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बंगाल से बांग्लादेश तक सियासी असर: सुवेंदु अधिकारी के फैसले ने बढ़ाई सरगर्मी

कोलकत्ता पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के एक फैसले ने पूरे बांग्लादेश में हलचल मचा दी है. सोमवार को हुई नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बिना बाड़ वाले इलाकों में कांटेदार तार लगाने के लिए बीएसएफ को 45 दिनों के भीतर जमीन सौंपने का फैसला लिया गया. इस फैसले के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर प्रतिक्रिया तेज हो गई है। सुवेंदु सरकार के फैसले पर क्या बोला बांग्लादेश? सुवेंदु सरकार के इस फैसले पर बांग्लादेश की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायुं कबीर ने कहा कि ‘बांग्लादेश को कांटेदार तार से डराया नहीं जा सकता.’ उन्होंने कहा कि चुनावी बयानबाजी और शासन चलाना अलग बात है और ढाका अब यह देखना चाहता है कि बंगाल सरकार चुनावी भाषणों को प्रशासनिक फैसलों में कितना बदलती है। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि अगर भारत वास्तव में लोगों के बीच रिश्ते मजबूत करना चाहता है तो उसे सीमा विवादों और सुरक्षा मामलों को ‘मानवीय दृष्टिकोण’ से देखना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि बांग्लादेश की प्राथमिक बातचीत भारत की केंद्र सरकार से होती है, न कि किसी राज्य सरकार से। सीमा पर बांग्लादेशी गार्ड भी अलर्ट सीमा पर कथित ‘पुश-बैक’ और हिंसा के मुद्दे पर भी बांग्लादेश ने कड़ा रुख दिखाया है. कबीर ने चेतावनी दी कि अगर सीमा पर लोगों की मौतें और जबरन धकेलने की घटनाएं जारी रहीं तो बांग्लादेश चुप नहीं बैठेगा. वहीं बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए बल पूरी तरह तैयार है। दरअसल बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि बंगाल-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि नई सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही सीमा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा फैसला लिया जाएगा. सोमवार को कैबिनेट की बैठक में उसी वादे को अमल में लाते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन ट्रांसफर का निर्णय लिया गया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में सरकार बदलने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का मुद्दा आने वाले दिनों में और गर्मा सकता है. बीजेपी जहां इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है, वहीं बांग्लादेश इसे कूटनीतिक और मानवीय नजरिए से उठा रहा है।

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, संदिग्ध युवक से सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

बाड़मेर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन को एक साल हो गया है। इसी बीच राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर अनाधिकृत प्रवेश को लेकर खबर मिली है। यहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से आए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को धर दबोचा है। पकड़े गए युवक को प्रारंभिक पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। गुरुवार दोपहर उसे बाड़मेर जिला मुख्यालय लाया गया, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे गहनता से पूछताछ कर रही हैं। पाकिस्तान के मीठी जिले का रहना वाला है शख्स पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ये गिरफ्तारी बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र स्वरूप का तला गांव के पास हुई। सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे घेराबंदी कर पकड़ा। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए युवक का नाम मोहम्मद आवेश (26 वर्ष) है, जो पाकिस्तान के मीठी जिले का निवासी है। उसके पिता का नाम हजूर खान बताया जा रहा है। पुलिस और बीएसएफ दोनों ने संयुक्त पूछताछ शुरू की ASP ने बताया कि BSF और पुलिस ने युवक से मौके पर ही प्रारंभिक पूछताछ की थी, जिसके बाद उसे आगे की जांच के लिए बाड़मेर लाया गया है। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), BSF और पुलिस की संयुक्त टीम युवक से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक ने किस उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया। तलाशी में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु राहत की बात यह है कि प्राथमिक तलाशी के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को युवक के पास से कोई हथियार, जासूसी उपकरण या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, सरहदी इलाका होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहतीं। बाड़मेर पुलिस एएसपी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सुरक्षा के लिहाज से युवक से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। पूरी तफ्तीश होने के बाद ही युवक के भारत आने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जा सकेगा। फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और घुसपैठ के रास्तों की जांच की जा रही है।

अमृतसर सीमा पर बीएसएफ ने की बड़ी गिरफ्तारी, ड्रोन से हेरोइन तस्करी की कोशिश को किया विफल

