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अगर 2026 में आगे बढ़ना है तो हर लड़की को सीखनी होंगी ये 8 अहम स्किल्स

लाइफ हर किसी के लिए थोड़ी चैलेंजिंग होती है, लेकिन अगर आप एक लड़की हैं तो चीजें थोड़ी सी और ज्यादा टफ हो जाती हैं। हमारा समाज आज भले ही कितना भी प्रोग्रेसिव हो गया है, लेकिन लड़कियों के लिए चीजें आज भी ज्यादा मुश्किल हैं। अगर आप लकी हैं कि आपको ये चांस मिला है कि दुनिया के साथ कदम से कदम बढ़ाकर चल सकें, तो इसे वेस्ट ना जाने दें। कोशिश करें हर साल खुद को और बेहतर बनाएं। इसके लिए आप अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान तो दें ही, साथ ही कुछ जरूरी चीजें भी सीखें। ये सभी चीजें लाइफ के एक ना एक मोड़ पर आपके काम आने वाली हैं। चलिए 2026 के लिए कुछ ऐसी ही स्किल्स आपको बताए देते हैं, जो इस बार आपको जरूर सीख लेनी हैं। जरूरत और चाहत के बीच का अंतर समझें लड़कियों के साथ ये बहुत होता है, उन्हें कोई चीज सिर्फ सुंदर लगती है और वो उसे अपने शॉपिंग कार्ट में एड कर लेती हैं। ध्यान रखिए कोई भी चीज 'क्यूट' है, सिर्फ इसलिए आपको उसे खरीदने की जरूरत नहीं है। अपनी जरूरत और चाहत के बीच फर्क करना सीखिए, ये आपके जीवन में बहुत काम आएगा। अपनी पढ़ाई को सीरियस लें स्कूल या कॉलेज जाती हैं, तो सिर्फ इसलिए ना पढ़ें कि आपको केवल पास होना है। ये पढ़ाई आप इसलिए कर रही हैं क्योंकि आपको अपना भविष्य बनाना है। मन में रखकर पढ़ें कि आप अपने परिवार की सबसे सक्सेसफुल महिला बनाना चाहती हैं। हर लड़की के लिए ये सबसे जरूरी है कि वो फाइनेंशियली स्ट्रांग हो। अपनी फिजिकल हेल्थ का ध्यान रखें 2026 में अपनी हेल्थ को प्रायोरिटी बनाएं। सुंदर दिखने के लिए आपको महंगे स्किनकेयर की नहीं बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल की जरूरत है। खूब पानी पीएं, अच्छा खाएं, स्लीप रूटीन फिक्स करें और ज्यादा वॉक करें। जरूरी नहीं है कि शुरुआत जिम जाने से की जाए, रोजाना 10 मिनट की स्ट्रेचिंग भी एक अच्छी शुरुआत दे सकती है। खुद को फाइनेंशियली स्ट्रांग करें अपने आप को फाइनेंशियली जितना मजबूत कर लेंगी, यकीन मानिए जिंदगी को उतना खुलकर जी पाएंगी। इसलिए खाली समय में सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग छोड़कर कुछ काम की स्किल्स सीखें। आजकल डिजिटल जमाना है तो आप कई तरह की डिजिटल स्किल सीख सकती हैं, जैसे वीडियो एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, मार्केटिंग या ऑनलाइन बिजनेस कैसे रन करें। कहां कैसे बिहेव करना है, ये सीखना जरूरी है किसी भी रूम में एंटर हो रही हैं, तो वहां कैसे बिहेव करना है ये सीखना बहुत जरूरी है। आपको नोटिस होने के लिए ज्यादा लाउड होने की जरूरत नहीं है। खुद को एक ग्रेस के साथ कैरी करें, सीखें कब बोलना है, क्या बोलना है, कैसे कॉन्फिडेंस के साथ खुद को प्रेजेंट करना है। लोगों की रिस्पेक्ट करना सीखें क्योंकि बदतमीज लोग किसी को पसंद नहीं होते। सिर्फ खूबसूरत होना काफी नहीं है आप सुंदर हैं ये अच्छी बात है लेकिन ये आपकी पूरी पर्सनेलिटी बिल्कुल नहीं है। सुंदर होने के अलावा आप लोगों से कैसे बातचीत करती हैं, उनका कितना सम्मान करती हैं, आपका बर्ताव कैसा है; ये सभी चीजें लोग आपके बारे में याद रखते हैं। इसलिए सुंदरता के अलावा इन चीजों पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। नए लोगों से मिले घर के भीतर खुद को समेटना बंद करें। बाहर निकलें, नए-नए लोगों से मिलें, नए अनुभव लें और नई-नई चीजें सीखें। ये एक छोटी सी आदत आपको जीवन में बहुत कुछ सिखा सकती है। वीकेंड्स पर सेमिनार, वर्कशॉप, स्पोर्ट्स, आर्ट गैलरी जैसी चीजें एक्सप्लोर करें, जहां आप अलग अलग लोगों से मिलेंगी। इससे आपकी नॉलेज और संसार को देखने का नजरिया दोनों इंप्रूव होते हैं। अच्छे और सच्चे दोस्तों का होना है जरूरी अपना एक छोटा सा फ्रेंड सर्किल जरूर बनाएं। अच्छे दोस्त ना सिर्फ मेंटली आपको सपोर्ट करते हैं, बल्कि आपको लाइफ का नया नजरिया भी देते हैं। अभी आपको बेशक लगता हो कि दोस्त ज्यादा जरूरी नहीं हैं लेकिन यकीन मानिए अच्छे दोस्त जीवन को आसान और सुलझा हुआ बना देते हैं। इनका होना अपने आप में ब्लेसिंग होता है।  

