samacharsecretary.com

जनगणना के 33 सवालों में गलती पर क्या होगा? पहला चरण आज 1 अप्रैल से शुरू हो रहा

भोपाल  डिजिटल जनगणना का पहला चरण आज यानी 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना कहा जा रहा है और इस बार ये दो चरणों में होगी. पहली बार जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी और पहली बार 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।  पहले चरण में मकानों की गणना होगी और उसमें 33 सवाल पूछे जाएंगे. ऐसे में इन सभी सवालों का सही जवाब देना जरूरी है और अगर कोई नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि अगर कोई गलत जानकारी देता है या फिर किसी सवाल का जवाब नहीं देता है तो क्या कार्रवाई की जा सकती है? गलत जानकारी दी तो क्या होगा? जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या अपनी जानकारी के अनुसार सवालों का जवाब देने से मना करता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाता है. इसके लिए 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही, धारा 8 के अनुसार हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जनगणना अधिकारी को सही और सटीक जानकारी दे. ऐसे में आपसे जो सवाल पूछा जाए उसका सही जवाब देना जरूरी है।  अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान कुछ मामलों में अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान है, जिसमें 1,000 रुपये के जुर्माने से लेकर तीन साल की कैद या दोनों तक शामिल है. सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई भी जनगणना अधिकारी, या कोई भी व्यक्ति जिसे जनगणना करने में सहायता करने का कानूनी दायित्व सौंपा गया है… वो अधिनियम के तहत सौंपे गए कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है…या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही कोई जनगणना अधिकारी जानबूझकर आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछता है तो उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है।  कौन से 33 सवाल पूछे जाएंगे? घर की बनावट: घर के फर्श, दीवार और छत में किस सामग्री (मटेरियल) का इस्तेमाल हुआ है?  परिवार का मुखिया: घर के मुखिया का नाम, लिंग और वह किस समुदाय (SC, ST या अन्य) से ताल्लुक रखते हैं?  सुविधाएं और वाहन: घर में पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं कैसी हैं? आपके पास किस तरह के वाहन (साइकिल, स्कूटर, कार आदि) हैं?  खान-पान: परिवार में मुख्य रूप से किस अनाज का सेवन किया जाता है?  शादीशुदा जोड़े: घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं? (यहीं ल‍िव-इन कपल्स वाला नियम लागू होगा).  घर की स्थिति: मकान नंबर, बिल्डिंग नंबर और घर का मालिकाना हक (अपना या किराए का) क्या है? किस राज्य में कब से कब तक होगी जनगणना? दो चरण में होगी जनगणना पहला चरण– मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरा चरण– जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी. कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में ये सितंबर 2026 में करवाई जाएगी. CCPA के अनुसार, इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी. भारत की पिछली जनगणना साल 2011 में हुई थी. जनगणना 2027 सीरीज की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। 

जनगणना-2027 की दिशा में यूपी के इस जिले में फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण हुआ शुरू

बाराबंकी  जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने जिले में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। नामित फील्ड ट्रेनरों को दो चरणों में प्रशिक्षण सागर इंस्टीट्यूट में दिया जाएगा। जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं, प्रपत्रों के उपयोग और डिजिटल व्यवस्था की जानकारी मिलेगी। 110 फील्ड ट्रेनर नामित हो चुके हैं। ज्यादातर एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) हैं। प्रस्तावित जनगणना-2027 को जिला प्रशासन से जारी कार्यक्रम में पहला चरण 16 मार्च से 18 मार्च तक और दूसरा चरण 23 मार्च से 25 मार्च 2026 तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। समय सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित है। नामित पर्यवेक्षकों व अन्य कार्मिकों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण की प्रक्रिया, निर्धारित प्रपत्रों को सही तरीके से भरने, जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों के संकलन और रिपोर्टिंग की विधि पर विस्तार से मार्गदर्शन किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में नामित सभी कार्मिकों को समय से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित विभागों के किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति न रहे। 16 मार्च से 18 तक फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 19 मार्च से डीआरडीए में समस्त एसडीएम, बीएसए, डीपीआरओ, सूचना अधिकारी शामिल होंगे।