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PAK को करारा जवाब: BSF की ताबड़तोड़ फायरिंग से भागे तस्कर, बड़ी साजिश नाकाम

चंडीगढ़ पंजाब के फाजिल्का में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद किया गया है। बीएसएफ की बीओपी जी-जी-3 के इलाके में देर रात पाकिस्तानी तस्कर इस खेप को सीमा पार करने की फिराक में थे। लेकिन पहले से अलर्ट बीएसएफ जवानों ने उनके मंसूबे नाकाम कर दिए। बीएसएफ जवानों ने तस्करों पर 60 राउंड फायरिंग की, जिस से डर कर वे पाकिस्तान की तरफ भाग गए। इसके बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च के दौरान पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद हुआ। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर दी।   विदेशी पिस्टल और हेरोइन की बड़ी खेप मिली फाजिल्का में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की बीओपी जी-जी-3 इलाके में देर रात हलचल हुई। यहां पाकिस्तानी तस्कर दो बैगों में भर कर हथियार और हेरोइन की बड़ी खेप भारत में भेजने की फिराक में थे। बीएसएफ जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देख तुरंत कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसके बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर पाकिस्तान की ओर भागने में कामयाब हो गए। सर्च के दौरान पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद किया गया। पुलिस ने 2 किलो 160 ग्राम हेरोइन,11 ग्लॉक पिस्टल व 22 मैगजीन,1 बरेटा पिस्टल व 1 मैगजीन ,5 जिगाना पिस्टल व 10 मैगजीन, 3 नॉरिंको पिस्टल व 5 मैगजीन,1 गफ्फर सिक्योरिटी पिस्टल व 1 मैगजीन, कुल 20 पिस्टल, 39 मैगजीन, एक गन और 310 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। स्टेट स्पेशल सेल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अमृतसर के सीमावर्ती गांव में चार हैंड ग्रेनेड और 40 किलो हेरोइन बरामद उधर, अमृतसर के हलका राजासांसी के गांव ओठियां के पास पुलिस ने चार हैंड ग्रेनेड और 40 किलो हेरोइन बरामद की है। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से यह खेप भेजी गई थी। एक पिस्तौल और कुछ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यह खेप गांव ओठियां के समीप गिरी थी, जिसे कुछ युवक मोटरसाइकिल पर लेकर जा रहे थे। उस समय गांव में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने जब युवकों को रोका तो वे घबरा गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मोटरसाइकिल सहित आसपास के इलाके की तलाशी ली। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, बॉर्डर से 37 करोड़ की हेरोइन बरामद

अमृतसर  भारत-पाकिस्तान बॉर्डर अमृतसर के सीमावर्ती गांवो में लगातार ड्रोन की मूवमेंट जारी है। BSF अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव दावोके के इलाके में लगभग 6.45 किलो के 2 पैकेट पकड़े हैं जिसमें 12 छोटे-छोटे पैकेट हेरोइन के जब्त किए गए हैं। इसके अलावा सीमावर्ती गांव मुहावा में एक पौनै किलो का पैकेट भी जब्त किया गया है। जिस प्रकार से बड़े पैकेट ड्रोन से फैके जा रहे हैं उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तस्करों की तरफ से बड़े ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं जो 8 से 10 किलो या इससे भी ज्यादा वजन उठाने में सक्षम है। हालांकि सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है की बॉर्डर के इलाके में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है। लेकिन जिस प्रकार से हेरोइन और हथियारों की ड्रोन के जरिए डिलीवरी की जा रही है। उसे एंट्री ड्रोन सिस्टम बिल्कुल फेल साबित नजर आ रहा है। गत दिवस भी दावोके गांव में ही बीएसएफ ने 7 किलो होरोइन जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 35 करोड़ रुपए जब्त किए थे।

सीमा सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई, 4.79 करोड़ की ड्रग्स के साथ चार तस्कर पकड़े गए

