samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हैदराबाद में निवेश को लेकर रोड-शो

दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से निवेश पर होगा विस्तृत संवाद ग्रीन एनर्जी, आईटी, आईटीईएस एवं इएसडीएम सेक्टर के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से होंगे रू-ब-रू भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए 22 नवंबर को हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगे। यह सत्र उद्योग समूहों के लिए मध्यप्रदेश की नीतियों, आधारभूत संरचना और निवेश के अवसरों को जानने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैदराबाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश विस्तार, नई इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टरों में दी जा रही सुविधाओं पर संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीनको मुख्यालय का भ्रमण करेंगे। साथ ही ग्रीनको समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक भी होगी, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और बड़े पैमाने के औद्योगिक निवेश पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद द लीला होटल में आयोजित मुख्य सत्र में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिनमें आईटी, आईटीआईएस, ईएसडीएम, बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में निवेश योजनाओं और आगामी प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। सत्र में बायोटेक क्षेत्र पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग होगी। इसमें नवाचार आधारित उद्योगों और अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश में बन रहे अनुकूल वातावरण पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे दिन उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी रखेंगे, जिसमें विभिन्न समूह राज्य में अपने निवेश प्रस्तावों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, सेक्टर-आधारित क्लस्टर्स, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी मध्यप्रदेश को लेकर अपनी अपेक्षाएँ और अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद आने वाले समय में प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश और दीर्घकालिक साझेदारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। यह कार्यक्रम उद्योग जगत के लिए मध्यप्रदेश को निवेश के विश्वसनीय गंतव्य के रूप में समझने का अवसर प्रदान करेगा। 

गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनूठी पहल पर मध्यप्रदेश ने हवाई पर्यटन के क्षेत्र में एक गौरवशाली अध्याय आरंभ किया है। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का संचालन गुरुवार, 20 नवंबर से विधिवत शुरू हो गया है। परंपरागत गाजे-बाजे, उत्साह, रंगों और स्थानीय जनता के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ यह सेवा शुरू हुई, जिसने पूरे प्रदेश में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया। यह सेवा अब नियमित रूप से संचालित होकर मध्यप्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा और तीव्र गति प्रदान करेगी। पहली उड़ान: एक ऐतिहासिक पल पहले दिन तीन सेक्टरों में शेड्यूल के अनुसार हेलीकाप्टर ने भोपाल से मढ़ई और मढ़ई से पचमढ़ी के लिए उड़ान भरी। इंदौर से उज्जैन एवं ओंकारेश्वर और जबलपुर से कान्हा तथा बांधवगढ़ के बीच हेली सेवा संचालित हुई, जिसका जनप्रतिनिधियों और महंतों ने आनंद लिया।  पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह सेवा आध्यात्मिक, प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन को एक तेज, सुगम और किफायती हवाई मार्ग प्रदान करेगी। यह नया हेली नेटवर्क न केवल यात्रियों का बहुमूल्य समय बचाएगा, बल्कि प्रदेश में रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा देगा।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों को जोड़ने का अभिनव प्रयास है। किफायती किराए और कम समय में गंतव्य तक पहुंचना इस सेवा को पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक बनाएगा। यह हाई-वैल्यू और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगा। भोपाल से प्रकृति के आंचल में भोपाल से मढ़ई के लिए सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया, श्रीमती प्रीति शुक्ला, योगेंद्र राजपूत और संदेश पुरोहित ने यात्रा की। मढ़ई से पचमढ़ी तक की उड़ान में इनके साथ पिपरिया विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी और सोहागपुर विधायक श्री विजय पाल सिंह भी जुड़े।  इंदौर से पवित्र तीर्थों की यात्रा पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का इंदौर में भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। सेवा के प्रथम चरण में इंदौर से उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा उज्जैन से ओंकारेश्वर तक हेलीकॉप्टर से धार्मिक यात्रा प्रारंभ हुई। बिचोली मर्दाना स्थित हेलीपैड से भक्ति भाव से परिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में यात्रियों का पहला दल रवाना हुआ। यात्रियों के पहले दल को जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने झंडी दिखाकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए रवाना किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पर्यटन सेवा धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय है। इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के इस आध्यात्मिक सर्किट की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल की साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा, समय की बचत और सुरक्षित यात्रा का नया अनुभव प्रदान करेगी। पर्यटकों ने भी इसे धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अत्याधुनिक कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी। यात्रियों के प्रथम दल में विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री महेंद्र हार्डिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, मीडिया कर्मी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। हेली सेवा से उज्जैन पहुंचने पर यात्रियों का पुष्पवर्षा से परंपरागत स्वागत किया गया। उज्जैन में आयोजित 10 मिनट की जॉय-राइड में महंत आनंद पुरी जी, महंत मंगल दास जी, महंत रामेश्वर गिरी जी और महंत डॉ. रामेश्वर दास जी सम्मिलित हुए। जबलपुर से वन-संपदा तक जबलपुर के श्री अनिल तिवारी और श्री ओमनारायण दुबे ने कान्हा और बांधवगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को निहारा। शेड्यूल के अनुसार जबलपुर से अमरकंटक की सेवा का संचालन 21 नवंबर से प्रारंभ होगा। जबलपुर से मैहर और चित्रकूट तक आवागमन के लिए भी हेली सेवा का लाभ पर्यटक ले सकेंगे।    सेक्टरवार प्रमुख सुविधाएं धार्मिक सेक्टर : इंदौर–उज्जैन 20 मिनट में, उज्जैन–ओंकारेश्वर 40 मिनट में, ओंकारेश्वर–इंदौर 25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इको टूरिज्म सेक्टर : भोपाल–मढ़ई–पचमढ़ी तक तेज कनेक्टिविटी।  भोपाल–मढ़ई 40 मिनट में,  मढ़ई–पचमढ़ी 20 मिनट में और सीधी उड़ान: भोपाल–पचमढ़ी 60 मिनट में होगी पूरी। वाइल्डलाइफ़ सेक्टर : जबलपुर–मैहर 60 मिनट में, मैहर–चित्रकूट 30 मिनट में, चित्रकूट–मैहर 30 मिनट में, जबलपुर–बांधवगढ़ 45 मिनट में और जबलपुर–अमरकंटक 60 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। आसान बुकिंग पर्यटक www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola और https://transbharat.in/ पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सख्त निर्देश, दोनों आरोपी हुए गिरफ्तार

