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Census ड्यूटी में कोताही करने वालों पर सख्त एक्शन, कर्मचारियों की सैलरी रोकने की तैयारी

जालंधर. जनगणना कार्य में लापरवाही और गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने 6 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन अफसर (सैकेंडरी) जालंधर ने नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एवं चार्ज अफसर को पत्र जारी कर गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची भेजी है। साथ ही इन कर्मचारियों की सैलरी तुरंत रोकने की सिफारिश भी की गई है। पत्र में कहा गया है कि जनगणना का काम समयबद्ध और राष्ट्रीय महत्व का काम है। इसके बावजूद कई बार निर्देश देने और संपर्क करने के बाद भी संबंधित कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे और न ही फोन कॉल का जवाब दे रहे हैं। विभाग के अनुसार कर्मचारियों का यह रवैया जनगणना अभियान में देरी का कारण बन रहा है और सरकारी काम में बाधा पैदा कर रहा है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सिफारिश की गई है कि संबंधित कर्मचारियों की सैलरी अगले आदेश तक या ड्यूटी पूरी करने तक रोकी जाए। मामले को अति आवश्यक बताते हुए तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सुपरिंटैंडैंट इंजीनियर कम चार्ज अफसर ने इस संबंध में पत्र की प्रति खजाना अफसर जालंधर को भी भेज दी है। जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने सिफारिशों के ढेर लगे पूरे देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया जालंधर में भी शुरू हो चुकी है। इस काम के लिए जालंधर नगर निगम के कमिश्नर को प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर बनाया गया है। इसके लिए सरकारी अधिकारियों और शिक्षकों को ड्यूटी दी गई थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से देखा जा रहा है कि शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी ड्यूटी से अपना नाम कटवाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं और निगम अधिकारियों पास सिफारिशों के ढेर लगे हुए हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी नगर निगम में जमा हुए और ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. सुमनदीप कौर के दफ्तर के बाहर भीड़ देखी गई। कुछ कर्मचारियों और निगम अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। पता चला है कि निगम अधिकारियों ने बहुत ऊंची सिफारिशों के आधार पर कुछ लोगों की ड्यूटी काट भी दी है, जबकि कईयों को आश्वासन देने के बाद भी दोबारा ड्यूटी संबंधी पत्र भेजे गए। 

समर वेकेशन में नई जिम्मेदारी: शिक्षकों को सौंपी गई जनगणना ड्यूटी

बिलासपुर. शिक्षा के मंदिर से निकलकर अब शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े अभियान यानी ‘जनगणना’ के मैदान में उतरने जा रहे हैं. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच, जब स्कूल बंद रहेंगे, तब प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षक और शिक्षक घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम करेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों की सूची तहसीलदारों को सौंप दी है, जिसके बाद अब ड्यूटी और ट्रेनिंग का चार्ट तैयार हो गया है. शिक्षक 1 मई से जनगणना के कार्य में लग जाएंगे. आगामी जनगणना को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है. इस बार सहायक शिक्षकों और शिक्षकों को प्रगणक के रूप में तैनात करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. शिक्षा विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी सहायक शिक्षकों और शिक्षकों का डेटा संकलित कर तहसील कार्यालयों को भेज दिया है. अब तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन इन सूचियों के आधार पर शिक्षकों की ड्यूटी अलग- अलग वार्डों और ग्राम पंचायतों में तय करेंगे. जनगणना का कार्य तकनीकी और संवेदनशील होता है, इसलिए इसे चरणों में पूरा किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. जो अप्रैल माह में जनगणना का कार्य करने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे. इसमें उन्हें मोबाइल ऐप और रजिस्टर में डेटा एंट्री के तरीके सिखाए जाएंगे. शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में एक मई से लगेगी. उसी दिन अवकाश से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शुरू होती है. उस दौरान शिक्षकों को भीषण गर्मी में आबंटित इलाके में घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी इक्कठा करनी होगी. जहां एक ओर छात्र गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लेंगे, वहीं शिक्षक 1 मई से हाथ में मोबाइल और रजिस्टर लेकर प्रगणना के काम में जुट जाएंगे. इस बार की जनगणना कागज पेन तक सीमित नहीं है. शिक्षकों को विशेष मोबाइल ऐप की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे डेटा सीधा सर्वर पर अपलोड होगा.

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को मिलेगा नया काम, SIR के बाद अब जनगणना की ड्यूटी

राजनांदगांव. एसआईआर की जटिल प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब शिक्षको को जनगणना में ड्यूटी देनी होगी. जनगणना शाखा द्वारा इसके लिए जानकारी जुटाई जा रही हैं. अफसरों ने बताया कि, आगामी 31 मार्च तक मकानों की नंबरिंग किए जाने के बाद एक मई से पहले चरण की शुरूआत हो जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा शिक्षक की जानकारी शिक्षा विभाग से भी जुटाई जा रही हैं. जनगणना-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. जनगणना के प्रथम चरण यानी मकान सूचीकरण की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया. एक मई से शुरू होने वाले जनगणना के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की सूची जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने की तैयारी है. जिसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रिजर्व स्टाफ भी शामिल किए जाने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि, इस कार्य के लिए शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की नगरीय ड्यूटी लगाने की तैयारी है. साथ ही सभी निकायों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की ड्यूटी इस कार्य में लगाया प्रगणकों विभाग द्वारा जाएगा. जनगणना और पर्यवेक्षकों की विस्तार से ली जा रही है और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी उनके पदनाम, मोबाइल नंबर, पता सहित सभी आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं. अफसरों की माने तो इस प्रक्रिया में जिले का कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए. जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) किया जाएगा, जिसमें सभी भवनों और मकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार जनगणना-2027 का अगले किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में माह से पहला चरण होगा शुरू एकत्रित की जाएगी. विग जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी नगरनिगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने मकान सूचीकरण ब्लॉक का कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने कहा गया था.