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विश्व कप विजेता कपिल देव पहुंचे चित्तौड़गढ़, युवाओं में भरा जोश और आत्मविश्वास

चित्तौड़गढ़ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के महानायक कपिल देव गुरुवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित सांसद खेलकूद महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह को संबोधित करते हुए कपिल देव ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कई मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सांसद खेलकूद प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है और यही खिलाड़ी आगे चलकर देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खेल के समय आज जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन अब सरकार और विभिन्न संस्थाएं खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। इससे भारत में खेलों का भविष्य उज्ज्वल नजर आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कपिल देव ने कहा, “खून-पसीने की कमाई का मजा ही अलग होता है। अगर पूरी लगन और मेहनत से प्रयास किया जाए, तो उसका परिणाम अवश्य अच्छा आता है।” उन्होंने युवाओं से कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति चैंपियन ही बने, लेकिन निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। कई बार अगली पीढ़ी वही सपना साकार करती है, जिसके लिए आज मेहनत की जाती है। कपिल देव ने कहा कि मेहनत का परिणाम हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन प्रयास पूरी तरह हमारे नियंत्रण में होता है। इसलिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिस तरह आज युवा खिलाड़ी धूप में कड़ी मेहनत कर रहे हैं, कभी वह स्वयं भी इसी तरह मैदान में बैठकर सीखते थे। आज उन्होंने जो कुछ हासिल किया है, वह उसी मेहनत और सीख का परिणाम है। इससे पूर्व इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचने पर कपिल देव का भव्य स्वागत किया गया। सांसद सीपी जोशी, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर एवं बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ ने उन्हें उपरणा ओढ़ाकर तथा विजय स्तंभ का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  

लगातार बारिश से चित्तौड़गढ़ में बाढ़ जैसे हालात, घोसुण्डा बांध के दरवाजे खोले गए

चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ जिले में रविवार देर रात से शुरू हुई बरसात का दौर मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रहा। लगातार हो रही बारिश ने मावठ का अहसास करा दिया है। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में हुई जोरदार बारिश से खेतों में पानी भर गया, वहीं तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 48 घंटे से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की भारी आवक हुई है। घोसुण्डा बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं, जिससे बेड़च नदी में तेज बहाव हो गया है। वहीं गंभीरी नदी में भी पानी की आवक बढ़ गई है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में गंगरार में सर्वाधिक 114 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बड़ीसादड़ी में 105 मिमी, डूंगला में 88 मिमी, वागन बांध पर 100 मिमी, गंभीरी बांध पर 92 मिमी, बस्सी बांध पर 89 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 68 मिमी, कपासन में 58 मिमी और भूपालसागर में 61 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस बरसात से जिले के कई तालाबों में पानी की आवक तेज हो गई है। खास बात यह है कि मानसून में सूखे पड़े तालाब अब छलकने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी मावठ की बरसात से मौसम में ठंडक घुल गई है और तापमान में करीब 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। लोग छातों और रेनकोट में नजर आए, जबकि कई जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत लेते दिखे। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मेघ गर्जना की संभावना भी जताई है। किसानों को दोहरा नुकसान, अफीम की फसल पर खतरा लगातार दो दिन से हो रही बेमौसम बरसात ने खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर डाला है। मवेशियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जिले की प्रमुख नगदी फसल अफीम पर भी इसका विपरीत असर देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि कई किसानों ने दिवाली के आसपास बुवाई कर दी थी, जो अब बारिश से खराब हो गई है। अब बुवाई के लिए कम से कम पखवाड़ेभर का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। खेतों में पानी भर जाने से अफीम की फसल देरी से तैयार होगी। कृषि उप निदेशक शंकरलाल जाट ने बताया कि इस बरसात का किसानों पर अच्छा और बुरा दोनों असर पड़ेगा। जिन क्षेत्रों में गेहूं, चना और सरसों की बुवाई हो चुकी है, वहां सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन जहां बुवाई बाकी है, वहां किसानों को कुछ दिन इंतजार करना होगा। बेगूं क्षेत्र में फसलों को नुकसान, औसत से अधिक बारिश बेगूं क्षेत्र में बेमौसम बरसात ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खरीफ और रबी दोनों फसलों पर असर पड़ा है। खरीफ की फसलें खलिहान में पड़ी होने से भीगकर खराब हो गईं, जबकि रबी की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराया है। अब तक बेगूं क्षेत्र में 1091 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो औसत से 300 मिमी अधिक है। कपासन में छलका गुलाब सागर, खुश हुए ग्रामीण कपासन क्षेत्र में मानसून के दौरान कम वर्षा से तालाब खाली पड़े थे, जिसके चलते ग्रामीणों ने आंदोलन तक किया था। लेकिन इस मावठ की बारिश से अब गुलाब सागर तालाब छलक गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। राजेश्वर तालाब में भी पानी की भारी आवक हुई है और दोवनी पुलिया पर पानी बहने लगा है। बरसात से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।