 टीआई और आरक्षक को किया लाइन अटैच डीआईजी, कलेक्टर एवं एसपी हैं मौके पर मौजूद विजयराघवगढ़ एवं कैमोर में स्थिति शांतिपूर्ण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कटनी जिले के कैमोर में हुई घटना पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कटनी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने बुधवार की सुबह दोनों आरोपियों को कजरवारा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। डीआईजी श्री अतुल सिंह, कलेक्टर कटनी श्री आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा पूरे समय विजयराघवगढ़ में मौजूद रहकर कानून व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था कायम की। मंगलवार को दो पक्षों के विवाद में कैमोर निवासी श्री नीलेश रजक की दो आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। टीआई एवं आरक्षक लाइन अटैच पूरे मामले के बाद टीआई कैमोर अरविंद चौबे और पुलिस आरक्षक प्रेमशंकर पटेल को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की। दोनों आरोपियों अकरम और प्रिंस जोसेफ को पुलिस ने कजरवारा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया, आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रवाना किया गया है। प्रभारी मंत्री श्री सिंह पहुँचे कैमोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को कैमोर पहुँच कर मृतक स्व. श्री नीलेश रजक के परिवार से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट कर ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश है कि मध्यप्रदेश में किसी भी आपराधिक गतिविधि को सरकार बर्दाश्त नहीं करेंगी। अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों को दण्डित किया जायेगा। पुलिस अपना कार्य कर रही है, गुनहगारों का जीवन सलाखों के पीछे बीतेगा। कैमोर में हुई हत्या की वजह से जनहानि और लोकपरिशांति भंग होने की संभावना के मद्देनजर थाना विजयराघवगढ़ एवं थाना कैमोर के संपूर्ण क्षेत्र में शांति व्यवस्था की दृष्टि से निषेधात्मक आदेश लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने विजयराघवगढ़ व कैमोर दोनों स्थानों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की।  

