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गठबंधन में सर्वसम्मति पर जोर, चिराग पासवान ने कहा—एक दल की मर्जी नहीं चलेगी

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। इस बीच एनडीए के सीएम फेस पर केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर दल के कार्यकर्ता अपने नेता को सर्वोच्च पद पर देखना चाहते हैं। मगर किसी एक दल के कहने से कुछ नहीं होता है। गठबंधन के अंदर सीएम फेस पर सभी पार्टियों की सहमति जरूरी होती है। आगामी चुनाव में यह सहमति नीतीश कुमार के नाम पर बन गई है। उनके नेतृत्व में ही यह चुनाव लड़ा जाएगा। चिराग पासवान ने इंटरव्यू में मंगलवार को ये बातें कहीं। दरअसल, लोजपा (रामविलास) के नेता और कार्यकर्ता चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं। पटना में हाल ही में इस संबंध में पोस्टर भी लगाए गए। इससे सियासी पारा गर्मा गया। इस पर चिराग ने स्पष्ट करते हुए कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ही सीएम उम्मीदवार हैं। इसमें कहीं कोई वैकेंसी नहीं है। एलजेपी-आर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि जब उन्होंने एनडीए में वापसी की थी, तब ही उन्हें पता था कि नीतीश ही मुख्यमंत्री उम्मीदवार होंगे। उनकी फिलहाल मुख्यमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। वह बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट पर काम कर रहे हैं। उनकी प्राथमिकता बिहार को विकसित राज्य बनाने की है। बाद के चुनावों में सीएम पद की दावेदारी पर चिराग ने कहा कि उन्होंने अपने और अपनी पार्टी के लिए कई लक्ष्य तय कर रखे हैं। भविष्य का सवाल भविष्य पर रहने दीजिए। अभी हम 2025 के विधानसभा चुनाव की दहलीज पर बैठे हैं। इसलिए भविष्य के सवालों पर बात करने के अभी मायने नहीं हैं।  

बिहार की सियासत में नई चाल: अरुण भारती को मिलेगा टिकट, बहनोई बनेंगे डिप्टी सीएम चेहरा?

पटना ‘बिहार बुला रहा है’ से शुरू होकर ‘उप-मुख्यमंत्री लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) से कोई और होगा’ तक पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के सांसद बहनोई अरुण भारती जमुई जिले की सिकंदरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। सरकार बनने पर डिप्टी सीएम पद के लिए लोजपा कोटा से अरुण का नाम चिराग बढ़ा सकते हैं। अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सिकंदरा जमुई लोकसभा का हिस्सा है, जहां से अरुण 2024 में पहली बार एमपी बने हैं। चिराग से उलझते रहने वाले केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तान आवामी मोर्चा (हम) के प्रफुल्ल मांझी अभी सिकंदरा के विधायक हैं। तीन बार बीपीएससी मेंस और एक बार यूपीएससी पीटी पास कर चुके प्रफुल्ल मांझी साधारण परिवार से आते हैं। सूत्रों का कहना है कि चिराग की पार्टी की डिमांड लिस्ट में सिकंदरा के साथ ही जमुई लोकसभा की चकाई सीट भी शामिल है। चकाई से दिवंगत समाजवादी नेता नरेंद्र सिंह के बेटे सुमित सिंह निर्दलीय विधायक और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री हैं। सुमित ने नीतीश को समर्थन दिया है और एनडीए के अंदर जेडीयू के करीब हैं। कभी लोजपा से जुड़े रहे सुमित 2010 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के टिकट पर चकाई से पहली बार विधायक बने थे। 2015 में निर्दलीय लड़कर वो राजद से हारे थे, लेकिन 2020 में सबको हरा दिया। लोजपा चौथे नंबर पर रही थी। चिराग ने 2 महीने पहले साफ-साफ कह दिया था कि 2025 में एनडीए सरकार बनी तो नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे। डिप्टी सीएम पद पर दावेदारी में चिराग ने कहा था कि लोजपा-आर का कोई अनुभवी कार्यकर्ता इस पद को सुशोभित करे। चिराग के शुरुआती तेवरों से भ्रम हुआ था कि बिहार बुला रहा है बोलकर वो सीएम बनने की रेस में हैं। अब साफ है कि चिराग को सीएम पद से कम मंजूर नहीं है। चिराग ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कहा है कि इस बार एनडीए सरकार में लोजपा-आर की अहम भूमिका होगी। सूत्रों के मुताबिक एनडीए में सीट बंटवारे की मुख्य बातचीत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के बीच चल रही है। चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियां सीटों की संख्या और कौन-कौन सी सीट जैसी बातें भाजपा से कर रही हैं। वैसे, सीट बंटवारे से पहले ही नीतीश कुमार सभाओं में जेडीयू उम्मीदवार के नाम घोषित करने लगे हैं। नीतीश ने बक्सर में राजपुर सीट से संतोष निराला को कैंडिडेट बता दिया है।  

पीएम मोदी के बिहार दौरे पर चिराग पासवान का बयान, विपक्ष के सवालों का किया खंडन

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे और विपक्ष के बयानों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बिहार प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में है, जिसका सबूत पिछले एक साल में उनके लगभग नौवें दौरे से मिलता है। चिराग ने दावा किया कि इस बार भी पीएम बिहार को करोड़ों रुपये की सौगात देकर जाएंगे। प्रधानमंत्री का बिहारी और बिहार के लिए प्यार साफ दिखता है, जो राज्य को विकसित करने की गति को बढ़ाएगा। विपक्ष ने पीएम के दौरे पर सवाल उठाए, लेकिन चिराग ने इसे उनकी हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “विपक्ष को यह नागवार गुजर रहा है कि पीएम बिहार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पहले वे कहते थे कि पीएम बिहार नहीं आते और सिर्फ चुनाव के समय याद करते हैं। लेकिन अब पीएम ने बिहार के लिए लाखों-करोड़ों की योजनाओं का शुभारंभ किया है।” चिराग ने बताया कि कई नई योजनाओं की शुरुआत भी पीएम के हाथों होगी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए सिर्फ झूठ बोलते हैं। केंद्र सरकार या डबल इंजन सरकार पर प्रहार करने के लिए उनके पास कोई आधार नहीं है।” लालू यादव ने पोस्ट कर कहा कि पीएम नीतीश कुमार और बिहार की राजनीति का “पिंडदान” करके चले जाएंगे। इस पर चिराग ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा, “यह शब्दावली गलत है। नीतीश कुमार के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना उचित नहीं है। नीतियों पर सवाल उठाएं, लेकिन इस तरह की बात कहना मेरी निंदा के योग्य है।” तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 2029 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। चिराग ने इस पर करारा जवाब दिया और कहा, “राजद और कांग्रेस पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं। राजद ने बिहार में जनाधार खो दिया है और कांग्रेस देशभर में सिमट गई है। फिर भी वे राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में घूम रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को दर्शाता है।” संसद में आए नए बिल को लेकर तेजस्वी के बयान को चिराग ने घबराहट का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “यह लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से घबराए हुए हैं। जब भी भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा जाता है, कांग्रेस और राजद जैसे दलों को तकलीफ होती है, क्योंकि उनका आधार ही भ्रष्टाचार रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में हुए घोटाले और राजद के भ्रष्टाचार की चर्चा दुनिया में है। केंद्र सरकार जब ऐसे बिल लाती है, तो इनका पर्दाफाश होता है।” चिराग ने जोर देकर कहा कि जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है, तो ये दल परिवार के अन्य सदस्यों को सत्ता सौंपते हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नीतियां बिहार को आगे बढ़ाने और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मदद करेंगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।