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श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त: तिरुपति यात्रा के दौरान एक की मौत

जगदलपुर भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम तारागांव में गुरुवार सुबह एक दर्शनार्थी बस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई. हादसे में राजनांदगांव निवासी तामेश्वर साहू की मौत हो गई, जबकि बस में सवार अन्य दर्शनार्थी घायल हो गए. जानकारी के अनुसार, दुर्ग से करीब 30 से अधिक लोगों को लेकर तिरुपति जा रही बस गुरुवार सुबह लगभग 5–6 बजे तारागांव के पास पहुंची थी. इस दौरान चालक को झपकी आने से बस का संतुलन बिगड़ गया और दुर्घटना का शिकार हो गई. घटना की सूचना मिलते ही भानपुरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज परिजनों को सूचना दे दी गई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

आंध्र प्रदेश: घाट रोड पर बस खाई में गिरी, 9 की मौत, कई यात्री गंभीर रूप से घायल

 मरेडुमिल्ली आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. करीब 5 बजकर 30 मिनट पर चित्तूर जिले के यात्रियों को लेकर जा रही एक प्राइवेट बस अचानक अनियंत्रित होकर मरेडुमिल्ली घाट क्षेत्र में गहरी खाई में गिर गई.  हादसा तुलसीपाकालु गांव के पास हुआ, जहां सड़क संकरी और मोड़ों से भरी मानी जाती है. बस में कुल 35 यात्री थे, चालक और क्लीनर मिलाकर संख्या 37 थी. खाई में गिरने के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई. कई यात्री बस के अंदर फंस गए. स्थानीय लोगों ने सबसे पहले राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में चिंटूर पुलिस, रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं.  ASR जिला कलेक्टर दिनेश कुमार के अनुसार, कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल भद्राचलम अस्पताल ले जाया गया है, जहां कई लोगों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे की वजहों की जांच जारी दुर्घटना के बाद प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बस हादसे के सही कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। सीएम नायडू ने व्यक्त किया दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा कि चित्तूर जिले के अल्लूरी सीताराम राजू क्षेत्र के पास यात्रियों से भरी एक निजी बस का दुर्घटनाग्रस्त होना बेहद दुखद है। कई लोगों की मौत की खबर विचलित करने वाली है। सीएम ने बताया कि उन्होंने पूरी घटना की जानकारी अधिकारियों से ली है और राहत कार्यों की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। नायडू ने आश्वासन दिया कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।  

पीलीभीत के जावेद की बहादुरी: जलती बस से बच्चों को बाहर निकाल बचाई कई जानें

पीलीभीत हाईटेंशन लाइन के तार बहुत नीचे थे। हम लोगों ने मना किया लेकिन चालक नहीं माना। कंडक्टर नीचे उतरा और हाथ से इशारा करने लगा। चालक ने तारों के नीचे से जैसे ही बस निकाली हादसा हो गया। पहले टायर जले तो हम लोगों गेट और खिड़की से निकले। बाद में बच्चों को खिड़की से नीचे फेंक कर बचाया… जयपुर बस हादसे की आंखों देखी सुनाकर पीलीभीत जिले के गांव शेरपुर कला के मोहल्ला नौगंवा निवासी जावेद का गला भर आया। राजस्थान के जयपुर से करीब 50 किमी दूर मनोरथपुर इलाके में मंगलवार को निजी स्लीपर बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। इससे उसमें करंट उतर गया और आग गई। इस हादसे में नौगंवा निवासी नसीम और उनकी बेटी शहनूर की मौत हो गई थी। 10 अन्य मजदूर झुलस गए थे। ये सभी मजदूर सोमवार की शाम पीलीभीत के पूरनपुर से रवाना हुए थे। इस बस में जावेद, चांद बाबू समेत कई मजदूर सवार थे। बुधवार तड़के जावेद, चांद बाबू व अन्य मजदूर गांव लौट आए। मृतकों के शव भी पहुंच गए, जिससे गांव में कोहराम मच गया। जावेद ने बताया कि तारों के नीचे से बस निकलने में खतरा था। सभी लोगों ने मना किया लेकिन चालक नहीं माना। कंडक्टर को नीचे उतार दिया और वो हाथ हिलाकर इशारा करने लगा। बस में सिलिंडर और अन्य सामान लाद कर ले जाने को भी चालक ने ही कहा था। बस में सवार थे ये लोग शेरपुर कलां के मोहल्ला नौगवां निवासी नसीम, उसकी पत्नी नाजमा, पुत्र राजा, पुत्री शबनम, शहनूर, पुत्र फैजान, अजहर, मोहल्ला के ही रहीस, उनकी पत्नी आरफा, पुत्र दानिश, एहसान, हनीस, रहमान, जलालुद्दीन की पत्नी जैबुनिशा, पुत्र सलीम, समीर, नाजिम, पुत्री नजरी, पंजाशाह गौटिया से जावेद, बाबू आदि निजी बस से रवाना हुए थे। मृतक नसीम की पुत्री दरख्शां ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भाई राजा से फोन पर जयपुर पहुंचने की जानकारी मिली। तब उसने कुछ ही देर में ईंट भट्ठे पर पहुंचने की बात कही थी। इसके करीब आधा घंटे बाद फोन कर उसने पिता और बहन की हादसे में मौत की जानकारी दी। इसके बाद उसके भाई और अन्य किसी का मोबाइल नहीं लगा। गांव पंजाशाह गौटिया के मुनव्वर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे रिश्तेदार जयपुर गए आफन से मोबाइल पर बात की। तब बस में आग लगने की जानकारी हुई। उन्होंने बताया कि हादसे में गौटिया के अल्ताफ, चंदा बेगम सहित तीन लोगों के झुलस कर गंभीर घायल होने की बात पता चली है।  दूसरी बार जयपुर गया था नसीम का परिवार नसीम की मां सुराजन ने बताया कि उसका पुत्र पहले भी परिवार के साथ जयपुर में मजदूरी पर ईंट थोपने को गया था। करीब छह महीने वहां रहकर मजदूरी की और वापस आ गया था। पुत्र का परिवार अब दूसरी बार जयपुर मजदूरी करने गया था। गांव और आसपास के कई परिवार भी काम करने जयपुर व अन्य स्थानों को जाते रहे हैं। संवाद सिलिंडरों की आग ने धारण किया विकराल रूप शेरपुर कलां निवासी नसीम की मां सुराजन और रहीस की मां रहबुरनिशां ने बताया कि उन दोनों के परिजन सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे जयपुर जाने को घर से निकले थे। कई महीने रुक कर मजदूरी करने को परिजन अपने साथ अन्य घरेलू सामान के साथ खाना बनाने आदि को गैस सिलिंडर भी ले गए थे। बस में आग लगने से सिलिंडर भी धू-धूकर जलने की जानकारी हुई है।  

गया जी में दर्दनाक दुर्घटना, बस और ट्रक की टक्कर में एक की मौत, कई घायल

गया जी बिहार के गया जी जिले में शुक्रवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। महाराष्ट्र से बोधगया आ रही तीर्थयात्रियों की बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। चालक की मौके पर ही मौत हो गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा शेरघाटी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास हुआ। यात्रियों से भरी बस जैसे ही गांव के समीप पहुंची, अचानक सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया सूचना मिलते ही शेरघाटी थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, वहीं मृत चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि बस महाराष्ट्र से तीर्थयात्रियों को लेकर अयोध्या और काशी विश्वनाथ होते हुए बोधगया जा रही थी। इसी दौरान गोपालपुर गांव के पास यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद प्रशासन की देखरेख में अन्य यात्रियों को दूसरी बस से बोधगया रवाना कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।