samacharsecretary.com

चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की बड़ी चेतावनी, 28 मार्च तक लागू रहेगी सख्त पाबंदी

चंडीगढ़  आगामी वी.वी.आई.पी दौरे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 23 मार्च से 28 मार्च तक शहर में ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला 27 और 28 मार्च को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के जरिए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) जैसे हमलों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह पाबंदी 23 मार्च की आधी रात से लागू होकर 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एयर फोर्स, एसपीजी और अधिकृत सरकारी एजेंसियों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता को जानकारी देने के लिए इन आदेशों को डीसी ऑफिस और जिला अदालतों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। 

दिनदहाड़े कत्ल से दहला चंडीगढ़: प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से भूना, 9 राउंड फायर

चंडीगढ़ एक प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े गोली मारकर चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई। यह कांड सेक्टर 9 में बुधवार दोपहर को हुआ। इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। मृतक की पहचान प्रीत नागरा के रूप में हुई है, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे। वह न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर इलाके के कुबाहेरी में रहते थे। उन्हें दोपहर में करीब 12 बजे गोली मारी गई। उन्हें तुरंत ही पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना उस वक्त हुई, जब प्रीत नागरा बॉडी जोन नाम की जिम से बाहर निकल रहे थे। वह अपनी कार में बैठे ही थे कि उन पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची है और घटनास्थल की बैरेकेडिंग करके जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि यह किसी रंजिश या फिर लेनदेन के विवाद से जुड़ी हो सकती है। हमलावरों ने प्रीत नागरा पर 8 से 10 गोलियां दागीं और फिर मौके से भाग निकले। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शायद प्रीत नागरा के कत्ल के इरादे से ही आए थे। तभी इतनी बड़ी संख्या में गोलियां दागी गईं। पुलिस ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि इस घटना की जांच में सीसीटीवी फुटेज से मदद मिल सकती है। इसी इरादे से आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक की जा रही हैं। अब तक हमलावरों की मंशा का पता नहीं लगा है। फिलहाल हमलावरों की तलाश में पुलिस जुटी है और मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। बीते कुछ महीनों में चंडीगढ़ समेत आसपास के इलाकों में फायरिंग और हमले जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ऐसी स्थिति में इस घटना ने एक बार फिर से सिटी ब्यूटीफुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।  

छात्र-पुलिस संघर्ष: पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई जोरदार झड़प और लाठीचार्ज

चंडीगढ़ चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावों के ऐलान की मांग कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आज हालात तब बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस से हिंसक भिड़ंत हो गई। पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो छात्र हिंसक हो गए और पुलिस से भिड़ गए। छात्रों और पुलिस के बीच देखते ही देखते धक्का मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को काबू में करने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। ये झड़प और लाठीचार्ज ऐसे वक्त पर हुआ, जब प्रदर्शनकारी छात्रों का साथ देने के लिए सिख संगठनों और कृषि यूनियनों के कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोग विश्वविद्यालय परिसर में घुसना चाह रहे थे। ये लोग भी काफी विलंब से चल रहे पीयू सीनेट चुनावों की तारीखों की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र विश्वविद्यालय के शासी निकाय सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन के फैसले को अब केंद्र द्वारा वापस लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की इस दौरान विद्यार्थी और पुलिस के बीच बहस भी देखने को मिली। पुलिस के इंतजाम देखकर विद्यार्थियों ने समर्थकों से अपील की है कि पुलिस उन्हें जहां रोके, वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। पुलिस ने एक नंबर द्वार को बंद कर दिया है और दो तथा तीन नंबर के द्वार से भी कड़ी जांच के बाद ही जाने दिया जा रहा है। जब खबर आई कि पुलिस ने दो नंबर द्वार से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है तो विद्यार्थी और भड़क उठे। वह गेट जबरन खोलकर यूनिवर्सिटी में घुस गये हैं। इस दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। रविवार रात भी इस मुद्दे पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था। देर रात तक छात्र यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे। मामला बढ़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरपाल कौर को खुद ही स्थिति संभालनी पड़ी थी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी में सोमवार और मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी में 2000 पुलिस कर्मचारी तैनात सोमवार को सुबह से ही यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। विद्यार्थियों के आह्वान पर उनके समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। इसे देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और 2000 कर्मचारी तैनात किये हैं। पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी की गयी है। यूनिवर्सिटी में सिर्फ उन्हीं को जाने की इजाजत है, जिनका कोई काम है। उसके लिए भी उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। विवाद सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ बता दें कि यह विवाद पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ। इससे विद्यार्थी भड़क उठे, तो केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना वापस ले ली थी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने घटना की निंदा करते हुए कहा, " पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों द्वारा लड़कियों को धक्का दिया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। " राजा वडिंग ने कहा, " उनके पास वैध पहचान पत्र हैं – क्या यह लोकतंत्र है या छिपी हुई तानाशाही है? पंजाब विश्वविद्यालय में आज शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि उनका केंद्र सरकार पर से भरोसा उठ गया है जो पंजाब से विश्वविद्यालय छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब के महानगर में नई पहल, खास सुविधाएं मिलने वालीं

जालंधर  रोटरी क्लब जालंधर सिटी के प्रधान धन्या नैय्यर की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मेयर वनीत धीर मुख्यातिथि थे। उन्होंने शहर में चल रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए बताया कि 2016 में स्वच्छ भारत अभियान की रैंकिंग में जालंधर 117वें स्थान पर था, लेकिन अब शहर के विकास कार्यों की बदौलत जालंधर रैकिंग में 82वें स्थान पर पहुंच गया है। फारैस्ट विभाग की सहायता से पटेल चौक से सूरानुस्सी तक साढ़े 5 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न पौधे लगाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि जल्द ही माडल टाउन से मिठ्ठापुर रोड, अर्बन अस्टेट, 120 फुटी रोड, पुडा कम्पलैक्स के नजदीक, श्री देवी तालाब मंदिर से पठानकोट चौंक 6 स्थानों पर साइकलिंग व वाकिंग ट्रैक का निर्माण करवाया जाएगा। इसके साथ ही पी.ए.पी. चौक से शहर में प्रवेश मार्ग को जल्द ही सुंदर बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। शहर की टूटी सड़कों की मुरम्मत जल्द ही करवाई जा रही है। कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए 1 करोड़ रूपए की लागत से रामामंडी में आप्रेशन थिएयर का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं ब्रजेश सिंघल ने बताया कि रोटरी क्लब की ओर से नकोदर रोड के नजदीक जल्द ही रोटरी कम्युनिटी वैल्फेयर व वोकेश्नल सैंटर का निर्माण करवाया जाएगा, जिसमें युवाओं की करियर काउंसलिंग की सिखलाई दी जाएगी। प्रोजैक्ट डायरैक्टर सुभाष सूद ने विभिन्न प्रोजैक्टों की जानकारी दी तथा बी.के. मैनी ने सबका धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर एस.वी.हंस, महेश गुप्ता, इंदर इकबाल अरोड़ा, ईरा पाल, गीतिका चड्डा, रविंदर सूद, छाया बख्शी, डा. अमनप्रीत ओबराय, जैसमिन पन्नू, पुनीत चड्डा, डा. पवन गुप्ता, दीपक पाल, शिव बासंल, चेतन बख्शी, शीतल शर्मा, कमल गुप्ता, डा. विक्रम ओबराय, प्रभपाल पुन्नू व अन्य गण्य भी उपस्थित थे।