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भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, मालदा में BSF की कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों की भीड़ जुटी

कलकत्ता   पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अचानक स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गयी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह को पकड़ा और उन्हें वापस खदेड़ने (पुश-बैक) की कोशिश की. तभी सीमा के उस पार से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और लगभग 5 से 7 हजार बांग्लादेशी नागरिकों की भारी भीड़ ने जीरो लाइन पर आकर इस कदम का कड़ा विरोध किया. हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी और रेड फ्लैग (लाल झंडा) लगा दिया गया है।  सुखदेवपुर गांव में घुसपैठ की कोशिश, ग्रामीणों ने BSF के साथ मिलकर संभाला मोर्चा स्थानीय निवासियों के अनुसार, उथल-पुथल की शुरुआत तब हुई, जब करीब 15 बांग्लादेशी नागरिकों ने मालदा के सुखदेवपुर गांव में जबरन घुसने का प्रयास किया. गांव के पीयूष मंडल और चपला मंडल ने बताया कि इन घुसपैठियों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीएसएफ के जवानों के साथ मिलकर उन्हें पीछे धकेल दिया।  ग्रामीणों का आरोप- महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं असामाजिक तत्व ग्रामीणों का आरोप है कि सीमा पार से आने वाले ये असामाजिक तत्व अक्सर भारतीय सीमा में घुसकर महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं. ग्रामीणों ने भारत सरकार से मांग की है कि सीमा के इस 1200 मीटर लंबे संवेदनशील हिस्से पर तुरंत फेंसिंग (कंटीले तारों की बाड़) लगायी जाये।  भाजपा ने ममता बनर्जी पर बोला तीखा हमला पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस घटना से सियासत गरमा गयी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कौस्तुभ बागची ने इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जब तृणमूल कांग्रेस के अपने सहयोगियों ने उनसे दूरी बना ली है, तो सीमा पार की विभाजनकारी ताकतों से मदद मांगी जा रही है. बागची ने कड़े शब्दों में कहा कि अब राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार है और घुसपैठ की ऐसी किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।   पैनिक न हों, बीएसएफ पर रखें भरोसा : सुकांत मजूमदार केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सीमावर्ती इलाके के नागरिकों से शांत रहने और किसी भी तरह के भ्रम या पैनिक में न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारतीय नागरिकों को बीएसएफ की क्षमता पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।  शांतनु ठाकुर बोले- जान-बूझकर बांग्लादेशियों को भारत में धकेला जा रहा केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश की तरफ से जान-बूझकर अपने नागरिकों को भारत में धकेलने की साजिश रची जा रही है, जिसे कभी कामयाब नहीं होने दिया जायेगा. बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘घुसपैठ मुक्त बंगाल’ का वादा किया था और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन सौंपने का बड़ा फैसला लिया था। 

सीमा पर बवाल: BSF की कार्रवाई के बाद घुसपैठियों का हंगामा, भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बढ़ा तनाव

कलकत्ता पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुधवार को बवाल हो गया. दरअसल, सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा कथित रूप से एक बांग्लादेशी नागरिक को वापस भेजने की कार्रवाई के बाद दोनों देशों की सीमा पर भारी भीड़ जमा हो गई और पथराव की घटनाएं सामने आईं. घटना मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले के महेंद्रगंज क्षेत्र स्थित नंदिर चार सीमा इलाके की बताई जा रही है।  स्थानीय सूत्रों के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लेने के बाद BSF ने उसे बांग्लादेश की ओर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की. हालांकि मामला उस समय उलझ गया जब बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) और सीमा पार मौजूद स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर उस व्यक्ति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।  बताया जा रहा है कि BGB के इनकार के बाद वह व्यक्ति दोनों देशों की सीमा के बीच फेंसिंग के पास ही फंस गया. इससे इलाके में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो गई. स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति ने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया था, लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश की ओर से उसे अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया गया. घटना की खबर फैलते ही सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे. देखते ही देखते सैकड़ों लोग सीमा के पास पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।  दोनों तरफ से हुई पत्थरबाजी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सीमा पर जुटी भीड़ के बीच कहासुनी के बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ के आर-पार पत्थर फेंके गए, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई. हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. BSF और BGB दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे हैं. इन वीडियो में सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और तनावपूर्ण माहौल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. हालांकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।  हालात पर नजर, बातचीत से समाधान की कोशिश सूत्रों के मुताबिक, मामले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के सीमा प्रबंधन तंत्र के तहत बातचीत की संभावना है. BSF और BGB के अधिकारी स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार संपर्क में हैं और स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल नंदिर चार सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और सीमा पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से सहयोगात्मक सीमा प्रबंधन की व्यवस्था रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों की एजेंसियां बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकाल लेंगी और सीमा क्षेत्र में शांति बहाल हो जाएगी। 