अमृतसर  देर रात भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बीओपी कलाम डोगर इलाके में ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप भेजने की कोशिश की गई। सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध ड्रोन की दिशा में फायरिंग भी की, ताकि उसे निष्क्रिय किया जा सके और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके। कुछ देर बाद बीएसएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान खेतों और आसपास के इलाके से एक ड्रोन बरामद किया गया। इसके साथ ही हेरोइन का एक पैकेट भी मिला, जिसका वजन करीब 535 ग्राम बताया जा रहा है। मामले की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन किस स्थान से उड़ाया गया और इसके छे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है।

अमृतसर में पुलिस और BSF ने किया बड़ा पकड़, सीमा से 980 ग्राम हेरोइन बरामद, तस्करों का नेटवर्क भी निशाने पर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां थाना भिंडी सैदां की पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित क्षेत्र से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा सीमा के रास्ते नशीले पदार्थों की खेप भेजे जाने की जानकारी मिली थी। फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें पहले से इनपुट मिला था कि कुछ तस्कर सीमा क्षेत्र का इस्तेमाल कर हेरोइन की खेप पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर थाना भिंडी सैदां की टीम और BSF के जवानों ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान एक संदिग्ध स्थान से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। बरामद हेरोइन की कीमत करोड़ों में बरामद की गई 980 ग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। हालांकि अभी तक किसी तस्कर की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा। इस बरामदगी को सीमा पार से होने वाली तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। तस्करी नेटवर्क की जांच तेज पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हेरोइन कहां से आई और इसे कहां भेजा जाना था। इसके साथ ही सीमा पार के तस्करी नेटवर्क से जुड़े कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह को पकड़ा जा सके। सीमा क्षेत्र में बढ़ेगी निगरानी पुलिस और BSF अधिकारियों ने कहा है कि अमृतसर के सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। आने वाले समय में भी इस तरह के संयुक्त अभियान जारी रहेंगे, ताकि नशा तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सीमा सुरक्षा बल की पेंशन अदालत 29 अप्रैल को, सेवानिवृत्त कर्मियों की शिकायतों का होगा समाधान

सीमा सुरक्षा बल की पेंशन अदालत 29 अप्रैल को, सेवानिवृत्त कर्मियों की शिकायतों का होगा समाधान नई दिल्ली   Border Security Force की 25वीं वाहिनी द्वारा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष पेंशन अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह अदालत 29 अप्रैल 2026 को New Delhi स्थित छावला शिविर में आयोजित होगी। यह आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें दिल्ली क्षेत्र, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से जुड़े सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत्त कर्मी और उनके परिवार भाग ले सकेंगे। अदालत का उद्देश्य लंबित पेंशन शिकायतों का निस्तारण करना और संबंधित मामलों में सहायता प्रदान करना है। जिन लोगों को पेंशन से जुड़ी किसी प्रकार की परेशानी है, वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों द्वारा मौके पर मामलों की जांच कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। पेंशन अदालत में आने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहचान पत्र, पेंशन अभिलेख और अन्य आवश्यक कागजात साथ लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया में सुविधा हो सके। अधिक जानकारी और सहायता के लिए 011-20895035 पर संपर्क किया जा सकता है। यह आयोजन Border Security Force मुख्यालय के निर्देशानुसार किया जा रहा है।

PAK को करारा जवाब: BSF की ताबड़तोड़ फायरिंग से भागे तस्कर, बड़ी साजिश नाकाम

चंडीगढ़ पंजाब के फाजिल्का में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद किया गया है। बीएसएफ की बीओपी जी-जी-3 के इलाके में देर रात पाकिस्तानी तस्कर इस खेप को सीमा पार करने की फिराक में थे। लेकिन पहले से अलर्ट बीएसएफ जवानों ने उनके मंसूबे नाकाम कर दिए। बीएसएफ जवानों ने तस्करों पर 60 राउंड फायरिंग की, जिस से डर कर वे पाकिस्तान की तरफ भाग गए। इसके बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च के दौरान पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद हुआ। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर दी।   विदेशी पिस्टल और हेरोइन की बड़ी खेप मिली फाजिल्का में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की बीओपी जी-जी-3 इलाके में देर रात हलचल हुई। यहां पाकिस्तानी तस्कर दो बैगों में भर कर हथियार और हेरोइन की बड़ी खेप भारत में भेजने की फिराक में थे। बीएसएफ जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देख तुरंत कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसके बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर पाकिस्तान की ओर भागने में कामयाब हो गए। सर्च के दौरान पाकिस्तान से भेजा गया हथियारों और हेरोइन का भारी जखीरा बरामद किया गया। पुलिस ने 2 किलो 160 ग्राम हेरोइन,11 ग्लॉक पिस्टल व 22 मैगजीन,1 बरेटा पिस्टल व 1 मैगजीन ,5 जिगाना पिस्टल व 10 मैगजीन, 3 नॉरिंको पिस्टल व 5 मैगजीन,1 गफ्फर सिक्योरिटी पिस्टल व 1 मैगजीन, कुल 20 पिस्टल, 39 मैगजीन, एक गन और 310 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। स्टेट स्पेशल सेल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अमृतसर के सीमावर्ती गांव में चार हैंड ग्रेनेड और 40 किलो हेरोइन बरामद उधर, अमृतसर के हलका राजासांसी के गांव ओठियां के पास पुलिस ने चार हैंड ग्रेनेड और 40 किलो हेरोइन बरामद की है। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से यह खेप भेजी गई थी। एक पिस्तौल और कुछ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यह खेप गांव ओठियां के समीप गिरी थी, जिसे कुछ युवक मोटरसाइकिल पर लेकर जा रहे थे। उस समय गांव में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने जब युवकों को रोका तो वे घबरा गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मोटरसाइकिल सहित आसपास के इलाके की तलाशी ली। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, बॉर्डर से 37 करोड़ की हेरोइन बरामद

