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काले हिरण व चिंकारा के शिकार कर अतंर्राज्यीय स्तर पर तस्करी करने वाले आरोपी रिजवान एवं इम्तियाज की जमानत याचिका ख़ारिज

भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में आरोपी रिजवान और आरोपी इम्तियाज द्वारा जमानत याचिका दायर की गयी। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर के समक्ष स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश इकाई इंदौर द्वारा शासन का ठोस पक्ष रखा गया एवं अन्य प्रकरणों जैसे वीरूपक्षा गोडा विरूद्ध स्टेट आफ कर्नाटक राज्य में पारित आदेश एवं उक्त प्रकरण के महत्वपूर्ण तथ्यों से अगवत कराया गया। आरोपियों की मोबाइल फारेन्सिक रिपोर्ट से प्राप्त शिकार के साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर द्वारा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश इकाई इंदौर द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं रखे गए ठोस पक्ष के आधार पर उक्त जमानत याचिकाएं खारिज की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई इंदौर द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) म.प्र. के निर्देश पर वनमण्डल इंदौर एवं स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की गई। किशनगंज जिला इंदौर से वन्यजीवों के मांस की तस्करी करने वाले 3 आरोपियों को 65 कि.ग्रा. (लगभग), एक नग देसी पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस एवं एक नग चार पहिया वाहन टोयोटा इनोवा क्रिस्टा क्रमांक एम.एच-02-ई.पी.-4223 के साथ विभिन्न धाराओं में परिक्षेत्र महू वनमण्डल इंदौर के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये वन्यजीव मुख्यालय द्वारा इस प्रकरण को अग्रिम विवेचना के लिये स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) इकाई इंदौर को हस्तांतरित किया गया। एसटीएसएफ द्वारा वैज्ञानिक तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से नया प्रकरण क्रमांक POR No. 237/22 दिनांक 21.08.25 दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उक्त आरोपी इम्तियाज 19 माह से व आरोपी रिजवान 4 माह से ही न्यायिक अभिरक्षा में है। वर्तमान में प्रकरण में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।  

नौरादेही अभ्यारण्य में अफ्रीकी चीते के लिए काले हिरणों की खास डिश, शिकार की तैयारी शुरू

सागर   नौरादेही मध्यप्रदेश सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व के रूप में पहचान बना रहा है. यहां चीतों को भी शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है. इससे पहले नौरादेही से खबर ये आ रही है चीतों के आगमन से पहले उनके शानदार भोजन की व्यवस्था हो गई है. नौरादेही में बड़ी संख्या में काले हिरणों के झुंड विचरण करने लगे हैं. कई जिलों से रेस्क्यू कर इन काले हिरणों को यहां छोड़ा गया है. नौरादेही में साल 2017 में सिर्फ 5 काले हिरण थे, जो अब बढ़कर 153 हो गए हैं. नौरादेही में घास के खुले मैदान काले हिरणों को पसंद साल 1975 में जब नौरादेही के जंगलों को वन्यजीव अभ्यारण्य का दर्जा दिया गया था, उससे पहले ही ये इलाका भारतीय भेडिया और काले हिरणों के गढ़ के तौर पर जाना जाता था. यहां के विशाल घास के मैदानों के कारण काले हिरणों की संख्या काफी ज्यादा थी, लेकिन धीरे-धीरे यहां काले हिरण दिखना बंद हो गए. 2014 में जब यहां विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हुई तो अभ्यारण्य के भीतर के गांव खाली होने लगे और घास के मैदान विकसित किए गए. अब यहां से ऐसी तस्वीरें सामने आई है, जो नौरादेही का इतिहास दोहराती नजर आ रही हैं. यहां घास के मैदानों के बीच काले हिरणों के झुंड नजर आने लगे हैं. सबसे पहले एक बाघ और बाघिन को बसाया नौरादेही में जब 2010 में अफ्रीकन चीतों को बसाने के लिए सर्वे किया गया था. उसी समय तय कर लिया गया कि भविष्य में यहां अफ्रीकन चीते बसाए जाएंगे. इसी योजना के तहत 2014 में नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य में विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की गई. विस्थापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 2018 में पहले नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण परियोजना में शामिल किया गया. यहां पर एक बाघ और बाघिन को बसाया गया. विस्थापन के बाद नौरादेही में घास के बड़े मैदान विस्थापन की प्रक्रिया चालू होने से अभयारण्य के भीतर के गांव खाली होने लगे. इन गांवों के लोग यहां खेती करते थे. ये खेती की जमीन अभयारण्य प्रबंधन द्वारा घास के मैदानों में तब्दील की गई. सितंबर 2023 में वन्य जीव अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व का दर्जा दे दिया गया और विस्थापन की प्रक्रिया और तेज हो गयी. आज नौरादेही टाइगर रिजर्व के ज्यादातर गांव खाली हो चुके हैं और खेती की जमीन को बड़े-बड़े घास के मैदानों में तब्दील किया जाने लगा है. इससे यहां शाकाहारी जानवरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. नौरादेही के इतिहास को याद करते हुए यहां काले हिरणों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया और दूसरे टाइगर रिजर्व या संरक्षित वन जहां काले हिरणों की संख्या ज्यादा थी, वहां से यहां शिफ्ट किया गया. टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी खुश नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए.ए. अंसारी कहते हैं "काले हिरण का विशेष आवास खुले मैदान में होता है. हाल ही में यहां शाजापुर से रेस्क्यू किए गए हिरण यहां छोडे गए. इसके पहले भी यहां काले हिरण रहे हैं. यहां जो काले हिरण आए हैं, वो ब्रीडिंग कर रहे हैं. उनके लिए बड़ा खुला मैदान है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये यहां अच्छी तरह से रहेंगे और अपनी संख्या भी बढाएंगे और एक बेहतर आवास के रूप में नौरादेही जाना जाएगा."