खान मंत्रालय ने राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग की जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन क्षेत्र को उत्तरदायी एवं औद्योगिक विकास का केन्द्र बनाने की उनकी प्राथमिकता का परिणाम है। राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किये गये सुधार, आधुनिकीकरण और सतत विकास के प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाती है। एसएमआरआई के अंतर्गत राज्यों को उनके खनिज भण्डार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-ए में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। श्रेणी-बी में गोवा, उत्तर प्रदेश और असम शीर्ष तीन स्थान पर है और श्रेणी-सी में पंजाब, उत्तराखण्ड और त्रिपुरा शीर्ष तीन स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश खनिज नीलामी के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने बड़े पैमाने पर खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी में केंद्र सरकार की नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश ने देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है। खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने सम्मानित भी किया है। मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में राज्य स्तर पर सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। सूचकांक जारी करने की घोषणा केन्द्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। राज्यों के खनन क्षेत्र में तैयारियों और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। इसमें नीलामी, खनन पट्टों का शीघ्र संचालन, अन्वेषण और सतत खनन जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर राज्य रैंकिंग निर्धारित की गयी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की निवेश संवर्धन पहल का परिणाम

मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को मिली मजबूती, आया नया निवेश, बढ़ेगी ऊर्जा सुरक्षा 32,500 करोड़ का निवेश,17 हजार को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवेश संवर्धन प्रयासों के फलस्वरुप ऊर्जा क्षेत्र और ज्यादा मजबूत हो रहा है। ऊर्जा सुरक्षा बढ़ रही है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य के रूप में पहचान बना चुका है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से अब इस क्षेत्र में नया निवेश आ रहा है। टोरेंट पॉवर और अडानी पॉवर जैसी बड़ी कंपनियों ने अब ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रदेश में काम करना शुरू कर दिया है। टोरेंट पॉवर कंपनी 22 हजार करोड़ और अडानी पॉवर कंपनी 10 हजार 500 करोड़ रूपये का निवेश करेगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार 17,000 को रोजगार मिलेगा। टोरेंट पॉवर 1600 मेगावॉट थर्मल प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश में 22 हजार करोड़ रूपये का निवेश करेगी। टोरेंट पॉवर लिमिटेड को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) से 1,600 मेगावॉट के कोयला आधारित बिजली संयंत्र की स्थापना के लिए "लेटर ऑफ अवार्ड (LoA)" दे दिया है। यह अहमदाबाद-स्थित समूह द्वारा बिजली क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। यह परियोजना ग्रीनफील्ड 2×800 मेगावॉट की अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी और इसे डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन (DBFOO) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। टोरेंट इस संयंत्र की पूरी क्षमता MPPMCL को 25 साल की पॉवर परचेज एग्रीमेंट पॉवर परचेस एग्रीमेंट के तहत 5.829 रूपये प्रति यूनिट की दर से आपूर्ति करेगा। यह परियोजना PPA पर हस्ताक्षर होने के 72 महीनों के भीतर चालू होनी है। परियोजना लागत का लगभग 70% ऋण के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इस संयंत्र के लिए कोयले का आवंटन MPPMCL द्वारा केंद्र सरकार की SHAKTI नीति के अंतर्गत किया जाएगा। यह परियोजना अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी, जिससे पारंपरिक थर्मल यूनिट्स की तुलना में बेहतर दक्षता और कम उत्सर्जन मिलेगा। टोरेंट पॉवर का यह निवेश केंद्र सरकार के 2032 तक 80 गीगावॉट अतिरिक्त कोयला आधारित क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे ग्रिड को स्थिर करने के लिए आवश्यक बेसलोड क्षमता जुड़ेगी। इस परियोजना के निर्माण के दौरान 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। अडानी पॉवर मध्यप्रदेश में 800 मेगावॉट का ताप विद्युत संयंत्र 10 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित कर मध्यप्रदेश को बिजली आपूर्ति करेगी। इस परियोजना के तहत 800 मेगावॉट की क्षमता वाला एक नया ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र अनूपपुर ज़िले में स्थित होगा। संयंत्र को 54 महीनों में चालू किया जाएगा। यह कदम प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करेगा। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र विकसित करने और उससे बिजली आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) दे चुकी है। यह संयंत्र डिज़ाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व और संचालन (DBFOO) मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा। जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, देश की बिजली की मांग, विशेष रूप से बेस लोड पॉवर की मांग, लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ऊर्जा अधोसंरचना में निवेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। अनूपपुर संयंत्र विश्वसनीय, सस्ती और प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह न केवल भारत बल्कि मध्यप्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा और राज्य के सतत विकास को गति देगा। इस संयंत्र के लिए कोयले की आपूर्ति भारत सरकार की 'शक्ति योजना' (SHAKTI Policy) के तहत मध्यप्रदेश को आवंटित की गई है। परियोजना निर्माण चरण में 7,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और चालू होने के बाद इसमें लगभग एक हजार स्थायी कर्मचारी कार्यरत होंगे।