साहिबगंज-पाकुड़ बॉर्डर पर रोजमर्रा की तरह चल रही आवाजाही, प्रशासन ने बताया शांत माहौल

साहिबगंज  पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचलों के बीच झारखंड-बंगाल सीमा पर सुरक्षा और आम जनजीवन को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच जमीनी हकीकत पूरी तरह सामान्य है. प्रभात खबर की टीम ने साहिबगंज और पाकुड़ जिले से सटे बरहरवा, राजमहल और पाकुड़ के सीमावर्ती इलाकों में ‘ग्राउंड जीरो’ पर जाकर वास्तविक हालातों की पड़ताल की, जिसमें बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और रोजमर्रा की तरह पाई गई. नाव, ट्रेन और बसों से सामान्य आवाजाही ग्राउंड जीरो पड़ताल के दौरान पाया गया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आम लोगों और वाहनों का आवागमन सामान्य दिनों की तरह ही जारी है. बरहरवा रेल रूट, राजमहल गंगा घाट और पाकुड़ से जुड़े विभिन्न सड़क मार्गों पर यात्रियों को किसी भी तरह की अतिरिक्त रोक-टोक या विशेष सघन जांच अभियान जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ रहा है. सीमावर्ती हाट-बाजारों में भी व्यापारिक गतिविधियां नियमित रूप से चल रही हैं और नदी मार्ग से नावों के जरिए लोग सामान्य रूप से आ-जा रहे हैं. हालांकि स्थानीय पुलिस की सामान्य गश्त जरूर देखने को मिली, लेकिन बॉर्डर को लेकर किसी विशेष पाबंदी जैसी कोई तस्वीर नहीं है. बंगाल से दुकानदारों के पलायन की चर्चा महज अफवाह ज्ञात हो कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के हावड़ा सहित अन्य शहरी इलाकों में सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी. इसके बाद से यह चर्चा तेज थी कि वहां से उजाड़े गए बड़ी संख्या में फुटपाथी दुकानदार और अन्य लोग झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं. लेकिन प्रभात खबर की इस ग्राउंड रिपोर्टिंग में इन दावों की किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है. साहिबगंज और पाकुड़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी कोई असामान्य या बड़े पैमाने पर आवाजाही नहीं देखी गई है और न ही स्थानीय प्रशासन या क्षेत्रीय सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है, जिससे साफ है कि यह चर्चा महज एक अटकलें और अफवाह है. भारत-बांग्लादेश से सटे मालदा बॉर्डर पर बीएसएफ का कड़ा पहरा झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर जहां सामान्य स्थिति है, वहीं दूसरी ओर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सुरक्षा बेहद सख्त दिखी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गतिविधियां पहले की तुलना में काफी सक्रिय हो चुकी हैं. महदीपुर, कालियाचक और वैष्णवनगर जैसे बेहद संवेदनशील और नदी-खेतों से जुड़े ओपन बॉर्डर वाले इलाकों में बीएसएफ द्वारा गश्त और चौकसी काफी बढ़ा दी गई है. खासकर रात के वक्त फ्लडलाइट और आधुनिक सर्विलांस उपकरणों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन की अफवाहों से बचने की अपील मालदा के गुलाबगंज जीरो पॉइंट पर भी फिलहाल सुरक्षात्मक सतर्कता के बीच गतिविधियां सामान्य हैं, जहां भारतीय परिवार अपने वैध पहचान पत्र दिखाकर रोजाना की तरह आ-जा रहे हैं. इस पूरी स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों के जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से चलने वाली किसी भी अपुष्ट खबर और अफवाह पर ध्यान न दें. झारखंड-बंगाल अंतरराज्यीय सीमा पर पूरी तरह शांति और सामान्य माहौल है, जबकि देश की सुरक्षा के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह अलर्ट मोड में काम कर रही है.