अमृतसर  भारत-पाकिस्तान बॉर्डर अमृतसर के सीमावर्ती गांवो में लगातार ड्रोन की मूवमेंट जारी है। BSF अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव दावोके के इलाके में लगभग 6.45 किलो के 2 पैकेट पकड़े हैं जिसमें 12 छोटे-छोटे पैकेट हेरोइन के जब्त किए गए हैं। इसके अलावा सीमावर्ती गांव मुहावा में एक पौनै किलो का पैकेट भी जब्त किया गया है। जिस प्रकार से बड़े पैकेट ड्रोन से फैके जा रहे हैं उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तस्करों की तरफ से बड़े ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं जो 8 से 10 किलो या इससे भी ज्यादा वजन उठाने में सक्षम है। हालांकि सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है की बॉर्डर के इलाके में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है। लेकिन जिस प्रकार से हेरोइन और हथियारों की ड्रोन के जरिए डिलीवरी की जा रही है। उसे एंट्री ड्रोन सिस्टम बिल्कुल फेल साबित नजर आ रहा है। गत दिवस भी दावोके गांव में ही बीएसएफ ने 7 किलो होरोइन जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 35 करोड़ रुपए जब्त किए थे।

सीमा सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई, 4.79 करोड़ की ड्रग्स के साथ चार तस्कर पकड़े गए

आइजोल  सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मादक पदार्थों और अवैध हथियार नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर-पूर्व में एक बड़ी सफलता हासिल की। खुफिया सूचना के आधार पर बीएसएफ आइजोल और एक्साइज व नारकोटिक्स मिजोरम की संयुक्त टीम ने शनिवार को पश्चिम आइजोल क्षेत्र में ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद करते हुए चार ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए ड्रग पेडलरों में दो म्यांमार के नागरिक भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के दौरान 5.89 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 41 ग्राम हेरोइन जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 4.79 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। बीएसएफ मिजोरम और कछार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। बीएसएफ मिजोरम और कछार ने एक्स पोस्ट में लिखा, "22 नवंबर 2025 को बीएसएफ इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, बीएसएफ आइजोल और एक्साइज एंड नारकोटिक्स मिजोरम की एक जॉइंट टीम ने वेस्ट आइजोल में 4.79 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का 5.89 किलो मेथामफेटामाइन और 41 ग्राम हेरोइन जब्त किया। म्यांमार के दो नागरिकों समेत चार ड्रग पेडलर पकड़े गए।" इससे पहले एक अन्य कार्रवाई में 20 नवंबर को बीएसएफ मणिपुर, महार रेजिमेंट और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले में तलाशी अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में हथियार और विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद जब्त किए। यह ऑपरेशन उस चल रहे अभियान का हिस्सा था जिसका लक्ष्य राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करना है। बीएसएप की मानें तो, "20 नवंबर 2025 को बीएसएफ मणिपुर, महार रेजिमेंट और मणिपुर पुलिस की एक जॉइंट टीम ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक सर्च ऑपरेशन किया और इलाके में शांति और अमन-चैन बहाल करने की चल रही कोशिशों के तहत हथियारों और अलग-अलग तरह के गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा जब्त किया।" वहीं, 19 नवंबर को बीएसएफ आइजोल और एक्साइज एंड नारकोटिक्स मिजोरम की जॉइंट टीम ने एनएच-6 पर दो संदिग्धों के पास से 25 करोड़ ररुपए से ज्ययादा कीमत का 14.905 किलो मेथामफेटामाइन और 707 ग्राम हेरोइन जब्त की थी। इस कार्रवाई के दौरान दो ड्रग पेडलर को भी गिरफ्तारर कर लिया गया था।

