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Bitcoin में तेज गिरावट: आधी हुई वैल्यू, एक्सपर्ट्स जता रहे और 55% फिसलने का अंदेशा

 नई दिल्‍ली बिटकॉइन की कीमतों में इस हफ्ते भी गिरावट तेज रही, लेकिन शनिवार को इसमें 4 फीसदी की तेजी रही और इसकी कीमत  लगभग 68,864 डॉलर पर आ चुकी है. हालांकि एक्‍सपटर्स को इस तेजी पर कुछ खास भरोसा नहीं हो रहा है.  उनका कहना है कि इस बड़ी गिरावट के बीच यह एक छोटी सी उछाल है और गिरावट अभी भी हावी है.  बिटकॉइन अभी भी अपने  रिकॉर्ड स्‍तर से करीब आधा गिर चुका है. क्रिप्टोकरेंसी अक्टूबर में अपने उच्चतम स्तर से लगभग 44% गिर चुकी है, जो पिछले कई महीनों में हुए करेक्शन के कारण हुआ है. शुक्रवार को बिटकॉइन लगभग $69,180 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले साल के अंत में आई तेजी के दौरान देखे गए स्तरों से काफी नीचे है. अभी और गिर सकता है बिटकॉइन मिड टर्म को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, नेड डेविस रिसर्च (एनडीआर) के रणनीतिकारों ने चेतावनी दी है कि भारी बिकवाली के बाद भी आगे और गिरावट आ सकती है. इस महीने की शुरुआत में ग्राहकों को जारी एक नोट में, एनडीआर ने कहा कि अगर मौजूदा मंदी एक पूरे बिटकॉइन विंटर में बदल जाती है, तो कीमतें मौजूदा स्तरों से काफी नीचे तक गिर सकती हैं.  55 फीसदी तक टूट सकता है बिटकॉइन नेड डेविस रिसर्च के मुख्य रणनीतिकार पैट त्सचोसिक और विश्लेषक फिलिप मौल्स के अनुसार, गंभीर मंदी की स्थिति में बिटकॉइन की कीमत गिरकर 31,000 डॉलर तक जा सकती है. इस तरह की गिरावट का मतलब मौजूदा कीमतों से लगभग 55% की और गिरावट होगी, जिससे हाल के उच्चतम स्तर के करीब निवेश करने वाले निवेशकों को और अधिक ज्‍यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  75 फीसदी तक टूट चुका है बिटकॉन एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन की ऐतिहासिक गिरावट विश्लेषण पर आधारित है. उन्होंने बताया कि पिछली बड़ी बिकवाली के दौरान, बिटकॉइन में आमतौर पर लगभग 70% से 75% की गिरावट देखी गई है, जब गिरावट लंबे समय तक मंदी के दौर में बदल गई. अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो मौजूदा गिरावट अभी भी जारी रह सकती है. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, नेड डेविस रिसर्च ने यह भी बताया कि 2011 से लेकर अब तक बिटकॉइन की मंदी के दौर में औसतन लगभग 84% की गिरावट आई है. ये गिरावटें न केवल गहरी थीं, बल्कि लंबी भी रहीं.  औसतन, पिछले बिटकॉइन की मंदी के दौर लगभग 225 दिनों तक चले, जो लंबे समय तक कमजोरी की संभावना को उजागर करते हैं.  

ट्रंप ने दिया बड़ा बयान, क्रिप्टो मार्केट में मचा तांडव, बिटकॉइन की कीमतें टूटीं

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में चीन से आने वाले सभी ‘महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर’ पर 100% नया टैरिफ (कर) लगाएगा. ट्रंप के इस बयान के बाद क्रिप्टोकरेंसी और अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार मच गया. बिटकॉइन (Bitcoin) और इथीरियम समेत अमेरिका में टेस्ला और अमेजन जैसी कंपनियों के शेयर गिर गए. ट्रंप ने यह फैसला तब लिया है जब चीन ने रेयर अर्थ मिनरल्स पर नए एक्सपोर्ट नियंत्रण लगाने का ऐलान किया. ये खनिज मोबाइल, कंप्यूटर चिप्स, बैटरी और सोलर पैनल जैसे टेक प्रोडक्ट्स बनाने में जरूरी होते हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘1 नवंबर 2025 से (या उससे पहले अगर चीन कोई और कदम उठाता है) अमेरिका चीन पर 100% टैरिफ लगाएगा, जो मौजूदा करों से ऊपर होगा. उसी दिन से सभी क्रिटिकल सॉफ्टवेयर पर एक्सपोर्ट कंट्रोल भी लगाए जाएंगे.’ ट्रंप ने कहा कि यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि चीन ‘लगभग हर उत्पाद’ पर बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट कंट्रोल लागू करने की योजना बना रहा है. उन्होंने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक खतरनाक मिसाल’ बताया. अभी अमेरिका चीन के उत्पादों पर 30% टैरिफ लगाता है. ट्रंप की नई घोषणा के बाद यह दर कुल मिलाकर 130% हो जाएगी. क्रिप्टो बाजार में झटका     ट्रंप के ऐलान के तुरंत बाद बिटकॉइन और इथेरियम जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी के दाम गिर गए.     बिटकॉइन 10% से ज्यादा गिरकर $1,10,000 के नीचे चला गया, बाद में हल्का सुधार होकर $1,13,096 पर पहुंचा.     इथेरियम 11.2% टूटकर $3,878 पर आ गया.     BNB, Solana और XRP जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भी 14% से 18% तक गिरावट दर्ज की गई.     विश्लेषकों का कहना है कि ट्रेड वार (Trade War) के डर से निवेशकों ने जोखिम भरे निवेश, जैसे क्रिप्टो और टेक स्टॉक्स, से पैसा निकालना शुरू कर दिया है. वॉल स्ट्रीट में भी गिरावट ट्रंप के बयानों का असर अमेरिकी शेयर बाजारों पर भी दिखा. S&P 500 इंडेक्स 2.71% गिर गया. यह अप्रैल के बाद का सबसे बड़ा नुकसान. वहीं Nasdaq 3.56% टूटा. डाउ जोन्स में भी करीब 1.9% की गिरावट आई. लंदन के FTSE 100 में भी 0.9% की गिरावट दर्ज की गई क्योंकि दुनिया भर के निवेशकों को वैश्विक मंदी की चिंता सता रही है. क्या फिर शुरू होगा ट्रेड वॉर? ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच पहले इस महीने दक्षिण कोरिया में मुलाकात तय थी, लेकिन ट्रंप ने कहा कि अब इसकी कोई जरूरत नहीं है. चीन ने भी जवाबी कदम उठाते हुए अमेरिकी झंडे वाले जहाजों पर अतिरिक्त पोर्ट शुल्क लगाने का ऐलान किया है. अब मंगलवार से चीन पहुंचने वाले अमेरिकी जहाजों से $56.13 प्रति टन और अमेरिका पहुंचने वाले चीनी जहाजों से $80 प्रति टन शुल्क लिया जाएगा.