बीएसएफ मुख्यालय धमाके का आरोपी दबोचा गया, जांच में गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया

जालंधर  जालंधर स्थित बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई की रात हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के अनुसार इस आतंकी साजिश के मुख्य संदिग्ध को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के इनपुट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।  सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और उसके खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े मिले हैं। ब्लास्ट करवाने का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के युवकों से संपर्क साध रखा था। बस स्टैंड से पीछा कर दिल्ली में पकड़ा गया जानकारी के अनुसार, संदिग्ध आरोपी का जालंधर बस स्टैंड से ट्रैक करते हुए दिल्ली तक पीछा किया गया और आखिरकार उसे दबोच लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां उससे लगातार गहन पूछताछ कर रही हैं। 17 युवकों को हिरासत में लिया जा चुका है वहीं दूसरी ओर, पंजाब में इस मामले को लेकर बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर में छापेमारी और जांच करती रहीं। अब तक कुल 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ जा चुकी है। इनमें से अधिकतर युवक सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जालंधर पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर नवांशहर से भी 3 युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके तार इस ब्लास्ट से जुड़े होने का शक जताया जा रहा है। पूरे मामले को लेकर पंजाब में हाई अलर्ट जारी है और कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच मई की शाम को हुआ था धमाका जालंधर में ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पांच मई की शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त धमाका हुआ था। एक एक्टिवा स्कूटी विस्फोट से उड़ गई। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट इतना तेज था कि बीएसएफ हेडक्वार्टर की दीवारें तक हिल गईं।  इसके बाद जांच में खुलासा हुआ था कि सफेद टीशर्ट पहने आतंकी ने इस वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। विस्फोट स्थल से मात्र 10 कदम दूर पंजाब पुलिस का नाका लगा था, फिर भी हमलावर बड़े आराम से निकल गया। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात को दो युवकों ने मिलकर अंजाम दिया है। डिलीवरी सिस्टम का किया गया था इस्तेमाल इस हमले की सबसे अहम कड़ी डिलीवरी सिस्टम का इस्तेमाल है। एक डिलीवरी एजेंट अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी के तहत बीएसएफ मुख्यालय पार्सल देने पहुंचा था। सुरक्षा नियमों के चलते उसे स्कूटी बाहर खड़ी करनी पड़ी। यह डिलीवरी बॉय जांच में साफ निकला है। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो सामने आया कि बीएसएफ के पास स्थित शराब के ठेके के करीब सफेद टीशर्ट पहने युवक गायब हो गया।  वह पहले हाथ में लिफाफा लेकर आता है और स्कूटी के पास रखकर तेजी से निकल जाता है। जांच में सामने आया है कि विस्फोट के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया गया है। यह सटीक टाइमिंग बताती है कि हमलावर ने पहले से रेकी की थी।  

बंगाल से बांग्लादेश तक सियासी असर: सुवेंदु अधिकारी के फैसले ने बढ़ाई सरगर्मी

कोलकत्ता पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के एक फैसले ने पूरे बांग्लादेश में हलचल मचा दी है. सोमवार को हुई नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बिना बाड़ वाले इलाकों में कांटेदार तार लगाने के लिए बीएसएफ को 45 दिनों के भीतर जमीन सौंपने का फैसला लिया गया. इस फैसले के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर प्रतिक्रिया तेज हो गई है। सुवेंदु सरकार के फैसले पर क्या बोला बांग्लादेश? सुवेंदु सरकार के इस फैसले पर बांग्लादेश की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायुं कबीर ने कहा कि ‘बांग्लादेश को कांटेदार तार से डराया नहीं जा सकता.’ उन्होंने कहा कि चुनावी बयानबाजी और शासन चलाना अलग बात है और ढाका अब यह देखना चाहता है कि बंगाल सरकार चुनावी भाषणों को प्रशासनिक फैसलों में कितना बदलती है। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि अगर भारत वास्तव में लोगों के बीच रिश्ते मजबूत करना चाहता है तो उसे सीमा विवादों और सुरक्षा मामलों को ‘मानवीय दृष्टिकोण’ से देखना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि बांग्लादेश की प्राथमिक बातचीत भारत की केंद्र सरकार से होती है, न कि किसी राज्य सरकार से। सीमा पर बांग्लादेशी गार्ड भी अलर्ट सीमा पर कथित ‘पुश-बैक’ और हिंसा के मुद्दे पर भी बांग्लादेश ने कड़ा रुख दिखाया है. कबीर ने चेतावनी दी कि अगर सीमा पर लोगों की मौतें और जबरन धकेलने की घटनाएं जारी रहीं तो बांग्लादेश चुप नहीं बैठेगा. वहीं बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए बल पूरी तरह तैयार है। दरअसल बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि बंगाल-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि नई सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही सीमा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा फैसला लिया जाएगा. सोमवार को कैबिनेट की बैठक में उसी वादे को अमल में लाते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन ट्रांसफर का निर्णय लिया गया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में सरकार बदलने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का मुद्दा आने वाले दिनों में और गर्मा सकता है. बीजेपी जहां इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है, वहीं बांग्लादेश इसे कूटनीतिक और मानवीय नजरिए से उठा रहा है।

