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खंडवा :युवती ने जहर खाकर ली जान, आरोपी अरबाज शाह धर्म परिवर्तन के प्रयास में था, ठिकानों पर बुलडोजर चला

खंडवा  हरसूद क्षेत्र में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुए हंगामे और जनता के आक्रोश के बीच गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। लव जिहाद के आरोपों में जेल भेजे गए आरोपी अरबाज शाह और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों को राजस्व विभाग और हरसूद पुलिस ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग दरअसल जिले के हरसूद में लव जिहाद के आरोपी अरबाज के घर बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। आरोपी अरबाज पर युवती के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग कर रहा था। इतना ही नहीं धर्म परिवर्तन का भी दबाव बना रहा था। आरोपी जेल में बंद आरोपी अरबाज की प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। आरोपी अरबाज पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में जेल में बंद है। कार्रवाई के दौरान हरसूद नगर परिषद और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे। युवती ने प्रताड़ना से तंग आकर खाया था जहर परिजनों के अनुसार, आरोपी अरबाज शाह लंबे समय से उनकी बेटी पर दोस्ती और शादी के लिए दबाव बना रहा था। परिवार का आरोप है कि अरबाज लगातार फोन और मैसेज के जरिए उसे परेशान करता था। युवती के बालिग होने के बाद यह दबाव और बढ़ गया था। परिवार ने बताया कि अरबाज की प्रताड़ना के कारण जिस युवक से युवती की शादी तय हुई थी, वह रिश्ता भी टूट गया। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी। 28 अक्टूबर 2025 को विवाद के दौरान आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की। घर लौटने पर उसने तनाव में आकर जहर खा लिया। परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन 29 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद हरसूद में भड़का गुस्सा युवती की मौत की खबर फैलते ही हरसूद में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में लोग हरसूद थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम तक कर दिया था। भीड़ का कहना था कि आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और IPC की धाराओं में मामला दर्ज हरसूद थाना पुलिस ने आरोपी अरबाज शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके साथ ही आईपीसी की तीन अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। घटना के बाद आरोपी कुछ दिनों तक फरार रहा। पुलिस ने लगातार दबिश देते हुए उसे पकड़ा और जेल भेज दिया। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की गई और सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हिंदू संगठनों ने की थी बुलडोज़र कार्रवाई की मांग घटना के बाद कई हिंदू संगठनों ने एसपी खंडवा से मिलकर आरोपी के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। प्रशासन ने इस संबंध में मकान की वैधता की जांच शुरू की। तहसील कार्यालय की जांच में पाया गया कि अरबाज और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों में निर्माण संबंधी कई अनियमितताएँ थीं। अवैध निर्माण पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई। इस दौरान मकान में मौजूद सामान पहले ही तहसीलदार की निगरानी में बाहर निकलवाकर तहसील कार्यालय में सुरक्षित रखवा दिया गया था, क्योंकि आरोपी का परिवार जमानत मिलने के बाद इस घर में रहना बंद कर चुका था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहाए गए दोनों मकान गुरुवार सुबह प्रशासनिक दल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा देकर कार्रवाई शुरू कराई। जेसीबी मशीन से पहले आरोपी अरबाज का मकान ढहाया गया, इसके बाद उसके चाचा आशिक शाह के मकान पर भी कार्रवाई की गई। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए है, बल्कि अपराधियों को संदेश देने के लिए भी जरूरी है। आरोपी ने बेटी की जिंदगी छीन ली मृत युवती के परिवार के अनुसार, आरोपी अरबाज ने लगातार धमकाकर और मानसिक प्रताड़ना देकर उनकी बेटी को टूटने पर मजबूर किया। परिजनों ने कहा कि हमने कई बार समझाया, पर वह पीछा नहीं छोड़ता था। शादी का रिश्ता टूटने के बाद वह और ज्यादा दबाव बनाने लगा। अंततः हमारी बेटी ने हार मान ली। न्याय की दिशा में मजबूत कदम हरसूद पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की यह प्रक्रिया कानूनन थी और सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है ताकि समाज में भय और अविश्वास का माहौल न बने।

उच्च सुरक्षा वाले इलाके में बुलडोजर चला, महाकाल मंदिर मार्ग पर अवैध निर्माणों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

उज्जैन   उज्जैन शहर के बेगमबाग इलाके में बुधवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) की कार्रवाई में मुस्लिम बाहुल्‍य इलाके के 12 मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चला है। सुबह 7 बजे निगम अमला मौके पर पहुंचा और सभी तैयारियां पूरी होने के बाद करीब 8 बजे तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान हरिफाटक से महाकाल घाटी मार्ग को बंद किया गया। यूडीए के सीओ संदीप सोनी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, ये कार्रवाई लीज डीड के उल्लंघन के मामलों में 5वीं है। इनमें 3 प्लॉट टुकड़े करके बनाए गए 12 अवैध निर्माण (इनमें मकान और दुकानें शामिल थीं)। जबकि, कारर्वाई के लिए 4 पोकलेन मशीनें, 3 जेसीबी मशीनें और नगर-निगम के 50 से अधिक कर्मचारी के साथ भारी पहले भी यहां हो चुकी कार्रवाई बेगमबाग इलाके में 24 अक्टूबर को सभी 12 परिवारों को अंतिम नोटिस थमाया गया था। इससे पहले भी इसी इलाके में 27 निर्माण गिराए जा चुके हैं। कुल मिलाकर 60 से अधिक अवैध स्ट्रक्चर हटाकर जमीन विकास प्राधिकरण के कब्जे में ली जाएगी। 24 मीटर रोड निर्माण के लिए हटाया गया अतिक्रमण मकानों को हटाकर खाली कराई गई जमीन पर जल्द ही सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाएगा। सिंहस्थ कुंभ के लिए ये सड़क 24 मीटर चौड़ी होगी, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग तैयार हो सकेगा। इन लोगों के मकान तोड़े गए -खंड क्रमांक 26 : सैयद लियाकत अली, रोशनी बी के दो निर्माण जमीदोज किए। -भूखंड क्रमांक 48 : साजिद अहमद खान, रईस मोहम्मद, अब्दुल खालिक, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद नासिर, अकेला बी, एजाज अहमद के 7 निर्माण तोड़े गए। -भूखंड क्रमांक 63 : अनीशा बी, अब्दुल नासिर, उवैस शेख, आयशा बी, फेमिदा के 3 निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया। कार्रवाई की यह वजह बेगमबाग इलाके में साल 1985 में 34 प्लॉट 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे। नियम के तहत प्लॉट्स को न बेचा जा सकता था और न ही व्यावसायिक उपयोग किया जा सकता था। बावजूद इसके कई लोगों ने मकानों पर दुकानें और होटल खोलकर प्लॉट काटकर बेचना शुरू कर दिया। इसके अलावा लीज का भुगतान भी नहीं किया गया। हाईकोर्ट से स्टे लीज अनुबंध का उल्लंघन और नियम के विपरीत जमीन के उपयोग के कारण यूडीए ने ये कार्रवाई की। हालांकि, कुछ लोगों ने इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे (रोक) भी ले रखा है।