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पंजाब के फिरोजपुर में नहर कटाव से 400 एकड़ फसल डूबी, भारी नुकसान से किसान परेशान

फिरोजपुर. फिरोजपुर जिले के ममदोट क्षेत्र में गुरुवार को लक्ष्मण नहर में कटाव आने से सैकड़ों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। गांव राहू के हिठाड़ के निकट नहर टूटने के बाद तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे करीब 400 एकड़ में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई। अचानक खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। घटना के बाद प्रभावित किसानों और ग्रामीणों में गहरा रोष देखने को मिला। ग्रामीणों के अनुसार, नहर में अचानक अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण पानी का दबाव बढ़ गया और नहर में कटाव आ गया। इसके बाद तेज बहाव का पानी सीधे खेतों में पहुंच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में खेत पानी से भर गए और धान की फसल डूब गई। किसानों का कहना है कि कई खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लगाए आरोप प्रभावित किसानों ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी देने के बावजूद काफी देर तक सिंचाई विभाग और प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। किसानों ने यह भी कहा कि कटाव वाले स्थान पर तत्काल मरम्मत शुरू नहीं होने से पानी लगातार खेतों में फैलता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि धान के मौसम में लक्ष्मण नहर में पहले भी कई बार इसी तरह कटाव की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका दावा है कि हर बार किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। किसानों का कहना है कि यदि नहर की समय-समय पर मजबूती से मरम्मत और निगरानी की जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। राहत कार्य शुरू करने की रखी मांग किसानों ने यह भी मांग उठाई कि जब तक नहर में पानी की आपूर्ति बंद नहीं होगी, तब तक कटाव को पूरी तरह भरना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों से कई बार पानी रोकने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की गई, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रभावित किसानों ने सरकार और सिंचाई विभाग से मांग की है कि नहरों में पानी छोड़ने से पहले उनकी क्षमता और स्थिति का तकनीकी आकलन किया जाए। साथ ही कटाव वाले हिस्सों की समय रहते मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान का सामना न करना पड़े। किसानों ने प्रभावित फसलों का जल्द सर्वे कराने, नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।

रजबाहा टूटने से गुरदासपुर में बाढ़ जैसे हालात, खेत डूबे, दर्जनों गांवों में पानी का संकट

गुरदासपुर. अप्परबारी दोआब नहर से निकलने वाला रानिया रजबाहा गुरदासपुर के कलानौर के विर्क गांव के निकट टूट जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रजबाहा टूटने के कारण आसपास के सैकड़ों एकड़ कृषि क्षेत्र में पानी फैल गया, जबकि माइनर नंबर एक, दो और तीन के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। घटना के बाद किसानों में चिंता का माहौल है और वे जल्द मरम्मत कार्य शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार रात को विर्क और अठवाल गांवों के बीच रजबाहा अचानक टूट गया। बताया जा रहा है कि टूटने वाले स्थान पर करीब 25 फुट चौड़ी दरार बन गई, जिससे तेज बहाव के साथ पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में पानी कृषि भूमि में जमा हो गया और कई खेत जलमग्न हो गए। सिंचाई व्यवस्था हुई प्रभावित स्थानीय किसानों ने बताया कि रजबाहा टूटने से सिंचाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। माइनर नंबर एक, दो और तीन के अधीन आने वाले अनेक गांवों तक नहरी पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। इससे धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो खेती कार्य प्रभावित हो सकता है। घटना की सूचना मिलने के बाद किसानों ने नहर विभाग को जानकारी दी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नहर तंत्र में आई इस खराबी को जल्द दूर किया जाना चाहिए ताकि खेतों में फैले पानी को नियंत्रित किया जा सके और प्रभावित गांवों को फिर से पानी उपलब्ध कराया जा सके। विभाग हल निकालने में जुटी इस संबंध में नहर विभाग के उपमंडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें रजबाहा टूटने की सूचना मिल चुकी है। विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद टूटे हुए हिस्से को भरने और मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कर नहरी पानी की आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं किसान उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। फिलहाल विभागीय टीम मौके पर पहुंचने की तैयारी में जुटी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।