेल्स में खुला शॉकिंग राज गेट्स से जुड़े डॉक्यूमेंट्स में खुलासा हुआ है कि उन्हें यौन संचारित रोग हो गया था. चौंकाने वाली बात तो यह है कि उन्होंने इस लाइलाज बीमारी के सबूत मिटाने के लिए कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन को सरेआम धमकियां तक दे डाली थीं. इन ईमेल्स में बिल गेट्स ने रशियन लड़कियों का भी जिक्र किया था. जुलाई 2013 में जेफ्री एपस्टीन ने खुद को एक लंबा ईमेल भेजा था. यह ईमेल उस वक्त का है जब बिल गेट्स ने एपस्टीन से दूरी बनानी शुरू कर दी थी. एपस्टीन ने इस ईमेल में गुस्से और बदले की आग में वो राज उगल दिए जिन्हें गेट्स शायद दुनिया से हमेशा के लिए छिपाना चाहते थे. एपस्टीन ने लिखा था कि गेट्स ने उससे विनती की थी कि वह उनके STD (यौन संचारित रोग/गुप्त रोग) से जुड़े ईमेल डिलीट कर दे. एपस्टीन ने अपनी इस ‘धमकी’ में साफ लिखा था कि उसके पास गेट्स के रशियन लड़कियों के साथ संबंधों और उसके बाद पैदा हुई बीमारियों का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद है. मेलिंडा के साथ वो ‘खतरनाक’ धोखा! इन दस्तावेजों में बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा गेट्स से जुड़ा एक भयानक किस्सा भी है. दस्तावेजों के मुताबिक, गेट्स ने रशियन लड़कियों के साथ संबंध बनाने के बाद एक गुप्त रोग (STD) पकड़ लिया था. पकड़े जाने के डर से, गेट्स ने कथित तौर पर एपस्टीन से ऐसी एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं जिन्हें वे चुपके से मेलिंडा को दे सकें. उद्देश्य यह था कि मेलिंडा को बिना बताए उनका इलाज हो जाए और उन्हें कभी पता ही न चले कि उनके पति ने उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया था. रशियन लड़कियां और राइट हैंड का कबूलनामा इन फाइलों में गेट्स के पूर्व सलाहकार बोरिस निकोलिक के नाम से लिखे गए ड्रॉफ्ट ईमेल भी मिले हैं. निकोलिक, जो गेट्स के सबसे भरोसेमंद ‘राइट हैंड’ माने जाते थे, उन्होंने अपने इस्तीफे के ड्रॉफ्ट में लिखा था कि उन्हें ऐसी चीजों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया जो न केवल अनैतिक थीं, बल्कि गैरकानूनी भी थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने गेट्स के लिए रशियन लड़कियों का इंतजाम करने, नशीली दवाएं पहुंचाने और यहां तक कि अवैध ट्रस्ट बनाने में मदद की थी. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि गेट्स ब्रिज टूर्नामेंट्स के दौरान अपनी दिमागी क्षमता बढ़ाने के लिए ‘एडेरॉल’ जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल करते थे. मेलिंडा का तलाक: अब जुड़ीं सारी कड़ियां जब 2021 में बिल और मेलिंडा का तलाक हुआ, तो दुनिया हैरान थी. मेलिंडा ने सिर्फ इतना कहा था कि बिल की एपस्टीन के साथ दोस्ती और उनके अफेयर्स ने शादी को खोखला कर दिया. लेकिन अब सामने आई इन कड़ियों से साफ है कि मेलिंडा 2019 से ही तलाक की प्लानिंग कर रही थीं. जैसे ही वॉल स्ट्रीट जर्नल में बिल और एपस्टीन की आधी रात की मुलाकातों की खबरें आईं, मेलिंडा समझ गई थीं कि जिस इंसान के साथ वे सालों से रह रही हैं, उसकी सच्चाई कुछ और ही है. एपस्टीन के साथ बिल की मुलाकातों में मिस स्वीडन जैसी खूबसूरत महिलाओं का शामिल होना और देर रात तक