तस्करों का आतंक बढ़ा: बीएसएफ की गाड़ी तोड़ी, जवानों पर किया हमला

त्रिपुरा  त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में मवेशी तस्करों के हमले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 5 जवान घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार शाम बिशालगढ़-कमठाना रोड पर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास यह हमला किया गया और बीएसएफ के एक वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। बिशालगढ़ पुलिस थाना प्रभारी विकास दास ने कहा, ‘कमठाना सीमा चौकी पर तैनात बीएसएफ कर्मियों ने एक वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन को स्थानीय पशु बाजार की ओर भगा ले गया।’   थाना प्रभारी ने कहा, ‘बीएसएफ कर्मी वाहन का पीछा करते हुए पशु बाजार तक पहुंच गए। वहां पशु तस्करों और बीएसएफ कर्मियों के बीच बहस हुई, जो बढ़ गई और फिर पशु तस्करों ने हमला कर दिया। इस हमले में पांच कर्मी घायल हो गए और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई।’ पुलिस ने बताया कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है और हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल हो रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सीनियर बीएसएफ अधिकारी अपनी आपबीती सुना रहे हैं। वह कहते हैं कि जब हमला हो रहा था, तब वहां खड़े किसी भी व्यक्ति ने हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की। हालांकि, वायरल वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती श्रीकरणपुर थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के निकट खेत में एक बार फिर आधा किलोग्राम हेरोइन का पैकेट बरामद हुआ है। इससे पहले 2 नवंबर को इसी क्षेत्र में आधा किलोग्राम हेरोइन का पैकिट मिला था। पुलिस को आशंका है कि ये दोनों पैकेट पाकिस्तानी तस्करों की ओर से ड्रोन के माध्यम से गिराए गए होंगे। ये एक बड़ी हेरोइन की खेप का हिस्सा हो सकते हैं।  

सिर्फ 5 महीने में BSF में प्रमोशन पाकर यूपी की शिवानी बनी मिसाल

दादरी आज के समय में लड़कियां बढ़-चढ़कर डिफेंस सेक्टर में शामिल हो रही हैं और काफी अच्छा कर रही हैं. वहीं इन दिनों उत्तर प्रदेश की एक बेटी अभी काफी चर्चा में हैं. उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में शामिल होने के पांच महीने के अंदर ही प्रमोशन पा लिया. ऐसा कहा जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूरे छह दशक के इतिहास में पहली बार किसी के ज्वॉइनिंग के बाद इतनी जल्दी किसी को प्रमोशन दिया है.  यूपी की बेटी ने रचा इतिहास  उत्तर प्रदेश में दादरी की रहने वाली शिवानी ने BSF में इतनी तेजी से पहचान हासिल करने वाली पहली महिला कांस्टेबल के रूप में इतिहास रच दिया है. वे बढ़ई की बेटी हैं. वे अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जो भारत के डिफेंस सेक्टर में अपनी सेवा दे रही हैं.  विश्व वुशु चैंपियनशिप में जीता रजत पदक  दरअसल, 31 अगस्त से 8 सितंबर 2025 तक ब्राजील में आयोजित 17वीं विश्व वुशु चैंपियनशिप (World Wushu Championship 2025) में रजत पदक जीतने के बाद शिवानी को हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोशन मिला है. BSF के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने सीमा सुरक्षा बल के एक शिविर में कांस्टेबल शिवानी की खाकी वर्दी पर हेड कांस्टेबल का रिबन लगाया और उनके प्रमोशन की घोषणा की.  बीएसएफ कांस्टेबल को प्रमोशन मिलने में कितना वक्त मिलता है?  बीएसएफ कांस्टेबल को प्रमोशन मिलने में आमतौर पर 15-18 वर्ष का समय लगता है. हालांकि, शिवानी ने महज 21 साल की उम्र में BSF हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोशन पाकर इतिहास रच दिया है.  स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी शिवानी ने इसी साल (2025) में जून महीने में बीसीएफ ज्वॉइन किया था. वे हर दिन करीब 4 घंटे ट्रेनिंग लेती हैं. उन्होंने 2025 के विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था. वहीं उनका अगला गोल विश्व कप है और वे इसकी तैयारी कर रही हैं. वे स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी करेंगी.