आइजोल  सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मादक पदार्थों और अवैध हथियार नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर-पूर्व में एक बड़ी सफलता हासिल की। खुफिया सूचना के आधार पर बीएसएफ आइजोल और एक्साइज व नारकोटिक्स मिजोरम की संयुक्त टीम ने शनिवार को पश्चिम आइजोल क्षेत्र में ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद करते हुए चार ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए ड्रग पेडलरों में दो म्यांमार के नागरिक भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के दौरान 5.89 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 41 ग्राम हेरोइन जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 4.79 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। बीएसएफ मिजोरम और कछार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। बीएसएफ मिजोरम और कछार ने एक्स पोस्ट में लिखा, "22 नवंबर 2025 को बीएसएफ इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, बीएसएफ आइजोल और एक्साइज एंड नारकोटिक्स मिजोरम की एक जॉइंट टीम ने वेस्ट आइजोल में 4.79 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का 5.89 किलो मेथामफेटामाइन और 41 ग्राम हेरोइन जब्त किया। म्यांमार के दो नागरिकों समेत चार ड्रग पेडलर पकड़े गए।" इससे पहले एक अन्य कार्रवाई में 20 नवंबर को बीएसएफ मणिपुर, महार रेजिमेंट और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले में तलाशी अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में हथियार और विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद जब्त किए। यह ऑपरेशन उस चल रहे अभियान का हिस्सा था जिसका लक्ष्य राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करना है। बीएसएप की मानें तो, "20 नवंबर 2025 को बीएसएफ मणिपुर, महार रेजिमेंट और मणिपुर पुलिस की एक जॉइंट टीम ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक सर्च ऑपरेशन किया और इलाके में शांति और अमन-चैन बहाल करने की चल रही कोशिशों के तहत हथियारों और अलग-अलग तरह के गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा जब्त किया।" वहीं, 19 नवंबर को बीएसएफ आइजोल और एक्साइज एंड नारकोटिक्स मिजोरम की जॉइंट टीम ने एनएच-6 पर दो संदिग्धों के पास से 25 करोड़ ररुपए से ज्ययादा कीमत का 14.905 किलो मेथामफेटामाइन और 707 ग्राम हेरोइन जब्त की थी। इस कार्रवाई के दौरान दो ड्रग पेडलर को भी गिरफ्तारर कर लिया गया था।

तस्करों का आतंक बढ़ा: बीएसएफ की गाड़ी तोड़ी, जवानों पर किया हमला

त्रिपुरा  त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में मवेशी तस्करों के हमले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 5 जवान घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार शाम बिशालगढ़-कमठाना रोड पर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास यह हमला किया गया और बीएसएफ के एक वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। बिशालगढ़ पुलिस थाना प्रभारी विकास दास ने कहा, ‘कमठाना सीमा चौकी पर तैनात बीएसएफ कर्मियों ने एक वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन को स्थानीय पशु बाजार की ओर भगा ले गया।’   थाना प्रभारी ने कहा, ‘बीएसएफ कर्मी वाहन का पीछा करते हुए पशु बाजार तक पहुंच गए। वहां पशु तस्करों और बीएसएफ कर्मियों के बीच बहस हुई, जो बढ़ गई और फिर पशु तस्करों ने हमला कर दिया। इस हमले में पांच कर्मी घायल हो गए और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई।’ पुलिस ने बताया कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है और हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल हो रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सीनियर बीएसएफ अधिकारी अपनी आपबीती सुना रहे हैं। वह कहते हैं कि जब हमला हो रहा था, तब वहां खड़े किसी भी व्यक्ति ने हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की। हालांकि, वायरल वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती श्रीकरणपुर थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के निकट खेत में एक बार फिर आधा किलोग्राम हेरोइन का पैकेट बरामद हुआ है। इससे पहले 2 नवंबर को इसी क्षेत्र में आधा किलोग्राम हेरोइन का पैकिट मिला था। पुलिस को आशंका है कि ये दोनों पैकेट पाकिस्तानी तस्करों की ओर से ड्रोन के माध्यम से गिराए गए होंगे। ये एक बड़ी हेरोइन की खेप का हिस्सा हो सकते हैं।  