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, संदिग्ध युवक से सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

बाड़मेर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन को एक साल हो गया है। इसी बीच राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर अनाधिकृत प्रवेश को लेकर खबर मिली है। यहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से आए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को धर दबोचा है। पकड़े गए युवक को प्रारंभिक पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। गुरुवार दोपहर उसे बाड़मेर जिला मुख्यालय लाया गया, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे गहनता से पूछताछ कर रही हैं। पाकिस्तान के मीठी जिले का रहना वाला है शख्स पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ये गिरफ्तारी बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र स्वरूप का तला गांव के पास हुई। सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे घेराबंदी कर पकड़ा। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए युवक का नाम मोहम्मद आवेश (26 वर्ष) है, जो पाकिस्तान के मीठी जिले का निवासी है। उसके पिता का नाम हजूर खान बताया जा रहा है। पुलिस और बीएसएफ दोनों ने संयुक्त पूछताछ शुरू की ASP ने बताया कि BSF और पुलिस ने युवक से मौके पर ही प्रारंभिक पूछताछ की थी, जिसके बाद उसे आगे की जांच के लिए बाड़मेर लाया गया है। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), BSF और पुलिस की संयुक्त टीम युवक से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक ने किस उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया। तलाशी में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु राहत की बात यह है कि प्राथमिक तलाशी के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को युवक के पास से कोई हथियार, जासूसी उपकरण या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, सरहदी इलाका होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहतीं। बाड़मेर पुलिस एएसपी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सुरक्षा के लिहाज से युवक से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। पूरी तफ्तीश होने के बाद ही युवक के भारत आने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जा सकेगा। फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और घुसपैठ के रास्तों की जांच की जा रही है।

अमृतसर सीमा पर बीएसएफ ने की बड़ी गिरफ्तारी, ड्रोन से हेरोइन तस्करी की कोशिश को किया विफल

अमृतसर  देर रात भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बीओपी कलाम डोगर इलाके में ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप भेजने की कोशिश की गई। सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध ड्रोन की दिशा में फायरिंग भी की, ताकि उसे निष्क्रिय किया जा सके और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके। कुछ देर बाद बीएसएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान खेतों और आसपास के इलाके से एक ड्रोन बरामद किया गया। इसके साथ ही हेरोइन का एक पैकेट भी मिला, जिसका वजन करीब 535 ग्राम बताया जा रहा है। मामले की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन किस स्थान से उड़ाया गया और इसके छे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है।

अमृतसर में पुलिस और BSF ने किया बड़ा पकड़, सीमा से 980 ग्राम हेरोइन बरामद, तस्करों का नेटवर्क भी निशाने पर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां थाना भिंडी सैदां की पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित क्षेत्र से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा सीमा के रास्ते नशीले पदार्थों की खेप भेजे जाने की जानकारी मिली थी। फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें पहले से इनपुट मिला था कि कुछ तस्कर सीमा क्षेत्र का इस्तेमाल कर हेरोइन की खेप पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर थाना भिंडी सैदां की टीम और BSF के जवानों ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान एक संदिग्ध स्थान से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। बरामद हेरोइन की कीमत करोड़ों में बरामद की गई 980 ग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। हालांकि अभी तक किसी तस्कर की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा। इस बरामदगी को सीमा पार से होने वाली तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। तस्करी नेटवर्क की जांच तेज पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हेरोइन कहां से आई और इसे कहां भेजा जाना था। इसके साथ ही सीमा पार के तस्करी नेटवर्क से जुड़े कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह को पकड़ा जा सके। सीमा क्षेत्र में बढ़ेगी निगरानी पुलिस और BSF अधिकारियों ने कहा है कि अमृतसर के सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। आने वाले समय में भी इस तरह के संयुक्त अभियान जारी रहेंगे, ताकि नशा तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सीमा सुरक्षा बल की पेंशन अदालत 29 अप्रैल को, सेवानिवृत्त कर्मियों की शिकायतों का होगा समाधान

