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पर्यटन क्विज भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मंत्री लोधी

मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2025 : खरगोन जिले ने पाया प्रथम स्थान, सीहोर द्वितीय एवं निवाड़ी रहे तृतीय पर्यटन क्विज भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मंत्री लोधी विद्यार्थियों की जिज्ञासा और उत्साह प्रदेश पर्यटन के लिए शुभ संकेत : अपर मुख्य सचिव शुक्ला भोपाल मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित 'राज्य स्तरीय पर्यटन क्विज-2025' का कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में गरिमामय समापन हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खरगोन जिले के सीएम राइज स्कूल, महेश्वर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, सीहोर जिले के नूतन बाल विद्या मंदिर ने द्वितीय और निवाड़ी जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तरीचरकलां ने तृतीय स्थान हासिल कर अपने जिलों का गौरव बढ़ाया। भावी ब्रांड एम्बेसडर तैयार कर रही यह प्रतियोगिता पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि, "पर्यटन क्विज मात्र एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक अनुष्ठान है। जब हमारे विद्यार्थी प्रदेश की धरोहरों, कला और संस्कृति को गहराई से जानते हैं, तो वे भविष्य में मध्यप्रदेश पर्यटन के सच्चे 'ब्रांड एम्बेसडर' बनते हैं। सरकार का यह प्रयास है कि पर्यटन के माध्यम से युवाओं में अपने प्रदेश के प्रति गौरव का भाव निरंतर प्रबल हो।" ज्ञान और पर्यटन का अद्भुत संगम अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, "इस वर्ष 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों की प्रत्यक्ष भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के युवाओं में अपनी विरासत को जानने की उत्कंठा बढ़ रही है। यह क्विज लर्निंग विथ ट्रैवल की अवधारणा को चरितार्थ करती है। हमारा उद्देश्य है कि विद्यार्थी किताबी ज्ञान से बाहर निकलकर प्रदेश के नैसर्गिक और ऐतिहासिक सौंदर्य को साक्षात अनुभव करें। रोचक राउंड्स और विजेताओं का सम्मान पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविन्द बेडेकर ने बताया कि इस वर्ष क्विज में नवाचार करते हुए तमिलनाडु की संस्था 'क्विज केटेलिस्ट' द्वारा प्रतियोगिता को विभिन्न तकनीकी और दृश्य-श्रव्य (ऑडियो-विजुअल) राउंड्स के माध्यम से अत्यंत रोचक बनाया गया। कार्यक्रम में विजेताओं को मेडल तथा नि:शुल्क टूर पैकेज के कूपन प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, राज्य स्तर पर पहुँचे सभी 53 जिलों के 159 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 से निरंतर (कोविड काल को छोड़कर) आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता ने अब तक प्रदेश के 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पर्यटन से जोड़ने का कार्य किया है। आयोजन को सफल बनाने में स्कूल शिक्षा विभाग, स्वराज संस्थान, विक्रमादित्य शोध संस्थान उज्जैन एवं दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु डॉ. राजीव अग्रवाल द्वारा एक विशेष प्रेरणा सत्र भी आयोजित किया गया।  

निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन

नारी शक्ति समाज की धुरी, सुरक्षित पर्यटन और सशक्तिकरण के लिए साझा प्रयास जरूरी : अपर मुख्य सचिव शुक्ला निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन 600 से अधिक युवतियों की उपस्थिति में महिला सुरक्षा और सम्मान का लिया गया संकल्प भोपाल मध्यप्रदेश की संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। वह समाज की धुरी है जो बच्चों में संस्कार, शक्ति और प्रेरणा का संचार करती है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए सभी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं और सेवा प्रदाता मिलकर ऐसा माहौल बनाएं कि प्रदेश में आने वाली पर्यटक महिलाएं और स्थानीय सेवा प्रदाता महिलाएं और अधिक सुरक्षित व सहज महसूस कर सकें। यह विचार अपर मुख्य सचिव गृह, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने आज अपैक्स भवन में आयोजित 'सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान' कार्यक्रम में व्यक्त किए। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रेस्पोंसिबल टूरिज्म मिशन, नारी सशक्तिकरण मिशन (मध्य प्रदेश), संगिनी संस्था, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'निर्भया दिवस' के अवसर पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक युवतियों ने भाग लिया। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस के नवाचार और प्रयास कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) अनिल कुमार ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्भया स्क्वाड, वन स्टॉप सेंटर, ऊर्जा डेस्क और डायल-112 जैसी सेवाएं महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्परता से कार्य कर रही हैं। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. मोनिका शुक्ला ने महिला सुरक्षा में समुदाय की भूमिका और पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) विनीत कपूर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और मध्य प्रदेश पुलिस की सृजनात्मक गतिविधियों व नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। साइबर सेल के अधीक्षक प्रेम नागवंशी ने उपस्थित युवतियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। आत्मविश्वास और जेंडर संवेदीकरण पर जोर सचिव राज्य महिला आयोग सुरेश तोमर ने जेंडर संवेदीकरण (Gender Sensitization) पर चर्चा करते हुए क्षमता वृद्धि और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक सुनकवी जहां कुरैशी और पर्वतारोही सुज्योति रात्रे ने अपने उद्बोधन में युवतियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और किसी भी परिस्थिति में हार न मानें। संगिनी संस्था की प्रमुख डॉ. प्रार्थना मिश्रा ने 'महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना' के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 50 से अधिक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें सृजन और भोपाल टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर की बालिकाएं, सम्मान संस्था इंदौर के राजेंद्र बंधु, सामाजिक कार्यकर्ता मीता वाधवा, रक्षंदा जाहिद, नैनिका और होम स्टे संचालक कीर्ति केवट शामिल थीं। कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र संघरत्ना एवं उनके दल द्वारा प्रस्तुत 'शक्ति आराधना' नृत्य नाटिका रही, जिसने दर्शकों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग द्वारा प्रशिक्षित बालिकाओं ने 'पावर वॉक' का प्रभावी मंचन कर आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी आयोजन स्थल पर पशु पालन विभाग, कौशल विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, इम्पैक्ट फॉर न्यूट्रिशन, वार्ड संस्था सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के संचालक डॉ. डी.पी. सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।