सिर्फ 5 महीने में BSF में प्रमोशन पाकर यूपी की शिवानी बनी मिसाल

दादरी आज के समय में लड़कियां बढ़-चढ़कर डिफेंस सेक्टर में शामिल हो रही हैं और काफी अच्छा कर रही हैं. वहीं इन दिनों उत्तर प्रदेश की एक बेटी अभी काफी चर्चा में हैं. उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में शामिल होने के पांच महीने के अंदर ही प्रमोशन पा लिया. ऐसा कहा जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूरे छह दशक के इतिहास में पहली बार किसी के ज्वॉइनिंग के बाद इतनी जल्दी किसी को प्रमोशन दिया है.  यूपी की बेटी ने रचा इतिहास  उत्तर प्रदेश में दादरी की रहने वाली शिवानी ने BSF में इतनी तेजी से पहचान हासिल करने वाली पहली महिला कांस्टेबल के रूप में इतिहास रच दिया है. वे बढ़ई की बेटी हैं. वे अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जो भारत के डिफेंस सेक्टर में अपनी सेवा दे रही हैं.  विश्व वुशु चैंपियनशिप में जीता रजत पदक  दरअसल, 31 अगस्त से 8 सितंबर 2025 तक ब्राजील में आयोजित 17वीं विश्व वुशु चैंपियनशिप (World Wushu Championship 2025) में रजत पदक जीतने के बाद शिवानी को हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोशन मिला है. BSF के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने सीमा सुरक्षा बल के एक शिविर में कांस्टेबल शिवानी की खाकी वर्दी पर हेड कांस्टेबल का रिबन लगाया और उनके प्रमोशन की घोषणा की.  बीएसएफ कांस्टेबल को प्रमोशन मिलने में कितना वक्त मिलता है?  बीएसएफ कांस्टेबल को प्रमोशन मिलने में आमतौर पर 15-18 वर्ष का समय लगता है. हालांकि, शिवानी ने महज 21 साल की उम्र में BSF हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोशन पाकर इतिहास रच दिया है.  स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी शिवानी ने इसी साल (2025) में जून महीने में बीसीएफ ज्वॉइन किया था. वे हर दिन करीब 4 घंटे ट्रेनिंग लेती हैं. उन्होंने 2025 के विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था. वहीं उनका अगला गोल विश्व कप है और वे इसकी तैयारी कर रही हैं. वे स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी करेंगी.  

पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में ICE बरामद की

पंजाब  पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में ICE बरामद की है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने पंजाब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर भैणी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण के दौरान 3 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) बरामद किया। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने साझा की।  DGP Punjab ने ट्वीट साझा करके बताया कि पंजाब पुलिस ने बीएसएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए भैनी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण किया जिस दौरान भारी मात्रा  ICE  बरामद हुई है। घरिंडा पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि, पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने नशा मुक्त पंजाब बनाने के लिए वचनबद्ध है। 

जज्बे को सलाम! पैर कटने के बाद भी ड्यूटी पर डटा रहा BSF का शेरदिल जवान

लुधियाना पंजाब के लुधियाना में बीएसएफ के एक जवान ने दोनों पैर कटने के बावजूद ऐसी बहादुरू दिखाई, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। घायल जवान का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो को देखकर सभी जवान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह जवान फोन छीनने वाले गिरोह से लड़ते हुए ट्रेन से नीचे गिर गया था। इस हादसे में उसके दोनों पैर कट गए। इसके बावजूद वह हिम्मत नहीं हारा और दूसरे के फोन से अपने परिजनों को हादसे की सूचना देकर मदद मांगी। घटना लुधियाना की है। शुक्रवार के दिन शाने शान-ए-पंजाब ट्रेन में यात्रा कर रहा बीएसएफ का जवान फोन स्नैचिंग का शिकार हो गया। इस वजह से उसके साथ बहुत बड़ा हादसा हो गया। ट्रेन जब लुधियाना स्टेशन से जालंधर के लिए निकली तो स्टेशन के आउटर पर दमोरिया पुल के पास ट्रेन के पहुंचते ही पहले से ही ट्रेन में योजना बनाकर चढ़े फोन स्नैचर ने उसका फोन छीन लिया। इस समय जवान ट्रेन के डिब्बे में शौचालय के पास खड़ा था।  फोन बचाने के चक्कर में खोए पैर बीएसएफ जवान अमन जायसवाल ने मोबाइल छीनने वाले लुटेरे से अपना फोन वापस लेने की कोशिश की। इस दौरान अज्ञात लुटेरे ने उसे ट्रेन से नीचे गिरा दिया। पीड़ित जवान ट्रेन के नीचे आ गया और इस हादसे में उसने अपनी दोनों टांगें गंवा दीं। अमन ने अपना फोन और दोनों पैर खोने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने परिजनों को दूसरे के फोन से सूचना दी। हादसे के बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया।  बरेली का रहने वाला है अमन अमन, उत्तर प्रदेश के बरेली का निवासी और 15 साल से बीएसएफ में कार्यरत है। ट्रांसफर होने की वजह से वह जालंधर कैंट में अपना सामान लेने जा रहा था। उसकी बहादुरी और हिम्मत थी कि दोनों टांगे कट जाने और हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और किसी अन्य व्यक्ति के फोन से उसने अपने घरवालों को इस घटना की सूचना दी जो आप भी इस वीडियो में देख सकते हैं। जीआरपी पुलिस ने अज्ञात लुटेरे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंदौर के बीएसएफ म्यूजियम की शान बनी सदी पुरानी ऐतिहासिक रिवाल्वर