सीमा सुरक्षा बल की पेंशन अदालत 29 अप्रैल को, सेवानिवृत्त कर्मियों की शिकायतों का होगा समाधान नई दिल्ली   Border Security Force की 25वीं वाहिनी द्वारा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष पेंशन अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह अदालत 29 अप्रैल 2026 को New Delhi स्थित छावला शिविर में आयोजित होगी। यह आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें दिल्ली क्षेत्र, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से जुड़े सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत्त कर्मी और उनके परिवार भाग ले सकेंगे। अदालत का उद्देश्य लंबित पेंशन शिकायतों का निस्तारण करना और संबंधित मामलों में सहायता प्रदान करना है। जिन लोगों को पेंशन से जुड़ी किसी प्रकार की परेशानी है, वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों द्वारा मौके पर मामलों की जांच कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। पेंशन अदालत में आने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहचान पत्र, पेंशन अभिलेख और अन्य आवश्यक कागजात साथ लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया में सुविधा हो सके। अधिक जानकारी और सहायता के लिए 011-20895035 पर संपर्क किया जा सकता है। यह आयोजन Border Security Force मुख्यालय के निर्देशानुसार किया जा रहा है।

PAK को करारा जवाब: BSF की ताबड़तोड़ फायरिंग से भागे तस्कर, बड़ी साजिश नाकाम

चंडीगढ़ पंजाब के फाजिल्का में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद किया गया है। बीएसएफ की बीओपी जी-जी-3 के इलाके में देर रात पाकिस्तानी तस्कर इस खेप को सीमा पार करने की फिराक में थे। लेकिन पहले से अलर्ट बीएसएफ जवानों ने उनके मंसूबे नाकाम कर दिए। बीएसएफ जवानों ने तस्करों पर 60 राउंड फायरिंग की, जिस से डर कर वे पाकिस्तान की तरफ भाग गए। इसके बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च के दौरान पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद हुआ। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर दी।   विदेशी पिस्टल और हेरोइन की बड़ी खेप मिली फाजिल्का में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की बीओपी जी-जी-3 इलाके में देर रात हलचल हुई। यहां पाकिस्तानी तस्कर दो बैगों में भर कर हथियार और हेरोइन की बड़ी खेप भारत में भेजने की फिराक में थे। बीएसएफ जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देख तुरंत कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसके बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर पाकिस्तान की ओर भागने में कामयाब हो गए। सर्च के दौरान पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद किया गया। पुलिस ने 2 किलो 160 ग्राम हेरोइन,11 ग्लॉक पिस्टल व 22 मैगजीन,1 बरेटा पिस्टल व 1 मैगजीन ,5 जिगाना पिस्टल व 10 मैगजीन, 3 नॉरिंको पिस्टल व 5 मैगजीन,1 गफ्फर सिक्योरिटी पिस्टल व 1 मैगजीन, कुल 20 पिस्टल, 39 मैगजीन, एक गन और 310 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। स्टेट स्पेशल सेल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अमृतसर के सीमावर्ती गांव में चार हैंड ग्रेनेड और 40 किलो हेरोइन बरामद उधर, अमृतसर के हलका राजासांसी के गांव ओठियां के पास पुलिस ने चार हैंड ग्रेनेड और 40 किलो हेरोइन बरामद की है। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से यह खेप भेजी गई थी। एक पिस्तौल और कुछ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यह खेप गांव ओठियां के समीप गिरी थी, जिसे कुछ युवक मोटरसाइकिल पर लेकर जा रहे थे। उस समय गांव में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने जब युवकों को रोका तो वे घबरा गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मोटरसाइकिल सहित आसपास के इलाके की तलाशी ली। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।