आचार्य चाणक्य के 5 सूत्र जो बना सकते हैं आपका करियर चमकदार

अगर कड़ी मेहनत के बावजूद आपको करियर, बिजनेस या किसी इंटव्यू में सफलता नहीं मिल पा रही है तो आपको आचार्य चाणक्य की 5 खास बातों पर जरूर गौर करना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में करियर में सफलता दिलाने वाले ऐसे ही 5 गुणों का जिक्र किया है। जिन्हें फॉलो करने से व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने के साथ उसे एक नई राह भी मिल सकती है। बता दें, चाणक्य नीति में बहुत सी ऐसी बातें दर्ज हैं जिन्हें अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति खुशहाल सफल जीवन जी सकता है। बिना लक्ष्य के श्रम, मंजिल नहीं सिर्फ थकान देता है आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति के पास सफलता हासिल करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य नहीं होता है, उसकी मेहनत हमेशा बेकार हो जाती है। अगर आप एक ही तरह की नौकरी में बार-बार असफल हो रहे हैं, तो आपको रूक कर जरूर सोचना चाहिए कि क्या आप वाकई नौकरी के उसी क्षेत्र के बने हैं या आपकी मंजिल कुछ और है? गुस्से पर काबू रखें​ बात-बात पर गुस्सा करने वाले व्यक्ति को समाज में कोई भी पसंद नहीं करता है। ऐसे व्यक्ति की करियर ग्रोथ भी रूक जाती है। जरूरत से ज्यादा गुस्सा समाज में आपकी छवि खराब करता है। चाणक्य नीति में कहा गया है कि क्रोध इंसान की बुद्धि और मान-सम्मान दोनों को नष्ट कर देता है। समय खराब करने वाला व्यक्ति चाणक्य नीति के अनुसार समय व्यक्ति की सबसे बड़ी संपत्ति है। जो लोग करियर में सही समय पर सही निर्णय नहीं लेते, वो मौका चूक जाते हैं। असफलता मिलने पर ब्रेक लेकर एक ठोस रणनीति बनाएं कि आप कैसे लक्ष्य हासिल करने में सफल हो सकते हैं। मुश्किल समय में घबराने वाले लोग आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति संकट के समय में धैर्य के साथ आगे बढ़ता रहता है वही जीवन में सफलता हासिल कर पाता है। करियर में मिली असफलता एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन उसके बाद खुद पर संदेह करना, आत्मविश्वास खो देना और दूसरों से अपनी तुलना करना व्यक्ति की सबसे बड़ी भूल है। निराश होने की जगह विश्लेषण करें कि सफलता की राह हासिल करने में आपकी तरफ से कहां कमी रह गई है। सम्मान करें​ चाणक्य नीति के अनुसार बड़ों का आशीर्वाद व्यक्ति के लिए सफलता की राह आसान बना देता है। ऑफिस में भी खुद से सीनियर व्यक्ति का दिल से सम्मान करें। सम्मान देने वाला व्यक्ति हर किसी का प्रिय बन जाता है। जो उसे सफलता हासिल करने में मदद करता है।

ऑफिस में कभी न बताएं ये 3 बातें, वरना होगा बड़ा नुकसान

काफी सारे लोगों को शिकायत होती है कि उनके ऑफिस में लोग एक दूसरे की चुगली और गॉसिप करते हैं। जिसका असर कई बार उनके करियर पर भी पड़ता है। अगर आप ऑफिस में होने वाली गॉसिप का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं और करियर में ग्रोथ चाहते हैं, तो भूलकर भी इन 3 बातों को कलीग्स या सीनियर के साथ शेयर ना करें। ना शेयर करें अपनी पर्सनल प्रॉब्लम पर्सनल रिलेशनशिप में, फाइनेंशियल या फिर करियर से जुड़ी किसी भी तरह की प्रॉब्लम्स को भूलकर भी अपने कलीग्स या फिर सीनियर्स के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। ऐसा करना सबसे बड़ी भूल है क्योंकि ज्यादातर काम करने वाली जगहों पर लोगों की किसी ना किसी कमजोरी का फायदा उठाकर हैरेस किया जाता है। ना करें किसी की बुराई अपने काम करने वाली जगह पर भूलकर भी किसी सीनियर, जूनियर या फिर कलीग्स की बुराई नहीं करनी चाहिए। ऑफिस में हो रही गॉसिप का हिस्सा भूलकर भी नहीं बनना चाहिए और ना हीं उन्हें सपोर्ट करना चाहिए। हमेशा काम की जगह पर न्यूट्रल रहना चाहिए। इस्तीफा देते वक्त ना करें संस्थान की बुराई जब भी आप किसी संस्थान से इस्तीफा दे रहे हैं तो करियर की ग्रोथ के लिए भूलकर भी उस संस्थान या एचआर, सीनियर की बुराई लिखित में ना करें। ऐसा करने से करियर की ग्रोथ पर निगेटिव असर पड़ता है क्योंकि फ्यूचर में हो सकता है आपको वापस उसी काम की जगह पर आना पड़े। किसी भी तरह की खराब सिचुएशन से बचने के लिए भूलकर भी बुराई ना करें।