इंदौर  केंद्रीय शस्त्र और रणनीति स्कूल बीएसएफ में बने हथियारों के संग्रहालय में कई प्रमुख और पुराने हथियारों का संग्रहित है। अब झारखंड के चाईबासा से जुड़े रूंगटा परिवार की एतिहासिक रिवाल्वर संग्रहालय की शान बढ़ाएगी। चाइबासा निवासी रूंगटा भाइयों की ओर से पिता सीताराम रूंगटा की स्मृति को जीवंत रखने के लिए सीएसडब्ल्यूटी संग्राहालय को रिवाल्वर .45 वेबली मार्क-वी दान की गई है। यह रिवाल्वर साल 1914 का माडल है, जिसे इंग्लैंड की कंपनी द्वारा बनाया गया था। जानकारी के अनुसार, इसका उपयोग प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत के दौरान ब्रिटिश सेना द्वारा किया जाता था। राम रुंगटा के नाम पर थी यह रिवाल्वर यह रिवाल्वर एनएल रुंगटा के पिता सीता राम रुंगटा के नाम थी। उनका 1994 में निधन हो गया था। इसके बाद इसे आर्म्स डीलर के पास जमा करवा दिया गया था। इसी बीच दो साल पूर्व रुंगटा परिवार ने कोलकाता के एक अखबार में सीएसडब्ल्यूटी हथियार संग्रहालय पर एक लेख पढ़ा था, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने रिवाल्वर बंदूक संग्रहालय को सौंपने का निश्चय किया। रुंगटा परिवार ने हमारे झारखंड ब्यूरो के प्रतिनिधि को बताया कि जिला शस्त्र मजिस्ट्रेट, चाईबासा, झारखंड से अनुमति प्राप्त होने के बाद यह रिवाल्वर सीएसडब्ल्यूटी बीएसएफ इंदौर के डीआईजी सह कार्यवाहक महानिरीक्षक राजन सूद की उपस्थिति में दान की गई है। नान सर्विसेबल की गई बंदूक बता दें कि यह बंदूक पूर्व में चालू अवस्था में थी। इसे दान करने से पूर्व सभी औपचारिकरताएं पूरी की गई और इसे नान सर्विसेबल किया गया। ताकि इसका दोबारा उपयोग न किया गया जा सके। अब यह बंदूक सीएसडब्ल्यूटी बीएसएफ इंदौर के शस्त्र संग्रहालय में सुरक्षित रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह संग्रहालय बीएसएफ के पुराने संग्रहालयों में से एक है, जिसकी स्थापना सन् 1967 में सीमा सुरक्षा बल के प्रथम महानिदेशक केएफ रूस्तम द्वारा की गई थी। संग्रहालय में 300 से अधिक हथियार प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें 14 वीं शताब्दी से लेकर वर्तमान तक उपयोग में लाए जा रहे विभिन्न प्रकार के छोटे हथियार शामिल हैं।