उनके घर पर रुकना, मेलिंडा के लिए बर्दाश्त से बाहर था. बिल गेट्स के झूठ और एपस्टीन की ‘जादुई’ दुनिया बिल गेट्स ने हमेशा मीडिया के सामने यही कहा कि उनकी एपस्टीन के साथ कोई दोस्ती नहीं थी, वे कभी उनके निजी विमान (Lolita Express) में नहीं बैठे और न ही उनके किसी घर पर गए. लेकिन सच इसके उलट है. फ्लाइट मैनिफेस्ट बताते हैं कि मार्च 2013 में गेट्स ने एपस्टीन के प्राइवेट जेट में सफर किया था. एपस्टीन के मैनहट्टन टाउनहाउस में वे कई बार देर रात तक रुके थे. गेट्स ने खुद एक ईमेल में लिखा था कि एपस्टीन का लाइफस्टाइल बहुत ‘अलग और दिलचस्प’ है. एपस्टीन की मौत और अधूरे राज जेफ्री एपस्टीन ने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी, लेकिन उसके पास मौजूद ‘ब्लैक बुक’ और ईमेल आज भी दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों की रातों की नींद उड़ा रहे हैं. बिल गेट्स का नाम इन दस्तावेजों में बार-बार आना यह साबित करता है कि परोपकार की आड़ में कहीं न कहीं कुछ बहुत बड़ा और काला छिपा हुआ था. हालांकि गेट्स के प्रवक्ताओं ने इन दावों को खारिज किया है, लेकिन DOJ द्वारा जारी किए गए हजारों पन्नों के ये ईमेल झूठ नहीं बोलते.

इन 10 बिल गेट्स के सुविचारों से जानें – सोच बदलो, जिंदगी बदलो

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स दुनिया के सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं। बिल गेट्स ने अपनी जिंदगी में अपार सफलता हासिल की है और ऐसा सिर्फ उनके कड़े नियमों के कारण हुआ। तीन सेमेस्टर पूरा करने के बाद बिल गेट्स ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई छोड़ दी थी और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की शुरुआत की। साल 2014 में उन्होंने इस कंपनी को छोड़ दिया और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पर ध्यान देने लगें। बिल गेट्स का कहना है कि सफल होने के बाद भी मैं हर दिन कुछ नया सीखता और पढ़ता हूं। बिल गेट्स की कुछ ऐसी बातें हैं, जो हर स्टूडेंट को अपनी लाइफ में फॉलो करनी चाहिए। इससे किसी को भी सफलता मिल सकती हैं। 1- बेवकूफ लोगों के प्रति अच्छे रहो। संभावना है कि आप किसी ऐसे ही बेवकूफ के लिए काम कर रहे होंगे। 2- मैं एक कठिन कार्य के लिए आलसी व्यक्ति को चुनता हूं क्योंकि आलसी व्यक्ति कठिन कार्य को करने का सबसे आसान तरीका निकाल लेगा। 3- कुछ बड़ा जीतने के लिए, आपको कभी-कभार बड़े खतरे भी लेने पड़ते हैं। 4- जैसा हम आने वाली सदी को देखते हैं, नेता वे होंगे जो दूसरों को सशक्त बनाते हैं। 5- व्यवसाय एक पैसे वाला गेम है जिसमें कई नियम व बहुत सारे खतरे हैं। 6- अपने आप की दूसरों के साथ तुलना मत करो। अगर तुम ऐसा करते हो तो तुम स्वयं की ही बेइज्जती कर रहे हो। 7- मैं परीक्षा में कई विषयों में फेल हो गया था और मेरा दोस्त सभी विषय में पास हो गया था। अब वह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में इंजीनियर है और मैं माइक्रोसॉफ्ट का मालिक हूं। 8- धैर्य ही सफलता का मूल तत्व है। 9- अगर आप गरीब पैदा हुए तो यह आपकी गलती नहीं है परंतु अगर आप गरीब ही मर गए तो यह आप ही की गलती है। 10- सफलता को सेलिब्रेट करना चाहिए लेकिन असफलता से सबक भी लेने जरूरी है।